Breaking: शराब घोटालें में ED ने कवासी और उसके बेटे को किया गिरफ्तार

Liquor Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2000 करोड़ के शराब घेाटालें मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) आज तीसरी बार पूर्व आबकारी मिनिस्टर कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) और बेटे हरीश लखमा को पूछताछ के लिए बुलाया था. खबर आ रही है कि पूछताछ के बाद ED ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. अब जल्द ही ED कवासी लखमा और हरीश लखमा को कोर्ट में पेश करेगी.

बता दें कि शराब घोटाला मामले में 28 दिसंबर को ED ने पूर्व मंत्री लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी. छापेमार कार्रवाई में ED ने नगद लेनदेन के सबूत मिलने की जानकारी दी थी. 3 जनवरी को दोनों को पूछताछ के बाद छोड़ा गया था.

जानें क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ?

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को आयकर विभाग ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और सौम्या चौरसिया के खिलाफ याचिका दायर की थी. जिसमें बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. महापौर ऐजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर का भाई अवैध वसूली के खेल में शामिल है. जिसके बाद ईडी ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA Act के तहत मामला दर्ज किया. अबतक मामले में 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया है.

ED की चार्जशीट के अनुसार, साल 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिये शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया, उसके बाद अधिकारी, कारोबारी, राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिये भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. CSMCL के MD रहे अरुणपति त्रिपाठी मनपसंद डिस्टिलर की शराब को परमिट करते थे.

देशी शराब के एक केस पर 75 रुपये कमीशन दिया जाना था, इस कमीशन की त्रिपाठी एक्सेलशीट तैयार कर अनवर ढेबर को भेजते थे . आरोप है कि अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी के सिंडिकेट ने नकली होलोग्राम लगाकर अवैध तरीके से शराब की बेधड़क बिक्री की. इससे राज्य के राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ. आपराधिक सिंडिकेट के जरिये CSMCL की दुकानों में सिर्फ तीन ग्रुप की शराब बेची जाती थीं, जिनमें केडिया ग्रुप की शराब 52 प्रतिशत, भाटिया ग्रुप की 30 प्रतिशत और वेलकम ग्रुप की 18 प्रतिशत हिस्सा शामिल है.

Mahakumbh 2025: दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बना प्रयागराज, तस्वीर में देखें यहां की खुबसूरती

आरएसएस को बेन करने एनएसयूआई कार्यकर्ता का हंगामा

दिल्ली | आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यालय से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास की ओर मार्च कर रहे एनएसयूआई के सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ‘स्वतंत्रता’ संबंधी टिप्पणी के लिए उनका विरोध कर रहे थे।

Mahakumbh 2025: दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बना प्रयागराज, तस्वीर में देखें यहां की खुबसूरती

दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) से राष्ट्र के ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान देने का आग्रह किया है।

RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा था, ‘हमारी 5000 साल की परंपरा क्या है? जो भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव से शुरू हुई। वो हमारी अपनी है। हमारे अपने जागरण के लिए एक आंदोलन था। मीटिंग में, कॉलेज के छात्र पूछते थे कि आपने लोगों की आजीविका की चिंता छोड़कर मंदिर क्यों बनाए। तो मैं उन्हें बताता था कि ये 80 का दशक है। 1947, इजरायल और जापान ने हमसे शुरुआत की और वो बहुत ऊंचाइयों पर पहुंचे।’

महासमुंद, यहां चल रहा था देशी शराब बनाने का फैक्ट्री, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

महासमुंद 15 जनवरी 2025/ कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के समक्ष ग्रामीणों द्वारा अवैध शराब विक्रय और निर्माण की शिकायत मंगलवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में प्राप्त हुआ था। कलेक्टर ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने आबकारी विभाग को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

कलेक्टर के निर्देशन में आज सुबह ही आबकारी एवं खाद्य विभाग की टीम द्वारा मौके पर जाकर कार्रवाई की गई। जिला आबकारी अधिकारी निधीष कोष्टी तथा मंडल प्रभारी दीपक ठाकुर के मार्गदर्शन में आबकारी वृत्त सांकरा अंतर्गत ग्राम अंसुला में अंतरा नाला के किनारे सरार में लावारिस अवस्था में चार चढ़ी हुई भट्टी में सफेद प्लास्टिक पॉलीथीन में कुल 408 लीटर महुआ शराब बाजार मूल्य 81600 रुपए एवं 23 नीले रंग के प्लास्टिक डिब्बे में महुआ लहान प्रत्येक में 250 किलोग्राम कुल 5750 किलोग्राम, बाजार मूल्य 2,87,500 रुपए कुल बाजार मूल्य 3,69,100 रुपए की मदिरा एवं सामग्री बरामद कर जप्ती कार्यवाही की गई।

यहां पढ़ें: महासमुंद, चोर से हुआ आमना-सामना चाकू मार फरार, पुलिस जांच में जुटी

साथ ही 7 नग गैस सिलेंडर एवं 5 नग चूल्हा सेट को खाद्य विभाग के द्वारा जप्त किया गया। उक्त सामग्री एवं मदिरा के संबंध में पतासाजी करने पर स्वामित्व के संबंध में पता नहीं चल पाया। बाद जांच परीक्षण उपरांत महुआ शराब को जप्त कर महुआ लहान को नष्टीकरण मौके पर किया गया एवं उक्त अज्ञात व्यक्ति के द्वारा अवैध शराब धारण /निर्माण करना आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) (क) (च),34 (2 ) के तहत अपराध होने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

उपरोक्त कार्यवाही में आबकारी उप निरीक्षक शिव शंकर के नेतृत्व में आबकारी उप निरीक्षक मुकेश वर्मा, नीतेश बैस, विकास बढेंद्र तथा सहायक खाद्य अधिकारी हरीश सोनेश्वरी खाद्य निरीक्षक विवेक तंवरकर, अविनाश दूबे तथा आबकारी आरक्षक देवेश मांझी एवं आबकारी टीम महासमुंद उपस्थित रहे।

Mahakumbh 2025: दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बना प्रयागराज, तस्वीर में देखें यहां की खुबसूरती

Mahakumbh 2025: मकर संक्रांति पर प्रयागराज दुनिया की सर्वाधिक आबादी वाला शहर हो गया। प्रयागराज एक दिन के लिए इतने करोड़ से ज्यादा की आबादी वाला शहर बना। इसमें देश-विदेश से भी लोग आए।

मकर संक्रांति के मौके पर प्रयागराज एक दिन के लिए विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया। महाकुंभ के प्रथम अमृत स्नान पर्व पर देश विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं की वजह से प्रयागराज के खाते में यह उपलब्धि दर्ज हुई।

एक दिन के लिए प्रयागराज की आबादी चार करोड़ के आंकड़े को पार कर गई। मकर संक्रांति पर यहां 3.50 करोड़ लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई। जिले की आबादी तकरीबन 70 लाख के आसपास है।

Mahakumbh 2025
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स्नान के लिए घाट पर उमड़ा सैलाब Mahakumbh 2025

मकर संक्रांति पर आने वाले श्रद्धालु और प्रयागराज की आबादी को जोड़ लिया जाए तो यह संख्या 4.20 करोड़ हो जाती है। दुनिया में जापान का टोक्यो सर्वाधिक आबादी वाला शहर है।

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स्नान के लिए उमड़ा सैलाब

2.93 करोड़ आबादी के साथ दिल्ली दूसरे स्थान पर

यहां की आबादी 3.74 करोड़ के आसपास है। 2.93 करोड़ आबादी के साथ दिल्ली दूसरे स्थान पर है। इस हिसाब से 4.20 करोड़ आबादी के साथ प्रयागराज एक दिन के लिए विश्व का सबसे बड़ा शहर बन गया।

Mahakumbh 2025
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पौष पूर्णिमा पर 1.75 करोड़ लोगों ने लगाई थी पुण्य की डुबकी

Mahakumbh 2025 खास बात यह भी है कि मंगलवार को प्रयागराज की आबादी विश्व के कई देशों से ज्यादा रही। महाकुंभ के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर 1.75 करोड़ लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई थी।

Mahakumbh 2025
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29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान पर्व

अगर उस आंकड़े को मकर संक्रांति के मौके पर स्नान करने वालों की संख्या से जोड़ा जाए तो यह संख्या 5.25 करोड़ बैठती है। अभी 29 जनवरी को मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है।

अमावस्या पर छह से आठ करोड़ के बीच श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में प्रयागराज 29 जनवरी को भी विश्व में सर्वाधिक आबादी वाला शहर बनने जा रहा है।

Mahakumbh 2025
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सर्वाधिक आबादी वाले विश्व के पांच शहरों की अनुमानित आबादी

टोक्यो – 3.74 करोड़

दिल्ली – 2.93 करोड़

शंघाई – 2.63 करोड़

साओ पाउलो – 2.18 करोड़

मैक्सिको सिटी – 2.16 करोड़

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सर्दी भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं की डगर

Mahakumbh 2025 प्रयागराज में मकर संक्रांति पर्व पर मंगलवार को सनातन परंपरा के सबसे बड़े मानव समागम का वृहद रूप दिखा। हर तरफ स्नानार्थियों की आस्था उमड़ती रही। मेला क्षेत्र के अलावा प्रमुख मार्गों पर भी स्नानार्थियों की भीड़ रही।

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मां गंगा और भोले बाबा के जयकारे

Mahakumbh 2025 आस्था की नगरी में तरह-तरह के रंग दिखे। लोग मां गंगा और भोले बाबा के जयकारे लगाते हुए चलते रहे। उत्साह और जयकारों के बीच कई किमी की पैदल यात्रा की थकान और सर्दी भी लोगों की आस्था को डिगा न सकी।

पौष पूर्णिमा पर ही करीब डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने संगम और आसपास के घाटों पर डुबकी लगाई थी। अगले दिन यानी मंगलवार को मकर संक्रांति का अमृत स्नान पर्व रहा।

Mahakumbh 2025
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मेला क्षेत्र के साथ प्रमुख मार्गो पर भी जबरदस्त भीड़

Mahakumbh 2025 वहीं, मंगलवार को भी स्नानार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। भोर से ही सभी मार्गों पर सिर्फ श्रद्धालु ही नजर आए। स्थिति यह रही कि काली मार्ग, बांध, सभी पांटून पुलों पर तिल रखने की भी जगह नहीं बची। हर तरफ श्रद्धालुओं, संतों व उनके अनुयायियों की ही भीड़ नजर आई।

Mahakumbh 2025
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भजन गाते हुए चल रहे थे लोग

Mahakumbh 2025 साथ न छूटे इसलिए जत्थे में आगे चल रहा व्यक्ति कोई न कोई निशानी लेकर चल रहा था। वहीं, बड़ी संख्या में लोग भजन गाते हुए चल रहे थे। इस तरह के नजारे लोगों के आकर्षण का केंद्र भी रहे। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

भार्गवस्त्र: BSF को मिलेगा भगवान परशुराम हथियार, महाभारत में जिससे अर्जुन भी खौफजदा थे

OBC आरक्षण पर भ्रम फैला रही कांग्रेस, डिप्टी CM साव

रायपुर। OBC आरक्षण को लेकर कांग्रेस आज छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन कर रही है. इस मामले में डिप्टी CM अरुण साव ने कहा, नगरीय निकाय में OBC को 30% आरक्षण मिला है. क्या कांग्रेस इसका भी विरोध कर रही है? साव ने कहा, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर आरक्षण दिया गया है. भ्रम, भय और भ्रष्टाचार कांग्रेस के राजनीति का आधार रहा है. कांग्रेस इस तरह की राजनीति करना बंद करे. अरुण साव ने कहा, कांग्रेस के भ्रम की बातों में जनता नहीं आने वाली है.

कवासी लखमा का आज ED में फिर पेशी, 2 हजार करोड़ से अधिक का घोटाला

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व CM भूपेश बघेल को घेरते हुए उन पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया. साव ने व्यक्तिगत टिप्पणी को निम्न स्तर की राजनीति बताते हुए कहा, निम्न स्तर की राजनीति से आहत हूं. ये सिर्फ मेरे वकालत पर प्रश्नचिन्ह नहीं उठा रहे. स्टेट बार कौंसिल जिन्होंने मुझे डिग्री दी उनका भी अपमान किया है. मेरे साथ सभी वकालत की डिग्रीधारियों का भी अपमान कर रहे हैं. विधानसभा में उनके सभी सवाल का मैंने जवाब दिया है.

भार्गवस्त्र: BSF को मिलेगा भगवान परशुराम हथियार, महाभारत में जिससे अर्जुन भी खौफजदा थे

भार्गवस्त्र। महाभारत के समय अर्जुन और कर्ण के बीच महायुद्ध हुआ था. श्री कृष्ण यह अच्‍छे से जानते थे कि अर्जुन से ज्‍यादा ताकतवर कौरव सेना के साथ मौजूद कर्ण हैं. ऐसा इसलिए क्‍यों कि उनके पास भार्गवस्त्र था. यह शस्‍त्र भगवान परशुराम और कर्ण के पास ही था. पौराणिक कथाओं के अनुसार यह हथियार इतना शक्तिशाली था कि इससे पूरी पांडव सेना चिंतित थी. पाशुपतास्त्र रखने वाले अर्जुन ने कहा था कि वह भार्गवस्त्र (bhaargavastr) का मुकाबला नहीं कर सकते. जल्‍द यह हथियार भारतीय सेना के पास भी आने वाला है. सेना के आला अधिकारियों की मौजूदगी में मंगलवार को स्‍वदेशी भार्गवस्त्र के पहले चरण का सफल परीक्षण किया गया. एक बार सेना में शामिल होने के बाद यह BSF यानी बॉर्डर सिक्‍योरिटी फोर्स की सबसे बड़ी दिक्‍कत को दूर कर देगा.

BSF की इस वक्‍त पाकिस्‍तान बॉर्डर पर सबसे बड़ी दिक्‍कत अवैध तरीके से होने वाली ड्रग्‍स की तस्‍करी है. आए दिन ड्रोन के जरिए पाकिस्‍तान में बैठे तस्‍कर भारत में ड्रोन की मदद से भारत के पंजाब में ड्रग्‍स सप्‍लाई करते हैं. नशे का यह कारोबार देश में आतंकवाद को बढ़ाने के लिए फंडिंग में भी होता है. भार्गवस्त्र (bhaargavastr) के एक बार सेना में आने के बाद भारत को इस समस्‍या से निजात मिल सकती है. स्‍वदेशी एंट्री ड्रोन माइक्रो मिसाइल सिस्‍टम ‘भार्गवस्त्र’ के पहले दौर का परीक्षण मंगलवार को सफल रहा. ओडिशा के गोपालपुर शहर में समुद्र के किनारे यह टेस्टिंग हुई. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मशहूर स्‍वार्म ड्रोन सिस्‍टम का खात्‍मा करने में कारगर है. सेना के वरिष्‍ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ढाई किलोमीटर की दूरी पर दो फायर किए गए, जो सीधे अपने टारगेट पर जाकर लगे.

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नीरज गजेंद्र ज़िंदगीनामा में बता रहे हैं, नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद बनने का प्रेरणास्पद सफर

कम लागत वाला बेजोड़ हथियार

भार्गवस्त्र’ (bhaargavastr) बड़े पैमाने पर हल्‍के ड्रोन हमलों से निपटने के लिए एक अनूठा कम लागत वाला विकल्प है. बताया जा रहा है कि इस सिस्‍टम की मदद से सेना 6 किलोमीटर से अधिक दूरी पर आने वाली छोटी-छोटी उड़ने वाली मशीन व ड्रोन को हवा में ही नष्‍ट कर सकती है. इसे अभी इतनी जल्‍दी सेना में शामिल नहीं किया जाएगा. बताया गया कि भार्गवस्त्र’ के सफल परीक्षण के साथ आगे इसके ज्‍यादा डिटेल में टेस्‍ट होने बाकी हैं. यह सिस्‍टम एक साथ 64 से ज्‍यादा माइक्रो मिसाइलों को फायर कर सकता है.

कहीं भी तैनात हो सकता है ‘भार्गवस्त्र’

सेना के लिए ‘भार्गवस्त्र’ (bhaargavastr) का निर्माण इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड नाम की कंपनी कर रही है. इसे चीन और पाकिस्‍तान बॉर्डर से जुड़े ऐसे खतरे वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां हमेशा ड्रोन की मदद से निगरानी का खतरा बना रहता है. पंजाब में ड्रोन की मदद से ड्रग्‍स की सप्‍लाई की खबरें अक्‍सर सामने आती रहती हैं. एक बार यह सिस्‍टम तैयार हो जाए फिर इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगने में मदद मिलेगी. ‘भार्गवस्त्र’ एक पोर्टेबल सिस्‍टम है, जिसे चाहे पहाड़ी क्षेत्र हों या फिर मैदानी इलाके, कही भी आसानी से तैनात किया जा सकता है. यह भारत का पहला स्‍वदेशी माइक्रो काउंटर-ड्रोन सिस्टम है. यूं तो भारत के पहले पहले से ही एंट्री ड्रोन सिस्‍टम उपलब्‍ध है लेकिन ये सभी सिस्‍टम बड़े खतरों से निपटने के लिए हैं. छोट्रे ड्रोन से होने वाली निगरानी और अन्‍य खतरों से निपटने के लिए उस महंगे सिस्‍टम का प्रयोग नहीं किया जा सकता है.

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नीरज गजेंद्र ज़िंदगीनामा में बता रहे हैं, नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद बनने का प्रेरणास्पद सफर

ज़िंदगीनामा: स्वामी विवेकानंद का नाम सुनते ही एक प्रेरणादायक शख्सियत की छवि उभरती है। उन्होंने अपने विचारों और व्यक्तित्व से भारत और विश्व में युवाओं को नई दिशा दी। नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद बनने का सफर। कर्मयोग से स्वामी की उपाधि और कम आयु में शरीर त्यागने के बाद भी अमरता का उनका सफर हर युवा के लिए प्रेरणास्पद है। आइए, ज़िंदगीनामा में उनके जीवन, विचारों और संघर्षों की चर्चा करें। जो आत्मविश्वास और सशक्त भारत के निर्माण में सहायक हो सकते हैं। आप सब जानते ही हैं, कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था।

उनका नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। बचपन से ही वे अध्यात्म और समाज सेवा की ओर आकर्षित थे। उनकी जिज्ञासा और ज्ञान की प्यास उन्हें रामकृष्ण परमहंस के पास ले गई। इस मिलन ने उन्हें नरेंद्र से विवेकानंद बनने की दिशा में प्रेरित किया। रामकृष्ण परमहंस के साथ उनके संबंध ने उनके जीवन में आत्मविश्वास और आध्यात्मिकता की नई ज्योति जलाई। रामकृष्ण ने उन्हें सिखाया कि आत्मा की शक्ति असीम है। मानव सेवा ही परम धर्म है। इस आत्मज्ञान ने नरेंद्र को स्वामी विवेकानंद में परिवर्तित कर दिया। उन्होंने दुनिया के सामने भारतीय संस्कृति और दर्शन की महत्ता को प्रस्तुत किया।

स्वामी विवेकानंद का जीवन कर्मयोग का उदाहरण है। उन्होंने युवाओं को कर्मयोग का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। उनका मानना था कि कर्म ही पूजा है। शिकागो धर्म महासभा में उनका ऐतिहासिक भाषण उनके कर्मयोग का परिणाम था। इस भाषण ने विश्व मंच पर भारत को नई पहचान दी। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं के आत्मविश्वास को जगाने के लिए कई प्रेरणादायक बातें कहीं। उनका संदेश उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए, हर युवा को दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने मात्र 39 वर्ष की आयु में शरीर त्याग दिया। उनकी विचारधारा और शिक्षा आज भी जीवित है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि आयु से अधिक महत्वपूर्ण उनके कार्य और विचार होते हैं। उन्होंने कहा, तुम स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हो। यह संदेश युवाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने की प्रेरणा देता है। उनका मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि आत्मा की पवित्रता और चरित्र निर्माण करना होना चाहिए। उन्होंने कहा, शिक्षा वही है जो हमें जीवन संघर्ष के लिए तैयार करे। उन्होंने धर्म को मानवता की सेवा का माध्यम माना। उन्होंने समाज में कुरीतियों और भेदभाव को समाप्त करने के लिए काम किया। वे महिलाओं की स्थिति में सुधार, जाति प्रथा के उन्मूलन और गरीबों की सेवा के प्रति समर्पित थे।

स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी भारत के विकास में महत्वपूर्ण हैं। उनका आत्मविश्वास और कर्मयोग का संदेश युवाओं को प्रेरित करता है। यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए दिशा प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने। अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने का संदेश दिया। उनका मानना था कि आत्मनिर्भरता सशक्त राष्ट्र की नींव है। युवाओं से अपील की कि वे देश की उन्नति के लिए अपने ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग करें।

दफ़्तरनामा में पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार डॉ नीरज गजेंद्र का लिखा-

कवासी लखमा का आज ED में फिर पेशी, 2 हजार करोड़ से अधिक का घोटाला

रायपुर। शराब घोटाले मामले में घिरे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की मुश्किलें लगतार बढ़ती जा रही है। एकबार फिर कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) को ED का बुलावा आया है। आज पूर्व मंत्री ED दफ्तर पहुंचेंगे जहा ED के अधिकारी शराब घोटाले पर उनसे पूछताछ करेंगे। इससे पहले भी पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके करीबियों से पूछताछ कर चुकी है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में कई नेता और अफसर अवैध सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दे रहे थे।

रिपोर्ट्स की मानें तो ये पूरा सिंडिकेट सरकार के इशारों पर ही चलता रहा। तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा (Kawasi Lakhma) को भी इसकी जानकारी थी और कथित तौर पर कमीशन का बड़ा हिस्सा आबकारी मंत्री कवासी लखमा के पास भी जाता था।

महासमुंद, चोर से हुआ आमना-सामना चाकू मार फरार, पुलिस जांच में जुटी

महासमुंद, चोर से हुआ आमना-सामना चाकू मार फरार, पुलिस जांच में जुटी

महासमुंद\झलप। बुधवार आज अलसुबह झलप के एक घर में चेारों ने धावा बोल दिया। हालांकि, चोरी की घटना तो नहीं हुई लेकिन, यहां चोरों ने एक युवक को लहूलुहान कर दिया है। बताया जा रहा है यहां कपड़ा व्यापारी अमित गोयल अपने रोजाना की रूटीन में सुबह करीब 5 बजे गेट पर ताला लगाकर मार्निंग वाक में निकले थे।

उसी दौरान ताक में लगे लोग मेन गेट का ताला सब्बल से तोड़कर भीतर प्रवेश किए। इसके बाद व्यापारी का लड़का सौरभ गोयल का सामना चोरों से हो गया। दोनों तरफ से हाथापाई हुई। इस बीच चोरों ने चाकूनुमा कटर से युवक पर हमला कर दिया। जिससे 7-8 जगहों पर चोटें आई है। जानकारी के अनुसार, चोर बिना कुछ वहां से लिए भाग निकले। हालांकि अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है कि अज्ञात लोग किस वजह से उनके घर में घुसे थे। इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई, पुलिस घटना स्थल पहुंचकर जांच में जुटी है।

Vastu Tips: तुलसी मैय्या का ये 4 सरल उपाय संकटों से दिलाएगा मुक्ति!

Vastu Tips: तुलसी मैय्या का ये 4 सरल उपाय संकटों से दिलाएगा मुक्ति!

Vastu Tips: आप मेहनत बहुत करते हैं, बावजूद असफलता का मूंह देखना पड़ता है। इन अड़चनों से मुक्ति पाने के लिए आप कुछ सरल ज्योतिष उपाय अपना सकते हैं। यह उपाय न केवल धन की समस्या को हल कर सकता है, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का भी आपकी सहायता करता है। इस उपाय से आपके जीवन में धन आगमन के नए स्रोत खुल सकते हैं।

Vastu Tips: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यधिक पवित्र माना गया है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। तुलसी की पूजा करने से घर की पवित्रता बढ़ती है, और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। केवल तुलसी का पौधा ही नहीं, बल्कि उसकी जड़ें भी कई समस्याओं का समाधान कर सकती हैं।

Vastu Tips: अगर आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो तुलसी के पौधे की जड़ की मिट्टी का उपयोग एक उपाय के रूप में कर सकते हैं। शुक्रवार के दिन तुलसी के पौधे की मिट्टी को लाल रेशमी कपड़े में बांधें। इसके बाद इस पोटली को माता लक्ष्मी के चरणों में रखें और “ॐ श्रीं” मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा के बाद इस पोटली को अपनी तिजोरी में रख दें। यह उपाय धन स्थिरता बनाए रखने में सहायक होता है और धन की बेवजह बर्बादी को रोकता है।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का उपाय

Vastu Tips: शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की पूजा के दौरान उन्हें तुलसी की मंजरी अर्पित करें। यह सरल उपाय आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करता है। यदि विवाह में किसी प्रकार की बाधा आ रही हो, तो दूध में तुलसी की मंजरी मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। यह उपाय विवाह संबंधित परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है।

Today’s horoscope: 15 जनवरी, इन राशियों के लिए आज का दिन होगा बेहतर

सूखी तुलसी का उपयोग

Vastu Tips: यदि तुलसी का पौधा सूख गया है तो उसकी जड़ को फेंकने के बजाय उपयोग में लाएं। जड़ को लाल कपड़े में बांधें और इसे अपने घर की तिजोरी में रखें। ऐसा करने से धन का अपव्यय रुकता है। इसके अलावा, इस पोटली को घर के मुख्य द्वार पर बांधने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

पूजा के दौरान विशेष ध्यान

तुलसी की पूजा करते समय उसके चारों ओर लाल धागा बांधना शुभ माना जाता है। यह शुभता और समृद्धि का प्रतीक है। स्नान के बाद, तुलसी की जड़ को गंगाजल से साफ करें और फिर इसे लाल कपड़े में बांधकर उचित स्थान पर रखें।