दुर्ग। जन समस्या निवारण शिविर के दौरान भाजपा कार्यकर्ता से कथित विवाद और अभद्र व्यवहार के आरोपों के बाद निलंबित किए गए जनपद पंचायत दुर्ग के CEO रूपेश कुमार पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की है। मुलाकात के बाद उन्होंने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को गलत और एकतरफा बताते हुए कहा कि वे इस मामले को लेकर मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) से भी मुलाकात करेंगे।
दरअसल, दुर्ग जिले के ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर के दौरान जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पाण्डेय और भाजपा कार्यकर्ता के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वीडियो सामने आने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया और जांच शुरू की गई।
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वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
घटना के दौरान अधिकारी के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि शिविर में मौजूद लोगों और जनप्रतिनिधियों के प्रति उनका रवैया मर्यादित नहीं था। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए और प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठने लगी।
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कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर संभाग आयुक्त कार्यालय को भेजी। वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में अधिकारी के आचरण को लेकर उठाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने की बात सामने आई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच में शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान अपेक्षित मर्यादा और व्यवहार का पालन नहीं किए जाने के संकेत मिले, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
नोटिस का जवाब नहीं माना गया संतोषजनक
30 मई 2026 को रूपेश कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने निर्धारित समय में अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन आयुक्त कार्यालय ने उसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद विभागीय नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप
निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि शासकीय सेवकों से सत्यनिष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा और आम नागरिकों के प्रति शिष्ट व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन और कर्तव्य में लापरवाही का मामला माना गया। इसी आधार पर संभाग आयुक्त ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।
भूपेश बघेल से मिले रूपेश पाण्डेय
निलंबन के बाद सोमवार को रूपेश कुमार पाण्डेय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है और मामले के सभी तथ्यों पर निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे अपनी बात शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्य सचिव के समक्ष भी रखेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।


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