पीएम मोदी की हालिया अपील—जिसमें उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और सोने की खरीदारी से बचने की सलाह दी थी—अब एक बड़े आर्थिक संकेत के रूप में देखी जा रही है। शुरुआत में इसे सामान्य जागरूकता संदेश माना गया, लेकिन केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ताजा बयान ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
पुरी ने खुलासा किया कि सरकारी तेल कंपनियां इस समय प्रतिदिन करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं। अनुमान है कि चालू तिमाही में यह घाटा बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, गैस और एलपीजी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि आम जनता को राहत देने के लिए कंपनियां पुराने या कम दाम पर ईंधन बेच रही हैं।
केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की, लेकिन इससे सरकारी खजाने पर हर महीने लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसके बावजूद तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी यानी लागत और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर तेजी से बढ़ रहा है और इसके 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
क्या सरकार किसी बड़े आर्थिक फैसले की तैयारी में?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार फिलहाल सीधे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता पर बोझ नहीं डालना चाहती। इसी वजह से ऊर्जा बचत को लेकर लोगों से अपील की जा रही है। हरदीप पुरी ने भी पीएम मोदी की इस पहल को “जन आंदोलन” बनाने की बात कही है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में वैश्विक तनाव, युद्ध और तेल संकट का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। जानकारों का कहना है कि अगर ईंधन की खपत पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो आने वाले समय में सरकार को कठोर आर्थिक कदम उठाने पड़ सकते हैं।

अमित शाह बोले- आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी
पीएम मोदी की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में ऊर्जा संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल का सीमित उपयोग, वर्क फ्रॉम होम और केमिकल फर्टिलाइजर की जगह नेचुरल फार्मिंग अपनाने से भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है।
रामदास अठावले ने किया समर्थन
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के हर नागरिक की चिंता करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी को बढ़ावा देना देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है।
फडणवीस बोले- संकट को समझना होगा
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके बावजूद भारत में सप्लाई सामान्य बनी हुई है, लेकिन अगर लोग संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग नहीं करेंगे तो भविष्य में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
वाराणसी में पीएम की अपील को मिला समर्थन
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी उनकी अपील का व्यापक असर देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इसे “देशहित में जरूरी कदम” बताते हुए कहा कि संकट के समय देश के साथ खड़ा होना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। लोगों ने पेट्रोल की बचत और स्वदेशी अपनाने को “काशी का संकल्प” बताया।



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