ब्रेकिंग न्यूज़: रायगढ़ में गिरोह के शातिर सदस्य की गिरफ्तारी
रायगढ़: पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक शातिर गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो मध्यप्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में उठाईगिरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। यह गिरोह पिछले एक साल में 15 से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। गिरफ्तार आरोपी का नाम अरविंद प्रताप सिंह उर्फ अरविंद नट है, जबकि उसका सहयोगी ओमप्रकाश उर्फ बच्चा सिसोदिया अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
बुधवारी बाजार में हुई पहली वारदात
पुलिस को तब इस गिरोह की गतिविधियों के बारे में पता चला जब लैलूंगा के बुधवारी बाजार में एक बाइक की डिक्की से चोरी की वारदात हुई। इसके तुरंत बाद लैलूंगा के स्टेट बैंक के पास भी इसी तरह की एक घटना हुई, जिसने पुलिस को अलर्ट किया। रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी तकनीकी टीम को जांच में लगाया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से अरविंद और उसके सहयोगी का सुराग मिला।
उठाईगिरी का तरीका
दिलचस्प बात यह है कि अरविंद पेशेवर ठेकेदार था और उसने अपने सहयोगी के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के शहडोल एवं ओडिशा के सुंदरगढ़ में कई वारदातों को अंजाम दिया। गिरोह ने लैलूंगा में एक बड़ी लूट की, जिसमें दो लाख 15 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। इसके अलावा वहां एक कार के कांच तोड़कर 59 हजार रुपये और एक बाइक से 50 हजार रुपये की उठाईगिरी की गई। आरोपी ने कबूल किया है कि वह वारदातों को अंजाम देने के लिए डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल करता था और अगर कार का शीशा नहीं खुलता था, तो वह कांच तोड़ देता था।
निष्कर्ष: रायगढ़ पुलिस की सतर्कता
रायगढ़ पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के कारण इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। संभावित रूप से अधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने की कोशिश कर रही है। इस तरह की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस की तंत्रिका को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।


