दिल्ली में दहशत: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भीषण कार ब्लास्ट, 13 की मौत, कई घायल

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राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन
राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन

नई दिल्ली, 10 नवंबर 2025। राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक इको वैन में विस्फोट हुआ, जिसके बाद आसपास खड़ी तीन अन्य गाड़ियों में आग लग गई। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

धमाके के बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां और दिल्ली पुलिस की टीमें पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। एनएसजी, स्पेशल सेल और फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर जांच में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में विस्फोट के कारणों को लेकर कई आशंकाएं जताई जा रही हैं — कुछ का कहना है कि यह कार की बैटरी फटने से हुआ हादसा हो सकता है, वहीं पुलिस किसी आतंकी साजिश की संभावना से भी इंकार नहीं कर रही है।

घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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महासमुंद विधायक पर लगे गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने कहा – भूमाफिया को मिल रहा राजनीतिक संरक्षण!

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महासमुंद विधायक पर लगे गंभीर आरोप
महासमुंद विधायक पर लगे गंभीर आरोप

महासमुंद, 10 नवंबर 2025। ग्राम कौवाझर में शासकीय भूमि की अवैध खरीदी-बिक्री को लेकर ग्रामीणों ने आज कलेक्टोरेट पहुंचकर महासमुंद विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक के संरक्षण में भूमाफियाओं द्वारा शासकीय भूमि और तालाब क्षेत्र की बिक्री-खरीदी की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप

पूर्व पार्षद व समाजसेवी पंकज साहू के नेतृत्व में पहुंचे करीब 150 ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम कौवाझर (प.ह.नं.-07, रा.नि.मं. सिरपुर, तहसील व जिला महासमुंद) की कई खसरा नंबरों वाली करीब 50 एकड़ से अधिक भूमि का सौदा भारत माला परियोजना के नाम पर किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि वन पट्टे और शासकीय श्रेणी में आती है, जिसे बिना शासन की अनुमति और कानूनी प्रक्रिया के विपरीत निजी नामों पर दर्ज किया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि बिना कलेक्टर की स्वीकृति के 30 अक्टूबर 2025 को भूमि विक्रय का इश्तहार रायपुर के एक समाचार पत्र में प्रकाशित कराया गया, जबकि यह मामला महासमुंद जिले का है।

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विधायक पर लगाया संरक्षण देने का आरोप

ग्रामीणों ने कहा कि इस विषय में कई बार महासमुंद विधायक से शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने ना तो मौके पर जाकर स्थिति देखी और ना ही कार्रवाई के लिए पहल की। आरोप है कि अवैध खरीदी-बिक्री करने वालों के घरों में विधायक के आने-जाने से स्पष्ट होता है कि वह भूमि माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं।

ग्रामीणों की चेतावनी

ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित भूमि की खरीदी-बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती, तो समस्त ग्रामीण परिवार सहित कलेक्टोरेट में धरना प्रदर्शन करेंगे।

पंकज साहू का बयान

समाजसेवी पंकज साहू ने कहा कि ग्रामीणों के बिना जानकारी गांव की लगभग 60 एकड़ भूमि का फर्जी सौदा किया गया है। यदि यह रजिस्ट्री पूरी हो गई तो गांव का निस्तारी तालाब पाट दिया जाएगा और रास्ते तक खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर के भू-माफियाओं ने गांव के कुछ लोगों की मिलीभगत से कूट रचना कर दस्तावेज तैयार किए हैं, जो कि स्पष्ट रूप से अवैध कृत्य है। पंकज साहू ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि भूमाफियाओं के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

यहां देखें वीडियो


कृषक मित्रों का भुगतान की प्रक्रिया जारी है : उप संचालक कृषि

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500 कृषक मित्रों का मानदेय पिछले 29 महीनों से रोक दिया गया
500 कृषक मित्रों का मानदेय पिछले 29 महीनों से रोक दिया गया

महासमुंद, 10 नवंबर 2025। कृषक मित्रों के मानदेय भुगतान को लेकर उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने स्पष्ट किया है कि भुगतान प्रक्रिया नियमों के अनुसार चल रही है। उन्होंने बताया कि कृषक मित्रों की कार्य अवधि निर्धारण के दिशा-निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक दो वर्ष में ग्राम सभा के माध्यम से उनकी कार्यावधि बढ़ाई जाती है, या फिर ग्राम सभा द्वारा नए कृषक मित्र का चयन कर प्रस्ताव वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को भेजा जाता है।

इसके बाद, यह प्रस्ताव उप संचालक कृषि कार्यालय के माध्यम से आत्मा गवर्निंग बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद स्वीकृत किया जाता है।

महासमुंद: 29 माह से रुका कृषक मित्रों का मानदेय, कृषि विभाग की मनमानी से बढ़ा रोष

उप संचालक ने बताया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2025 तक की अवधि के लिए कृषक मित्रों का मानदेय पूर्ण रूप से भुगतान किया जा चुका है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिन कृषक मित्रों का अनुमोदन जुलाई 2025 में हुआ है और जिनसे मासिक कार्य विवरण प्राप्त हो चुका है, उनके मानदेय भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

कृषि विभाग ने कृषक मित्रों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए संबंधित कृषि कार्यालय से सत्यापित जानकारी प्राप्त करें तथा किसी भी भ्रामक या तथ्यहीन जानकारी पर ध्यान न दें।

नुआपाड़ा उपचुनाव: EVM बदलने के आरोपों पर बोले मुख्य निर्वाचन अधिकारी, “प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, अफवाहों पर विश्वास न करें”

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नुआपाड़ा उपचुनाव: EVM बदलने के आरोपों
नुआपाड़ा उपचुनाव: EVM बदलने के आरोपों

भुवनेश्वर/रायपुर। ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले EVM ईवीएम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी बीजेडी ने दावा किया है कि गंजाम जिले से ट्रक भर ईवीएम मशीनें गुप्त तरीके से नुआपाड़ा भेजी गई हैं। हालांकि, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.एस. गोपालन ने इन दावों को “पूरी तरह झूठा और असंभव” बताया है।

उन्होंने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि इस तरह की किसी गतिविधि का कोई सबूत नहीं मिला है। गोपालन ने कहा —

“गंजाम जिले के ईवीएम गोदाम की सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है, जिसमें किसी भी तरह की मशीनों की आवाजाही नहीं दिखी। नुआपाड़ा जिले के लिए सभी ईवीएम उसी जिले के सुरक्षित गोदाम से ली गई हैं, और उनके सीरियल नंबर दर्ज हैं।”


 “हर कदम पारदर्शी और रिकॉर्डेड”

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि EVM की जांच और निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती है।

  • हर तीन महीने में गोदाम खोले जाते हैं।

  • सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उस दौरान मौजूद रहते हैं।

  • पूरा निरीक्षण वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है।

  • मशीनों के सीरियल नंबर की कॉपी सभी दलों को दी जाती है।

उन्होंने अपील की —

“लोग टीवी चैनलों या सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विश्वास न करें। हर मशीन आयोग की निगरानी में है — चाहे वह मतदान में इस्तेमाल हो या प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों में।”

नुआपाड़ा उपचुनाव: वोटिंग कल, सभी तैयारियां पूरी, 8 संवेदनशील बूथों पर हेलिकॉप्टर से पहुंचेगी पोलिंग टीम, माओवादी क्षेत्र में हाई अलर्ट


बीजेडी का पलटवार-“ट्रक में भेजी गई थीं ईवीएम”

सीईओ के बयान के बाद बीजेडी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया।
बीजेडी प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा —

“हमारी पार्टी जिम्मेदारी से कहती है कि गंजाम जिले से ईवीएम ट्रक में भेजी गई थीं और नुआपाड़ा के 32 बूथों पर उनका इस्तेमाल होना था। हमने उन बूथों की सूची आयोग को सौंप दी है।”

उन्होंने कहा कि राज्य में सीसीटीवी पर भरोसा नहीं किया जा सकता —

“बेरहामपुर में वकील की हत्या और पुरी रथयात्रा के दौरान भगदड़ जैसी घटनाओं में भी कैमरे नहीं चले, तो अब कैसे भरोसा करें?”


प्रशासन का जवाब — “तैयारियां पूरी, सुरक्षा चाक-चौबंद”

विवाद के बीच नुआपाड़ा के कलेक्टर मदनुसूदन दास और एसपी अमृतपाल सिंह ने बताया कि जिले के सभी 358 मतदान केंद्रों पर तैयारियां पूरी हैं। इनमें से 47 बूथ नक्सल प्रभावित इलाके में हैं।

सीआरपीएफ कमांडेंट एरिक गिल्बर्ट जोस ने कहा —

“हम शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हेलिकॉप्टर से मतदान दलों को माओवादी क्षेत्रों में भेजा जा रहा है और इलाके में लगातार गश्त चल रही है।”


2.53 लाख मतदाता करेंगे मतदान

इस उपचुनाव में कुल 2,53,624 मतदाता शामिल हैं —

  • पुरुष: 1,24,108

  • महिला: 1,29,495

  • तृतीय लिंग: 21

इस सीट पर कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। 11 नवम्बर को मतदान और 14 नवम्बर को मतगणना होगी।

नुआपाड़ा उपचुनाव: वोटिंग कल, सभी तैयारियां पूरी, 8 संवेदनशील बूथों पर हेलिकॉप्टर से पहुंचेगी पोलिंग टीम, माओवादी क्षेत्र में हाई अलर्ट

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नुआपाड़ा उपचुनाव
नुआपाड़ा उपचुनाव EVM

भुवनेश्वर/रायपुर। ओडिशा की चर्चित नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सोमवार शाम तक सभी मतदान दल अपने-अपने बूथों की ओर रवाना हो गए। निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, वहीं 8 अति-संवेदनशील बूथों पर पोलिंग पार्टियां हेलिकॉप्टर से पहुंचेंगी।

कल, 11 नवम्बर (मंगलवार) को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा। शाम 5 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि कुछ संवेदनशील बूथों पर मतदान का समय सुरक्षा कारणों से दोपहर 4 बजे तक रखा गया है। इस उपचुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत 14 नवम्बर को मतगणना के बाद तय होगी।


प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद व्यवस्था

चुनाव तिथि की घोषणा के बाद से हलचल में डूबा नुआपाड़ा अब पूरी तरह से शांत है। रविवार शाम से प्रचार पर रोक लग गई है और बाहर से आए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता क्षेत्र छोड़ चुके हैं। सभी मतदान केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षाबल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।

ईवीएम मशीनों की जांच के बाद पोलिंग अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। मतदान दलों को बूथवार रवाना किया जा चुका है। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक मतदान के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की संयुक्त निगरानी रहेगी।


पहली बार हेलिकॉप्टर से मतदान दलों की तैनाती

सुरक्षा कारणों से नुआपाड़ा-सुनाबेड़ा के माओवादी प्रभावित इलाकों में पहली बार भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से मतदान दलों को बूथों तक पहुँचाया जा रहा है। कुल 358 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 47 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।


मतदाताओं की संख्या और विशेष वर्ग

इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,53,624 मतदाता हैं, जिनमें

  • पुरुष मतदाता: 1,24,108

  • महिला मतदाता: 1,29,495

  • तृतीय लिंग: 21

इनमें 9,429 नए मतदाता, 3,988 दिव्यांग मतदाता और 1,786 वरिष्ठ नागरिक (85 वर्ष से अधिक आयु के) शामिल हैं।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्भय होकर अपने मत का प्रयोग करें।

तीन माह बाद हुई कार्रवाई: मटका फोड़ कार्यक्रम में मासूम की मौत, 9 पर गंभीर अपराध दर्ज

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FIR

महासमुंद। थाना पटेवा क्षेत्र के ग्राम सिनोधा में जन्माष्टमी के अवसर पर हुए मटका फोड़ कार्यक्रम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में 8 वर्षीय मासूम की मौत के मामले में अब कार्रवाई हुई है। घटना के तीन माह बाद पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज किया है।

घटना 16 अगस्त 2025 की रात करीब 9:40 बजे की है। ग्राम सिनोधा में कृष्ण जन्माष्टमी पर मटका फोड़ कार्यक्रम रखा गया था। मटका को पुराना पंचायत भवन की दीवार और इमरान पासा के घर की छत पर बने ईंट-सीमेंट के डिज़ाइन खंभे के बीच रस्सी से बांधा गया था। जैसे ही मटका फोड़ने वाली टीम ने रस्सी खींची, छत पर बना खंभा उखड़कर नीचे गिर गया। उसकी चपेट में आकर 8 वर्षीय मोहम्मद सिराज जाकिर दब गया।

घटना के तुरंत बाद परिजन घायल बच्चे को सीएचसी तुमगांव लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में सूचना थाना तुमगांव को दी, जिसके बाद मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से सब-ड्यूरल हेमाटोमा (मस्तिष्क में रक्तस्राव) के कारण होना बताया गया है। जांच में पाया गया कि कार्यक्रम आयोजकों ने बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था और बिना खंभे की मजबूती जांचे मटका बांधने का निर्णय लिया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

बागबाहरा झलप चौक में दर्दनाक सड़क हादसा: बाइक सवार ट्रक से टकराए, एक की मौके पर मौत, एक गंभीर

तीन माह चली जांच के बाद थाना पटेवा पुलिस ने कार्यक्रम के संयोजक एवं सहयोगी
होरीलाल साहू, परमेश्वर साहू, विकास साहू, गोविंद बंजारे, प्रेम बरिहा, नोमेश यादव, लुकेश साहू, सोहन लाल साहू और रेमन ध्रुव (सभी निवासी ग्राम सिनोधा, थाना पटेवा, जिला महासमुंद) के खिलाफ धारा 106(1) बीएनएस (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

प्रधान आरक्षक द्वारा की गई जांच में यह निष्कर्ष निकला कि सभी आरोपियों की लापरवाही से यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी है।

बागबाहरा झलप चौक में दर्दनाक सड़क हादसा: बाइक सवार ट्रक से टकराए, एक की मौके पर मौत, एक गंभीर

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बागबाहरा झलप चौक में दर्दनाक सड़क हादसा
बागबाहरा झलप चौक में दर्दनाक सड़क हादसा

महासमुंद। जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत झलप चौक के पास बीती देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार यह हादसा देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच हुआ, जब तेज रफ्तार बाइक सवार दो युवक सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।

घटना की सूचना मिलते ही बागबाहरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में इलाज के लिए रेफर किया गया है। मृतक की पहचान दुष्यंत साहू (गड़बेड़ा, पिथौरा निवासी) के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक तेन्दूकोना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

बागबाहरा झलप चौक में दर्दनाक सड़क हादसा: बाइक सवार ट्रक से टकराए, एक की मौके पर मौत, एक गंभीर
बागबाहरा झलप चौक में दर्दनाक सड़क हादसा: बाइक सवार ट्रक से टकराए, एक की मौके पर मौत, एक गंभीर

बागबाहरा थाना प्रभारी अजय सिन्हा ने बताया कि एक्सीडेंट कैसे हुई रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार झलप चौक पर रात के समय अक्सर तेज रफ्तार वाहनों का आवागमन रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में सड़कों पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

ठंड से बचने जलाया अलाव बना मौत का कारण, पूर्व जनपद सदस्य पुसऊ राम दुग्गा की जलकर मौत

बिजली बिल हॉफ योजना पर मचा हल्ला: अब सरकार करा रही परीक्षण, फिर बनेगा नया प्रस्ताव

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छत्तीसगढ़ बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हॉफ योजना का दायरा 400 यूनिट से घटाकर 100 यूनिट करने के बाद प्रदेशभर में उपभोक्ताओं की नाराजगी बढ़ गई है। लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर हो रहे विरोध के बीच अब प्रदेश सरकार ने योजना की समीक्षा शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीपावली मिलन समारोह के दौरान संकेत दिए थे कि सरकार इस योजना को लेकर पुनर्विचार कर रही है। इसके बाद ऊर्जा विभाग ने छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के माध्यम से परीक्षण (एनालिसिस) शुरू कर दिया है। इस जांच में यह आकलन किया जा रहा है कि योजना के दायरे में कटौती से उपभोक्ताओं पर कितना असर पड़ा है, और यदि सीमा फिर से बढ़ाई जाती है तो राज्य सरकार पर कितना आर्थिक भार आएगा।

ठंड से बचने जलाया अलाव बना मौत का कारण, पूर्व जनपद सदस्य पुसऊ राम दुग्गा की जलकर मौत

सरकार का मानना है कि उपभोक्ताओं की परेशानी दूर करते हुए “पीएम सूर्य घर मुक्त योजना” भी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसलिए दोनों योजनाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।

ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि बिजली बिल हॉफ योजना को लेकर परीक्षण जारी है। परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद एक नया प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर संशोधन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई इस योजना के तहत 400 यूनिट तक की खपत पर उपभोक्ताओं को बिजली बिल का केवल आधा भुगतान करना होता था। लेकिन भाजपा सरकार ने अगस्त 2025 में इस योजना का दायरा घटाकर 100 यूनिट कर दिया। इसके बाद से ही प्रदेशभर में बिजली बिल बढ़ने को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी और विपक्ष द्वारा विरोध तेज़ हो गया है।

ठंड से बचने जलाया अलाव बना मौत का कारण, पूर्व जनपद सदस्य पुसऊ राम दुग्गा की जलकर मौत

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ठंड से बचने जलाया अलाव बना मौत का कारण, पूर्व जनपद सदस्य पुसऊ राम दुग्गा की जलकर मौत
ठंड से बचने जलाया अलाव बना मौत का कारण, पूर्व जनपद सदस्य पुसऊ राम दुग्गा की जलकर मौत

भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। ठंड से बचाव के लिए जलाए गए अलाव ने एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता की जान ले ली। बताया जा रहा है कि पूर्व जनपद सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुसऊ राम दुग्गा की जलने से मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बीती रात पुसऊ राम को सीने में दर्द महसूस हुआ था, जिसके बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों से मालिश करवाई। ठंड अधिक होने के कारण उन्होंने अपने बिस्तर के पास ही अलाव जला रखा था। देर रात अचानक कमरे से जलने की आवाज आने पर परिजन जब वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पुसऊ राम पूरी तरह जल चुके थे।

यहां पढ़ें: खैरागढ़ से दर्दनाक घटना: 13 साल की बच्ची ने अपने छोटे भाई-बहन को कुएं में धकेला, दोनों की मौत

परिवार ने तुरंत आग बुझाकर शव को बाहर निकाला और भानुप्रतापपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में इस घटना से गहरा शोक है। भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “पुसऊ राम दुग्गा की मौत पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है।”

खैरागढ़ से दर्दनाक घटना: 13 साल की बच्ची ने अपने छोटे भाई-बहन को कुएं में धकेला, दोनों की मौत

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खैरागढ़ से दर्दनाक घटना: 13 साल की बच्ची ने अपने छोटे भाई-बहन को कुएं में धकेला, दोनों की मौत
खैरागढ़ से दर्दनाक घटना: 13 साल की बच्ची ने अपने छोटे भाई-बहन को कुएं में धकेला, दोनों की मौत

रायपुर/खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ इलाके से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 13 साल की बच्ची ने अपने ही छोटे भाई और बहन को कुएं में धकेल दिया, जिससे दोनों मासूमों की मौत हो गई। मृत बच्चों की पहचान 4 वर्षीय करण वर्मा और डेढ़ साल की राधिका वर्मा के रूप में हुई है।

प्रारंभिक पुलिस जांच में पता चला है कि परिवारों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी वजह से दोनों परिवार अपने बच्चों को साथ खेलने नहीं देते थे। बताया जा रहा है कि घटना के दिन 4 साल के करण ने किसी बात पर अपनी बहन को चिढ़ा दिया था, जिससे वह नाराज हो गई।

इसके बाद जब तीनों बच्चे घर के पास बने कुएं के आसपास खेल रहे थे, तो गुस्से में आकर बड़ी बहन ने पहले अपने भाई को धक्का दे दिया। यह सब नज़ारा डेढ़ साल की बहन राधिका ने देखा और वह जोर-जोर से रोने लगी। इसके बाद 13 साल की बहन ने उसके मुंह पर कपड़ा बांधा और उसे भी कुएं में फेंक दिया।

फिलहाल पुलिस ने बच्ची को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए पूरे घटनाक्रम के साथ बच्ची की मानसिक स्थिति (साइकोलॉजिकल एनालिसिस) पर भी जानकारी साझा की जाएगी।

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