पटपरपाली (कोमाखान)। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत परिवारों की आजिविका को सुरक्षा प्रदान करने हेतु महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारेंटी अधिनियम 2005 लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के अकुशल श्रमिक परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिवस का रोजगार प्रदान किया जाना है। छत्तीसगढ़ राज्य में यह मनरेगा अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी कार्य का आरंभ 2 फरवरी 2006 से हुआ। ग्राम पंचायत स्तर पर किये जाने वाले रोजगार गारेंटी विकास कार्य आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आजीविका का प्रमुख संसाधन है।
बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत पटपरपाली के आश्रित ग्राम चंदरपुर में स्थित शिव मंदिर तालाब के नवनीकरण और गहरीकरण का कार्य का आरंभ आज मनरेगा के तहत किया गया। जिसमे ग्राम पंचायत के जनमानस में उत्साह देखने को मिला। काफ़ी लंबे समय बाद चालू हुए मनरेगा कार्य मे श्रम करने महिला-पुरुषों ने बढ़चढ़कर भाग लिया।
1 जुलाई 2026 से VB-G-RAM G- गौरतलब है कि वर्तमान मोदी सरकार ने मनरेगा की महत्ता को समझते हुए इस अधिनियम में संसोधन कर इसे VB-G-RAM G “विकसित भारत गारेंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण” का नाम दिया। जिसके तहत रोजगार दिवस अतिरिक्त 25 दिवस बढ़ोतरी करते हुए कुल 125 दिनों का रोजगार प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2026 से VB-G-RAM G का प्रारंभ किया जाना है।

ग्राम पंचायत पटपरपाली में शुरू हुए मनरेगा कार्य के विषय मे पटपरपाली सरपंच श्रीमती लता कमलेश टाण्डेय ने कहा कि ग्राम पंचायत का विकास ही उनकी पहली प्राथमिकता है। मनरेगा के तहत शुरू किए गए कार्य से लोगों को रोजगार मिलेगा। और आगे भी रोजगार गारेंटी के तहत अन्य विकास कार्य किये जायेंगे।


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