महासमुंद। कोमाखान थाना क्षेत्र में युवक चितरंजन पटेल की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते युवक पर जानलेवा हमला किया था और बाद में घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, 3 मई 2026 को मृतक की मां लीलाबाई पटेल ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम लामीसरार स्थित मुर्गी फार्म के पास दीपेश साहू, कुंजन साहू और एक अन्य व्यक्ति ने चितरंजन पटेल के साथ मारपीट की थी। शिकायत के आधार पर थाना कोमाखान में धारा 296, 115(2), 351(2), 126(2), 324(4) और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
घटना के बाद से चितरंजन पटेल इलाजरत था और बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती था। इलाज के दौरान 22 मई 2026 को उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मर्ग जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) जोड़ दी।
कब्रिस्तान के पास ले जाकर किया हमला
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों कुंजन साहू और दीपेश साहू ने बताया कि चितरंजन पटेल द्वारा पूर्व में एक आरोपी की बहन को भगाकर ले जाने की घटना को लेकर वे आक्रोशित थे। बदला लेने की नीयत से उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर 15 अप्रैल 2026 को योजना बनाई।
आरोपियों ने लामीसरार मुर्गी फार्म मोड़ के पास चितरंजन को रोका और कब्रिस्तान के पास ले जाकर डंडों से हमला किया। गंभीर चोट लगने से युवक बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल को पत्थर से क्षतिग्रस्त कर सड़क किनारे बिजली खंभे के पास छोड़ दिया, ताकि मामला सड़क हादसा लगे।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी कुंजन साहू (25) और दीपेश साहू (24) निवासी ग्राम बकमा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक अन्य आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया है।
कोमाखान, 22 मई। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर फ्यूचर आफ इंडिया अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा, विज्ञान आश्रम कसेकेरा एवं माँ रूपई ईको क्लब, शासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कसेकेरा के संयुक्त तत्वावधान में जैव विविधता को जानने समझने और संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर विश्वास मेश्राम ने ग्रामीणों को जैव विविधता को जानने समझने और संरक्षण हेतु प्रेरित किया। उन्होंने केंचुओं, मधुमक्खियों, चील और गिद्ध, लुप्त हो रहे औषधीय पौधों, जलीय जीवों के महत्व को समझाया और ग्रामीणों के साथ मिलकर “पेड़ हैं सांसे पेड़ हैं जीवन ” गीत गाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच राकेश साहू ने की, जबकि रंगकर्मी एवं साहित्यकार किसान दीवान तथा प्राचार्य डी.एस. टंडन विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर वन विभाग कोमाखान के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुख्य वक्ता विश्वास मेश्राम ने प्रकृति में जैव विविधता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मानवीय हस्तक्षेप के कारण बिगड़ रहे पारिस्थितिक संतुलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से उत्पन्न जैव विविधता संकट की चर्चा करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
वन विभाग के वनरक्षक खेमराज साहू ने जैव विविधता, खाद्य श्रृंखला एवं पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में मानव की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वन विभाग द्वारा वन संवर्धन, जैव संरक्षण तथा आपदा क्षतिपूर्ति संरक्षण योजनाओं के संबंध में भी ग्रामीणों को अवगत कराया।
सतत अभियान चलाया जा रहा
विद्यालय के प्रधान पाठक डॉ. विजय शर्मा ने कसेकेरा में विगत पांच वर्षों से जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 से सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में चटाई विधि से घास उगाने, जल संरक्षण के लिए जल संरचनाओं का निर्माण, घर-घर सोखता गड्ढों की स्थापना, फलदार पौधों का रोपण तथा जैव विविधता संरक्षण के लिए सतत अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने साल भर पहले पर्यावरण जागरूकता के लिए डॉ विश्वनाथ पाणिग्रही द्वारा दिए चार आर की याद दिलाई जिसमें उन्होंने कसेकेरा वासियों को प्लास्टिक से बनी चीजों को रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल और रिफ़्यूज़ अर्थात प्लास्टिक का उपयोग कम करने, दुबारा तिबारा और बार बार उपयोग में लाने, प्लास्टिक को गलाकर नई चीजें बनाने और उन्हें किसी उपयुक्त वस्तु के साथ जोड़कर उपयोगी बनाने और इस तरह प्रदूषण कम करने कहा था।
कसेकेरा – हरियर कसेकेरा” का नारा दिया
इस अवसर पर ग्रामीण नरेंद्र पटेल ने कसेकेरा में जल संसाधन एवं संरक्षण, जैव संरक्षण एवं वृहद वृक्षारोपण के योजनाबद्ध प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समुदाय और विद्यालय के संयुक्त प्रयास भविष्य में मिसाल बनेंगे। उन्होंने “हमर कसेकेरा – हरियर कसेकेरा” का नारा दिया। देवरी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य डी.एस. टंडन ने कहा कि मानव सभ्यता के विकास के साथ हमने उन्नति तो की है लेकिन कार्पोरेट सेक्टर द्वारा अंधाधुंध मुनाफा कमाने के लालच में
जैव विविधता को गंभीर क्षति पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्व में लगभग 70 से 80 लाख प्रजातियाँ विद्यमान हैं, किन्तु मानव स्वार्थ के कारण बीते दो हजार वर्षों में हजारों प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं तथा अनेक विलुप्ति के कगार पर हैं। उन्होंने IUCN रेड लिस्ट एवं वैज्ञानिक अध्ययनों का भी उल्लेख किया।
साहित्यकार किसान दीवान ने प्रकृति संरक्षण पर आधारित कविता प्रस्तुत कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया तथा कसेकेरा वासियों द्वारा पूर्वजों की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के प्रयासों की सराहना की।
सामूहिक सहयोग की आवश्यकता पर बल
अध्यक्षीय उद्बोधन में सरपंच राकेश साहू ने वर्ष 2026 को पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित बताते हुए गांव के प्रत्येक घर, खेत-खलिहानों में फलदार पौधों के रोपण, प्रत्येक घर में सोखता गड्ढों के उपयोग तथा प्लास्टिक के न्यूनतम प्रयोग का आह्वान किया। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण एवं स्वच्छ, हरित एवं आदर्श ग्राम निर्माण के लिए सामूहिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में उपसरपंच बल्ला ठाकुर ने आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों, ईको क्लब, शिक्षकों, युवाओं एवं ग्रामीणों के योगदान की सराहना की। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों को आगजनी से बचाने तथा अनावश्यक आवाजाही रोकने की अपील भी की।
कार्यक्रम में पूर्व सरपंच पुरुषोत्तम कुंजाम, तुलसी साहू, बुढ़ान ठाकुर, शिक्षक विजय जगत, रामप्रसाद साहू, सनत जितेंद्र साहू, वन रक्षक शनि ठाकुर, सुखनंदन यादव, गुलाब साहू, सोहन साहू, राजीव धीवर,जितेश यादव, नैन सिंग यादव, शोभूराम साहू सहित ग्राम के अनेक वरिष्ठ नागरिक एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
रविवार 24 मई 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें और अवसर लेकर आया है। किसी को करियर में सफलता मिलेगी तो किसी के लिए आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल दांपत्य जीवन, स्वास्थ्य, नौकरी, व्यापार और पारिवारिक रिश्तों पर खास असर डाल सकती है। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल, शुभ अंक, शुभ रंग, दैनिक उपाय, मंत्र और रत्न के साथ।
मेष राशि
आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। परिवार में किसी शुभ चर्चा का माहौल बन सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
दांपत्य जीवन: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।
सेहत: सिरदर्द और गर्मी से जुड़ी परेशानी हो सकती है, पानी अधिक पिएं।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग बन रहे हैं, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें।
सावधानी: गुस्से में किसी करीबी को कठोर शब्द न कहें।
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: लाल
दैनिक उपाय: हनुमान मंदिर में सिंदूर चढ़ाएं।
मंत्र: “ॐ हनुमते नमः”
रत्न: मूंगा
वृषभ राशि
आज मानसिक शांति बनी रहेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।
दांपत्य जीवन: जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे।
सेहत: पेट संबंधी परेशानी से बचने के लिए बाहर का भोजन कम करें।
आर्थिक स्थिति: निवेश में लाभ मिल सकता है।
सावधानी: किसी पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: सफेद
दैनिक उपाय: माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
रत्न: हीरा या ओपल
मिथुन राशि
दिन मिलाजुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं बनेंगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलने के संकेत हैं।
दांपत्य जीवन: संवाद की कमी विवाद बढ़ा सकती है।
सेहत: थकान और अनिद्रा की शिकायत हो सकती है।
आर्थिक स्थिति: धन आगमन होगा लेकिन बचत कम रहेगी।
सावधानी: जल्दबाजी में निर्णय न लें।
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: हरा
दैनिक उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।
मंत्र: “ॐ बुं बुधाय नमः”
रत्न: पन्ना
कर्क राशि
आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में समझदारी से काम लें। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
दांपत्य जीवन: रिश्तों में प्रेम बना रहेगा।
सेहत: कमजोरी और आलस्य महसूस हो सकता है।
आर्थिक स्थिति: अचानक खर्च बढ़ सकता है।
सावधानी: पुराने विवादों को दोबारा न छेड़ें।
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: सिल्वर
दैनिक उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ नमः शिवाय”
रत्न: मोती
सिंह राशि
आज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है।
दांपत्य जीवन: साथी के साथ अच्छा समय बितेगा।
सेहत: गर्मी और बीपी की समस्या से सावधान रहें।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि के संकेत हैं।
सावधानी: अहंकार से नुकसान हो सकता है।
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: सुनहरा
दैनिक उपाय: सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल दें।
मंत्र: “ॐ घृणि सूर्याय नमः”
रत्न: माणिक्य
कन्या राशि
आज कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है।
दांपत्य जीवन: रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें।
सेहत: त्वचा और एलर्जी की समस्या हो सकती है।
आर्थिक स्थिति: रुका धन वापस मिलने की संभावना है।
सावधानी: किसी भी दस्तावेज को बिना पढ़े साइन न करें।
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: हल्का हरा
दैनिक उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ गं गणपतये नमः”
रत्न: पन्ना
तुला राशि
आज का दिन संतुलन बनाए रखने का है। परिवार और काम दोनों में तालमेल जरूरी रहेगा। कला और संगीत में रुचि बढ़ेगी।
दांपत्य जीवन: जीवनसाथी से भावनात्मक सहयोग मिलेगा।
सेहत: कमर दर्द या थकान परेशान कर सकती है।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकते हैं।
सावधानी: उधार लेन-देन से बचें।
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी
दैनिक उपाय: छोटी कन्याओं को मिठाई बांटें।
मंत्र: “ॐ शुक्राय नमः”
रत्न: ओपल
वृश्चिक राशि
आज का दिन चुनौतीपूर्ण लेकिन सफल रहेगा। विरोधी सक्रिय रह सकते हैं, लेकिन आप जीत हासिल करेंगे।
दांपत्य जीवन: साथी की भावनाओं को समझें।
सेहत: चोट या संक्रमण से सावधान रहें।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के अच्छे योग हैं।
सावधानी: क्रोध पर नियंत्रण रखें।
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: मैरून
दैनिक उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मंत्र: “ॐ अं अंगारकाय नमः”
रत्न: मूंगा
धनु राशि
आज भाग्य आपका साथ देगा। धार्मिक यात्रा या शुभ समाचार मिल सकता है। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी।
दांपत्य जीवन: रिश्तों में प्रेम और विश्वास बढ़ेगा।
सेहत: पेट और गैस की समस्या हो सकती है।
आर्थिक स्थिति: निवेश लाभदायक रहेगा।
सावधानी: किसी की बातों में आकर निर्णय न लें।
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: पीला
दैनिक उपाय: केले के पेड़ में जल चढ़ाएं।
मंत्र: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः”
रत्न: पुखराज
मकर राशि
आज धैर्य और समझदारी से काम लेने की जरूरत है। नौकरी में बदलाव की चर्चा हो सकती है।
दांपत्य जीवन: छोटी बातों को लेकर विवाद हो सकता है।
सेहत: जोड़ों के दर्द और थकावट से परेशानी हो सकती है।
आर्थिक स्थिति: खर्च नियंत्रित रखें।
सावधानी: वाहन चलाते समय सतर्क रहें।
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: नीला
दैनिक उपाय: शनि मंदिर में तेल अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ शं शनैश्चराय नमः”
रत्न: नीलम
कुंभ राशि
आज नए लोगों से संपर्क लाभदायक रहेगा। व्यापार में नई डील मिलने के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
दांपत्य जीवन: साथी के साथ यात्रा का योग बन सकता है।
सेहत: नींद पूरी न होने से परेशानी हो सकती है।
आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत बनेंगे।
सावधानी: दूसरों के मामलों में ज्यादा हस्तक्षेप न करें।
शुभ अंक: 11
शुभ रंग: आसमानी
दैनिक उपाय: जरूरतमंद को काले तिल दान करें।
मंत्र: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
रत्न: अमेथिस्ट
मीन राशि
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। मन आध्यात्म की ओर आकर्षित होगा।
चंद्रपुर (महाराष्ट्र): बाघ के हमले में बाघ के हमले में चार महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस दुखद हादसे और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए मुख्य वन संरक्षक (Chief Conservator of Forests) मणिकंदन रामानुजम ने कहा:
“यह हादसा कल शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुआ, जिसमें चार महिलाओं की मौत हो गई। बाद में इस बात की पुष्टि हुई कि मौत का कारण बाघ का हमला ही था। क्षेत्र में स्थिति को संभालने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ताडोबा टाइगर रिजर्व (Tadoba Tiger Reserve) की स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) को तैनात किया गया है।
वन रक्षकों (Forest Guards), रेंजर्स और फील्ड स्टाफ को मिलाकर कुल 50 कर्मियों की टीम ने संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) शुरू कर दी है। इसके अलावा, बाघ की हरकतों पर पैनी नजर रखने के लिए इलाके में 30 कैमरा ट्रैप और 3 लाइव कैमरे भी लगाए गए हैं। हमने क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण (Tendu leaf collection) के काम को स्थगित करने का फैसला किया है।”
#WATCH | Chandrapur, Maharashtra: On four women killed in Tiger attack, Chief Conservator Forests, Manikanda Ramanujam says, "… Yesterday around 7 and 8 PM this accident occurred, in which four women died. Later it was confirmed that the cause was a tiger attack. To manage the… pic.twitter.com/pTJKd4ZOcw
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से इस वक्त की बेहद बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ छातामुड़ा बाईपास रोड पर स्थित एक कबाड़ी गोदाम में शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि इसकी गगनचुंबी लपटें और काले धुएं का गुबार मील दूर से देखा जा रहा है। इस भयानक हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।
बगल के ‘हीरो शोरूम’ तक पहुंची आग, नई गाड़ियों को आनन-फानन में निकाला गया
हादसे वाली जगह के ठीक बगल में ही ‘हीरो मोटरसाइकिल’ का बड़ा शोरूम स्थित है। कबाड़ी गोदाम की बेकाबू लपटें अब इस शोरूम तक भी पहुंच चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता और खतरे को भांपते हुए शोरूम के भीतर रखीं लाखों रुपये की नई बाइकों को आनन-फानन में बाहर निकाला जा रहा है। दमकल और पुलिस की टीमें शोरूम को पूरी तरह खाली कराने के लिए अलग से अतिरिक्त सहायता मांग रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने आसपास के अन्य शोरूम और दुकानों को भी तुरंत खाली करा दिया है।
नगर निगम की गाड़ियां पड़ीं कम; जिंदल और NTPC लारा से बुलाई गई मदद
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम प्रशासन की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग इतनी भयावह है कि निगम की गाड़ियां कम पड़ गईं। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने तुरंत Jindal Steel & Power (JSPL) और NTPC Lara प्रबंधन से संपर्क किया, जिसके बाद वहां से भी अत्याधुनिक और अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर बुलाया गया है। फिलहाल सभी टीमें मिलकर आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुटी हैं।
हादसा नेशनल हाईवे पर होने के कारण और वहां लोगों की भारी भीड़ जुटने से रायगढ़-रायपुर मार्ग पूरी तरह जाम हो चुका है। आग बुझाने के काम में कोई बाधा न आए, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की टीम तमाशबीन बनी भीड़ को घटनास्थल से दूर खदेड़ने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगी हुई है।
लाखों का नुकसान, आग लगने का कारण अज्ञात
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस आगजनी में कबाड़ गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो चुका है। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि (जान माल के नुकसान) की खबर नहीं है। आग किस वजह से लगी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की पूरी टीम मौके पर डटी हुई है।
नई दिल्ली/रायपुर: देश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग और चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और ‘सीवियर हीट वेव’ (Severe Heat Wave) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 6 से 7 दिनों के लिए देशव्यापी मौसम चेतावनी जारी की है।
1. भीषण गर्मी का अलर्ट: इन राज्यों में चलेगी ‘खतरनाक लू’
मौसम विभाग के मुताबिक, देश के मैदानी इलाकों में तापमान में फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले एक सप्ताह तक लू का प्रकोप बना रहेगा:
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान: 28 मई तक लू (Heat Wave) के हालात रहेंगे। विशेषकर पश्चिम राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में 24 से 27 मई के बीच ‘भीषण लू’ (Severe Heat Wave) का अलर्ट है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: पूरे हफ्ते लू चलेगी। पूर्वी यूपी और पूर्वी एमपी में स्थिति अधिक गंभीर (Severe) हो सकती है। इसके साथ ही यूपी में रातें भी काफी गर्म (Warm Nights) रहने वाली हैं।
छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना: इन राज्यों में 26 मई तक भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना जताई गई है। ओडिशा में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा।
बिहार और पहाड़ी राज्य: बिहार में 24 मई तक लू चलेगी। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भी 26 से 28 मई के बीच हीट वेव का असर दिखेगा।
2. भारी बारिश की चेतावनी: असम-केरल समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान
गर्मी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूर्व की भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
पूर्वोत्तर भारत (Northeast): असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 मई तक गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल और असम-मेघालय में 23 से 25 मई के बीच ‘अत्यंत भारी वर्षा’ का अलर्ट है।
दक्षिण भारत: केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में इस सप्ताह रिकॉर्ड तोड़ बारिश होने की संभावना है। केरल और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने (Thundersquall) और ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी है।
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, मध्य और पूर्वी भारत तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में अगले 6-7 दिनों तक उष्ण लहर से लेकर भीषण उष्ण लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है।
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 22, 2026
3. पूर्वी और पश्चिमी भारत का हाल
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23 मई को भारी बारिश का अनुमान है। वहीं झारखंड और बिहार में 24-25 मई को तेज आंधी और थंडरस्कॉल की स्थिति बन सकती है। गंगा के मैदानी इलाकों (पश्चिम बंगाल) में मौसम बेहद उमस भरा रहेगा।
ओडिशा और राजस्थान में ओले-धूल का गुबार: ओडिशा में ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की सलाह: भीषण गर्मी और लू को देखते हुए दोपहर के समय बेवजह बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी या तरल पदार्थों का सेवन करें। वहीं भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और आंधी से सावधान रहने की हिदायत दी गई है।
महासमुंद, 23 मई 2026: गंभीर और जघन्य अपराधों की जांच को अधिक सटीक, वैज्ञानिक और तेज बनाने के लिए महासमुंद पुलिस अब अत्याधुनिक ‘फॉरेंसिक मोबाइल वैन’ से लैस हो गई है। जिला मुख्यालय स्थित रक्षित केंद्र (पुलिस परेड ग्राउंड) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान महासमुंद लोकसभा सांसद माननीय श्रीमती रूपकुमारी चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर इस हाईटेक वैन को रवाना किया।
यह वैन जिले में एक चलते-फिरते वैज्ञानिक प्रयोगशाला (मोबाइल लैब) के रूप में कार्य करेगी। इसके आ जाने से अब पुलिस को मौके पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच शुरू की जा सकेगी।
यह अत्याधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन जघन्य अपराधों (जैसे- हत्या, लूट, डकैती और महिला संबंधी अपराधों) के मामलों में त्वरित वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करेगी। अक्सर देखा जाता है कि समय बीतने के साथ घटनास्थल के साक्ष्य दूषित या नष्ट हो जाते हैं। लेकिन अब इस वैन की मदद से सबूतों के नष्ट होने से पहले ही क्रिटिकल डिजिटल और जैविक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया जाएगा, जो अदालत में अपराधियों को सख्त सजा दिलाने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।
वैन में उपलब्ध हैं ये हाईटेक सुविधाएं:
त्वरित परीक्षण: मानव रक्त परीक्षण, फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट लिफ्ट करने की तत्काल सुविधा।
दस्तावेज जांच: हस्तलिपि (हैंड राइटिंग) का प्रारंभिक परीक्षण।
डिजिटल एनालिसिस: अत्याधुनिक कैमरा, सूक्ष्मदर्शी (Microscope) से डेटा विश्लेषण और डेटा रिट्रीव की उत्तम व्यवस्था।
सांसद और अधिकारियों ने किया बारीकी से निरीक्षण
वैन को रवाना करने से पहले जिला फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. लवकेश सिंग ने माननीय सांसद, कलेक्टर और उपस्थित जनप्रतिनिधियों को इस अत्याधुनिक फॉरेंसिक वैन का बारीकी से निरीक्षण कराया। उन्होंने वैन के भीतर मौजूद उपकरणों की कार्यप्रणाली, इसकी उपयोगिता और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदान की गई इस वैन के रवानगी कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के साथ भाजपा जिला अध्यक्ष श्री हेतराम साहू, महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्रीमती प्रतिभा पांडेय, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष श्री राहुल चंद्राकर, जिला मीडिया प्रभारी श्री आनंद राम साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. लवकेश सिंग, डीएसपी (मुख्यालय) श्री चुन्नू तिग्गा, डीएसपी (यातायात) श्री घनेन्द्र ध्रुव, रक्षित निरीक्षक (RI) श्रीमती दीप्ति कश्यप सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद थे।
महासमुंद: जिले के सिटी कोतवाली अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शिव पुराण कथा सुनने आई एक बुजुर्ग महिला के गले से शातिर चोरों ने सोने की चैन और लॉकेट पार कर दिया। यह पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब अज्ञात महिला चोरों की तलाश में जुट गई है।
प्रसाद ग्रहण करने के दौरान बनाया निशाना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 16 पुराना रावणभाठा निवासी टकेश्वर साहू की मां श्रीमती समारिन बाई साहू दिनांक 17 मई 2026 को शाम करीब 4:30 बजे महामाया मंदिर में आयोजित शिव पुराण कथा सुनने गई थीं। कथा समाप्त होने के बाद जब वे घर लौटीं, तो उन्हें अहसास हुआ कि उनके गले में पहनी हुई सोने की चैन और लॉकेट गायब है।
चोरी की भनक लगते ही पीड़ित महिला का बेटा टकेश्वर साहू तुरंत महामाया मंदिर पहुंचा और वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे के फुटेज खंगाले। फुटेज में साफ देखा गया कि शाम करीब 06:50 बजे, जब मंदिर में प्रसाद वितरण हो रहा था और भीड़ का फायदा उठाकर दो अज्ञात महिलाएं पीड़ित बुजुर्ग महिला के बेहद करीब पहुंचती हैं। उनमें से एक महिला बड़ी चालाकी से बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चैन खींचकर गायब हो जाती है।
30 ग्राम वजनी सोने का जेवर था, पुलिस ने दर्ज किया मामला
चोरी गए आभूषणों में 25 ग्राम वजनी सोने की चैन और उसमें लगा 5 ग्राम का लॉकेट शामिल है। पुरानी इस्तेमाली इस सोने की चैन और लॉकेट की कुल कीमत लगभग 90,000 रुपये बताई जा रही है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अपने स्तर पर आसपास महिलाओं की पतासाजी करने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। महासमुंद पुलिस ने टकेश्वर साहू की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 303(2) (चोरी) के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है। हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
महासमुंद, 23 मई 2026: महासमुंद जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के सख्त निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत पिछले तीन दिनों (21 मई, 22 मई और 23 मई) में लगातार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से खनिज का परिवहन कर रहे 5 बड़े हाइवा वाहनों को जप्त किया गया है।
जप्त वाहनों में 3 रेत और 2 गिट्टी के हाइवा शामिल
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जप्त किए गए वाहनों में अवैध साधारण रेत से भरे 3 हाइवा और गिट्टी (stone chips) से भरे 2 हाइवा वाहन शामिल हैं। कार्रवाई के बाद सुरक्षा के लिहाज से इन सभी वाहनों को तुमगांव और महासमुंद थाने में खड़ा करवा दिया गया है।
पकड़े गए सभी वाहनों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग ने साफ किया है कि जिले के सभी खनिज पट्टेदारों (lessees) और परिवहनकर्ताओं को पहले ही कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। बिना वैध रॉयल्टी पर्ची या अभिवहन पास (Transit Pass) के किसी भी प्रकार का खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ यह सख्त कदम उठाया गया है।
भविष्य में सीधे दर्ज होगी एफआईआर (FIR)
खनिज विभाग ने इस कार्रवाई के साथ ही अवैध कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है। विभाग ने निर्देशित किया है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त पाया जाता है, तो केवल वाहन जप्त नहीं किए जाएंगे, बल्कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ सीधे पुलिस थाने में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।
धमतरी/रायपुर: छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। रिजर्व के जंगलों में एक अत्यंत दुर्लभ, संरक्षित और संवेदनशील कछुए की प्रजाति ‘हिमालयन ट्राइकारिनेट हिल टर्टल’ (Himalayan Tricarinate Hill Turtle) की मौजूदगी पाई गई है।
यह कछुआ सामान्यतः हिमालय की तलहटी और पूर्वोत्तर भारत (North-East) के घने जंगलों में पाया जाता है। ऐसे में इसका मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मिलना वन्यजीव वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के लिए एक बेहद सुखद और बड़ी वैज्ञानिक घटना मानी जा रही है। यह खोज साबित करती है कि उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व का पारिस्थितिक तंत्र (Ecological System) बेहद समृद्ध और सुरक्षित हो चुका है।
क्यों खास है तीन धारियों वाला यह दुर्लभ कछुआ?
अपनी विशिष्ट शारीरिक संरचना और पीठ पर तीन साफ धारियों के लिए पहचाना जाने वाला यह पर्वतीय कछुआ पर्यावरण के प्रति बेहद संवेदनशील होता है। यह सिर्फ उन्हीं जंगलों और जलीय क्षेत्रों में जीवित रह सकता है जहाँ का वातावरण पूरी तरह प्रदूषण मुक्त, प्राकृतिक और मानवीय हस्तक्षेप से दूर हो। सीतानदी में इसका मिलना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यहाँ का जंगल और पर्यावरण बेहद स्वस्थ और अनुकूल है।
उदंती सीतानदी में लगातार मिल रहे हैं दुर्लभ वन्यजीव
पिछले कुछ वर्षों में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव-विविधता (Biodiversity) के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। इस दुर्लभ कछुए के अलावा हाल के दिनों में यहाँ कई अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई है, जिनमें शामिल हैं:
मालाबार पाइड हॉर्नबिल (Malabar Pied Hornbill)
इंडियन जाइंट फ्लाइंग स्क्विरल (उड़ने वाली विशाल गिलहरी)
इंडियन जाइंट स्क्विरल (विशाल गिलहरी)
स्मूथ-कोटेड ऑटर (ऊदबिलाव)
ये सभी जीव इस बात का संकेत हैं कि रिजर्व के घने जंगल और यहाँ का स्वस्थ नदी तंत्र वन्यजीवों के लिए एक बेहतरीन आशियाना बन चुके हैं।
वन विभाग के संरक्षण प्रयासों का दिखा असर
सीतानदी में मिली इस असाधारण कामयाबी के पीछे वन विभाग का कड़ा वैज्ञानिक प्रबंधन और फील्ड स्टाफ की दिन-रात की मेहनत है। रिजर्व क्षेत्र में लगातार बेहतर मॉनिटरिंग, इंसानी दखलंदाजी में कमी, हाई-टेक कैमरा ट्रैपिंग और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से वन्यजीव आवासों में बड़ा सुधार हुआ है। इसी का परिणाम है कि आज हिमालय और पूर्वोत्तर भारत में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजातियाँ भी छत्तीसगढ़ के जंगलों में सहज रूप से फल-फूल रही हैं।