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रायपुर: मंत्रालय में ई-ऑफिस पर उत्कृष्टता को मिला सम्मान
राज्य के मुख्य सचिव विकासशील ने आज रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। यह सम्मान ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने और बायोमेट्रिक उपस्थिति से संबंधित उत्कृष्टता के लिए दिया गया है।
बायोमेट्रिक उपस्थिति में सुधार
मुख्य सचिव ने कहा कि मंत्रालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने ई-ऑफिस में सक्रियता दिखाई है, जिससे कार्य संस्कृति में सुधार आया है। उन्होंने बताया कि समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने से समयबद्धता में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। इससे मंत्रालय में आगे चलकर शत-प्रतिशत समयबद्धता देखने को मिलेगी।
मुख्य सचिव ने ई-फाइल सिस्टम के बारे में भी चर्चा की और कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि उचित ट्रेनिंग कार्यक्रम तैयार किया जाए, ताकि सभी कर्मचारी इस प्रणाली में दक्ष हो सकें।
उत्कृष्टता पुरस्कार winners की घोषण
मुख्य सचिव ने विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। संयुक्त सचिव स्तर पर आदिवासी विकास विभाग के भूपेन्द्र कुमार राजपूत को प्रथम स्थान मिला, जबकि लोक निर्माण विभाग के सत्यनारायण श्रीवास्तव और आदिम जाति विकास विभाग के अनुपम त्रिवेद्वी को क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया।
अवर सचिव स्तर पर जीएडी के कैलाश कुमार नेताम को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। अन्य श्रेणियों में भी कई कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
विभागों में ई-ऑफिस पर प्रभाव
मुख्य सचिव ने यह भी घोषणा की कि ई-ऑफिस में उत्कृष्टता के लिए गृह विभाग को प्रथम स्थान, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग को द्वितीय स्थान, और खेल एवं युवा कल्याण विभाग को तृतीय स्थान दिया गया है।
इस अवसर पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए भी कई अधिकारियों को उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में अनुभाग अधिकारी, उप सचिव और कनिष्ठ सचिवालय सहायक शामिल थे।
निष्कर्ष
मुख्य सचिव द्वारा आज की गई यह पहल कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कर्मचारियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का काम करेगी। ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक उपस्थिति के माध्यम से समयबद्धता और कार्य की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम महत्वपूर्ण है। इस तरह की पहलों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार आना निश्चित है, जो अंततः राज्य के विकास में सहायक साबित होगा।
