वेबमोर्चा न्यूज | रायपुर/नई दिल्ली | 23 अप्रैल 2026
बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में आरोपी अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने फिलहाल उन्हें सरेंडर करने से छूट देते हुए CBI को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
🔴 क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए:
- अमित जोगी को तत्काल सरेंडर से राहत दी
- मामले में CBI से जवाब मांगा
- अगली सुनवाई तक राहत बरकरार रखी
⚖️ हाईकोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2026 में इस मामले में अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का आदेश दिया था।
👉 इसी फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
🕰️ 23 साल पुराना है मामला
- घटना: 4 जून 2003
- स्थान: रायपुर
- पीड़ित: NCP नेता रामअवतार जग्गी
- घटना: गोली मारकर हत्या
इस केस को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है और इसमें साजिश के आरोप भी जुड़े रहे हैं।
📌 अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है और आगे की सुनवाई में CBI के जवाब के बाद अगला फैसला लिया जाएगा।
👉 निष्कर्ष
अमित जोगी को मिली यह अंतरिम राहत कानूनी लड़ाई में एक अहम मोड़ मानी जा रही है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस चर्चित मामले में आगे की दिशा तय होगी।



