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"CG बोर्ड बनाम CBSE: अचीवर्स पब्लिक स्कूल का बड़ा फर्जीवाड़ा, CBSE का नाम लेकर सीजी बोर्ड की मान्यता का कर रहे था फायदा!"

ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग की अनियमितताओं का मामला

बिलासपुर, 21 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित मंगला क्षेत्र में अचीवर्स पब्लिक स्कूल के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय लंबे समय से राज्य शिक्षा विभाग की मान्यता के बिना केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नाम पर छात्रों का एडमिशन कर रहा है। हालिया खुलासों के बावजूद विद्यालय की शाखाओं में मनमानी और अनियमितताएं जारी हैं, जिससे अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है।

सीजी बोर्ड की मान्यता और CBSE का भ्रम

मंगला स्थित अचीवर्स पब्लिक स्कूल को छत्तीसगढ़ बोर्ड से नर्सरी से कक्षा 8वीं तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने CBSE के नाम पर अवैध प्रवेश दिए जाने के मामले में अभिभावकों को गुमराह किया है। यह गंभीर आरोप है कि विद्यालय आर्थिक और शैक्षणिक शोषण कर रहा है। अभिभावकों को विश्वास दिलाया जाता है कि उनके बच्चों का पाठ्यक्रम CBSE के अनुसार है, जबकि वास्तविकता इससे काफी भिन्न है।

महंगी किताबें और यूनिफॉर्म के लिए बाध्यता

विद्यालय में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों का विकल्प दिया जा रहा है। ऐसी किताबें छात्रों को निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसके साथ ही, विशेष दुकानों से यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा है, जो छात्रों के माता-पिताओं के लिए अतिरिक्त समस्या बन गया है।

अयोग्य शिक्षकों की नियुक्ति और फीस का मामला

विद्यालय में प्रशिक्षित शिक्षकों की बजाय अयोग्य एवं गैर-प्रशिक्षित शिक्षकों का उपयोग किया जा रहा है। यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का सीधा उल्लंघन है। बोर्ड की परीक्षा से विद्यार्थियों को वंचित रखकर विद्यालय स्तर पर परीक्षा आयोजित की जाती है, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

विद्यालय में फीस वसूली की पारदर्शिता का भी अभाव है। अभिभावकों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही है, और फीस का विवरण ना तो वेबसाइट पर उपलब्ध है और ना ही जानकारी के अन्य साधनों पर प्रदर्शित किया गया है, जो नियमों के खिलाफ है।

जांच की कार्रवाई का आदेश

इस स्थिति के बीच, NSUI के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह द्वारा केपीएस, सेंट जेवियर्स और अचीवर्स स्कूल ग्रुप के खिलाफ शिकायत की गई है। शिक्षा विभाग ने अलग-अलग जांच समितियों का गठन किया है और रंजेश सिंह ने इस मामले की गंभीरता पर ध्यान दिलाते हुए कहा है कि विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।

निष्कर्ष

अचीवर्स पब्लिक स्कूल का मामला अकेला नहीं है, बल्कि शहर के कई अन्य निजी स्कूल भी इसी प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त बताए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से यथाशीघ्र और पारदर्शी कार्रवाइयों की आवश्यकता है ताकि सभी स्कूलों की कार्यप्रणाली को सही दिशा में लाया जा सके। यदि इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो स्कूल संचालकों का विश्वास और बढ़ता रहेगा, जो कि शिक्षा के क्षेत्र में हानिकारक प्रभाव डाल सकता है।

अंततः, शिक्षा का अधिकार और गुणवत्ता भारतीय समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसे सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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