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उत्तर कोरिया ने पूर्वी तट के समुद्र की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

ताज़ा समाचार: उत्तर कोरिया ने फिर से बैलिस्टिक मिसाइलें दागी

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपने पूर्वी तट से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह इस वर्ष का सातवां परीक्षण है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

अगवा मिसाइल परीक्षण का विवरण

दक्षिण कोरिया और जापान की सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह लगभग 6:10 बजे (जीएमटी के अनुसार शनिवार रात 21:10) हुई। मिसाइलें उत्तर कोरिया के सिनेपो क्षेत्र के पास दागी गईं। दक्षिण कोरियाई सेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी निगरानी को मजबूत किया है और अमेरिका तथा जापान के साथ आपको सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं।

उधर, जापानी सरकार ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलें कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी तट के निकट गिरी हैं। हालांकि, जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा बैठक और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक आपात सुरक्षा बैठक बुलाई है। ये मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं, जो उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम के खिलाफ हैं। उत्तर कोरिया इस प्रतिबंध को अस्वीकार करता है और इसे अपने आत्म-रक्षा के sovereign अधिकार का उल्लंघन मानता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया का यह व्यवहार चिंता का विषय है। पिछले एक महीने में, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने यह स्पष्ट किया था कि उनका देश एक परमाणु-सशस्त्र राज्य की स्थिति को स्थायी मानता है और इस स्थिति को बनाए रखने के लिए "स्वयं-रक्षात्मक परमाणु निरोधक" को बढ़ाना आवश्यक है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ और भविष्य की चर्चा

इन घटनाओं के बीच, चीन और अमेरिका के बीच मध्य मई में होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ चल रही हैं। इस दौरान, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके अमेरिकी समकक्ष, डोनाल्ड ट्रंप, उत्तर कोरिया पर चर्चा करने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने बताया है कि उत्तर कोरिया ने नाभिकीय युद्धक क्षमता में "बहुत गंभीर" प्रगति की है। इसके तहत एक नए यूरेनियम संवर्धन सुविधा की स्थापना की संभावना जताई जा रही है।

इन घटनाओं के माध्यम से, यह स्पष्ट होता है कि उत्तर कोरिया का मिसाइल कार्यक्रम और उसकी परमाणु क्षमताएँ पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देने की आवश्यकता है।

अन्य देश उत्तर कोरिया की इस बढ़ती सैन्य शक्ति के प्रति क्या कदम उठाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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