ब्रेकिंग न्यूज़: मध्यप्रदेश में पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा
रायपुर, 4 अप्रैल 2026: मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। पेंशनरों को महंगाई राहत देने के लिए 3 प्रतिशत डीए (महंगाई भत्ता) बढ़ाने का फैसला लिया गया है। यह नई दर 1 सितंबर, 2025 से प्रभावी होगी और उसका पहला भुगतान अक्टूबर, 2025 में किया जाएगा।
नए महंगाई राहत की जानकारी
मध्यप्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने 15 अक्टूबर, 2025 को एक पत्र जारी कर जानकारी दी है कि छठे वेतनमान के तहत पेंशनरों को 252% और सातवें वेतनमान के तहत 55% की दर से महंगाई राहत प्रदान की जाएगी। यह निर्णय राज्य के पेंशनरों के जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति
छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मध्यप्रदेश सरकार के पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में संशोधन करने की प्रस्तावना पर सहमति दी है। वित्त विभाग द्वारा 9 फरवरी, 2026 को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि 1 जनवरी, 2026 से सातवें वेतनमान में 58% और छठे वेतनमान में 257% महंगाई राहत देने की तैयारी की जा रही है।
जानने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत प्रदान की जाएगी।
- महंगाई राहत सभी प्रकार की पेंशन पर लागू होगी, जिसमें अधिवार्षिकी, सेवानिवृत्त, असमर्थता और क्षतिपूर्ति पेंशन शामिल हैं।
- यदि कोई व्यक्ति अनुकंपा के आधार पर सेवा में है, तो उसे परिवार पेंशन पर महंगाई राहत नहीं मिलेगी, लेकिन यदि व्यक्ति की पत्नी या पति की मृत्यु सेवा में है, तो परिवार पेंशन पर राहत मिलेगी।
- जिन पेंशनरों ने अपनी पेंशन का एक हिस्सा सारांशीकृत किया है, उन्हें महंगाई राहत उनकी मूल पेंशन पर दी जाएगी।
- सभी पेंशन संवितरणकर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शीघ्र इस महंगाई राहत का भुगतान सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम पेंशनरों और उनके परिवारों के लिए राहत भरा है। महंगाई भत्ते में वृद्धि से पेंशनरों के जीवन स्तर में सुधार होगा और उन्हें वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। यह निर्णय सत्ता में स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पेंशनरों के लिए सकारात्मक बदलाव लाएगा।
इस घोषणा के माध्यम से न केवल पेंशनरों के हक में बढ़ोतरी की गई है बल्कि यह राज्य के वित्तीय प्रबंधन के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।
