इसरो ने रचा इतिहास, Aditya-L1 ने किया सूर्य नमस्कार, अब रहस्य नहीं रहेगा
बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सूर्य का अध्ययन करने के लिए देश के पहले अंतरिक्ष आधारित मिशन ‘Aditya-L1 यान को शनिवार को पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर इसकी अंतिम गंतव्य कक्षा में स्थापित कर दिया. अंतरिक्ष यान पृथ्वी से लगभग 15 लाख KM दूर सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के ‘लैग्रेंज प्वॉइंट 1ट (एल 1) के आसपास एक प्रभामंडल कक्षा में पहुंचा. ‘L1 प्वॉइंटट पृथ्वी और सूर्य के बीच की कुल दूरी का लगभग एक प्रतिशत है. इसरो अधिकारियों ने कहा कि ‘एल1 प्वाइंट’ के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा में उपग्रह से सूर्य को लगातार देखा जा सकता है.
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