महासमुंद के कोमाखान क्षेत्र अंतर्गत कसेकेरा पहाड़ी में मंगलवार सुबह एक मादा भालू गंभीर हालत में मिली, जिसकी बाद में मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में भालुओं के झुंड के बीच आपसी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने सुबह पहाड़ी क्षेत्र में घायल अवस्था में मादा भालू को देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही फॉरेस्ट टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक मादा भालू की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। उपचार और बचाव की कोशिशों के बीच उसकी मौत हो गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मौके पर मिले निशानों से यह प्रतीत होता है कि वहां 7 से 8 भालुओं का झुंड मौजूद था और उनके बीच काफी देर तक संघर्ष हुआ। मादा भालू के शरीर, विशेषकर पेशाब नली के आसपास चोट और नाखून के गहरे निशान पाए गए हैं।
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कोमाखान डिप्टी रेंजर दुलार राम सिन्हा के मुताबिक, यह भालुओं के प्रजनन और क्रॉसिंग का समय है। ऐसे समय में नर भालू मादा के पीछे रहते हैं और कई बार आपसी वर्चस्व की लड़ाई भी हो जाती है। विभाग का कहना है कि इस तरह की स्थिति दो से तीन दिनों तक बनी रह सकती है।
घटना की सूचना पशु चिकित्सा विभाग को दे दी गई है। विशेषज्ञों की टीम द्वारा मादा भालू का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। वन विभाग का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
इस घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि क्षेत्र में अभी भी भालुओं की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।



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