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T20: भारत की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से दक्षिण अफ्रीका परास्त, तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने बनाया शतक…

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T20: भारत
T20: भारत

नई दिल्ली T20। एक पारी में 2 शतक. 23 छक्के. 135 रन से जीत… भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार देर रात वांडरर्स में ऐसी तबाही मचाई, जिसे क्रिकेटफैंस जल्दी नहीं भूलने वाले हैं. यह भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच T20 सीरीज का चौथा और निर्णायक मैच था. भारत ने इस मैच में 283 रन का पहाड़नुमा स्कोर खड़ा किया. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका को 148 रन पर समेट दिया. भारत की जीत के हीरो तिलक वर्मा और संजू सैमसन रहे. इन दोनों ने ही मैच में शतक बनाए. यह पहला अवसर था जब किसी T20 मैच में भारत के दो बैटर्स ने शतक लगाए हैं. तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड दिया गया.

भारत ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को चौथे T20 मैच में 135 रन के विशाल अंतर से हराया. यह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड है. इस जीत के साथ ही भारत ने 4 मैचों की सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली. यह T20 इतिहास में पहला मौका है, जब भारत ने किसी सीरीज में दक्षिण अफ्रीका को उसके घर में 3 मैचों में हराया है. भारत ने सीरीज का पहला, तीसरा और चौथा मैच जीता. दक्षिण अफ्रीका मेजबान होकर भी सीरीज में सिर्फ एक मैच जीत पाया.

संजू-अभिषेक ने मनचाही शुरुआत दी

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथा T20 मैच शुक्रवार देर रात जोहानेसबर्ग में खेला गया. भारत ने टॉस जीता और पहले बैटिंग की. ओपनर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने 5.5 ओवर में 73 रन की साझेदारी कर भारत को मनचाही शुरुआत दी. उन्होंने इस दौरान मेजबान गेंदबाजों की जमकर कुटाई की. लेकिन यह तो ट्रेलर था. फिल्म तो अभिषेक शर्मा (18 गेंद में 36 रन) के आउट होने के बाद शुरू हुई.

तिलक वर्मा ने खेली तूफानी पारी

अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद तिलक वर्मा मैदान पर उतरे. उन्होंने पिछले ही मैच में शतक लगाया था. तिलक ने ऐसे बल्लेबाजी शुरू की, जैसे तीसरे T20 मैच में खत्म की थी. इस मुंबईया बैटर ने आते ही चौकों-छक्कों की बरसात कर दी और देखते ही देखते संजू सैमसन से भी आगे निकल गए. इन दोनों बैटर्स के बीच जैसे शतक पूरा करने की होड़ मच गई, जिससे मैदान पर रनों का तूफान आ गया.

संजू के बाद तिलक ने भी बनाया शतक

संजू सैमसन ने 18वें ओवर की पांचवीं गेंद पर एक रन लेकर शतक पूरा किया तो तिलक वर्मा ने 19वें ओवर की पहली गेंद पर चौका मारकर अपने 100 रन पूरे किए. संजू ने 51वीं गेंद में शतक बनाया, तो तिलक वर्मा ने 41 गेंद में ही यह कमाल कर लिया. भारत ने इस मैच में 23 शतक लगाए. इसके साथ ही उसने एक पारी में 22 शतक लगाने का अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया.

तिलक का लगातार दूसरा शतक

यह तिलक का लगातार दूसरा शतक है तो संजू ने अपने पिछले 5 मैचों में 3 शतक बनाए हैं. उन्होंने पिछले महीने बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे T20 मैच में शतक बनाया था. संजू ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले और चौथे मैच में शतक बनाया.

210 रन की नाबाद साझेदारी

तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने 210 रन की नाबाद साझेदारी की. यह T20 मैच में भारत की किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड है. भारत ने इस साझेदारी की बदौलत 1 विकेट पर 283 रन का स्कोर बनाया. यह टी20 मैचों में भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. भारत T20 मैच में 297 रन का स्कोर भी बना चुका है.

अर्शदीप ने झटके 3 विकेट

दक्षिण अफ्रीका के लिए 284 रन के लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था. अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी ने इसे और असंभव बना दिया. अर्शदीप सिंह ने पहले ओवर में रीजा हेंड्रिक्स को आउट किया तो अपने दूसरे ओवर में एडेन मार्करम और हेनरिक क्लासेन को भी चलता कर दिया. इस बीच हार्दिक पंड्या भी रियान रिकल्टन को आउट कर चुके थे. नतीजा दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 4 विकेट पर 10 रन हो गया.

रमनदीप सिंह ने दिया आखिरी झटका

10/4 की स्थिति से किसी भी टीम के लिए जीतना असंभव था. यह संभव हुआ भी नहीं. ट्रिस्टन स्टब्स (43), डेविड मिलर (36) और मार्को यानसेन (29) ने छोटी-छोटी पारियां खेलकर अपनी टीम को बमुश्किल भारत के स्कोर से आधा रास्ता पार कराया. रमनदीप सिंह ने लुथो सिपाम्ला को आउट कर अफ्रीकी टीम को आखिरी झटका दिया. भारत ने अफ्रीकी टीम को 18.2 ओवर में 148 रन पर ढेर किया और 135 रन से मैच जीत लिया.

Aghan month आज से शुरू हुआ अगहन का पवित्र माह, जानें क्या है इसका भगवान श्रीकृष्ण से संबंध और व्रत-त्योहार की तारीख

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Aghan month आज से शुरू हुआ अगहन
Aghan month आज से शुरू हुआ अगहन

Aghan month: हिन्दू धर्म में साल के सभी 12 महीने बहुत खास होते हैं. सभी माह किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होते हैं. 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ कार्तिक का महीना समाप्त हो गया है. इसके बाद से हिंदू कैलेंडर के 9वें महीने अगहन यानी मार्गशीर्ष की शुरुआत हो गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये महीना भगवान कृष्ण को समर्पित होता है. आइए जानते हैं इस महीने का महत्व, व्रत-त्योहार और कृष्ण जी से संबंध.

अगहन माह की शुरुआत

हिंदू पंचाग के मुताबिक, अगहन महीने के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 16 नवंबर शनिवार को सुबह 2 बजकर 58 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस ति​थि का समापन रात 11 बजकर 50 मिनट पर होगा. उदयातिथि को देखते हुए अगहन माह का शुभारंभ 16 नवंबर से होगा.

अगहन माह का समापन

पंचांग के अनुसार किसी भी महीने का समापन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के साथ होता है. ऐसे में अगहन माह का समापन 15 दिसंबर को होगा.

अगहन महीने का श्री कृष्ण का संबंध

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगहन महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने का विधान है. मान्यता है कि जप तप और ध्यान करने से व्यक्ति के बिगड़े हुए कार्य पूरे हो जाते हैं. साथ ही भगवान कृष्ण मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं को अगहन मार्गशीर्ष बताया है. कृष्ण जी कहते हैं…

बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम्। मासानां मार्गशीर्षोऽहमृतूनां कुसुमाकर

अर्थात – मैं सामों में बृहत्साम, छन्दों में गायत्री, मासों में मार्गशीर्ष और ऋतुओं में वसन्त ऋतु मैं हूं. इस श्लोक के माध्यम से श्रीकृष्ण ने स्वंय को मार्गशीर्ष महीना बताया है.

अगहन मार्गशीर्ष महीने के व्रत-त्योहार

16 नवंबर 2024: वृश्चिक संक्रांति

18 नवंबर 2024: गणाधिप संकष्टी चतुर्थी

22 नवंबर 2024: कालभैरव जयंती

23 नवंबर 2024: कालाष्टमी

26 नवंबर 2024: उत्पन्ना एकादशी

28 नवंबर 2024: प्रदोष व्रत

29 नवंबर 2024: मासिक शिवरात्रि

30 नवंबर 2024: दर्श अमावस्या

06 दिसंबर 2024: विवाह पंचमी

07 दिसंबर 2024: चंपा षष्ठी

08 दिसंबर 2024: भानु सप्तमी

11 दिसंबर 2024: गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी

12 दिसंबर 2024: मत्स्य द्वादशी

13 दिसंबर 2024: प्रदोष व्रत

14 दिसंबर 2024: दत्तात्रेय जयंती

15 दिसंबर 2024: धनु संक्रांति और मार्गशीर्ष पूर्णिमा

 (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है WebMorcha इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Ank Jyotish: जानिए शनिवार का आपका गुड नंबर और शुभ रंग क्या होगा

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Ank Jyotish

Ank Jyotish: अंक ज्योतिष में गणनों के माध्यम से गणित के नियमों का व्यवहारिक उपयोग करके मानव जीवन की विभिन्न पक्षों, उसकी विचारधारा, जिंदगी के विषय पर विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। चलिए अंक शास्त्र के माध्यम से जानते हैं आपका मूलांक, शुभ अंक और लकी कलर कौन सा है।

Aaj Ka Ank Jyotish आज अंक ज्योतिष Ank shaastr
Ank Jyotish अंक शास्त्र

अंक 1

आज दिन का अधिकतर समय आपका व्यस्त रहने वाला होगा।  Ank Jyotish आज का दिन दोस्तों, उनके दोस्तों और उनके भी दोस्तों से संबंधित है। अपने प्रियजनों से मिल सकते हैं। आप आज ऐसे लोगों के साथ रहना पसंद करेंगे जिनकी संगति आपको अच्छी लगती है।

शुभ अंक-23

शुभ रंग- पीला

अंक ज्योतिष Ank shaastr आज
Ank Jyotish Aaj Ka Ank Jyotish

अंक 2

आज दूसरों के साथ अपनी रचनात्मकता को शेयर करना होगा। Ank Jyotish नए रास्ते पर चलते हुए अपने साहस पर भरोसा करें। बच्चों या दादा-दादी को आपकी देखभाल की ज़रूरत पड़ सकती है।

शुभ अंक- 9

शुभ रंग- केसरिया

अंक 3

अपनी समझदारी पर विश्वास करें और आप संतुलित और संतुष्ट महसूस करेंगे। Ank Jyotish आप क्या करना चाहते हैं और क्या नहीं करना चाहते, इन बातों का पूरा ख्याल रखें। अपनी मेहनत के कारण ही लोग आपको पहचानेंगे।

शुभ अंक-16

शुभ रंग- नीला

अंक 4

इस समय बदलाव ज़रूरी है। Ank Jyotish आपकी योजनाएं घर में किसी मतभेद या किसी आवश्यक मरम्मत के कारण रद्द हो सकती हैं। जोखिम भरे निवेश से बचें। सभी निर्णयों को ध्यानपूर्वक लेने के लिए समय निकालें।

शुभ अंक- 18

शुभ रंग- ग्रे

अंक 5

इस समय आत्मनिरीक्षण की ज़रूरत है। Ank Jyotish आज हर अवसर और मौका आपके लिए खुला रहेगा। इस समय आपका उत्साह भी अत्यधिक है इसके साथ ही नए विचारों का भी आपके जीवन में आगमन होगा।

शुभ अंक-6

शुभ रंग- लाल

अंक 6

अभी शायद घरेलू मुद्दों से निपटने के लिए आपको एक छोटी सी यात्रा की आवश्यकता हो सकती है। Ank Jyotish मरम्मत और नवीनीकरण के लिए आपके ध्यान की ज़रूरत है। दोस्तों के साथ खाली समय और नेटवर्किंग में भाग लेने का मज़ा लें।

शुभ अंक-29

शुभ रंग- गुलाबी

अंक 7

बुजुर्गों से सलाह लेना न भूलें। Ank Jyotish जब आप नई व्यावसायिक योजनाएं शुरू करते हैं तो अनुबंधों को बारीकी से देखें। आप अपनी प्राथमिकताओं के बारे में सब जानते है इसलिए समय,मांग और संसाधनों का सही तरीके से प्रयोग कर सकते है।

शुभ अंक- 21

शुभ रंग-  नारंगी

अंक 8

आपके नेतृत्व वाले गुणों को घर और काम में पहचान मिल रही है। Ank Jyotish कार्यस्थल पर आपको गर्व महसूस होगा और अपने प्रयासों के लिए आपको पुरस्कृत किया जाएगा। बिक्री या व्यापार के लिए एक अच्छा समय है। अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर होने और कड़ी मेहनत करने के लिए समय शुभ है।

शुभ अंक-11

शुभ रंग- भूरा

अंक ज्योतिष अंक शास्त्र Ank shaastr आज
अंक शास्त्र

अंक 9

अब आप आत्मनिरीक्षण और चिंतन के माध्यम से अपनी वास्तविक क्षमता को बढ़ा सकते है, जिसके परिणामस्वरूप आत्मविश्वास बढ़ेगा। Ank Jyotish आपके जीवन में कोई रिश्तेदार या पड़ोसी अहम भूमिका निभाएंगे। नौकरी में कड़ी मेहनत और समर्पण आपकी मदद करेगा। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

शुभ अंक- 19

शुभ रंग-  हरा

महासमुंद बसना के ग्राम अंकोरी में 879 कट्टा धान जब्त  

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महासमुंद बसना के ग्राम अंकोरी
महासमुंद बसना के ग्राम अंकोरी

महासमुंद 15 नवंबर 2024/ बसना अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज खांडे के निर्देशन में देर रात बसना के ग्राम अंकोरी मे  विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार घर मे क्रमशः 479 और 400 कट्टा धान के अवैध भंडारण पर सख्ती बरतते हुए कुल 879 कट्टा धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई किया गया। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि अंकोरी विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार के घर में बिना पर्याप्त दस्तावेज के धान का भंडारण किया गया है। तत्पश्चात राजस्व की  टीम ने  छापामार कार्रवाई की और दस्तावेज मांगे, परंतु पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे।

इस मामले में प्रशासन द्वारा धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत करवाई कर जब्त किया गया। ज्ञात है कि कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए हैं कि अवैध परिवहन और भण्डारण पर सख्ती जारी रहेगी, और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई मे अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज खांडे, तहसीलदार ममता ठाकुर, फ़ूड इंस्पेक्टर, मंडी उपनिरीक्षक, पटवारी मौजूद थे।

उल्लेखित है कि प्रशासन द्वारा पहले दिन ही सरायपाली, पिथौरा मे बड़ी कारवाई की गई है। जिसमे ट्रक मे अवैध परिवहन करते और 1000 कट्टा धान का भण्डारण किया गया था। जिसे जप्त किया गया।

Kartik Purnima 2024: आज कार्तिक पूर्णिमा पर घर में करें ये सरल उपाय, गंगा की कृपा से प्राप्त होगा सुख-समृद्धि

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Kartik Purnima 2024
Kartik Purnima 2024

Kartik Purnima 2024: कार्तिक पूर्णिमा के साथ कार्तिक मास का समापन हो जाता है. इस दिन देव दिवाली भी मनाई जाती है. हिन्दू पंचांग के अनुसार पंचांग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 15 नवंबर 2024 को सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर हो गई है. वहीं, इसका समापन 16 नवंबर 2024 को सुबह 02 बजकर 58 मिनट को होगा. उदयातिथि को देखते हुए कार्तिक पूर्णिमा का त्योहार 15 नवंबर को मनाया जाएगा.

करें ये आसान उपाय

Kartik Purnima 2024 कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करना बेहद लाभदायक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा दान करने से और नदियों के किनारे दीपक जलाने पर कई गुना पुण्य लाभ व्यक्ति को प्राप्त होता है. आज आप कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर घर बैठे गंगा मां को प्रसन्न कर सकते हैं और उनकी विशेष कृपा पा सकते हैं. इसके लिए आप विधि विधान से शुभ मुहूर्त में गंगा चालीसा का पाठ करें. कहा जाता है कि इस चालीसा का पाठ करने से सुख-सौभाग्य की प्राप्त होती है और व्यक्ति के तरक्की के द्वार खुल जाते हैं. यहां पढ़ें गंगा चालीसा..

Kartik Purnima 2024
Kartik Purnima 2024

Kartik Purnima 2024 गंगा चालीसा

जय जय जय जग पावनी।

जयति देवसरि गंग।।

जय शिव जटा निवासिनी।

अनुपम तुंग तरंग॥

चौपाई

जय जय जननी हरण अघ खानी।

आनंद करनि गंग महारानी॥

जय भगीरथी सुरसरि माता।

कलिमल मूल दलनि विख्याता॥

जय जय जहानु सुता अघ हनानी।

भीष्म की माता जगा जननी॥

धवल कमल दल मम तनु साजे।

लखि शत शरद चंद्र छवि लाजे॥

वाहन मकर विमल शुचि सोहै।

अमिय कलश कर लखि मन मोहै॥

जड़ित रत्न कंचन आभूषण।

हिय मणि हर, हरणितम दूषण॥

जग पावनि त्रय ताप नसावनि।

तरल तरंग तंग मन भावनि॥

जो गणपति अति पूज्य प्रधाना।

तिहूं ते प्रथम गंगा स्नाना॥

ब्रह्म कमंडल वासिनी देवी।

श्री प्रभु पद पंकज सुख सेवि॥

साठि सहस्त्र सागर सुत तारयो।

गंगा सागर तीरथ धरयो॥

अगम तरंग उठ्यो मन भावन।

लखि तीरथ हरिद्वार सुहावन॥

तीरथ राज प्रयाग अक्षैवट।

धरयौ मातु पुनि काशी करवट॥

धनि धनि सुरसरि स्वर्ग की सीढी।

तारणि अमित पितु पद पिढी॥

भागीरथ तप कियो अपारा।

दियो ब्रह्म तव सुरसरि धारा॥

जब जग जननी चल्यो हहराई।

शम्भु जाटा महं रह्यो समाई॥

वर्ष पर्यंत गंग महारानी।

रहीं शम्भू के जटा भुलानी॥

पुनि भागीरथी शंभुहिं ध्यायो।

तब इक बूंद जटा से पायो॥

ताते मातु भइ त्रय धारा।

मृत्यु लोक, नाभ, अरु पातारा॥

गईं पाताल प्रभावति नामा।

मन्दाकिनी गई गगन ललामा॥

मृत्यु लोक जाह्नवी सुहावनि।

कलिमल हरणि अगम जग पावनि॥

धनि मइया तब महिमा भारी।

धर्मं धुरी कलि कलुष कुठारी॥

मातु प्रभवति धनि मंदाकिनी।

धनि सुरसरित सकल भयनासिनी॥

पान करत निर्मल गंगा जल।

पावत मन इच्छित अनंत फल॥

पूर्व जन्म पुण्य जब जागत।

तबहीं ध्यान गंगा महं लागत॥

जई पगु सुरसरी हेतु उठावही।

तई जगि अश्वमेघ फल पावहि॥

महा पतित जिन काहू न तारे।

तिन तारे इक नाम तिहारे॥

शत योजनहू से जो ध्यावहिं।

निशचाई विष्णु लोक पद पावहिं॥

नाम भजत अगणित अघ नाशै।

विमल ज्ञान बल बुद्धि प्रकाशै॥

जिमी धन मूल धर्मं अरु दाना।

धर्मं मूल गंगाजल पाना॥

तब गुण गुणन करत दुख भाजत।

गृह गृह सम्पति सुमति विराजत॥

गंगाहि नेम सहित नित ध्यावत।

दुर्जनहुँ सज्जन पद पावत॥

बुद्दिहिन विद्या बल पावै।

रोगी रोग मुक्त ह्वै जावै॥

गंगा गंगा जो नर कहहीं।

भूखे नंगे कबहु न रहहि॥

निकसत ही मुख गंगा माई।

श्रवण दाबी यम चलहिं पराई॥

महाँ अधिन अधमन कहँ तारें।

भए नर्क के बंद किवारें॥

जो नर जपै गंग शत नामा।

सकल सिद्धि पूरण ह्वै कामा॥

सब सुख भोग परम पद पावहिं।

आवागमन रहित ह्वै जावहीं॥

धनि मइया सुरसरि सुख दैनी।

धनि धनि तीरथ राज त्रिवेणी॥

कंकरा ग्राम ऋषि दुर्वासा।

सुन्दरदास गंगा कर दासा॥

जो यह पढ़े गंगा चालीसा।

मिली भक्ति अविरल वागीसा॥

दोहा

नित नव सुख सम्पति लहैं।

धरें गंगा का ध्यान।

अंत समय सुरपुर बसै।

सादर बैठी विमान॥

संवत भुज नभ दिशि।

राम जन्म दिन चैत्र।

पूरण चालीसा कियो।

हरी भक्तन हित नैत्र॥

Ank Jyotish: आज देव दिवाली का दिन रहेगा बेहतरीन, उपलब्धि के साथ जानें अपना भविष्यफल

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Ank Jyotish

Ank Jyotish: आज देव-दिवाली का महपर्व है।  ऐसे में आज का दिन आपके लिए कैसे रहने वाला है जानिए आज अंक ज्योतिष ….

Aaj Ka Ank Jyotish आज अंक ज्योतिष Ank shaastr
Ank Jyotish अंक शास्त्र

अंक 1 (किसी भी माह की 1, 10, 19 और 28 तारीख को जन्मे लोग)

आज का दिन आपके लिए यादगार रहेगा क्योंकि आप अपने लिए एक पेशेवर उपलब्धि हासिल करेंगे. (Ank Jyotish) आज कविता और साहित्यिक समारोहों में आपकी रुचि बनी रहेगी. सिर में तेज दर्द हो सकता है; आराम करें और आराम करें. आप व्यवसाय को आनंद के साथ जोड़ने में सफल होते हैं. अपने साथी के साथ बेहतरीन समय बिताएं.      शुभ अंक 17                                                                                                                                         शुभ रंग ग्रे है.

अंक 2 (किसी भी माह की 2, 11, 20 या 29 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि अच्छी सार्वजनिक छवि और सामाजिक संपर्क आपको समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाएंगे. आज आप बाहर खाने का आनंद लेंगे. (Ank Jyotish) जमीन या संपत्ति खरीदने का अवसर है. खर्चे अधिक हैं और आपको समस्याओं से निपटने के लिए विभिन्न स्रोतों से धन की व्यवस्था करनी होगी. अपनी आँखें खुली रखें क्योंकि आप उस व्यक्ति से मिल सकते हैं जिसके साथ आप अपना जीवन साझा करेंगे. आपका लकी नंबर 9 है और आपका लकी रंग मैरून है.

अंक 3 (किसी भी माह की 3, 12, 21, 30 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि आप अपने भाग्य में अचानक बदलाव का अनुभव करेंगे. पूरे दिन थकावट का अहसास बना रहेगा. कूटनीतिक बनें; अनावश्यक बहस में न पड़ें. (Ank Jyotish) आज आप काम पर शीर्ष पर हैं, और अपनी कड़ी मेहनत का फल पा रहे हैं. आप निश्चित रूप से प्रेम के मूड में हैं. आपका भाग्यशाली अंक 7 है और आपका भाग्यशाली रंग लेमन है.

अंक 4 (किसी भी माह की 4, 13, 22 या 31 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ अधिक मिलनसार बनें. आज आप बेफिक्र मूड में हैं. आप शारीरिक रूप से बहुत अच्छा महसूस करते हैं; (Ank Jyotish) यह एक नया फिटनेस कार्यक्रम शुरू करने का समय है. आपकी प्रखर बुद्धि आपको व्यावसायिक समस्याओं को आसानी से दूर करने में मदद करती है. प्रेमी के साथ आपका झगड़ा है, चीजें अपने आप सुलझ जाएंगी, बस इसे ज़्यादा न करें. आपका लकी नंबर 5 है और आपका लकी रंग हरा है.

अंक 5 (किसी भी माह की 5, 14, 23 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि घरेलू शांति को खतरा है. बच्चे आज आपको कोई अप्रिय आश्चर्य दे सकते हैं. आज आपको बुखार महसूस हो सकता है; गर्म कपड़े पहनें. (Ank Jyotish)खर्चे बढ़ सकते हैं, जिससे आपको अपनी बचत में से पैसे निकालने पड़ सकते हैं. आपके साथी के साथ आपके संबंध बहुत अच्छे चल रहे हैं. आपका लकी नंबर 2 है और आपका लकी रंग नारंगी है.

अंक 6 (किसी भी माह की 6, 15 या 24 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि इस समय आप अपनी लोकप्रियता के शिखर पर हैं. आज आप चिंता से ग्रस्त लग रहे हैं. मानसिक तनाव बढ़ गया है और शारीरिक ऊर्जा कम हो गई है. (Ank Jyotish) इस समय आराम से रहें. आप काम के मोर्चे पर देरी और निराशाओं से खुद को बाधित पाते हैं. आप अपने घरेलू जीवन में भावनात्मक सामंजस्य की भावना का आनंद लेते हैं. आपका लकी नंबर 22 है और आपका लकी रंग बैंगनी है.

अंक 7 (किसी भी माह की 7, 16, और 25 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति आपको गलत समझ सकता है. आज आप लापरवाह मूड में हैं. आपकी शारीरिक फिटनेस अपने चरम पर नहीं है. (Ank Jyotish) आप अपने व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. यह दिन कोमल प्रेम के लिए बना है; अच्छी यादें बनती हैं. आपका भाग्यशाली अंक 3 है और आपका भाग्यशाली रंग मैजेंटा है.

अंक 8 (किसी भी माह की 8, 17 और 26 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि कोई ऐसा व्यक्ति जो उच्च पद पर हो, आपकी मदद करेगा. आज आप बाहर खाने का आनंद लेंगे. अपने अच्छे स्वास्थ्य के कारण आप पूरे दिन उत्साहित रहेंगे. (Ank Jyotish) आय में वृद्धि आपको बेहतर जीवनशैली अपनाने में मदद करेगी. आपका साथी न केवल आपकी शारीरिक, बल्कि भावनात्मक और बौद्धिक ज़रूरतों को भी पूरा करता है. आपका लकी नंबर 5 है और आपका लकी रंग भूरा है.

अंक ज्योतिष अंक शास्त्र Ank shaastr आज
अंक शास्त्र

अंक 9 (किसी भी माह की 9, 18 और 27 तारीख को जन्मे लोग)

गणेशजी कहते हैं कि आपको प्रशंसा मिलेगी. आज किसी भी तरह के अनावश्यक वाद-विवाद में न उलझें. परिस्थितियों के बावजूद निडर रहने का दिन है. (Ank Jyotish) आय में नाटकीय वृद्धि के साथ, शायद यह समय खुद का ख्याल रखने का है. इस अवधि में आपके साथी का स्वास्थ्य आपको कुछ चिंताजनक क्षण दे सकता है. आपका भाग्यशाली अंक 4 है और आपका भाग्यशाली रंग नीला है.

इंडिगो फ्लाइट बम की सूचना, रायपुर में लैंडिग

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इंडिगो फ्लाइट
Indigo flight bomb information, landing in Raipur

रायपुर। इंडिगो फ्लाइट में बम होने की सूचना मिलने पर रायपुर माना विमानतल में इमरजेंसी लैंडिग कराई गई. इस मामले को लेकर क्राइम ब्रांच पुलिस सूचना देने वाले यात्री निमेष मंडल को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. वहीं आईएसएफ और रायपुर पुलिस (Police) की टीम के एयरक्राफ्ट में जांच लगभग पूरी होने के बाद अब यात्रियों को वापिस प्लेन में बैठाकर टेक ऑफ की तैयारी की जा रही है.

बता दें, नागपुर से कलकत्ता जा रही इंडिगो फ्लाइट संख्या 6E812 में बम की सूचना मिलने पर तत्काल विमान को रायपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराया गया और सभी यात्रियों को भी एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर लगभग 4 घंटे तक एयरक्राफ्ट की जांच की गई. हालांकि अब तक विमान में कोई बम बरामद नहीं हुई है. वहीं अब माना पुलिस सूचना देने वाले यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. इस मामले में यात्री पर एविएशन एक्ट के तहत की जाने की भी संभावना है.

15 नवम्बर : जनजाति गौरव दिवस विशेष. लाल आतंकी साया मिटाकर ही जनजातीय गौरव लौटा सकेंगे

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अनिल पुरोहित,* पत्रकार
अनिल पुरोहित,* पत्रकार

अनिल पुरोहित,* पत्रकार

देशभर में जनजातीय गौरव दिवस का उल्लासपूर्ण वातावरण बना हुआ है। जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत से लेकर उनकी अनुसरणीय समाज व्यवस्था, आध्यात्मिकता और विशिष्ट ज्ञान परम्परा तक की चर्चा की जा रही है। बौद्धिक जगत मननशील है कि विश्व की समस्याओं के निराकरण के लिए हम जनजातीय बन्दुओं से क्या सीख सकते हैं। लेकिन दूसरी ओर, माओवाद के लाल दानव इन गौरवशाली परम्पराओं को नष्ट-भ्रष्ट कर रहे हैं। इसलिए जनजातीय गौरव दिवस हमारे उस दायित्व का स्मरण कराने वाला दिन भी है कि इस कम्युनिस्ट आतंक का रामबाण इलाज ढूँढ़कर भय-आतंक और हिंसा से जनजातीय समाज को मुक्ति दिलाना है।*_

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों (कम्युनिस्ट आतंकवादियों) द्वारा इसी सोमवार की रात बीजापुर जिले के जांगला थाना क्षेत्र में ग्राम पोटेनार में अपनी कथित जनअदालत लगाकर पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्राम माटवाड़ा के ग्रामीण माड़वी दुलारू की हत्या करने के बाद 15 नवम्बर को मनाए जाने वाले जनजाति गौरव दिवस के परिप्रेक्ष्य में जनजातीय समाज पर माओवादियों के प्रभाव पर विमर्श की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। पिछले अक्टूबर माह में भी नक्सली आतंकवादियों ने 8, 19 और 29 अक्टूबर को बस्तर के विभिन्न इलाकों में कन्हैया ताती, तिरुपति भंडारी और दिनेश पुजारी की हत्या करके दहशत फैलाने का काम किया था।

और ऐसी ही कहानियाँ पिछले दो दशकों से लगातार हमें देश के जनजाति–बहुल क्षेत्रों से लगातार सुनने में आ रही हैं। विश्व की एक प्रतिष्ठित संस्था साउथ एशिया टेररिस्ट पोर्टल की वेबसाइट पर प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार 2019 से लेकर अब तक निरपराध ग्रामीणों को गोली मारने की ऐसी 49 घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें कुल 69 लोगों की हत्या की गई है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 31 दिसम्बर 2019 को प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार वर्ष 1999 से 2019 तक 20वर्षों में देशभर में कुल 8,126 निर्दोष नागरिकों की हत्या इन माओवादियों ने की है। इसके अलावा कभी बारुदी सुरंग, तो कभी अन्धाधुन्ध फायरिंग, आदि से हताहत होकर जीवनभर के लिए पंगु हो जाने वाले लोगों की गणना तो अभी बाकी है। ऐसे ही, पिछले ढाई दशकों में अनेक विद्यालय, अस्पताल, पुल- पुलिया आदि इन माओवादियों ने ध्वस्त किये हैं।

विकासपरक कार्यों में निरन्तर बाधा डालकर जनजातीय क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढाँचे जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रखा जा रहा है। उन्हें भारत सरकार के खिलाफ बन्दूकें उठाने पर मजबूर किया जा रहा है। अपने सगे-सम्बन्धियों की हत्या के लिए विवश किया जा रहा है। शान्ति, उत्साह और मस्ती से भरा निश्चिन्त जीवन जीने वाले लोग दिन-रात अपनी और अपने परिवार की चिन्ता में लगे रहकर ‘दादालोगों’ की गुलामी को विवश हैं। छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखण्ड, बंगाल, तेलंगाना, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों में तो आए दिन माओवादी घटनाओं से जुड़ी ऐसी खबरें पढ़ने में आती रहती हैं। भले ही माओवादियों के शहरी तन्त्र के कारण इन घटनाओं का बाहर उल्लेख न के बराबर रहता है।

अब कुछ सवाल ये खड़े होते हैं कि वे चाहते क्या हैं? जब नक्सली खुद को सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोधी बताकर यह दावा करते हैं कि वे सरकारी दमन से जनजातीय समाज के जल-जंगल-जमीन की रक्षा कर रहे हैं, तो फिर वे सीधे-सादे निरपराध जनजातीय समाज के ग्रामीणों की हत्या क्यों कर रहे हैं? हम सब जिन्हें प्रायः नक्सली नाम से जानते हैं, वे खुद के संगठन को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) क्यों कहते हैं? उनके पास आधुनिक हथियार कहाँ से आए? इन लोगों ने अत्याधुनिक खुफिया तंत्र कैसे विकसित कर लिए? चीन के कम्युनिस्ट तानाशाह माओ से भला इनका क्या लेना-देना? इन सवालों का जवाब हम ढूँढ़ें तो पता चलेगा कि दरअसल ये नक्सलवाद, नक्सली, भटके हुए लोग, जैसा कुछ है ही नहीं।

यह एक विशुद्ध आतंकवाद है और नक्सली वास्तव में आतंकवादी हैं, जो पूरी दुनिया को कम्युनिस्ट बनाने की सनक के साथ काम कर रहे हैं और पूरी दुनिया में अबतक 10 करोड़ से भी ज्यादा लोगों की जान ले चुके हैं। माओ-प्रेरित ये आतंकवादी जनजातीय समाज की आड़ लेकर आतंक के रास्ते भारत की राजनीतिक सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए लाल-युद्ध चला रहे हैं।  पिछले कुछ वर्षों में पुलिस और सुरक्षाबलों के द्वारा विभिन्न आपरेशन्स में जब्त अनेक माओवादी दस्तावेज इस बात के प्रमाण हैं कि यह चीन के कम्युनिस्ट तानाशाह माओ त्से तुंग के सशस्त्र कम्युनिस्ट क्रान्ति के विचारों पर आधारित एक सुनियोजित युद्ध है और उसका एकमात्र लक्ष्य संविधान द्वारा स्थापित भारत की सत्ता को उखाड़कर उसकी जगह चीन की ही तरह कम्युनिस्ट तानाशाही को स्थापित करना है।

ऐसे में यह प्रश्न भी उठता है कि उन्होंने वन्य क्षेत्रों को ही क्यों चुना? तो इसका उत्तर है कि कम्युनिस्ट आतंकवादियों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत जनजातीय क्षेत्रों को ही इसलिए चुना क्योंकि इन माओवादियों ने भारत के विरुद्ध जब सेना बनानी शुरू की तो वह भलीभाँति यह जानते थे कि भारतीय सेना के आगे तो वह टिक नहीं पाएंगे, इसलिए उन्होंने जंगलों को अपना अड्डा बनाया। घने वनों और उनमें रहने वाले जनजातीय समाज में उन्हें इस युद्ध के लिए अपने सैन्य अड्डे स्थापित करने के साधन दिखाई पड़े, इसलिए ही उन्होंने इन दुर्गम स्थानों की शरण ली और फिर, वहाँ रह रहे जनजातीय समाज की-जीवन-पद्धति, उनकी संस्कृति, उनकी आस्था व आध्यात्मिक चेतना को अपनी दखलंदाजी से खत्म करने का कुचक्र चलाया।

जाहिर है, ये जंगल माओवादियों के लिए बेहद सुरक्षित अड्डे बने भी और निश्छल, सहज-सरल जनजातीय समाज को उन्होंने आमना-सामना होने पर पुलिस व सेना के सामने अपने लिए एक ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया। केवल इतना ही नहीं, उन्होंने और शहरी (अर्बन) नक्सलियों ने मिलकर दसियों झूठ गढ़कर न केवल जनजातीय समाज को दिग्भ्रमित किया, अपितु शेष समाज में भी जनजातीय समाज को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियाँ फैलाकर ऐसा अलगाव पैदा किया जो इस्लाम और ब्रिटिशों के दौर में भी नहीं हो सका था। इन नक्सलियों ने झूठ का ऐसा मायाजाल रचा कि सबसे पहले तो जनजातीय समाज के लोगों को उनकी संस्कृति से दूर किया, उनके समक्ष नए-नए आदर्श रखे, उनमें अपनी पहचान को लेकर भ्रम पैदा किया गया। कम्युनिस्ट आतंकवादियों ने ऐसे कई झूठे विमर्श स्थापित किए हैं।

सबसे बड़ा झूठ तो यही है कि माओवादी आदिवासी किसानों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। जबकि, सच यह है कि माओवादी ही जनजातीय लोगों का शोषण कर रहे हैं। उनके आतंकी लड़ाके गाँववालों से अपनी रसद वसूलते हैं। उन्हें आतंकियों को छिपाए रखने को विवश किया जाता है, और जो कोई मुखालफत करता है, वे उसकी क्रूरता से हत्या कर देते हैं। इसी तरह नक्सलियों को महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें समानता का अधिकार दिलाने के लिए लड़ने वाला बताया जा रहा है, जबकि जनजातीय महिलाओं का सर्वाधिक यौन शोषण माओवादी ही करते हैं। वे अपने संगठन में, अपनी कथित सेना में जिम्मेदारियाँ निभा रही महिलाओं को भी नहीं छोड़ते। अनेक आत्मसमर्पित माओवादियों ने इन अत्याचारों पर से पर्दा उठाया है।

आदिवासियों के वनाधिकार के लिए लड़ाई के दावे का सच यह है कि जब केन्द्र सरकार वनाधिकार देने हेतु ड्रोन सर्वे के माध्यम से जमीन की डिजिटल मैपिंग कर रही है, तो ये माओवादी ही उसके विरोध में मिथ्यालाप कर रहे हैं क्योंकि इस मैपिंग से भारत के विरुद्ध जंग में बस्तर को अपना मुख्य अड्डा बनाने के कम्युनिस्ट आतंकवादियों के मंसूबों पर पानी फिर जाएगा। कुल मिलाकर, हमें यह समझ लेना चाहिए कि वे कोई लोगों के लिए लड़ने के लिए नहीं आए हैं, वे अपने भारत-विरोधी मंसूबों को पूरा करने के लिए दण्डकारण्य क्षेत्र में आए हैं।

यह सच इन कम्युनिस्ट आतंकवादियों के दस्तावेज़ स्वयं ही उजागर कर देते हैं। सीपीआई (एम) का डॉक्यूमेंट ‘स्ट्रैटेजी एण्ड टैक्टिक्स ऑप इंडियन रिवॉल्यूशन’ सबकुछ स्पष्ट कर देता है। यह जनजातीय समाज और किसानों के गुस्से से उपजा कोई स्वस्फूर्त आन्दोलन नहीं है। इन कम्युनिस्ट आतंकवादियों का तो संविधान और किसी तरह की संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास ही नहीं है। इसे दुर्भाग्य कहें या फिर कम्युनिस्टों के दुष्प्रचार का प्रभाव कि आज सामान्य जनमानस में इस झूठ ने गहरी पैठ बना रखी है।

जनजातीय क्षेत्रों में पैदा की जा रही चुनौतियाँ*

कम्युनिस्ट आतंकवादियों ने अब जनजातीय समाज पर अपनी पकड़ के कमजोर होने और सरकार द्वारा माओवाद-विरोधी अभियानों में आई तेजी से बौखलाकर कपट-युद्ध शुरू किया है। फलतः हमारे और हमारे जनजातीय बन्धुओं के समक्ष नई चुनौतियाँ खड़ी हो रही हैं। माओवादी अब यह झूठ भी फैला रहे हैं कि आदिवासी हिन्दू नहीं है। हिन्दू परम्परा का पालन करने पर लोगों को दण्ड दिया जा रहा है।

इससे भारतीय समाज में भेद की एक नई रेखा के उपजने की आशंका है। इसके अलावा एक नया झूठ और स्थापित किया जा रहा है कि आदिवासी ही भारत के मूलनिवासी हैं, जो बाहरी लोगों द्वारा पीड़ित हैं। इससे भी समाज के विघटन का संकट हो सकता है। पत्थलगड़ी, पेसा, 5वीं व 6ठी अनुसूची, समान नागरिक संहिता और वनाधिकार कानून पर भ्रम फैलाया जा रहा है।

माओवादियों व चर्च का गठजोड़ भी जनजातीय क्षेत्रों में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अपने प्रभाव के क्षेत्रों में माओवादी राजनैतिक हत्याएँ तो बढ़ा ही रहे हैं, साथ-साथ इन क्षेत्रों में वे अपना राजनैतिक नियंत्रण भी बढ़ा रहे हैं। इनके इकोसिस्टम द्वारा इन कम्युनिस्ट आतंकियों को राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पीड़ित-क्रान्तिकारी बताने का प्रयास भी लगातार किया जा रहा है।

जनजातीय समाज पर प्रभाव*

चीन की तरह ही आतंकी तानाशाही की स्थापना की बदनीयती के साथ इन आतंकियों ने बस्तर की स्थिति भी ऐसी कर दी है; कि अब वहाँ न व्यक्ति और न ही अभिव्यक्ति का कोई महत्व है। मुँह खोलने की सजा मौत है। निरीह जनजातीय समाज के मन में उनकी ही चुनी सरकार के प्रति भय और आतंक के भाव इस सीमा तक भर दिए गए हैं कि वे लोग आज भी खाकी वर्दी देखकर छिप जाते हैं। महानगरों में एयर-कण्डीशण्ड कमरों में बैठे कुछ अप्रकट आतंकियों (या आम बोल-चाल के अर्बन नक्सलियों) ने लगातार इसे वंचितों का सरकार के प्रति विद्रोह बताने का दुष्चक्र चलाया है। और दुर्भाग्यवश, हमारे अकादमिक संस्थान भी नक्सल आन्दोलन कहकर इसे वंचित भारतीयों की व्यवस्था के विरुद्ध एक प्रतिक्रिया के रूप में ही पढ़ा रहे हैं।

जबकि बस्तर में अभी चल रही माओवादी हिंसा कोई वहाँ के जनजातीय लोगों की चलाई हुई नहीं है, बल्कि उन पर थोपी हुई है। सहअस्तित्व और सामूहिकता के उच्चादर्शों के साथ जीने वाले लोगों के मन में हिंसा और क्रूरता के बीज बोए जा रहे हैं। माओवादियों ने जनजातीय समाज के जीवन को इस सीमा तक प्रभावित किया है कि वे अब आत्मविस्मृत-से होते जा रहे हैं। जनजाति संस्कृति नष्ट की जा रही है, परम्पराएँ भ्रष्ट की जा रही हैं। मनौवैज्ञानिक रूप से उनका मूल स्वभाव बदल कर उनमें पीड़ित होने का भाव और ज़िहादी मानिसकता भरी जा रही है।

पहले गाँव के विषय गायता और पुजारी सुलझाते थे, किंतु अब इसके लिए संघम सदस्य बैठता है। आज हमारे जनजाति बन्धु अपने पुरखों की जगह माओ, लेनिन, मार्क्स आदि को अपना आदर्श मानने को विवश हैं। रमणीय पर्यटन योग्य क्षेत्र की पहचान अब लाल आतंक बन गया है। हिंसा और अत्याचार के वातावरण में वहाँ बचपन मर रहा है। कुल मिलाकर कम्युनिस्ट आतंकवादियों ने जनजातीय समाज के जीवन को अपने उन्माद के नर्क में धकेल रखा है। ये आतंकवादी जनजातीय समाज और भारत के समक्ष नित-नई चुनौतियाँ खड़ी करते जा रहे हैं।

नक्सलमुक्त भारत और छत्तीसगढ़ के संकल्प पर हो रहा काम*

लेकिन, ऐसा भी नहीं है कि केंद्र और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार हाथ-पर-हाथ धरे बैठी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने एक विजन के साथ नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के लिए सख्त फैसले लिए हैं। एक तरफ सुरक्षा बल और पुलिस के जवान माओवाद पर निर्णायक प्रहार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएँ नक्सल प्रभावित गाँवों में संचालित की जा रही हैं।

इनमें नियद नेल्लानार, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन), आदिवासी ग्रामीण आवास योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण की मानक राशि में वृद्धि आदि उल्लेखनीय है। 16 फरवरी 2024 को शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना के जरिए सुदूर नक्सल प्रभावित गाँवों में दो दर्जन से अधिक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वामपंथी उग्रवाद को समूल नष्ट करने को लेकर न सिर्फ गंभीर हैं बल्कि इसके लिए मोदी सरकार हर संसाधन मुहैया करा रही है। केंद्र और छत्तीसगढ़ की सरकार नक्सलवाद के खिलाफ समन्वित रणनीति बनाकर काम कर रही है।

छत्तीसगढ़ में अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में ही बड़ा एन्टी नक्सल ऑपरेशन हुआ है, जिसमें सुरक्षाबलों ने 35 माओवादियों को ढेर किया है। पिछले नौ महीनों में 194 से अधिक माओवादी मारे गए हैं, 800 से ज्यादा नक्सलियो का गिरफ्तारियां हुई हैं और 738 नक्सालयों ने आत्मसमर्पण किया है। सुरक्षाबलों ने 10 माओवादी ऐसे मारे हैं जिनका छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में लम्बे समय से खौफ बना हुआ था। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में सबसे बड़ी सफलता है।

बस्तर शांति समिति की क्रांतिकारी पहल*

एक तरफ केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकारों ने नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ रखी है, वहीं दूसरी तरफ बस्तर शांति समिति ने क्रांतिकारी पहल करते हुए बस्तर के 50 नक्सल पीड़ित जनजातीय लोगों का जत्था लेकर नई दिल्ली में जाकर वामपंथी आतंकवाद के खिलाफ शंखनाद किया। नई दिल्ली जाकर नक्सल पीड़ितों ने मानवाधिकारवादियों से गुहार लगाई कि नक्सलियों के अधिकारों पर शोर मचाने वालों को जनजातियों के शांतिपूर्ण और आतंकमुक्त जीवन के अधिकारों की रक्षा की भी चिंता करनी चाहिए।

इस जत्थे ने अपने इस दौरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करके अपनी आपबीती सुनाई। बस्तर शांति समिति के बैनर तले नक्सल पीड़ित आदिवासियों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया और वामपंथी उग्रवाद की अब तक उपजाऊ जमीन रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में जाकर भी नक्सली आतंक के खिलाफ शंख फूँका। बस्तर शांति समिति की यह पहल देशभर में चर्चा का बनी और मानवाधिकार के नाम पर नक्सलियों की ढाल बनते रहने वाले मानवाधिकारवादियों के पाखंड से देश रू-ब-रू हुआ।

सुपरिणाम सामने आने लगे*

इन तमाम प्रयासों के सुपरिणाम भी सामने आने लगे हैं। अभी हाल ही बस्तर के ही नारायणपुर के नक्सल प्रभावित गारपा ग्राम के वे लगभग 40 परिवार, जो नक्सलियों के भय से नारायणपुर के ही गुडरीपारा में रह रहे थे, वापस अपने गाँव रहने के लिए लौट आए हैं, जिन्हें नक्सलियों ने करीब दो दशक पहले गाँव से बेदखल करते हुए भगा दिया था। यदि यह क्रम चलता रहा तो यकीनन जनजातीय समाज का खोया स्वाभिमान लौटेगा और वह अपने गौरवशाली अतीत के साथ-साथ विकास की मुख्यधारा से भी जुड़ेगा।

इससे जनजातीय समाज के प्रति व्याप्त विकृत धारणाओं का शमन भी होगा और सम्पूर्ण हिन्दू समाज एकजुट होकर आतंक, भय, विवशता के चंगुल से मुक्त जनजातीय समाज के साथ विकसित भारत व विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार भी करेगा। यही जनजाति गौरव दिवस की सार्थकता होगी।

पटपरपाली में डीजिटल धान खरीदी केंद्र का हुआ शुभारंभ 

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पटपरपाली में डीजिटल धान खरीदी केंद्र
पटपरपाली में डीजिटल धान खरीदी केंद्र

महासमुंद। ओडिशा सीमावर्ती धान खरीदी केंद्र पटपरपाली में डीजिटल धान खरीदी केंद्र का उद्घाटन गुरुवार को हुआ। धान खरीदी के इस महापर्व खरीदी केंद्र कर्मचारी सहित गणमान्य नागरिक शामिल हुए। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस सीजन इलेक्ट्रिनिक कॉटा (तराजु) से धान खरीदी की जाएगी। इस अवसर पर कमलेश तांडी, सुरीत साहू, मनोज चंद्राकर, बिहारी सिन्हा, लक्ष्मण साहू, विश्वनाथ साहू, ज्वाला दुबे, हवन साहू, जनक साहू, खरीदी केंद्र प्रभारी गुमान साहू सहित भारी संख्या में लोग आज उद्घाटन अवसर पर पहुंचे थे।

धान खरीदी केंद्र पटपरपाली
धान खरीदी केंद्र पटपरपाली

अतिथियों ने इलेक्ट्रिनिक कॉटा का किया अवलोकन

पहली बार यहां तराजु बट के बजाय इलेक्ट्रिनिक कॉटा से धान खरीदने की शुरुआत हुई है। इस अवसर पर अतिथियों ने नए इलेक्ट्रिनिक कॉटा से धान तौल कर देखा। साथ ही खाली बारदाना की वजन को मांपा। इस तरह खाली बारदाना का वजन 460 ग्राम तक पाया। इस तरह अतिथियों ने प्रत्येक किसानों से 40 किलो 500 ग्राम तक ही तौलने की बात कही।

धान खरीदी केंद्र पटपरपाली
धान खरीदी केंद्र पटपरपाली

किसानों की शिकायत पर तत्काल संज्ञान

पटपरपाली धान खरीदी केंद्र पहुंचे किसानों ने अतिथियों से शिकायत किया कि नए धान बारदाना को किसानों को खुद ही उल्टा कर धान की भराई करना पड़ रहा है। इस शिकायत पर धान खरीदी प्रभारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सोमवार से खुद धान बारदाना को उल्टा कर किसानों को देने की बात कही है।

मिठाई खिलाकर किसानों का किया गया स्वागत
मिठाई खिलाकर किसानों का किया गया स्वागत
धान का नमी चेक करते हुए खरीदी केेद्र प्रभारी
धान का नमी चेक करते हुए खरीदी केेद्र प्रभारी
धान का नमी चेक करते हुए कर्मचारी
धान का नमी चेक करते हुए कर्मचारी

SL vs NZ: ध्वस्त हो गया जयसूर्या का 30 साल पुराना रिकॉर्ड, इस बल्लेबाज ने रचा इतिहास

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जयसूर्या

Sanath Jayasuriya Records: विश्व बल्लेबाज महान सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) का एक बड़ा वनडे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया है. उनके ही हमवतन कुसल मेंडिस ने यह रिकॉर्ड तोड़ा. न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच जारी वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में ऐसा हुआ. बारिश से बाधित इस मुकाबले को चरित असलंका की कप्तानी वाली मेजबान श्रीलंकाई टीम ने DLS के जरिए 45 रन से अपने नाम किया और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बनाई.

एक ने 4 तो दूसरे ने 3 साल का सूखा खत्म किया

श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में दांबुला में खेला गया. बारिश आने से पहले कुसल मेंडिस और अविष्का फर्नांडो ने रनों का अंबार लगाते हुए शतक पूरे किए. मेंडिस ने चार साल का लंबा इंतजार खत्म करते हुए वनडे शतक जमाया. दूसरी ओर, अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार असफलताओं के बाद दबाव में आए अविष्का फर्नांडो ने भी वनडे शतक के लिए तीन साल का इंतजार खत्म किया और 115 गेंदों में सेंचुरी तक पहुंचे. कुसल और अविष्का के बीच दूसरे विकेट के लिए 206 रन की साझेदारी की बदौलत ही श्रीलंका ने 49.2 ओवर में 5 विकेट पर 324 रन बनाए.

तोड़ा जयसूर्या का ये महान ODI रिकॉर्ड

कुसल मेंडिस के लिए यह शतक बेहद जरूरी था, जो लंबे समय से इस फॉर्मेट में बड़ा स्कोर करने के लिए जूझ रहे थे. कुसल ने 17 चौके और 2 छक्कों की मदद से 128 गेंदों में 143 रन की पारी खेली. इसके साथ ही वह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले श्रीलंकाई बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में दिग्गज सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) को पीछे छोड़ा. जयसूर्या ने 1994 में ब्लोमफोंटेन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 143 गेंदों में 140 रन बनाए थे और 2019 में माउंट माउंगानुई में थिसारा परेरा ने यह कारनामा किया था.

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले श्रीलंकाई बल्लेबाज

कुसल मेंडिस – 143 रन

सनथ जयसूर्या – 140 रन

थिसारा परेरा – 140 रन

सनथ जयसूर्या – 120 रन

Aaj Ka Ank Jyotish 14 November 2024: आज देवगुरु किन पर होंगे मेहबान, जानें अंक ज्योतिष और अपना लक्की नंबर, शुभ रंग