ताजा समाचार: कंडोम की कीमतों में भारी वृद्धि
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक सप्लाई चेन और आम नागरिक की जेब पर पड़ने लगा है। दुनिया की सबसे बड़ी कंडोम निर्माता कंपनी, कैरेक्स (Karex) ने अपने उत्पादों की कीमतों में 30 प्रतिशत या उससे अधिक की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सैन्य नाकेबंदी के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में बाधाएं उत्पन्न हुई हैं, जिसके चलते उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है।
कच्चे माल की कमी और उत्पादन पर प्रभाव
कैरेक्स के CEO गो मिया कियाट ने बताया कि होर्मुज रूट में रुकावट के कारण पेट्रोकेमिकल उत्पादों की भारी कमी हो गई है। इस समुद्री रास्ते से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और LNG सप्लाई होता है। इस कमी के कारण कंडोम बनाने के लिए आवश्यक अमोनिया और सिलिकॉन आधारित लुब्रिकेंट्स की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण कंपनी के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। कैरेक्स हर साल लगभग 5 बिलियन कंडोम का उत्पादन करती है और Durex तथा Trojan जैसे वैश्विक ब्रांडों के साथ-साथ यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) को भी सप्लाई करती है।
डिमांड में रिकॉर्ड वृद्धि
वहीं, दूसरी ओर वैश्विक कंडोम बाजार में डिमांड में 30 प्रतिशत का अभूतपूर्व उछाल देखा गया है। गो मिया कियाट ने कहा कि जब दुनिया में युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता का माहौल होता है, तो लोग परिवार बढ़ाने से बचते हैं और फैमिली प्लानिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। इस समय तनावपूर्ण वातावरण में डिमांड और सप्लाई के बीच का गैप कंपनी के सामने नई चुनौतियाँ पेश कर रहा है।
अन्य उद्योगों पर भी होगा असर
सिर्फ कंडोम उद्योग पर ही नहीं, बल्कि होर्मुज विवाद के कारण अन्य उद्योगों पर भी महंगाई का असर पड़ सकता है। लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्टेशन की लागत में वृद्धि के कारण अन्य उत्पादों की कीमतें भी बढ़ रही हैं:
- फ्लाइट टिकट: पिछले वर्ष की तुलना में इकोनॉमी क्लास के एयर टिकट औसतन 24 प्रतिशत महंगें हो गए हैं।
- फूड आइटम्स: माल ढुलाई के बढ़ते खर्च के कारण चीनी, डेयरी उत्पादों और फलों की कीमतों में अचानक उछाल आया है।
- टेक्नोलॉजी उद्योग: हीलियम गैस की कमी के कारण कंप्यूटर चिप्स का उत्पादन भी बाधित हो रहा है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, अमेरिका और ईरान के बीच के तनाव का प्रभाव केवल कंडोम उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समग्र वैश्विक बाजार को प्रभावित कर रहा है। ऐसे समय में जब महंगाई का दौर जारी है, लोगों को आर्थिक फैसले लेने में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।



