साधु के भेष में करोड़ों का कलश चोरी, CCTV फुटेज में सामने आया पूरा मामला

Red Fort News: दिल्ली के लाल किला परिसर से करोड़ों रुपए कीमत का सोने और हीरे से जड़ा कलश चोरी हो गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें एक साधु के भेष में सफेद कपड़े पहने शख्स कलश लेकर फरार होता दिख रहा है। इस चोरी से सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


कैसे हुई चोरी?

जानकारी के मुताबिक, लाल किला परिसर में जैन धर्म का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। कारोबारी सुधीर जैन प्रतिदिन पूजा के लिए यह कलश लेकर आते थे। बीते मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी मौजूद थे। स्वागत की अफरातफरी के बीच मंच से यह कीमती कलश अचानक गायब हो गया।

चोरी हुआ कलश 760 ग्राम सोने का बना था और उस पर लगभग 150 ग्राम हीरे, माणिक्य और पन्ना जड़े हुए थे। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है।


चश्मदीद का बयान

घटना के चश्मदीद ने बताया, “हम पूजा के लिए कलश लाए थे। चोर ने धोती और चुन्नी डाली हुई थी। वह पहले से ही रेकी कर चुका था और चोरी की नीयत से ही यहां आया था। दो दिन से वह कार्यक्रम की गतिविधियां देख रहा था। जैसे ही मौका मिला, साधु के भेष में झोले में कलश डालकर फरार हो गया।”


पुलिस की कार्रवाई

नॉर्थ डीसीपी राजा भाटिया ने बताया कि घटना 3 सितंबर को हुई। यह सोने का कलश है जिसमें हीरे जड़े हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद असल सच सामने आएगा।


इससे पहले भी अलर्ट

इससे पहले भी लाल किला परिसर से बड़ी खबर आई थी, जब दिल्ली पुलिस ने 5 बांग्लादेशी नागरिकों को जबरन घुसने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में यह सभी अवैध प्रवासी पाए गए, जिनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है।


सुरक्षा पर सवाल

गौरतलब है कि लाल किला देश का ऐतिहासिक स्मारक है, जहां हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं। यहां हमेशा कड़ी सुरक्षा रहती है। ऐसे में साधु के भेष में आकर किसी का करोड़ों का कलश चोरी कर ले जाना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।


👉 निष्कर्ष:
लाल किला परिसर से करोड़ों का कलश चोरी होने की यह घटना सिर्फ धार्मिक आयोजन में नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।

यहां देखे वीडियो

8–14 सितम्बर 2025: चंद्र ग्रहण व मंगल गोचर से इस सप्ताह बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

8–14 सितम्बर 2025: चंद्र ग्रहण व मंगल गोचर से इस सप्ताह बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

Saptahik Rashifal 8-14 September 2025: सितंबर का दूसरा सप्ताह चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष की शुरुआत के कारण बेहद खास रहेगा। साथ ही मंगल ग्रह का गोचर कई राशियों को नए अवसर देगा तो कुछ के लिए सावधानी का संकेत करेगा। आइए जानते हैं इस सप्ताह 12 राशियों का हाल—


♈ मेष राशि (Aries)

  • तत्व: अग्नि | स्वामी ग्रह: मंगल
    यह सप्ताह औसत फलदायी रहेगा। शुरुआत में सामाजिक दायरा बढ़ेगा लेकिन जोखिम भरे कार्यों से दूर रहें। धन के लेन-देन और निवेश में सावधानी रखें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से मतभेद संभव। दांपत्य जीवन में सहयोग रहेगा।
    उपाय: प्रतिदिन सूर्य देवता को अर्घ्य दें और सूर्याष्टकं का पाठ करें।


♉ वृषभ राशि (Taurus)

  • तत्व: पृथ्वी | स्वामी ग्रह: शुक्र
    यह सप्ताह आपके लिए उपलब्धियों भरा रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में मांगलिक कार्य की संभावना। नौकरी और व्यवसाय में शुभ समाचार मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
    उपाय: मां लक्ष्मी को शुक्रवार को खीर का भोग लगाएं।


♊ मिथुन राशि (Gemini)

  • तत्व: वायु | स्वामी ग्रह: बुध
    सप्ताह की शुरुआत में मन प्रसन्न रहेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी लेकिन खर्च बढ़ेंगे। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
    उपाय: बुधवार को हरे वस्त्र धारण करें और गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।


♋ कर्क राशि (Cancer)

  • तत्व: जल | स्वामी ग्रह: चंद्रमा
    यह सप्ताह थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा। परिवार में किसी कारण तनाव हो सकता है। संपत्ति और लेन-देन से जुड़े मामलों में विवाद टालें। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। सेहत पर ध्यान दें।
    उपाय: सोमवार को शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाएं।


♌ सिंह राशि (Leo)

  • तत्व: अग्नि | स्वामी ग्रह: सूर्य
    इस सप्ताह आपको करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे। अधिकारी आपके कार्य की सराहना करेंगे। व्यवसाय में भी लाभ होगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विद्यार्थियों को मनचाहे परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
    उपाय: रोज़ सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करें।


♍ कन्या राशि (Virgo)

  • तत्व: पृथ्वी | स्वामी ग्रह: बुध
    सप्ताह की शुरुआत में आर्थिक लाभ मिलेगा। लेकिन मध्य में खर्च बढ़ेंगे। दांपत्य जीवन में किसी गलतफहमी से विवाद संभव। नौकरी में परिवर्तन के योग हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, खानपान नियंत्रित रखें।
    उपाय: हरे मूंग का दान करें और गौ माता को गुड़ खिलाएं।


♎ तुला राशि (Libra)

  • तत्व: वायु | स्वामी ग्रह: शुक्र
    इस सप्ताह भाग्य का साथ मिलेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता और पदोन्नति की संभावना है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
    उपाय: शुक्रवार को माता लक्ष्मी के मंदिर में दीपक जलाएं।


♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)

  • तत्व: जल | स्वामी ग्रह: मंगल
    यह सप्ताह आपके लिए उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। निवेश और पार्टनरशिप से बचें। परिवार में किसी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें।
    उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।


♐ धनु राशि (Sagittarius)

  • तत्व: अग्नि | स्वामी ग्रह: बृहस्पति
    यह सप्ताह भाग्यशाली रहेगा। विदेश यात्रा के योग हैं। नौकरी में प्रमोशन और व्यवसाय में लाभ संभव। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। छात्रों को सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
    उपाय: गुरुवार को पीली वस्तु का दान करें और व्रत रखें।


♑ मकर राशि (Capricorn)

  • तत्व: पृथ्वी | स्वामी ग्रह: शनि
    सप्ताह की शुरुआत में धन लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में अच्छे अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वाह करेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा लेकिन यात्रा में सावधानी रखें।
    उपाय: शनिवार को पीपल वृक्ष की पूजा करें और तेल का दीपक जलाएं।


♒ कुंभ राशि (Aquarius)

  • तत्व: वायु | स्वामी ग्रह: शनि
    यह सप्ताह मिश्रित फलदायी रहेगा। आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव रहेंगे। परिवार में सुख-शांति रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिलेंगे। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
    उपाय: शनिवार को गरीबों को काली उड़द दान करें।


♓ मीन राशि (Pisces)

  • तत्व: जल | स्वामी ग्रह: बृहस्पति
    यह सप्ताह शुभ रहेगा। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और पदोन्नति संभव। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
    उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाएं।


👉 सितारों की चाल पर आधारित यह साप्ताहिक राशिफल आपके जीवन की दिशा तय करने में मददगार हो सकता है।

महासमुंद पुलिस पर सवाल: गांजा तस्कर को छोड़ा, नकली नोटों संग फिर पकड़ा गया

महासमुंद। जिले में पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला बड़ा मामला सामने आया है। गांजा तस्करी के आरोप में पकड़ा गया युवक न केवल नशे के कारोबार में लिप्त था बल्कि वह नकली नोटों का सौदागर भी निकला।

20 किलो गांजा के साथ पकड़ा गया, पुलिस से की सेटिंग

5 सितंबर को महासमुंद पिथौरा पुलिस ने आरोपी भीखम चंद्रवंशी (27 वर्ष), निवासी ग्राम मोहतरा, जिला कबीरधाम को 20 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि आरोपी ने पुलिसकर्मियों के साथ ₹60,000 में सेटिंग कर ली और रकम एक ढाबा संचालक के अकाउंट में ऑनलाइन पेमेंट की गई। इसके बाद आरोपी को छोड़ दिया गया।

मामला उजागर होने पर महासमुंद एसपी आशुतोष सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार आरक्षकों को निलंबित कर दिया है।

कबीरधाम पुलिस ने नकली नोटों के साथ दबोचा

पटेवा से छूटने के बाद आरोपी अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान कबीरधाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और दशरंगपुर चौकी क्षेत्र में आरोपी को पकड़ लिया गया। तलाशी में उसके पास से ₹500 के 15 नकली नोट बरामद हुए।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह लंबे समय से जाली नोटों का धंधा कर रहा है। अब तक वह तीन से चार लाख रुपए तक नकली नोट बाजार में खपा चुका है और लगभग ₹50,000 नकली नोट जुएं में हार चुका है।

ओडिशा कनेक्शन की पुष्टि

डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर (कवर्धा) ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 179 और 180 के तहत केस दर्ज किया गया है। पूछताछ में ओडिशा नेटवर्क की पुष्टि हुई है और जांच टीम जल्द ही ओडिशा रवाना होगी।

सस्पेंड पुलिसकर्मियों के नाम गुप्त

महासमुंद एसपी आशुतोष सिंह ने कहा कि आरोपी से सेटिंग कर छोड़ने के आरोप में चार आरक्षकों को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच चल रही है, इसलिए सस्पेंड पुलिसकर्मियों के नाम अभी उजागर नहीं किए जा सकते। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूर्णिमा का श्राद्ध आज: जानें महत्व, विधि, सूतक काल और चंद्र ग्रहण का असर

आज भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस तिथि को पूर्णिमा श्राद्ध, श्राद्धि पूर्णिमा और प्रोष्ठपदी पूर्णिमा भी कहा जाता है। जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई हो, उनके लिए इस दिन श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण करने से पितृदोष का शमन होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।


पूर्णिमा श्राद्ध का महत्व

  • इसे पार्वण श्राद्ध भी कहा जाता है।

  • इस दिन श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

  • पूर्वज अपने वंशजों को आशीर्वाद देकर परिवार की रक्षा करते हैं।

  • विद्वानों के अनुसार, श्राद्ध व तर्पण अपराह्न काल (दोपहर 12 बजे से पहले) करना सबसे शुभ माना जाता है।


पितृपक्ष की शुरुआत और समापन

  • पितृपक्ष हर साल भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होता है।

  • समापन आश्विन मास की अमावस्या (महालया अमावस्या) को होता है।

  • वर्ष 2025 में पितृपक्ष 7 सितंबर से 21 सितंबर तक रहेगा।

चंद्र ग्रहण 2025 : आज 7 सितंबर को लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल, मंत्र जाप, राशियों पर प्रभाव


पूर्णिमा श्राद्ध और तर्पण का शुभ समय

  • कुतुप काल: आज सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक

  • सूतक काल प्रारंभ: दोपहर 12:57 बजे से
    👉 श्राद्ध और तर्पण का सबसे उत्तम समय 11:54 बजे से 12:44 बजे तक है। इसके बाद सूतक काल शुरू हो जाएगा, जिसमें कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है।

इन राशियों को आज ग्रहण पर रखना होगा सावधानी, इन्हें मिलेगा लाभ


भाद्रपद पूर्णिमा तिथि 2025

  • पूर्णिमा प्रारंभ: 6 सितंबर, रात 1:42 बजे से

  • पूर्णिमा समाप्त: 7 सितंबर, रात 11:39 बजे तक

  • उदया तिथि मान्य होने के कारण पूर्णिमा व श्राद्ध 7 सितंबर, रविवार को मनाया जाएगा।


आज का चंद्र ग्रहण 2025

  • आज ग्रहण प्रारंभ: 7 सितंबर, रात 9:58 बजे से

  • ग्रहण समाप्त: 8 सितंबर, रात 1:26 बजे तक

  • कुल अवधि: 3 घंटे 29 मिनट
    👉 आज का चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान होगा और धार्मिक दृष्टि से सूतक काल मान्य रहेगा।


इस प्रकार करें पूर्णिमा श्राद्ध

  1. स्नान और संकल्प लेकर श्राद्ध विधि की शुरुआत करें।

  2. पितरों के नाम से तर्पण, पिंडदान और पंचबलि कर्म करें।

  3. ब्राह्मण भोज और दान-दक्षिणा का विशेष महत्व है।

  4. गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन कराना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि इन्हें पितरों का प्रतीक माना जाता है।

  5. सात्विक भोजन और तिल-तर्पण से पितरों की आत्मा तृप्त होती है।


धार्मिक महत्व

आज पूर्णिमा का श्राद्ध न केवल पितरों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का अवसर है, बल्कि यह परिवार की सुख-शांति और समृद्धि का मार्ग भी है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान और तर्पण से पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।

इन राशियों को आज ग्रहण पर रखना होगा सावधानी, इन्हें मिलेगा लाभ

आज 6 सितम्बर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लग रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ता है। यह समय मानसिक असमंजस, आर्थिक निर्णयों में सावधानी और स्वास्थ्य पर ध्यान देने का संदेश देता है। साथ ही, कुछ राशियों के लिए यह आय, अवसर और नई जिम्मेदारियां लेकर भी आता है। आइए जानते हैं आपकी राशि पर ग्रहण का क्या असर होगा और आपके लिए आज का शुभ अंक व शुभ रंग क्या है।

♈ मेष राशि

ग्रहण आपके लिए मानसिक असमंजस बढ़ा सकता है। परिजनों से मुलाकात सुखद होगी, लेकिन लेन-देन से बचें।
ग्रहण प्रभाव: भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।
🔢 शुभ अंक: 3
🎨 शुभ रंग: लाल

♉ वृष राशि

मेहनत से लाभ मिलेगा। प्रॉपर्टी डील और निवेश में सावधानी रखें। विरोधी सक्रिय रहेंगे।
ग्रहण प्रभाव: अचानक आर्थिक हानि से बचें।
🔢 शुभ अंक: 6
🎨 शुभ रंग: हरा

♊ मिथुन राशि

दोस्तों संग आनंद रहेगा, लेकिन पढ़ाई-लिखाई में लापरवाही नुकसान दे सकती है। वाहन पर खर्च बढ़ेगा।
ग्रहण प्रभाव: शिक्षा व सरकारी मामले उलझ सकते हैं।
🔢 शुभ अंक: 5
🎨 शुभ रंग: पीला

♋ कर्क राशि

आय में वृद्धि के संकेत हैं। कामकाज में धैर्य रखें। पारिवारिक जिम्मेदारी मिल सकती है।
ग्रहण प्रभाव: पिताजी या बड़े-बुजुर्ग से मतभेद हो सकता है।
🔢 शुभ अंक: 2
🎨 शुभ रंग: सफेद

♌ सिंह राशि

निर्णयों में जल्दबाजी न करें। सिंगल लोगों के लिए प्रेम का समय है। माता की सेहत पर ध्यान दें।
ग्रहण प्रभाव: स्वास्थ्य पर ग्रहण का असर दिख सकता है।
🔢 शुभ अंक: 1
🎨 शुभ रंग: सुनहरा

चंद्र ग्रहण 2025 : आज 7 सितंबर को लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल, मंत्र जाप, राशियों पर प्रभाव

♍ कन्या राशि

दिन चुनौतियों से भरा रहेगा। कुछ नया सीखने को मिलेगा। संतान की फरमाइश पूरी करनी पड़ सकती है।
ग्रहण प्रभाव: आर्थिक उलझनें बढ़ सकती हैं।
🔢 शुभ अंक: 4
🎨 शुभ रंग: नीला

♎ तुला राशि

ऊर्जा से भरे रहेंगे। कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद से बचें। जीवनसाथी से सरप्राइज मिलेगा।
ग्रहण प्रभाव: क्रोध पर नियंत्रण जरूरी।
🔢 शुभ अंक: 7
🎨 शुभ रंग: गुलाबी

♏ वृश्चिक राशि

कामकाज में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
ग्रहण प्रभाव: गुप्त शत्रु सक्रिय रहेंगे।
🔢 शुभ अंक: 9
🎨 शुभ रंग: मरून

♐ धनु राशि

धन संबंधी मामलों में सावधानी रखें। पारिवारिक कार्यक्रम से घर में खुशी आएगी।
ग्रहण प्रभाव: जल्दबाजी में निवेश से बचें।
🔢 शुभ अंक: 8
🎨 शुभ रंग: बैंगनी

♑ मकर राशि

अधूरी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। बिजनेस में नया प्रोजेक्ट मिलेगा।
ग्रहण प्रभाव: निजी संबंधों में दूरी बन सकती है।
🔢 शुभ अंक: 10
🎨 शुभ रंग: काला

♒ कुंभ राशि

मिले-जुले परिणाम रहेंगे। स्वास्थ्य और खर्च पर ध्यान दें। छुटपुट लाभ संभव है।
ग्रहण प्रभाव: तनाव और नींद की समस्या हो सकती है।
🔢 शुभ अंक: 11
🎨 शुभ रंग: आसमानी

♓ मीन राशि

भावनाओं में बहकर निर्णय न लें। कारोबार में धोखा मिल सकता है।
ग्रहण प्रभाव: विवादों से दूरी बनाए रखें।
🔢 शुभ अंक: 12
🎨 शुभ रंग: चांदी

चंद्र ग्रहण 2025 : आज 7 सितंबर को लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल, मंत्र जाप, राशियों पर प्रभाव

Chandra Grahan 2025 Live Updates: साल 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण आज रविवार, 7 सितंबर को लगने जा रहा है। यह खग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत सहित एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई देशों में दिखाई देगा। इस ग्रहण की अवधि कुल 3 घंटे 29 मिनट रहेगी।


चंद्र ग्रहण 2025 का समय (Chandra Grahan 2025 Timing)

  • ग्रहण आरंभ (स्पर्श) : रात 9:57 बजे

  • ग्रहण का मध्य (चरम अवस्था) : रात 11:01 बजे

  • ग्रहण का समापन : रात 01:26 बजे (8 सितंबर)

  • कुल अवधि : 3 घंटे 29 मिनट


सूतक काल 2025 (Sutak Kaal Time)

  • सूतक काल आरंभ : दोपहर 12:19 बजे से

  • सूतक समाप्ति : ग्रहण खत्म होने पर यानी 8 सितंबर रात 01:26 बजे

  • बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों के लिए सूतक काल शाम 6:36 बजे से मान्य होगा।


sitename%

चंद्र ग्रहण में क्या करें? (Do’s)

✅ भगवान शिव और चंद्र देव के मंत्रों का जाप करें।
✅ भोजन में तुलसी के पत्ते डालें।
✅ ध्यान, साधना और दान करें।
✅ ग्रहण के बाद स्नान कर गंगाजल से शुद्धि करें।


चंद्र ग्रहण में क्या न करें? (Don’ts)

❌ भोजन न करें।
❌ सोना और तेल मालिश से बचें।
❌ बाल व नाखून न काटें।
❌ देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्पर्श न करें।
❌ गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें।


चंद्र ग्रहण पर शिव मंत्र जाप (Shiv Mantra Jaap)

  • ॐ नमः शिवाय

  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

  • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥


चंद्र मंत्र जाप (Chandra Mantra Jaap)

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
इस मंत्र का जाप ग्रहण काल में विशेष फलदायी माना गया है।


दान क्या करें? (What to Donate)

ग्रहण के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ होता है –

  • चावल

  • दूध

  • दही

  • चीनी

  • चांदी

  • सफेद कपड़े

  • नारियल


ग्रहण
ग्रहण

किस राशि पर कैसा प्रभाव? (Zodiac Impact)

🚨 सावधान रहने वाली राशियां

  • वृषभ : स्वास्थ्य समस्याएं, व्यापार में बाधा

  • तुला : मानसिक तनाव, आर्थिक हानि

  • कुंभ : ग्रहण का सीधा प्रभाव, संभलकर रहें

  • मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन : सतर्क रहें, नए कार्य स्थगित करें

🌟 शुभ प्रभाव वाली राशियां

  • मेष : धन लाभ, सफलता

  • वृषभ : करियर और कारोबार में प्रगति

  • कन्या : भाग्योदय, निवेश से लाभ

  • धनु : वैवाहिक सुख और अटके काम पूरे


ग्रहण
ग्रहण

चंद्र ग्रहण 2025 कहाँ दिखाई देगा?

  • भारत सहित पूरा एशिया

  • यूरोप

  • ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड

  • अफ्रीका

  • अमेरिका के पूर्वी भाग


पौराणिक कथा और महत्व

पौराणिक मान्यता के अनुसार, राहु-केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसित करते हैं। इसीलिए ग्रहण के दौरान मंत्र जाप, दान और ध्यान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।


👉 नोट: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग विशेष सावधानी रखें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और भगवान का स्मरण अवश्य करें।

पितृपक्ष में श्राद्ध वर्जित हो तो भी ऐसे करें पितृ तर्पण और दान-पुण्य

हिन्दू धर्म में सचमुच यह परंपरा है कि यदि परिवार में हाल ही में किसी सदस्य की मृत्यु हुई हो, तो उस वर्ष श्राद्ध/पितृ अर्पण करने की मनाही रहती है। इसका कारण यह है कि उस समय मृत आत्मा की एक वर्ष की अवधि (सौ पिंड दान, बारहवा, तेरहवीं आदि संस्कारों) के द्वारा मोक्ष और पितृलोक की यात्रा मानी जाती है। जब तक यह यात्रा पूर्ण न हो, तब तक पितृ पक्ष का श्राद्ध परंपरागत रूप से नहीं किया जाता।


👉 लेकिन इसके विकल्प (Alternate Options) बताए गए हैं:

  1. तर्पण का विकल्प

    • यदि श्राद्ध विधि से संभव न हो, तो पितृपक्ष में केवल तर्पण किया जा सकता है।

    • तर्पण में जल, काला तिल और कुश लेकर सूर्य को अर्पण किया जाता है।

    • यह सरल विधि है और इसे निषिद्ध नहीं माना जाता।

  2. दान-पुण्य

    • परिवार अनाज, वस्त्र, अन्नदान या गौ-दाना कर सकता है।

    • पितृ पक्ष में दान को भी श्राद्ध के बराबर फलदायी माना गया है।

  3. पितृ स्तोत्र या मंत्र जप

    • पितृ स्तोत्र, विष्णु सहस्रनाम, गरुड़ पुराण या गीता पाठ करना उत्तम विकल्प है।

    • यह कार्य पितरों की आत्मा की शांति के लिए किया जा सकता है।

  4. अन्नकूट / ब्राह्मण भोजन

    • अगर श्राद्ध न कर पाएं तो पितरों की स्मृति में ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराना भी श्रेष्ठ विकल्प है।

  5. गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय जप

    • अगर परिवार सीधे विधि-विधान न करना चाहे, तो गायत्री मंत्र व महामृत्युंजय जप करने से भी पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।


🕉️ संक्षेप में:

अगर परिवार में हाल ही में मृत्यु हुई है और उस वर्ष श्राद्ध करने की मनाही है, तो भी आप –
✅ जल-तर्पण
✅ दान-पुण्य
✅ पितृ स्तोत्र/गीता पाठ
✅ ब्राह्मण/गरीब भोजन
✅ मंत्र-जप

करके अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं। इससे भी वही पुण्य फल प्राप्त होता है और पितृ दोष का भय नहीं रहता।

Pitru Paksha 2025: पितृदोष मिटाने के उपाय और पितृदेव की कृपा पाने के रहस्य

पितृपक्ष 2025 : पूर्वजों का आशीर्वाद पाना है तो भूलकर भी घर में न रखें ये सामान

शनिवार 6 सितंबर 2025 राशिफल: शनिदेव की कृपा से बदल जाएगा 12 राशियों का भाग्य

शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। शनिदेव न्याय के देवता हैं और कर्म के अनुसार ही फल देते हैं। 6 सितंबर 2025, शनिवार को ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति कई राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। किसी को शनिदेव की कृपा से सफलता, उन्नति और धनलाभ का अवसर मिलेगा तो किसी को अपने व्यवहार और निर्णयों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं आज का राशिफल, जिसमें शामिल हैं 12 राशियों का भविष्यफल, शुभ अंक और शुभ रंग।

♈ मेष राशि

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। मित्रों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ यात्रा की योजना बन सकती है। वाणी पर संयम रखें, नहीं तो कार्यक्षेत्र में विवाद हो सकता है।
🔹 शुभ अंक: 3
🔹 शुभ रंग: लाल
🙏 शनिदेव उपासना: सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।


♉ वृषभ राशि

आज आप दान-पुण्य के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। वैवाहिक जीवन में तनाव कम होगा। यदि किसी को धन उधार दिया था तो वापसी के योग हैं। बाहरियों से पारिवारिक मामले साझा करने से बचें।
🔹 शुभ अंक: 6
🔹 शुभ रंग: सफेद
🙏 शनिदेव उपासना: काले तिल का दान करें।


♊ मिथुन राशि

आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहेगा। जीवनसाथी संग रोमांटिक पल व्यतीत करेंगे। शारीरिक समस्या दूर होगी। पुरानी गलती से सबक लें और विवादों से बचें। भाई-बहनों से कार्य संबंधी चर्चा होगी।
🔹 शुभ अंक: 5
🔹 शुभ रंग: हरा
🙏 शनिदेव उपासना: पीपल वृक्ष पर जल अर्पित करें।


♋ कर्क राशि

दोस्तों का सहयोग मिलेगा और अविवाहितों के जीवन में नया रिश्ता आ सकता है। भौतिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी। रोजगार की समस्या दूर होगी। परंतु जल्दबाजी से बचें।
🔹 शुभ अंक: 2
🔹 शुभ रंग: चांदी जैसा
🙏 शनिदेव उपासना: अनाथालय या गरीबों को भोजन कराएँ।


♌ सिंह राशि

आज उलझनों से भरा दिन रहेगा। रुके हुए काम पूरे करने पर फोकस करें। धार्मिक प्रवृत्ति बढ़ेगी। धन मामलों में सावधानी रखें और पार्टनरशिप में लिखित समझौता करें।
🔹 शुभ अंक: 1
🔹 शुभ रंग: सुनहरा
🙏 शनिदेव उपासना: नीले फूल अर्पित करें।

♍ कन्या राशि

आय-व्यय में संतुलन रखें। नौकरी परिवर्तन की योजना बन सकती है। माता-पिता की सेवा के लिए समय निकालें। आपकी रचनात्मकता रंग लाएगी।
🔹 शुभ अंक: 7
🔹 शुभ रंग: हरा-नीला
🙏 शनिदेव उपासना: शनि मंदिर में दीपदान करें।


♎ तुला राशि

आलस्य त्यागें और काम में लगें। जरूरत से ज्यादा खर्च न करें। जीवनसाथी नौकरी के सिलसिले में बाहर जा सकते हैं। कला-कौशल में सुधार होगा।
🔹 शुभ अंक: 9
🔹 शुभ रंग: गुलाबी
🙏 शनिदेव उपासना: कौओं को दाना खिलाएँ।


♏ वृश्चिक राशि

📌 आज का डेटा उपलब्ध नहीं है। शनिदेव की कृपा हेतु शनि मंत्र जप करें:
“ॐ शं शनैश्चराय नमः”
🔹 शुभ अंक: 8
🔹 शुभ रंग: काला


♐ धनु राशि

आपके सोचे हुए काम पूरे होंगे। धन संबंधी समस्या दूर होगी। सामाजिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी। मित्रों का साथ मिलेगा और घर में सुधार की योजना बनेगी।
🔹 शुभ अंक: 4
🔹 शुभ रंग: पीला
🙏 शनिदेव उपासना: पीपल पर दीप जलाएँ।


♑ मकर राशि

अधूरे कार्य पूरे होंगे। सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेंगे। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में सुख मिलेगा। परोपकार में रुचि बढ़ेगी।
🔹 शुभ अंक: 8
🔹 शुभ रंग: नीला
🙏 शनिदेव उपासना: सरसों का तेल अर्पित करें।


♒ कुंभ राशि

आय-व्यय संतुलन की आवश्यकता है। क्रोध से बचें। किसी अजनबी पर भरोसा न करें। उलझनें दूर करने की कोशिश करें।
🔹 शुभ अंक: 7
🔹 शुभ रंग: आसमानी
🙏 शनिदेव उपासना: लोहे की वस्तु का दान करें।


♓ मीन राशि

आज आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। बिजनेस में लाभ होगा और पार्टनरशिप सफल रहेगी। धन संबंधी काम पूरे होंगे। परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
🔹 शुभ अंक: 9
🔹 शुभ रंग: पीला
🙏 शनिदेव उपासना: शनि स्तोत्र का पाठ करें।

महासमुंद : जनपद पंचायत के कर्मचारियों ने 25 क्विंटल शासकीय रिकॉर्ड बेच डाले, 25 हजार रुपए खुद हड़प लिए

महासमुंद। जनपद पंचायत महासमुंद से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कार्यरत कर्मचारियों ने शासन के नियम-कायदों को दरकिनार कर 25 क्विंटल शासकीय रिकॉर्ड और दस्तावेज कबाड़ी को बेच दिए। यही नहीं, इससे प्राप्त 25,400 रुपए की राशि भी शासन के खाते में जमा करने के बजाय कर्मचारियों ने खुद ही रख लिए।

बिना अनुमति बेच डाले रिकॉर्ड

जानकारी के मुताबिक, सहायक ग्रेड-3 राजेश गजभिए (बाबू) और एक चपरासी ने 10 अगस्त को बिना किसी स्वीकृति और प्रस्ताव के यह रिकॉर्ड बेच दिया। दस्तावेजों में शासन की योजनाओं से जुड़ी किताबें और प्रचार-प्रसार सामग्री भी शामिल थी, जिन्हें पंचायतों में बांटा जाना था।

कायदे से ऐसे दस्तावेजों को बेचने के लिए जनपद पंचायत की सामान्य सभा में प्रस्ताव लाना जरूरी होता है। फिर विभागीय प्रक्रिया के तहत समिति गठित कर भौतिक सत्यापन किया जाता है और उसके बाद प्राप्त राशि शासकीय खाते में जमा की जाती है।

जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल

मामले के सामने आने के बाद जनप्रतिनिधियों ने सवाल खड़े किए हैं।

  • जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर और

  • पूर्व सदस्य योगेश्वर चंद्राकर

दोनों का कहना है कि यह सीधा नियम विरुद्ध कृत्य है और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने कहा है कि यह मामला गंभीर है और जांच का विषय है। विभागीय जांच के बाद ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि शासन इस गड़बड़ी पर सख्त रुख अपनाता है या फिर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है।

शिक्षक दिवस: राजभवन में सम्मान समारोह पर विवाद, ड्रेस कोड और समूह सम्मान से बढ़ी नाराजगी

रायपुर। शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह इस बार विवादों में घिर गया है। हर साल की तरह इस बार भी राजभवन में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया, लेकिन इस आयोजन को लेकर कई शिक्षकों और संघ ने कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना है कि समारोह की गरिमा से समझौता किया गया और शिक्षकों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल सका।

ड्रेस कोड को लेकर आपत्ति

इस बार पहली बार शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया। पुरुष शिक्षकों से कहा गया कि वे एक जैसे रंग का सूट पहनकर आएं, जबकि महिला शिक्षिकाओं के लिए समान रंग की बॉर्डर वाली साड़ी अनिवार्य की गई। इससे पहले के आयोजनों में इस तरह की कोई बाध्यता नहीं थी।

09 sitename%

सम्मान का तरीका भी बना विवाद का कारण

शिक्षकों ने बताया कि समारोह शुरू होने से पहले ही उनके हाथों में सम्मान-पत्र और स्मृति चिन्ह थमा दिए गए। बाद में अधिकारियों ने उन्हें राज्यपाल के पास केवल तस्वीर खिंचवाने के लिए ले जाया। सिर्फ चार शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर सम्मानित किया गया, जबकि बाकी 60 को समूह में खड़ा कर फोटो खिंचवानी पड़ी। इससे उन्हें व्यक्तिगत गौरव का अनुभव नहीं हो पाया।

पाबंदियों से नाराजगी

शिक्षकों ने बताया कि राजभवन में कई तरह की पाबंदियां भी लागू की गईं। जैसे – कोट पहनना अनिवार्य, लेकिन टाई पर रोक; मोबाइल फोन पूरी तरह बंद; और तस्वीरें लेने पर पाबंदी। इससे शिक्षकों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

संघ का रुख

शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेन्द्र दुबे ने कहा कि शिक्षक सम्मान उनके जीवन का सबसे अहम क्षण होता है, जिसे इस तरह समूह में करके छोटा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान या पद्म सम्मान समारोह में भी इस तरह की अनिवार्यता नहीं रहती। दुबे ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की गलत परंपराएं दोहराई न जाएं।