बॉलीवुड के महान अभिनेता धर्मेंद्र ने साल 2004 में राजस्थान की बीकानेर लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीता था। लेकिन 2009 तक आते-आते उन्होंने राजनीति से पूरी तरह दूरी बना ली। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि राजनीति उनके स्वभाव और सोच के अनुकूल नहीं थी।
राजनीति में आने का सफ़र
धर्मेंद्र उस समय फिल्म जगत के सुपरस्टार थे। उनके चुनाव लड़ने की चर्चा पूरे देश में हुई।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी उनके बेहद करीबी थे, और राजनीति में उनका कदम काफी हद तक इसी मित्रता का परिणाम माना जाता है।
शुरुआती दिनों में उन्होंने बीकानेर के स्थानीय मुद्दों पर काम शुरू किया, लेकिन धीरे-धीरे उनकी सक्रियता कम होती चली गई।
क्यों हुआ राजनीति से मोहभंग?
1. संसद का हंगामा पसंद नहीं आया
धर्मेंद्र ने कई इंटरव्यू में कहा कि संसद में होने वाला हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप और नेताओं की गाली-गलौज उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं थी।
उन्होंने कहा—
“सोचा था राजनीति में जाकर कुछ अच्छा करूंगा, लेकिन वहां जो देखा उससे दिल टूट गया।”
2. स्वास्थ्य समस्याएं और बढ़ती उम्र
उनकी बढ़ती उम्र और हेल्थ प्रॉब्लम्स के कारण संसद में नियमित रह पाना मुश्किल होता गया।
3. अभिनय से लगाव और परिवार से दूरी
धर्मेंद्र का पहला प्यार फिल्में ही रही हैं।
दिल्ली में लगातार रहना और अपने फार्महाउस व परिवार से दूर होना उन्हें भारी लगता था।
4. राजनीति की चालबाज़ी और सौदेबाजी से निराशा
धर्मेंद्र ने कहा था कि राजनीति में
घुसपैठ
भ्रष्टाचार
सौदेबाजी
इतनी ज्यादा है कि ईमानदार इंसान के लिए टिक पाना मुश्किल है।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा—
“सियासत ने मुझे तोड़ दिया…सब कुछ पैसों और सौदों पर चलता है।”
5. नेताओं और अफसरों के रवैये से मायूसी
उन्होंने महसूस किया कि वे जनता और किसानों की समस्याओं को अपनी क्षमता के अनुसार हल नहीं कर पा रहे थे।
उन्होंने कहा कि जो काम वह करते थे, उसका क्रेडिट किसी और को मिल जाता था, और वे मीडिया के रवैये से भी नाराज़ रहते थे।
सांसद रहते हुए धर्मेंद्र ने क्या-क्या काम किए?
धर्मेंद्र ने बीकानेर में कई महत्वपूर्ण काम करवाए, जिनमें शामिल हैं:
✔ MPLADS फंड का उपयोग
स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में सांसद फंड का बेहतर उपयोग किया।
✔ सुर सागर की सफाई
स्थानीय सुर सागर झील की सफाई करवाकर शहर को बड़ा लाभ दिया।
✔ स्कूलों की फीस कम करवाना
बीकानेर के कई स्कूलों में फीस कम कराने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
✔ समाज और संस्थाओं को आर्थिक सहायता
ज़रूरतमंद संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।
✔ जनता की समस्याओं पर ध्यान
उनका ऑफिस रोज़ाना नागरिकों की समस्याएं उनसे साझा करता था, और वह उन पर कार्रवाई करते रहते थे।
हालांकि संसद में उनकी कम उपस्थिति को लेकर उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी, जिसका बड़ा कारण उनका फिल्मी करियर और दिल्ली में रहने की मजबूरी रही।
धर्मेंद्र और उनका परिवार: राजनीति से दूरी
जैसे धर्मेंद्र राजनीति में अधिक समय नहीं दे पाए, वैसे ही उनके बेटे सनी देओल ने भी 2024 में चुनाव न लड़ने का फैसला किया।
वहीं, उनकी पत्नी हेमा मालिनी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय और सफल हैं।




















