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Gold Silver Price Today:सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता – Today Sarafa Bazar Gold Price Aaj Sona Chandi Ka Bhav Gold And Silver Price Mcx Rates News Gold

Gold Silver Price Today:सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता – Today Sarafa Bazar Gold Price Aaj Sona Chandi Ka Bhav Gold And Silver Price Mcx Rates News Gold

आज की ताजा खबर:

सोने-चांदी का आज का भाव: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में मिलाजुला परिवर्तन देखने को मिला है। चांदी की कीमत 4000 रुपये गिरकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो हो गई। वहीं, सोने का भाव 1450 रुपये गिरकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव

शुरुआती एशियाई कारोबार में स्पॉट गोल्ड की कीमत में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आई, जो 5,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गई। कारोबार के दौरान सोना 4,971.30 डॉलर के स्तर तक गिर गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर की कीमत 2.23 फीसदी गिरकर 79.5 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

गिरावट के कारण क्या हैं?

कीमती धातुओं पर दबाव ऐसे समय आ रहा है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से ऊर्जा कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ गई है। बढ़ती महंगाई की आशंका के कारण यह उम्मीद कमजोर हो रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा जल्द ब्याज दरों में कटौती की जाएगी।

अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात केंद्र पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें भी तेजी से बढ़ गईं हैं। इसके जवाब में तेहरान ने कुछ अरब देशों के ऊर्जा ढांचे पर जवाबी हमले किए, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

युद्ध की अवधि को लेकर स्पष्टता नहीं है। इससे वित्तीय बाजारों और अर्थव्यवस्था पर प्रभावों का आकलन करना मुश्किल हो रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के एक सहयोगी ने बताया कि यह संघर्ष चार से छह हफ्ते तक चल सकता है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से मिले संकेतों में विरोधाभास है।

इस बीच, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और कमजोर हुई हैं। अमेरिकी उपभोक्ता खर्च के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में केवल मामूली बढ़त देखने को मिली, जो युद्ध के आगाज से पहले की सुस्त आर्थिक वृद्धि का संकेत देती है। इसके अलावा, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिका में उपभोक्ता भावना भी तीन महीनों के निचले स्तर पर आ गई है।

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