Suśāsan Tihār 2026: महासमुंद/पटपरपाली। बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम पटपरपाली में आयोजित सुशासन तिहार 2026 शिविर में जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया। 21 ग्राम पंचायतों के 47 गांवों से पहुंचे लोगों ने पेयजल संकट, बंद पड़ी पानी टंकियों और अधूरी योजनाओं को लेकर शिकायतों की झड़ी लगा दी। ग्रामीणों की नाराजगी के बीच कलेक्टर Vinay Kumar Langeh ने मंच से ही पीएचई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिए कि तीन दिन के भीतर बोर खुदाई का कार्य पूरा कराया जाए, अन्यथा संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
शिविर में पीएचई विभाग को कुल 23 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 10 शिकायतें और 13 पेयजल उपलब्ध कराने की मांग से जुड़े आवेदन शामिल थे। कार्यक्रम में लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
पानी टंकी बनी, लेकिन सप्लाई अब तक शुरू नहीं
Suśāsan Tihār 2026: शिविर के दौरान ग्राम पटपरपाली में जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी टंकी का मामला प्रमुखता से उठा। पंचायत के पूर्व सरपंच Chandrashekhar Sahu ने शिकायत करते हुए बताया कि पानी टंकी तैयार होने के बावजूद अब तक गांव में जलापूर्ति शुरू नहीं की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मंच से ही पीएचई इंजीनियर मंडावी को बुलाकर तीन दिन के भीतर बोर खुदाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तय समय में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

किसान के खाते में मिली 21 किश्त, खुद भी रह गया हैरान
शिविर में कृषि विभाग के पास एक दिलचस्प मामला भी पहुंचा। खड़ादरहा निवासी किसान बैजनाथ पटेल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने रिकॉर्ड और बैंक खाते का मिलान किया तो पता चला कि फरवरी 2026 में किसान के खाते में एक साथ 21 किश्तों की राशि जमा हो चुकी है। लंबे समय से बैंक खाता चेक नहीं करने के कारण किसान को इसकी जानकारी ही नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद किसान के चेहरे पर खुशी लौट आई।

गांव से सामाजिक बहिष्कार की शिकायत
कोमाखान क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुर के पांच ग्रामीण भी सामाजिक बहिष्कार और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत लेकर शिविर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद के बाद गांव के कुछ लोगों ने बैठक कर उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। आवेदन में मजदूरी नहीं देने, गांव के कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने और जुर्माना लगाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवारों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पंचायत विभाग में सबसे ज्यादा आवेदन
Suśāsan Tihār 2026: शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सबसे ज्यादा 999 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग को 166, राजस्व विभाग को 133, खाद्य विभाग को 107 और स्वास्थ्य विभाग को 43 आवेदन मिले। कुल 169 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जबकि 1391 आवेदन लंबित रहे।

गैस कनेक्शन ट्रांसफर के लिए बुजुर्ग महिला की गुहार
ग्राम बाम्हनडीह की सोनिया बाई ने भी शिविर में आवेदन देकर बताया कि पति की मृत्यु के बाद अब तक घरेलू गैस कनेक्शन उनके नाम ट्रांसफर नहीं हो पाया है। आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण वह कार्यालयों के चक्कर लगाने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाने की मांग की।

कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने उठाए कई मुद्दे
Suśāsan Tihār 2026: शिविर में कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने भी पहुंचकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने किसानों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए खल्लारी को तहसील बनाने, किसानों को प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया देने, डीजल सब्सिडी, महिलाओं को ₹10 हजार सहायता और ₹500 में गैस सिलेंडर देने जैसी मांगें रखीं।

बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
Suśāsan Tihār 2026: शिविर में कलेक्टर Vinay Kumar Langeh, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, पूर्व विधायक प्रीतम सिंह दीवान, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद उपाध्यक्ष तरुण वैव्हार, ग्राम पंचायत पटपरपाली की सरपंच श्रीमती लता कमलेश टांडेय, लोचन पटेल, विश्वनाथ साहू, राहुल चंद्राकर, अल्का चंद्राकर, खिलेश्वर पटेल, नितिन जैन, रूपेश साहू, डाली ध्रुव, दुबेलाल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।



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