ब्रेकिंग न्यूज़: भारत ने फिर से किया स्टील का शुद्ध निर्यातक बनने का दावा!
कोलकाता: भारत ने वित्तीय वर्ष 2026 में पहली बार वित्तीय वर्ष 2023 के बाद स्टील का शुद्ध निर्यातक बनने की उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान देश ने 6.6 मिलियन टन स्टील का निर्यात किया, जो कि 6.5 मिलियन टन के आयात से अधिक है। यह जानकारी स्टील मंत्रालय द्वारा जारी किए गए डेटा से प्राप्त हुई है।
भारत का निर्यात और आयात आंकड़ा
भारत के निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में 35.9% की वृद्धि हुई है, जबकि आयात में 31.7% की गिरावट आई है। इस वृद्धि के चलते भारत ने पश्चिम एशिया, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपने बाजार हिस्सेदारी को मजबूत किया है। वित्तीय वर्ष 2024 और 2025 के बीच की अवधि में भारत एक शुद्ध आयातक था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
घरेलू उत्पादन का विकास
वित्तीय वर्ष 2026 में भारत का कच्चा स्टील उत्पादन 10.7% की वृद्धि के साथ लगभग 168.4 मिलियन टन हो गया। इस दौरान तैयार स्टील की खपत भी लगभग 8% बढ़कर 164 मिलियन टन तक पहुंच गई। घरेलू उत्पादन की वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय स्टील उद्योग ने वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
उद्योग की चुनौतियां और कीमतें
हालांकि, उद्योग के समक्ष कुछ चुनौतियां भी थीं, विशेषकर वित्तीय वर्ष के दूसरे भाग में। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों के कारण गैस की आपूर्ति बाधित हुई, जिससे औद्योगिक ईंधनों जैसे कि LPG की कमी हो गई। इस समस्या ने कई निर्माताओं के लिए उत्पादन निरंतरता को खतरे में डाल दिया।
मंत्रालय ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में स्टील की कीमतें गिरावट के रुझान में थीं, लेकिन 2026 की शुरुआत में इनमें सुधार देखने को मिला। फिर भी, कच्चे माल की लागत में उतार-चढ़ाव के कारण लाभप्रदता पर दबाव बना रहा।
भारत की स्टील उत्पादन क्षमता में सुधार और निर्यात में वृद्धि से यह संभावना जताई जा रही है कि देश वैश्विक बाजार में स्थायी रूप से अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। ऐसे समय में जब भारतीय उद्योग को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, सरकार और उद्योग के तत्वांश मिलकर एक नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यह आर्थिक विकास न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक स्टील बाजार में भी महत्वपूर्ण अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित कर सकता है।
