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चीन, भारत या अन्य संकट: ट्रम्प ने शेयर किया आप्रवासी रोधी राग!

ब्रेकिंग न्यूज: ट्रंप का नया पोस्ट, प्रवासन पर फिर से भड़की बयानबाजी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बार फिर आप्रवासन के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट साझा किया है। यह कदम उनके घटते लोकप्रियता के बीच उठाया गया है।

ट्रंप का विवादास्पद पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक लंबे पोस्ट को अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर साझा किया। इस पोस्ट में आप्रवासन और अमेरिका में जन्म से नागरिकता के अधिकारों के खिलाफ तीखी टिप्पणी की गई है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि जन्म से नागरिकता का वर्तमान व्याख्या आप्रवासियों को अपने परिवार को अमेरिका लाने की अनुमति देता है, चाहे वे चीन, भारत या अन्य देशों से हों।

पोस्ट में कहा गया है, “यहां जन्मे बच्चे तुरंत नागरिक बन जाते हैं, और फिर वे अपने पूरे परिवार को लेकर आते हैं।” ट्रंप ने यह भी দাবি किया कि आजकल के आप्रवासियों में अमेरिका के प्रति कोई वफादारी नहीं है।

सांस्कृतिक और राजनीतिक संकट के रूप में मुद्दा

ट्रंप का यह पोस्ट कानूनी सवाल के बजाय एक सांस्कृतिक और राजनीतिक संकट के रूप में जन्म से नागरिकता के मुद्दे को पेश करता है। उन्होंने कहा, “यह वास्तव में कानून के बारे में नहीं है, यह सार्वजनिक राय के बारे में है।”

इससे यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप आप्रवासन नीति और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपने हमलों को और तेज कर रहे हैं।

घटती लोकप्रियता और चुनावी संकट

ट्रंप की लोकप्रियता हाल के सर्वेक्षणों में गिर रही है। कई सर्वेक्षणों, जैसे कि रॉयटर्स/इप्सोस और एपी-नॉर्क, में दिखाया गया है कि उनकी अनुमोदन रेटिंग 30 के मध्य में ठहरी हुई है। लोग प्रमुख मुद्दों जैसे कि अर्थव्यवस्था, आप्रवासन, और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष पर असंतुष्ट हैं।

ट्रंप ने अप्रैल में जन्म से नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में भाग लेकर एक नया अध्याय खोला। यह सुनवाई अमेरिका के संविधान के चौदहवें संशोधन से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों पर केंद्रित थी।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स और न्यायाधीश एलेना केगन ने इस मुद्दे पर कानूनी तर्कों के प्रति संदेह व्यक्त किया। कई विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि इस संशोधन को सीमित किया गया, तो इससे लाखों लोगों पर प्रभाव पड़ेगा।

एक हालिया रॉयटर्स/इप्सोस सर्वेक्षण में पाया गया कि 52% अमेरिकियों ने कहा कि वे ट्रंप की प्रवासन नीतियों को समर्थन देने वाले उम्मीदवारों को वोट नहीं देंगे।

इन घटते अनुमोदन रेटिंग और राजनीतिक संकट के बावजूद, ट्रंप के बयानबाजी लगातार जारी है, जो आने वाले चुनावों में उनकी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है।

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