CG Assembly Special Session: विशेष सत्र में कांग्रेस विधायकों को खली कवासी लखमा की कमी, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

रायपुर। CG Assembly Special छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में शुरू होगा। इससे पहले पुराने विधानसभा भवन में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के 25 वर्ष के संसदीय इतिहास को याद किया गया। इस दौरान पूर्व सदस्यों के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

सत्र में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कोंटा विधायक कवासी लखमा की अनुपस्थिति से उठ रही कमी को बेहद भावुक अंदाज में व्यक्त किया। उन्होंने लखमा की गिरफ्तारी को लेकर प्रश्न उठाते हुए कहा—
“इस गौरवशाली पल में हमारे विधायक साथी कवासी लखमा नहीं हैं। आखिर किस गंभीर अपराध में उन्हें जेल भेजा गया? चाहें तो उन्हें यहां लाया भी जा सकता था।”
कांग्रेस विधायकों ने भी लखमा की गैर-मौजूदगी पर चिंता जताई।


नए विधानसभा भवन में 14 से 17 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र

नई विधानसभा में होने वाला यह पहला सत्र होगा। चार दिवसीय इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर चर्चा और निर्णय लेगी।
सत्र के पहले दिन यानी 14 दिसंबर को “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” विषय पर विशेष चर्चा होगी। इसके बाद विभिन्न विभागों से जुड़े विधायी कार्यों, बजट प्रावधानों और विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार जवाब देगी।


25 साल की संसदीय यात्रा का स्मरण

विशेष सत्र में राज्य की संसदीय यात्रा का अवलोकन किया गया। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन होने के बाद पहला विधानसभा सत्र 14 दिसंबर 2000 से प्रारंभ हुआ था। इसी ऐतिहासिक दिवस को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए भवन में शीतकालीन सत्र की शुरुआत इसी तारीख को तय की है।


राजकुमार कॉलेज—जहां लगा था पहला सत्र

राज्य गठन के समय अस्थायी तौर पर राजधानी रायपुर के राजकुमार कॉलेज परिसर को विधानसभा के पहले सत्र की मेजबानी के लिए चुना गया था।
यहां के जशपुर हॉल ने छत्तीसगढ़ की संसदीय परंपरा की शुरुआत देखी।
पहला सत्र 14 से 19 दिसंबर 2000 तक आयोजित हुआ था। इसी सत्र के दौरान राजेंद्र प्रसाद शुक्ल को सर्वसम्मति से छत्तीसगढ़ विधानसभा का पहला अध्यक्ष चुना गया था।

कोमाखान में किसान दिनेश ने धान खरीदी की पहली बोहनी की, बोले—समय पर टोकन मिला, नहीं हुई कोई परेशानी

महासमुंद। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है और इसी के साथ कोमाखान धान खरीदी केंद्र में इस वर्ष की पहली बोहनी किसान दिनेश चंद्राकर (सुअरमार) ने की। किसान ने बताया कि पूरी प्रक्रिया बिना किसी परेशानी, पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। लगभग 176 क्विंटल धान का टोकन कटाने के बाद उन्होंने सुचारू रूप से पूरा धान विक्रय किया।

दिनेश चंद्राकर के अनुसार यह सिर्फ धान बेचने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे साल की मेहनत का सम्मान है। उन्होंने कहा—
“समय पर टोकन मिला, केंद्र में व्यवस्था बहुत अच्छी थी। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आई। राज्य शासन की नीति किसानों के हितों की रक्षा करती है और हमारे भविष्य को सुरक्षित बनाती है।”


सुचारू और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई खरीदी

कोमाखान धान उपार्जन केंद्र में इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया बेहद व्यवस्थित और पारदर्शी रही। दिनेश ने बताया कि शासन की धान खरीदी नीति ने किसानों को नई मजबूती दी है।
उन्होंने कहा—
“आज पूरे समय प्रक्रिया में एक मिनट का भी विलंब नहीं हुआ। पूरा काम नियम के अनुसार हुआ, इससे हम किसानों में विश्वास बढ़ा है।”


3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी

किसान दिनेश ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से खरीदी और 3100 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
उनके अनुसार—
“इस निर्णय से हमारी आय बढ़ेगी, खेत और परिवार दोनों की स्थिति में सुधार आएगा।”


किसान मजबूत तो प्रदेश मजबूत

दिनेश चंद्राकर ने कहा कि सरकार की नीति से किसानों को नई ताकत मिली है।
उन्होंने कहा—
“किसान मजबूत होगा, तभी प्रदेश मजबूत होगा। समर्थन मूल्य ने आत्मविश्वास बढ़ाया है और भविष्य सुरक्षित करने में मदद करेगा।”

सहकारी कर्मचारियों की हड़ताल से धान खरीदी प्रभावित, पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद संगठन में बड़ा बदलाव

बलौदाबाजार/रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के बीच सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल अब बड़े संगठनात्मक बदलाव तक पहुंच गई है। सोमवार रात बलौदाबाजार में सिटी कोतवाली के बाहर हुए हंगामे और दो पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपने जिलाध्यक्ष मनीराम कैवर्त को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। संघ ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया है।


जिला उपाध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष के दावे का किया खंडन

जिला उपाध्यक्ष रामकुमार साहू द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मनीराम कैवर्त ने अधिकारियों के दबाव में आकर कोरे कागज पर हस्ताक्षर किए, ताकि कोतवाली में बंद संगठन के दो पदाधिकारी—कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण वर्मा और सहसचिव रोहित यादव—को बाहर निकाला जा सके। कर्मचारियों ने इस कार्रवाई को सामूहिक मंशा के खिलाफ मानते हुए जिलाध्यक्ष को मानने से इंकार कर दिया।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी

महासमुंद में चुना जाएगा नया जिला अध्यक्ष

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मनीराम कैवर्त को जिलाध्यक्ष पद से बर्खास्त किया जाता है और नया अध्यक्ष मंगलवार को महासमुंद में संभागीय बैठक में चुना जाएगा।
इधर, छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर ने भी अपनी ओर से मनीराम कैवर्त को अनुशासनहीनता के आधार पर पद से हटाते हुए जिला उपाध्यक्ष रामकुमार साहू को बलौदाबाजार जिला अध्यक्ष का प्रभार सौंपा है।


दो प्रबंधकों की गिरफ्तारी से भड़का विरोध

सोमवार शाम जिला प्रशासन ने हड़ताल में शामिल दो सहकारी समिति प्रबंधकों को गिरफ्तार किया। इसके विरोध में बड़ी संख्या में समिति कर्मचारी, विक्रेता और प्रबंधन से जुड़े लोग सिटी कोतवाली में जमा होकर देर रात तक नारेबाजी करते रहे।
हड़तालियों का कहना है कि प्रशासन समाधान के बजाय कार्रवाई कर रहा है, जबकि उनकी मांगें महीनों से लंबित हैं।

सुहेला सोसायटी प्रबंधक धनंजय बाघमार ने कहा—
“हमसे जबरन हड़ताल समाप्त करने के लिए कागज पर साइन करवाने की कोशिश की गई। हमने कहा कि साथियों को छोड़ दो, हमें अंदर कर लो। हम सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, इसलिए हम पर ESMA लागू ही नहीं होता।”


प्रशासन का पक्ष: धान खरीदी बाधित करने पर की गई कार्रवाई

SDM बलौदाबाजार प्रकाश चंद्र कोरी के अनुसार—
“धान खरीदी आवश्यक सेवा है। कई प्रबंधक और ऑपरेटर दिनों से हड़ताल पर थे। राज्य स्तरीय 4 मांगों पर वार्ता चल रही है। स्थानीय स्तर की समस्याएँ—DO/RO कटना, समय पर उठाव, ट्रांसपोर्टेशन—वाजिब हैं और इन्हें हल किया जा रहा है। कर्मचारियों ने लिखकर दिया है कि वे मंगलवार से काम पर लौटेंगे।”

प्रशासन ने बताया कि जिले में अब तक 16 कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें 13 की सेवा समाप्त कर दी गई और 3 के खिलाफ FIR का प्रस्ताव है।


तनाव बरकरार, हड़ताल खत्म होने पर संशय

धान खरीदी शुरू होते ही हड़ताल, गिरफ्तारी और कार्रवाई के कारण जिले में तनाव बढ़ता जा रहा है। संगठन द्वारा जिलाध्यक्ष को हटाए जाने के फैसले से हड़ताल की दिशा और प्रभाव बदल सकता है।
हालांकि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन हड़ताल पूरी तरह खत्म होगी या नहीं—इस पर अब भी संशय बना हुआ है।

सुकमा में बड़ा नक्सल ऑपरेशन: 1 करोड़ का इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा मारा गया, मुठभेड़ में छह माओवादियों के ढेर

सुकमा/एर्राबोर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। एर्राबोर क्षेत्र के घने जंगलों में हुए भीषण मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे के मारे जाने की सूचना है। अब तक छह माओवादी मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें कई शीर्ष नक्सली नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस बड़े ऑपरेशन की बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने भी पुष्टि की है।

सुबह 6 से 7 बजे के बीच चली भारी फायरिंग

सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण फायरिंग हुई, जिसमें दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ का क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील बताया जा रहा है और लगातार रिइन्फोर्समेंट तैनात है।

आंध्र प्रदेश के मारेडुमिली इलाके में भी मुठभेड़, छह नक्सली ढेर

इसी दौरान पड़ोसी आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिला के मारेडुमिली इलाके से भी बड़ी खबर आई है। यहां पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में छह माओवादी मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, मारे गए माओवादियों में एक शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल है। घटनास्थल पर सुरक्षा बलों का कंबिंग ऑपरेशन जारी है।

सीमा क्षेत्र में बढ़ी नक्सली हलचल, ऑपरेशन तेज

सूत्र बताते हैं कि हाल के दिनों में छत्तीसगढ़-आंध्र-ओडिशा की सीमावर्ती जंगलों में नक्सल गतिविधियों में तेजी आई थी। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग अभियान शुरू किया था।
डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता स्वयं स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और ऑपरेशन को जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशीलता को देखते हुए फोर्स की तैनाती और ऑपरेशन डिटेल गोपनीय रखी गई थी।

घने जंगलों में मौजूदगी की सूचना मिली थी

सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि माओवादी एक बड़े समूह में घने जंगलों में छिपे हुए हैं। इनपुट की पुष्टि के बाद फोर्स ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी तेज हो गई।
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ क्षेत्र में लगातार गोलियों की आवाजें दूर तक सुनाई दीं और इलाके में तनाव का माहौल है।

एसपी लगातार संपर्क में

एसपी किरण चव्हाण लगातार ग्राउंड पर तैनात जवानों के संपर्क में हैं और ऑपरेशन की हर मूवमेंट मॉनिटर की जा रही है।

जल जीवन मिशन के पानी में निकला कीड़ा, ग्रामीण दहशत में, पटपरपाली में हड़कंप

महासमुंद। एक ओर जहां सरकार घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन को मिशन मोड में संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर महासमुंद जिले के कोमाखान तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पटपरपाली में पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहां घरों तक पहुंच रहे नल जल में कीड़े (जोक) निकलने की शिकायत सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।

बीते डेढ़ साल से जल जीवन मिशन के तहत गांव में पानी की सप्लाई हो रही है। दावा किया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों में स्वच्छ पेयजल के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। लेकिन नल के पानी में जोक मिलने की घटना ने योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा कर दिया है।

नल के पानी में जोक देखकर सहम गए ग्रामीण

मंगलवार सुबह पटपरपाली के आश्रित ग्राम बाम्हनडीह में रहने वाले सुभान साहू के घर में पानी भरते वक्त नल से जोक निकल आया। यह देखते ही घर में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठे हो गए।

ग्रामीण बोले, पानी टंकी की सफाई नहीं, इसलिए हो रही समस्या

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पानी टंकी की नियमित सफाई और मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से यह स्थिति बनी है। गांव की 70% से अधिक आबादी पीने के लिए इसी पानी का उपयोग करती है, ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

पंचायत ने माना, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की संभावना

ग्राम पंचायत का कहना है कि हाल ही में हुए नए भवन निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। पंचायत ने साफ किया कि स्वच्छ जल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग को सुधार के निर्देश दे दिए गए हैं।

जल्द होगी समस्या का समाधान

पंचायत एवं विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि समस्या की जांच कर पानी टंकी की सफाई, पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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किसानों की बल्ले-बल्ले: बुधवार को मिलेगी सम्मान राशि, 21वीं किश्त जारी होगी

नई दिल्ली/कोयंबटूर। देशभर के करोड़ों किसानों के लिए कल बुधवार बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 19 नवंबर को तमिलनाडु के कोयंबटूर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे। केंद्र सरकार इस मौके पर देश के 9 करोड़ किसानों को लगभग 18,000 करोड़ रुपए की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजेगी।
हर पात्र किसान को इस बार भी 2,000 रुपये की किस्त प्राप्त होगी।


PM Kisan Utsav Diwas: देशभर में होगा लाइव प्रसारण

कोयंबटूर में आयोजित यह राष्ट्रीय कार्यक्रम “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। पीएम मोदी यहां से किसानों को संबोधित करेंगे, जिसका लाइव प्रसारण—

  • सभी जिलों के कलेक्ट्रेट सभागारों

  • पंचायत भवनों

  • कृषि विज्ञान केंद्रों

  • मंडियों

  • किसान समृद्धि केंद्रों

  • कृषि विश्वविद्यालयों

में किया जाएगा, ताकि किसान सीधे प्रधानमंत्री का संदेश सुन सकें।


किस किसानों को नहीं मिलेगी 21वीं किस्त?

केंद्र सरकार के अनुसार, चार राज्यों के किसानों को यह किस्त पहले ही भेजी जा चुकी है। ये राज्य हैं—

  • पंजाब

  • हिमाचल प्रदेश

  • उत्तराखंड

  • जम्मू-कश्मीर

इन राज्यों के कुल 35.54 लाख किसानों को सितंबर–अक्टूबर 2025 में ही एडवांस किस्त मिल चुकी है।
इसलिए 19 नवंबर को इन किसानों को दोबारा राशि नहीं मिलेगी।
बाकी सभी राज्यों के पात्र किसानों के खाते में आज किस्त पहुँचेगी।


किसान कैसे बन सकते हैं इस खास दिन का हिस्सा?

केंद्र सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी आयोजन स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम से जुड़ें। किसान यहां—

  • PM का लाइव संबोधन

  • लाइव किस्त ट्रांसफर

  • सरकारी योजनाओं की जानकारी

सीधे देख और सुन सकेंगे। यह कार्यक्रम किसानों के सम्मान और कृषि सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।


तमिलनाडु दौरे पर होंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी आज कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन (South India Natural Farming Summit) में भी शामिल होंगे।

इस शिखर सम्मेलन की प्रमुख बातें:

  • किसानों के संघों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन

  • दक्षिणी राज्यों के प्राकृतिक एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ 50 वैज्ञानिकों से पीएम की चर्चा

  • 300 स्टॉलों वाली प्रदर्शनी

  • वैज्ञानिकों व नीति-निर्माताओं के साथ बातचीत

  • प्राकृतिक और पुनर्योजी खेती को बढ़ावा देने पर नीति निर्माण

  • युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

  • Indian Natural Farming Rice और पारंपरिक कृषि विकास योजना को प्रमुखता

यह कार्यक्रम प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

पतेरापाली पहाड़ में खनन से परेशान ग्रामीण, उत्खनन पर रोक लगाने की मांग तेज

बागबाहरा। कोमाखान क्षेत्र स्थित पतेरापाली पहाड़ में हो रहे खनन कार्यों ने स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिन्द्रावन से पतेरापाली उत्खनन क्षेत्र तक प्रधानमंत्री सड़क बनी हुई है, लेकिन भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क की हालत बद से बदतर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं और उठती धूल से राहगीरों व आसपास के घरों में रहने वालों का जीवन दूभर हो गया है। इसी कारण ग्रामीणों ने पहाड़ में जारी उत्खनन को तत्काल बंद करने की मांग की है।


विस्फोट और शोर से जंगली जानवरों का आतंक, ग्रामीण दहशत में

ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ में रोज होने वाले विस्फोटों से आसपास का पर्यावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर जंगली जानवरों पर पड़ रहा है। खनन कार्यों से अपना निवास क्षेत्र प्रभावित होने के कारण भालुओं के झुंड अब गांवों की ओर रुख कर रहे हैं और कई बार गांव के घरों तक पहुंच जा रहे हैं।
शाम ढलते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पतेरापाली पहाड़ में बड़ी संख्या में भालू रहते हैं, जो अब विस्थापित होकर गांव में भय का माहौल बना रहे हैं।


“जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से बढ़ रहा प्रदूषण” – ग्रामीण

स्थानीय ग्रामीण बेदराम साहू ने आरोप लगाया कि पतेरापाली पहाड़ से निकाली जा रही गिट्टी को बड़े पैमाने पर ओडिशा भेजा जा रहा है और इसमें जनप्रतिनिधियों की खुली मिलीभगत है।
उन्होंने कहा कि खनन के कारण न केवल सड़कें जर्जर हो गई हैं, बल्कि धूल, शोर और पर्यावरणीय क्षति ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है।

ग्रामीणों की मांग है कि शासन-प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर खनन को बंद करवाए।

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आज का राशिफल 18 नवंबर 2025: किस्मत दे रही बड़ा संकेत! जानें आपकी राशि के लिए आज का दिन क्या लेकर आया है

आज का दिन भाग्य को जगाने वाला हो सकता है! 18 नवंबर 2025, मंगलवार को ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के लिए नई उम्मीदें, बड़े मौके और महत्वपूर्ण चेतावनियाँ लेकर आई है। कहीं करियर में तरक्की के संकेत हैं, तो कहीं रिश्तों में संयम की जरूरत। कुछ लोग धन लाभ के सौभाग्यशाली योग में हैं, जबकि कई को स्वास्थ्य और निर्णय को लेकर सतर्क रहना होगा। अगर आप जानना चाहते हैं कि आज आपकी राशि पर कैसा सितारों का हाल रहेगा—तो नीचे पढ़िए सभी 12 राशियों का सबसे सटीक और विस्तृत दैनिक राशिफल, साथ में शुभ अंक और शुभ रंग भी।

♈ मेष राशि (Aries)

आज आपकी माताजी किसी बात पर नाराज रह सकती हैं। आप अपनी मनमर्जी करेंगे, जिससे उन्हें ठेस पहुंच सकती है। दूसरों के मामलों में बोलने से बचें। जरूरी कागजातों पर ध्यान दें, वरना खर्च बढ़ सकता है। मन में नए कामों के आइडिया आएंगे। बैंकिंग कर्मियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।
शुभ अंक – 7
शुभ रंग – लाल


♉ वृषभ राशि (Taurus)

दिन मौज-मस्ती से भरा रहेगा। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। किसी परीक्षा के परिणाम आ सकते हैं। रोजगार की तलाश में दिन शुभ है। प्रॉपर्टी से लाभ होगा। पार्टनरशिप पर सोच-समझकर निर्णय लें।
शुभ अंक – 2
शुभ रंग – सफेद


♊ मिथुन राशि (Gemini)

निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। भाई-बहनों के साथ घूमने या पार्टी की योजना बन सकती है। कानूनी मामले सुलझेंगे। अजनबी पर भरोसा न करें। आपकी वाणी सम्मान दिलाएगी। क्रोध कम रखें।
शुभ अंक – 5
शुभ रंग – हरा


♋ कर्क राशि (Cancer)

दिन सामान्य रहेगा। संतान से खुशी मिलेगी। बिजनेस बेहतर चलेगा। पिताजी की सेहत का ध्यान रखें। किसी दूर के रिश्तेदार की निराशाजनक खबर मिल सकती है। जरूरतमंद की मदद करेंगे तो लाभ मिलेगा।
शुभ अंक – 4
शुभ रंग – क्रीम


♌ सिंह राशि (Leo)

विद्यार्थियों को मानसिक बोझ से राहत मिलेगी। प्रॉपर्टी से लाभ होगा। कुछ शारीरिक समस्या परेशान करेगी। नए लोगों से पहचान बनेगी और राजनीति में अवसर मिल सकता है। बड़े नेता से मुलाकात संभव।
शुभ अंक – 9
शुभ रंग – सुनहरा


♍ कन्या राशि (Virgo)

दिन आनंद से भरा रहेगा। किसी गलती के कारण भागदौड़ होगी। काम को टालने से परेशानी बढ़ेगी। जीवनसाथी से सरप्राइज मिलेगा। भाई-बहनों की भावनाओं का सम्मान करें।
शुभ अंक – 3
शुभ रंग – नीला


♎ तुला राशि (Libra)

आय-व्यय में संतुलन रखें। किसी सहयोगी को जरूरी जानकारी शेयर न करें। कामों में सख्ती दिखानी होगी। गलती होने पर साथी नाराज रह सकते हैं। घर के नवीनीकरण की योजना बनेगी।
शुभ अंक – 6
शुभ रंग – चॉकलेट


♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)

धन में वृद्धि होगी। परिवार में विवाह संबंधी बाधाएं दूर होंगी। सेहत के प्रति लापरवाही न करें। पुरानी समस्या उभर सकती है। जीवनशैली में सुधार आएगा। शेयर मार्केट वालों के लिए दिन शुभ।
शुभ अंक – 8
शुभ रंग – मरून


♐ धनु राशि (Sagittarius)

धन में वृद्धि होगी। पिताजी की भावनाओं का सम्मान करें। काम को लेकर दिए गए सुझाव पर अमल करें। गलत खानपान से बचें। परिवार में नए मेहमान के आगमन से खुशी। सरकारी नौकरी वालों की तैयारी सफल हो सकती है।
शुभ अंक – 1
शुभ रंग – पीला


♑ मकर राशि (Capricorn)

परोपकार के कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विवादों से दूर रहें। सामाजिक कार्यक्रम में आपकी छवि निखरेगी। संतान के स्वभाव से चिंता होगी। अनजान लोगों से दूरी रखें।
शुभ अंक – 4
शुभ रंग – धानी


♒ कुंभ राशि (Aquarius)

नई नौकरी मिलने की संभावना है। भाई-बहनों का साथ मिलेगा। साइड इनकम के अवसर बनेंगे। उधार वाहन न चलाएं। किसी काम से अचानक यात्रा हो सकती है।
शुभ अंक – 7
शुभ रंग – आसमानी


♓ मीन राशि (Pisces)

दिन अच्छा रहेगा। अजनबी पर भरोसा न करें। जीवनसाथी से कहासुनी हो सकती है—संयम रखें। नौकरी में मिले कार्यों को समय पर पूरा करें। माताजी की सेहत बिगड़ सकती है।
शुभ अंक – 9
शुभ रंग – बैंगनी

तेल चोर भालू से बागबाहरा के ग्रामीण दहशत में, घरों के रसोई तोड़कर घुस रहा अंदर

महासमुंद। बागबाहरा ब्लॉक में इन दिनों एक तेल चोर भालू ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। हाइवे किनारे बसे ग्राम बाम्हनडीह में बीते पखवाड़ेभर से दर्जनों घरों में भालू घुसने की घटनाएँ सामने आई हैं। खास बात यह है कि भालू सीधे रसोईघर में घुसकर तेल और खाद्य सामग्री को निशाना बना रहा है। हालांकि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।

कई घरों में घुसा भालू

रविवार और सोमवार की सुबह भालू ने जिन घरों में घुसपैठ की, उनमें त्रिलोचन शर्मा, छोटू साहू, बंशी यादव, पवन सेन, सागर त्रिपाठी सहित कई अन्य ग्रामीणों के नाम शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भालू घर का दरवाजा तोड़कर या दीवार फांदकर रसोई तक पहुँच रहा है।

हाल ही में छोटू साहू के घर में भालू दो बार घुस चुका है। पहली बार परिवारवालों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था, जिसके बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोलकर भालू को बाहर निकाला था। एक सप्ताह बाद आज फिर वही घटना सामने आई।

बागबाहरा: फल्ली चोर भालू के आतंक से ग्रामीणों में दहशत, देखें जब गांव के घर की छत पर चढ़ गया जंगली भालू

5 फीट बाउंड्री वॉल और दरवाजा तोड़कर घुस रहा भालू

रविवार सुबह त्रिलोचन शर्मा के घर में भालू 5 फीट की दीवार फांदकर घुसा। परिवार के लोग रसोई के सामने सो रहे थे। आवाज सुनकर जागने पर भालू दीवार फांदकर भाग गया।

सुबह-सुबह घरों में घुसपैठ

ग्रामीणों ने बताया कि भालू सुबह 5 से 7 बजे के बीच सक्रिय रहता है और अक्सर घरों में प्रवेश कर रहा है।

भालू की संख्या बढ़ी, विभाग का कोई ठोस प्लान नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भालू की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन फॉरेस्ट विभाग की ओर से सुरक्षा या रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

मार्निंग वॉक बंद, दहशत का माहौल

भालू के डर से ग्रामीणों ने सुबह का मार्निंग वॉक पूरी तरह बंद कर दिया है। कई लोगों ने सुबह 7 बजे तक भालू को गांव में घूमते देखा है।

क्षतिपूर्ति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

छोटू साहू ने बताया कि भालू ने उनके रसोई में रखे नए तेल टीपा सहित करीब 5 हजार रुपए की खाद्य सामग्री बर्बाद कर दी, लेकिन फॉरेस्ट विभाग ने मात्र 1,600 रुपए की क्षतिपूर्ति का प्रकरण बनाया है, जबकि केवल तेल टीपा की कीमत ही वर्तमान में 2,200 रुपए है।

ग्रामीणों ने फॉरेस्ट विभाग की क्षतिपूर्ति प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वास्तविक नुकसान के अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा।

यहां देखें वीडियो

महासमुंद: पटवारियों और तहसीलदारों ने शासन को दिखाया अंगूठा, कलेक्टर ने 6 तहसीलदारों को एस्मा उल्लंघन पर नोटिस थमाया, धान खरीदी कार्य प्रभावित – 24 घंटे में जवाब तलब

महासमुंद, 17 नवंबर 2025। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय लंगेह ने 6 तहसीलदारों को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कलेक्टर के अनुसार, राज्य शासन ने 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक पूरे धान खरीदी सीजन में धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों पर एस्मा लागू किया है। इसके तहत तहसीलदारों के अधीन कार्यरत राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारियों को खरीदी केंद्रों में ड्यूटी पर नियुक्त किया गया था।


◾ दो दिन लगातार अनुपस्थित रहे कर्मचारी

नोटिस में बताया गया है कि:

  • 15 नवंबर को कई RI और पटवारी अपने निर्धारित धान उपार्जन केंद्रों में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।

  • 16 नवंबर को आयोजित धान खरीदी संबंधी प्रशिक्षण में भी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे।

यह व्यवहार सीधे तौर पर ESMA का उल्लंघन है, जिससे धान खरीदी के पहले दिन की प्रक्रिया बाधित हुई और आगे भी खरीदी प्रभावित होने की आशंका बनी।


◾ तहसीलदारों पर गंभीर लापरवाही के आरोप

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करना तहसीलदारों की जिम्मेदारी थी, जिसे जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
इसे शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता के रूप में माना गया है।


◾ 24 घंटे में कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होने का आदेश

कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी 6 तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे 24 घंटे के भीतर स्वयं उपस्थित होकर कारण बताएं कि उनके खिलाफ ESMA अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई क्यों न की जाए।
निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर, होने वाली अनुशासनात्मक कार्यवाही की पूरी जिम्मेदारी स्वयं तहसीलदार पर होगी।