जल संकट की आग: CG के इस जिले में कलेक्टर ने बोरवेल खनन पर 30 जून तक लगाया प्रतिबंध!

0
<p><strong>जल संकट की आग: CG के इस जिले में कलेक्टर ने बोरवेल खनन पर 30 जून तक लगाया प्रतिबंध!</strong></p>

ब्रेकिंग न्यूज: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भू-जल स्तर बचाने के लिए कलेक्टर ने लगाया बोरवेल खनन पर प्रतिबंध

बिलासपुर जिले में जल संकट का समाधान

बिलासपुर, 6 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिलें में तेजी से गिरते भू-जल स्तर को रोकने और पेयजल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर ने जिले में नए बोरवेल खनन पर आगामी 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कलेक्टर के अनुसार, भू-जल स्तर को बचाने के लिए यह एक जरूरी कदम है।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि यदि किसी ने इन निर्देशों का उल्लंघन किया, तो संबंधित व्यक्ति एवं निजी एजेंसियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें खनन मशीनों की जब्ती सहित कठोर कानूनी प्रावधान शामिल हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिलें के बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा विकासखंड को जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।

निजी उपयोग के लिए बोरवेल खनन की अनुमति अनिवार्य

नए आदेश के अनुसार, किसी भी निजी उपयोग के लिए बोरवेल खनन से पहले संबंधित क्षेत्र के उप-जिलाधीश (एसडीएम) से अनुमति प्राप्त करनी होगी। हालांकि, यह आदेश सार्वजनिक जल आपूर्ति करने वाले पीएचई एवं नगर निगम के मामले में लागू नहीं होगा। इन्हें जन मांग के अनुसार पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बोरवेल खनन की अनुमति दी गई है।

बिल्हा और तखतपुर की गंभीर स्थिति

हाल ही में पीएचई द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर जिले के बिल्हा और तखतपुर ब्लॉक अब सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में प्रवेश कर गए हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि यहां भू-जल स्तर का भंडार खतरनाक स्तर तक गिर चुका है। कलेक्टर ने इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए बोरवेल खनन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि जिले में भू-जल स्तर में गिरावट एक गंभीर समस्या है। इस समस्या का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने सभी संबंधित व्यक्तियों को चेतावनी दी है कि यदि प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया, तो मशीनों को राजसात किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

बिलासपुर जिले में भू-जल स्तर को बचाने के लिए कलेक्टर द्वारा उठाए गए इस कदम से जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी। यह निर्णय न केवल जल संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि क्षेत्रीय लोगों की जल आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखता है। स्थानीय लोगों को भी इस मामले में जागरूक रहना चाहिए और जल संरक्षण में योगदान देने के लिए आगे आना चाहिए।

एंटोनियो वेलेंसिया: मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व कप्तान ने वायथन्सहाव वेट्स में कदम रखा!

0

ब्रेकिंग न्यूज: पूर्व मैनचेस्टर युनाइटेड कप्तान एंटोनियो वेलेंसिया ने मैनचेस्टर क्लब विथेन्सहॉ AFC में शामिल होकर वरिष्ठ खिलाड़ियों के चमकदार टीम का हिस्सा बन गए हैं। यह कदम वेलेंसिया के फुटबॉल करियर में एक नया अध्याय खोलेगा।

एंटोनियो वेलेंसिया, जो मैनचेस्टर युनाइटेड के लिए कई वर्षों तक खेले, अब विथेन्सहॉ AFC के साथ अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगे। उन्होंने 2020 में सक्रिय फुटबॉल से संन्यास लिया था और अब इस नए सौदे के माध्यम से फिर से मैदान पर लौटेंगे।

विथेन्सहॉ AFC में वेलेंसिया का अनुभव और नेतृत्व टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा। उनकी उपस्थिति से टीम की क्षमताओं में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।

इस प्रकार, एंटोनियो वेलेंसिया का विथेन्सहॉ AFC में शामिल होना फुटबॉल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह निश्चित ही मैनचेस्टर फुटबॉल के लिए एक सकारात्मक कदम है।

महासमुंद में सनसनी: खट्टी जंगल में मिला अज्ञात युवक का क्षत-विक्षत शव, इलाके में दहशत

0
महासमुंद
महासमुंद

महासमुंद। जिले के शांत माने जाने वाले ग्रामीण क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खट्टी गांव के पास जंगल के कक्ष क्रमांक 77 में एक अज्ञात युवक का बुरी तरह क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल है।

कोटवार की सूचना से हुआ खुलासा

मामले का पता तब चला जब गांव का कोटवार रोज की तरह जंगल की ओर गया था। इसी दौरान उसकी नजर एक संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। पास जाकर देखने पर वह हैरान रह गया—वहां एक युवक का शव पड़ा था, जिसकी हालत बेहद भयावह थी। शरीर पर गंभीर चोटों के निशान और खून के धब्बे साफ दिखाई दे रहे थे।

बेरहमी से पिटाई के बाद हत्या

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक को पहले बुरी तरह पीटा गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। घटनास्थल से खून के छींटे, टूटे सामान और संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

पटवारी पर बरसात: विधायक की अगुवाई में संगठित हुए ग्रामीण, कलेक्टोरेट में किया घेराव!

फॉरेंसिक जांच जारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है, जो डीएनए, फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

मृतक की पहचान अब तक नहीं

अब तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है, जो जांच की सबसे अहम कड़ी बनी हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक कौन था और उसे जंगल तक क्यों लाया गया। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या किसी आपराधिक गतिविधि की आशंका जताई जा रही है।

दारू भट्ठी भी जांच के घेरे में

घटनास्थल के पास स्थित एक कंपोजिट शराब भट्ठी को भी जांच के दायरे में लिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा होती रही है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

गांवों में दहशत, सुरक्षा पर सवाल

इस वारदात के बाद खट्टी और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। लोग शाम होते ही घरों में सिमटने लगे हैं, खासकर महिलाएं और बच्चे सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

आईraq कोच अर्नोल्ड का सिडनी में विश्व कप योग्यता पर हीरो जैसा स्वागत!

0
आईraq कोच अर्नोल्ड का सिडनी में विश्व कप योग्यता पर हीरो जैसा स्वागत!

बड़ी खबर: इराक के कोच ग्रेहम अर्नोल्ड का शानदार स्वागत

पिछले 40 वर्षों में पहली बार फीफा विश्व कप में जगह बनाने के बाद इराक के मुख्य कोच ग्रेहम अर्नोल्ड का सिडनी हवाई अड्डे पर अद्भुत स्वागत किया गया। अर्नोल्ड को देखने के लिए इराकी फुटबॉल प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने उनकी वापसी का जश्न मनाया।

इराकी खिलाड़ियों की विजय और उत्सव

सिडनी हवाई अड्डे पर अर्नोल्ड का स्वागत करने वाले प्रशंसक गाते और नाचते हुए दिखाई दिए। उन्होंने तिरंगे और बैनर के साथ अर्नोल्ड का नाम लिया। इस दौरान, अर्नोल्ड ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए अपनी खुशी का इजहार किया और कहा, "यहां देखना अद्भुत है। मेरे इराकी दोस्तों, मुझे वहां नहीं लौट पाने का खेद है।"

अर्नोल्ड के नेतृत्व में इराक ने हाल में जारी अंतरमहाद्वीपीय प्लेऑफ फाइनल में बोलिविया के खिलाफ 2-1 से जीत हासिल की। यह जीत इस समय इराक के लिए महत्वपूर्ण थी, जब देश मध्य पूर्व के संघर्ष का सामना कर रहा था। कई खिलाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हुए थे, लेकिन इराक की टीम ने इन चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी जगह सुनिश्चित की।

स्थानीय सामुदायिक समर्थन

अर्नोल्ड की वापसी की खबर सुनकर, ऑस्ट्रेलिया में इराकी समुदाय ने उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डे पर इकट्ठा होने का फैसला किया। अर्नोल्ड ने कहा, "मैंने यहां इस तरह का जश्न की उम्मीद नहीं की थी।" इसके प्रति उन्होंने इराक के लोगों को धन्यवाद दिया, जो उन्हें अपना नायक मानते हैं।

अर्नोल्ड ने बताया कि खेल के दौरान सामाजिक मीडिया से दूर रहने का निर्णय लिया था ताकि खिलाड़ियों का ध्यान विवादास्पद स्थिति से हट कर खेल पर केंद्रित रह सके। उन्होंने कहा कि विश्व कप में क्वालीफाई करना खिलाड़ियों की जिन्दगी का एक खास पल है।

विश्व कप की तैयारी और चुनौतियां

इराक अब 2023 फीफा विश्व कप में शामिल होगा, जहाँ उनका मुकाबला फ्रांस, नॉर्वे, और सेनेगल से होगा। इराक का पहला मैच नॉर्वे के खिलाफ 16 जून को बोस्टन में होगा। इसके बाद, उन्हें 22 जून को 2018 के चैंपियन फ्रांस का सामना करना है।

इस विश्व कप में इराक का समूह कठिनाई भरा है, लेकिन अर्नोल्ड ने कहा कि यह उनके लिए कुछ खोने का नहीं है। "यह मौका हमारे खिलाड़ियों के लिए बहुत महत्व रखता है," उन्होंने कहा।

अर्नोल्ड का नेतृत्व इराक की टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद कर रहा है, और उनके समर्पण से खिलाड़ियों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। रातोंरात यात्रा की थकान के बावजूद, प्रशंसकों का उत्साह और प्रेम ने अर्नोल्ड को एक नई प्रेरणा दी है।

इराक फुटबॉल की ये शानदार उपलब्धियाँ निश्चित रूप से देश के लोगों के लिए गर्व का विषय हैं, और दुनिया में इसे एक नई पहचान दिला सकती हैं।

पटवारी पर बरसात: विधायक की अगुवाई में संगठित हुए ग्रामीण, कलेक्टोरेट में किया घेराव!

0
पटवारी पर बरसात: विधायक की अगुवाई में संगठित हुए ग्रामीण, कलेक्टोरेट में किया घेराव!

ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ के कोटा में पटवारी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश

बिलासपुर। 6 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ के कोटा विधानसभा क्षेत्र के आमागोहन गांव में पटवारी की लापरवाही के कारण ग्रामीणों का धैर्य टूट गया है। विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में गांव के लोग सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टोरेट का घेराव किया। ग्रामीणों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिलकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

पटवारी की लापरवाही से नाराज ग्रामीण

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पटवारी अंकित स्वर्णकार लगातार अपनी जिम्मेदारियों से भागते रहे हैं। उनके दफ्तर में न होने से किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने बताया कि कई किसानों को अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए महीनों तक दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कलेक्टोरेट घेराव: प्रशासन की गंभीरता

ग्रामीणों की आक्रोशित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की। घेराव के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विधायक और प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आमागोहन गांव की राजस्व समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।

किसानों की समस्याएं: समाधान की आवश्यकता

प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि पटवारी ना तो कार्यालय में उपस्थित रहते हैं और ना ही उनकी समस्याओं को सुनते हैं। सीमांकन और नामांतरण जैसे कार्यों में भी जानबूझकर देर की जा रही है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने कलेक्टर के समक्ष साक्ष्य पेश करते हुए कहा कि इस प्रकार की लापरवाही से शासन की छवि धूमिल हो रही है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निष्कर्ष

इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाहियों के कारण किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन के लिए भी ग्रामीण मजबूर होंगे। कलेक्टर का आश्वासन कितना प्रभावी होगा, यह देखने वाली बात होगी। यह स्थिति स्थानीय प्रतिनधियों और प्रशासन के लिए एक चुनौती है, जिसे जल्द से जल्द सुलझाना आवश्यक है।

क्या मनोरंजन-प्रधान रॉक लीग होगा कर्लिंग का भविष्य?

0

ब्रेकिंग न्यूज़:
आज सोमवार को टोरंटो में पहले पेशेवर कर्लिंग लीग "रॉक लीग" का उद्घाटन होने जा रहा है। इस लीग में छह मिश्रित-लिंग वैश्विक फ्रेंचाइज़ियां अनोखे प्रारूप में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

रॉक लीग के इस नए प्रारूप में, टीमों का चयन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से किया गया है। यह लीग कर्लिंग के प्रशंसकों के लिए एक अनूठा अनुभव पेश करेगी। सभी टीमें अपने कौशल और रणनीति के जरिए शीर्ष पर पहुंचने की कोशिश करेंगी।

इस लीग के आयोजन से कर्लिंग के खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी। खेल प्रेमियों को इस अद्वितीय प्रारूप का भरपूर आनंद मिलेगा और कर्लिंग की नई प्रतिभाएं सामने आएंगी।

निष्कर्ष:
रॉक लीग का यह आयोजन कर्लिंग जगत में एक नई क्रांति लेकर आएगा और इसे देखने के लिए फैंस के बीच उत्साह का माहौल बनेगा।

बांग्लादेश में मामलों में तेजी से बढ़ोतरी: जानें कारण!

0
बांग्लादेश में मामलों में तेजी से बढ़ोतरी: जानें कारण!

बड़ी खबर: बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

बांग्लादेश में खसरे के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य चिंताओं को जन्म दिया है। यूनीसेफ ने चेतावनी दी है कि यह प्रकोप हजारों बच्चों को गंभीर जोखिम में डाल रहा है।

बांग्लादेश में खसरे की स्थिति

यूनीसेफ के प्रतिनिधि राना फ्लॉवर्स ने रविवार को एक बयान में बताया कि खसरा बच्चों के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि "टीके बच्चों के जीवित रहने के लिए आधारभूत हैं।" उनका यह बयान खसरे के प्रकोप के बीच आया है, जिसने विशेष रूप से छोटे और कमजोर बच्चों को प्रभावित किया है।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता

विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रकोप सही तरीके से टीका नहीं लगवाने के कारण फैल रहा है। यूनीसेफ ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और टीकाकरण अभियान को तेज करने की अपील की है। बांग्लादेश में स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके प्रभावी समाधान के लिए सभी संबंधित विभागों से सहयोग की मांग कर रहे हैं।

राना फ्लॉवर्स ने कहा कि खसरे की वजह से "हजारों बच्चों का जीवन संकट में है," और इस बात पर जोर दिया कि तत्काल उपाय किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों के टीकाकरण की प्रक्रिया को लेकर जागरूक होना चाहिए।

टीकाकरण में कमी के कारण

पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश में टीकाकरण दर में कमी आई है। कई क्षेत्रों में माता-पिता और समुदाय में इस संबंध में गलतफहमियां फैली हुई हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने खसरे के खिलाफ सुरक्षा के लिए टीकाकरण की आवश्यकता को उठाया है।

यूनीसेफ और स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया है कि बच्चों के टीकों को लेकर जागरूकता फैलाई जाए। इसके लिए विशेष कार्यक्रमों की घोषणा की गई है, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें और खसरे का प्रकोप नियंत्रित किया जा सके।

निवारक कदमों की आवश्यकता

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सभी बच्चों को टीका नहीं लग जाता, तब तक खसरे का खतरा बना रहेगा। राना फ्लॉवर्स ने कहा, "हमें सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है।" उन्होंने समाज के सभी वर्गों से मदद की अपील की है ताकि हर बच्चे को समय पर टीका लग सके।

बांग्लादेश में खसरे के संदर्भ में ये अपील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बच्चों की जान का खतरा हमेशा उच्च रहता है। इसके साथ ही, सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को एक साथ लाने की आवश्यकता है ताकि इस संकट का मुकाबला किया जा सके।

माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों की टीकाकरण यात्रा पर ध्यान दें और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा दी गई सलाह का पालन करें। यह न केवल उनके बच्चों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है।

जिस प्रकार से खसरे की स्थिति गंभीर होती जा रही है, ऐसे में सभी को मिलकर एकजुट होने की आवश्यकता है ताकि बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

अमित जोगी को मिली आजीवन कारावास की सजा, सियासत में मचा हड़कंप!

0
अमित जोगी को मिली आजीवन कारावास की सजा, सियासत में मचा हड़कंप!

ब्रेकिंग न्यूज़: अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा

मुख्य बिंदु:
छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह सजा एक हत्या के मामले में सुनाई गई है, जिसमें उनका नाम प्रमुखता से सामने आया था। कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए यह निर्णय लिया है। यह मामला राज्य की राजनीति में हलचल पैदा करने वाला है।

अमित जोगी का मामला और सुनवाई
अमित जोगी पर आरोप था कि वे एक हत्या के मामले में संलिप्त थे। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के दौरान सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान सुनने के पश्चात उन्हें दोषी पाया। अदालत के निर्णय के बाद जोगी और उनके समर्थक निराश दिखाई दिए। उनका दावा है कि यह मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि
अमित जोगी, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री अजय जोगी के पुत्र हैं, छत्तीसगढ़ में एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। उनके पिता का अनेक बार मुख्यमंत्री रहना और उनकी राजनीतिक शैली ने उन्हें एक खास पहचान दिलाई। अमित जोगी ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी, लेकिन यह मामला उनकी छवि को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

प्रतिक्रिया और भविष्य की राह
जोगी के समर्थकों ने इस निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनकी पार्टी और परिवार का मानना है कि यह फैसला पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। जोगी ने मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना बनाई है। इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई माहौल बन सकती है और संभवतः जोगी के राजनीतिक भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

निष्कर्ष:
अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले ने न केवल राजनीतिक तैयारी को प्रभावित किया है, बल्कि जोगी के समर्थकों में भी निराशा पैदा की है। आगे की कानूनी लड़ाई के साथ यह देखना होगा कि जोगी के राजनीतिक करियर का क्या भविष्य होगा।

रग्बी यूनियन में महिला कोचों का महत्व बतातीं एमीली स्कैरेट

0

ब्रेकिंग न्यूज़: इंग्लैंड की रिकॉर्ड पॉइंट स्कोरर एमीली स्कैरट ने कहा है कि "हमें महिलाओं को कोचिंग भूमिकाओं में लाने के लिए बेहतर काम करने की आवश्यकता है।" स्कैरट ने 2026 महिला सिक्स नेशंस के लिए रेड रोज़ के कोचिंग टीम में प्रमुख अटैक और बैक कोच के तौर पर कदम रखा है।

एमीली स्कैरट ने सारा ऑर्चर्ड से बातचीत में कहा कि खेल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कोचिंग में महिलाओं के योगदान को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। स्कैरट का अनुभव और उनकी सोच इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है जो खेल जगत में बदलाव ला सकता है।

इस प्रकार, एमीली स्कैरट की कोचिंग यात्रा और उनके विचार महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल सकते हैं। यह इंग्लैंड के महिला रग्बी के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

बड़ी खबर: जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अमित जोगी को उम्रकैद

0
बड़ी खबर: जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अमित जोगी को उम्रकैद
बड़ी खबर: जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अमित जोगी को उम्रकैद

बिलासपुर। साल 2003 के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के पुराने निर्णय को पलट दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने सीबीआई की अपील (ACQA No. 66/2026) मंजूर करते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया है।

अदालत ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (अपराधिक साजिश) के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त सश्रम कैद का प्रावधान रखा गया है।

ट्रायल कोर्ट के फैसले को किया निरस्त

हाईकोर्ट ने 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत द्वारा दिए गए फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया। उस समय अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य 28 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि एक ही साक्ष्य के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराना और कथित मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना न्यायसंगत नहीं है।

🎉 ब्रेकिंग न्यूज: CG फार्मासिस्ट ग्रेड-2 परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी! 📄✨ 12 अप्रैल को करें परीक्षा की तैयारी, यहाँ से करें डाउनलोड!

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर खुला मामला

यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दोबारा खोला गया था। इसके बाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और अब यह महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है।

2003 में हुई थी हत्या

4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से दो लोग—बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह—सरकारी गवाह बन गए थे।

2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ मृतक के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को हाईकोर्ट को सौंप दिया।

कौन थे रामावतार जग्गी

रामावतार जग्गी कारोबारी पृष्ठभूमि से जुड़े थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। जब शुक्ल ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी जॉइन की, तो जग्गी भी उनके साथ चले गए थे। बाद में उन्हें छत्तीसगढ़ में एनसीपी का कोषाध्यक्ष बनाया गया।

अन्य दोषी आरोपी

इस हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता समेत कई अन्य आरोपियों को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।