चंद्रपुर (महाराष्ट्र): बाघ के हमले में बाघ के हमले में चार महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस दुखद हादसे और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए मुख्य वन संरक्षक (Chief Conservator of Forests) मणिकंदन रामानुजम ने कहा:
“यह हादसा कल शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुआ, जिसमें चार महिलाओं की मौत हो गई। बाद में इस बात की पुष्टि हुई कि मौत का कारण बाघ का हमला ही था। क्षेत्र में स्थिति को संभालने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ताडोबा टाइगर रिजर्व (Tadoba Tiger Reserve) की स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) को तैनात किया गया है।
वन रक्षकों (Forest Guards), रेंजर्स और फील्ड स्टाफ को मिलाकर कुल 50 कर्मियों की टीम ने संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) शुरू कर दी है। इसके अलावा, बाघ की हरकतों पर पैनी नजर रखने के लिए इलाके में 30 कैमरा ट्रैप और 3 लाइव कैमरे भी लगाए गए हैं। हमने क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण (Tendu leaf collection) के काम को स्थगित करने का फैसला किया है।”
#WATCH | Chandrapur, Maharashtra: On four women killed in Tiger attack, Chief Conservator Forests, Manikanda Ramanujam says, "… Yesterday around 7 and 8 PM this accident occurred, in which four women died. Later it was confirmed that the cause was a tiger attack. To manage the… pic.twitter.com/pTJKd4ZOcw
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से इस वक्त की बेहद बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ छातामुड़ा बाईपास रोड पर स्थित एक कबाड़ी गोदाम में शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि इसकी गगनचुंबी लपटें और काले धुएं का गुबार मील दूर से देखा जा रहा है। इस भयानक हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।
बगल के ‘हीरो शोरूम’ तक पहुंची आग, नई गाड़ियों को आनन-फानन में निकाला गया
हादसे वाली जगह के ठीक बगल में ही ‘हीरो मोटरसाइकिल’ का बड़ा शोरूम स्थित है। कबाड़ी गोदाम की बेकाबू लपटें अब इस शोरूम तक भी पहुंच चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता और खतरे को भांपते हुए शोरूम के भीतर रखीं लाखों रुपये की नई बाइकों को आनन-फानन में बाहर निकाला जा रहा है। दमकल और पुलिस की टीमें शोरूम को पूरी तरह खाली कराने के लिए अलग से अतिरिक्त सहायता मांग रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने आसपास के अन्य शोरूम और दुकानों को भी तुरंत खाली करा दिया है।
नगर निगम की गाड़ियां पड़ीं कम; जिंदल और NTPC लारा से बुलाई गई मदद
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम प्रशासन की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग इतनी भयावह है कि निगम की गाड़ियां कम पड़ गईं। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने तुरंत Jindal Steel & Power (JSPL) और NTPC Lara प्रबंधन से संपर्क किया, जिसके बाद वहां से भी अत्याधुनिक और अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर बुलाया गया है। फिलहाल सभी टीमें मिलकर आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुटी हैं।
हादसा नेशनल हाईवे पर होने के कारण और वहां लोगों की भारी भीड़ जुटने से रायगढ़-रायपुर मार्ग पूरी तरह जाम हो चुका है। आग बुझाने के काम में कोई बाधा न आए, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की टीम तमाशबीन बनी भीड़ को घटनास्थल से दूर खदेड़ने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगी हुई है।
लाखों का नुकसान, आग लगने का कारण अज्ञात
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस आगजनी में कबाड़ गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह खाक हो चुका है। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि (जान माल के नुकसान) की खबर नहीं है। आग किस वजह से लगी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की पूरी टीम मौके पर डटी हुई है।
नई दिल्ली/रायपुर: देश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग और चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और ‘सीवियर हीट वेव’ (Severe Heat Wave) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 6 से 7 दिनों के लिए देशव्यापी मौसम चेतावनी जारी की है।
1. भीषण गर्मी का अलर्ट: इन राज्यों में चलेगी ‘खतरनाक लू’
मौसम विभाग के मुताबिक, देश के मैदानी इलाकों में तापमान में फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले एक सप्ताह तक लू का प्रकोप बना रहेगा:
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान: 28 मई तक लू (Heat Wave) के हालात रहेंगे। विशेषकर पश्चिम राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में 24 से 27 मई के बीच ‘भीषण लू’ (Severe Heat Wave) का अलर्ट है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: पूरे हफ्ते लू चलेगी। पूर्वी यूपी और पूर्वी एमपी में स्थिति अधिक गंभीर (Severe) हो सकती है। इसके साथ ही यूपी में रातें भी काफी गर्म (Warm Nights) रहने वाली हैं।
छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना: इन राज्यों में 26 मई तक भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना जताई गई है। ओडिशा में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा।
बिहार और पहाड़ी राज्य: बिहार में 24 मई तक लू चलेगी। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भी 26 से 28 मई के बीच हीट वेव का असर दिखेगा।
2. भारी बारिश की चेतावनी: असम-केरल समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान
गर्मी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूर्व की भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
पूर्वोत्तर भारत (Northeast): असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 मई तक गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल और असम-मेघालय में 23 से 25 मई के बीच ‘अत्यंत भारी वर्षा’ का अलर्ट है।
दक्षिण भारत: केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में इस सप्ताह रिकॉर्ड तोड़ बारिश होने की संभावना है। केरल और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने (Thundersquall) और ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी है।
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, मध्य और पूर्वी भारत तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में अगले 6-7 दिनों तक उष्ण लहर से लेकर भीषण उष्ण लहर की स्थिति बने रहने की संभावना है।
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 22, 2026
3. पूर्वी और पश्चिमी भारत का हाल
पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23 मई को भारी बारिश का अनुमान है। वहीं झारखंड और बिहार में 24-25 मई को तेज आंधी और थंडरस्कॉल की स्थिति बन सकती है। गंगा के मैदानी इलाकों (पश्चिम बंगाल) में मौसम बेहद उमस भरा रहेगा।
ओडिशा और राजस्थान में ओले-धूल का गुबार: ओडिशा में ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की सलाह: भीषण गर्मी और लू को देखते हुए दोपहर के समय बेवजह बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी या तरल पदार्थों का सेवन करें। वहीं भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और आंधी से सावधान रहने की हिदायत दी गई है।
महासमुंद, 23 मई 2026: गंभीर और जघन्य अपराधों की जांच को अधिक सटीक, वैज्ञानिक और तेज बनाने के लिए महासमुंद पुलिस अब अत्याधुनिक ‘फॉरेंसिक मोबाइल वैन’ से लैस हो गई है। जिला मुख्यालय स्थित रक्षित केंद्र (पुलिस परेड ग्राउंड) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान महासमुंद लोकसभा सांसद माननीय श्रीमती रूपकुमारी चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर इस हाईटेक वैन को रवाना किया।
यह वैन जिले में एक चलते-फिरते वैज्ञानिक प्रयोगशाला (मोबाइल लैब) के रूप में कार्य करेगी। इसके आ जाने से अब पुलिस को मौके पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच शुरू की जा सकेगी।
यह अत्याधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन जघन्य अपराधों (जैसे- हत्या, लूट, डकैती और महिला संबंधी अपराधों) के मामलों में त्वरित वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करेगी। अक्सर देखा जाता है कि समय बीतने के साथ घटनास्थल के साक्ष्य दूषित या नष्ट हो जाते हैं। लेकिन अब इस वैन की मदद से सबूतों के नष्ट होने से पहले ही क्रिटिकल डिजिटल और जैविक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया जाएगा, जो अदालत में अपराधियों को सख्त सजा दिलाने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।
वैन में उपलब्ध हैं ये हाईटेक सुविधाएं:
त्वरित परीक्षण: मानव रक्त परीक्षण, फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट लिफ्ट करने की तत्काल सुविधा।
दस्तावेज जांच: हस्तलिपि (हैंड राइटिंग) का प्रारंभिक परीक्षण।
डिजिटल एनालिसिस: अत्याधुनिक कैमरा, सूक्ष्मदर्शी (Microscope) से डेटा विश्लेषण और डेटा रिट्रीव की उत्तम व्यवस्था।
सांसद और अधिकारियों ने किया बारीकी से निरीक्षण
वैन को रवाना करने से पहले जिला फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. लवकेश सिंग ने माननीय सांसद, कलेक्टर और उपस्थित जनप्रतिनिधियों को इस अत्याधुनिक फॉरेंसिक वैन का बारीकी से निरीक्षण कराया। उन्होंने वैन के भीतर मौजूद उपकरणों की कार्यप्रणाली, इसकी उपयोगिता और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदान की गई इस वैन के रवानगी कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के साथ भाजपा जिला अध्यक्ष श्री हेतराम साहू, महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्रीमती प्रतिभा पांडेय, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष श्री राहुल चंद्राकर, जिला मीडिया प्रभारी श्री आनंद राम साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी डाॅ. लवकेश सिंग, डीएसपी (मुख्यालय) श्री चुन्नू तिग्गा, डीएसपी (यातायात) श्री घनेन्द्र ध्रुव, रक्षित निरीक्षक (RI) श्रीमती दीप्ति कश्यप सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद थे।
महासमुंद: जिले के सिटी कोतवाली अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शिव पुराण कथा सुनने आई एक बुजुर्ग महिला के गले से शातिर चोरों ने सोने की चैन और लॉकेट पार कर दिया। यह पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब अज्ञात महिला चोरों की तलाश में जुट गई है।
प्रसाद ग्रहण करने के दौरान बनाया निशाना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 16 पुराना रावणभाठा निवासी टकेश्वर साहू की मां श्रीमती समारिन बाई साहू दिनांक 17 मई 2026 को शाम करीब 4:30 बजे महामाया मंदिर में आयोजित शिव पुराण कथा सुनने गई थीं। कथा समाप्त होने के बाद जब वे घर लौटीं, तो उन्हें अहसास हुआ कि उनके गले में पहनी हुई सोने की चैन और लॉकेट गायब है।
चोरी की भनक लगते ही पीड़ित महिला का बेटा टकेश्वर साहू तुरंत महामाया मंदिर पहुंचा और वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे के फुटेज खंगाले। फुटेज में साफ देखा गया कि शाम करीब 06:50 बजे, जब मंदिर में प्रसाद वितरण हो रहा था और भीड़ का फायदा उठाकर दो अज्ञात महिलाएं पीड़ित बुजुर्ग महिला के बेहद करीब पहुंचती हैं। उनमें से एक महिला बड़ी चालाकी से बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चैन खींचकर गायब हो जाती है।
30 ग्राम वजनी सोने का जेवर था, पुलिस ने दर्ज किया मामला
चोरी गए आभूषणों में 25 ग्राम वजनी सोने की चैन और उसमें लगा 5 ग्राम का लॉकेट शामिल है। पुरानी इस्तेमाली इस सोने की चैन और लॉकेट की कुल कीमत लगभग 90,000 रुपये बताई जा रही है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अपने स्तर पर आसपास महिलाओं की पतासाजी करने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। महासमुंद पुलिस ने टकेश्वर साहू की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 303(2) (चोरी) के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है। हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
महासमुंद, 23 मई 2026: महासमुंद जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के सख्त निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत पिछले तीन दिनों (21 मई, 22 मई और 23 मई) में लगातार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से खनिज का परिवहन कर रहे 5 बड़े हाइवा वाहनों को जप्त किया गया है।
जप्त वाहनों में 3 रेत और 2 गिट्टी के हाइवा शामिल
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जप्त किए गए वाहनों में अवैध साधारण रेत से भरे 3 हाइवा और गिट्टी (stone chips) से भरे 2 हाइवा वाहन शामिल हैं। कार्रवाई के बाद सुरक्षा के लिहाज से इन सभी वाहनों को तुमगांव और महासमुंद थाने में खड़ा करवा दिया गया है।
पकड़े गए सभी वाहनों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग ने साफ किया है कि जिले के सभी खनिज पट्टेदारों (lessees) और परिवहनकर्ताओं को पहले ही कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। बिना वैध रॉयल्टी पर्ची या अभिवहन पास (Transit Pass) के किसी भी प्रकार का खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ यह सख्त कदम उठाया गया है।
भविष्य में सीधे दर्ज होगी एफआईआर (FIR)
खनिज विभाग ने इस कार्रवाई के साथ ही अवैध कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है। विभाग ने निर्देशित किया है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त पाया जाता है, तो केवल वाहन जप्त नहीं किए जाएंगे, बल्कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ सीधे पुलिस थाने में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।
धमतरी/रायपुर: छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। रिजर्व के जंगलों में एक अत्यंत दुर्लभ, संरक्षित और संवेदनशील कछुए की प्रजाति ‘हिमालयन ट्राइकारिनेट हिल टर्टल’ (Himalayan Tricarinate Hill Turtle) की मौजूदगी पाई गई है।
यह कछुआ सामान्यतः हिमालय की तलहटी और पूर्वोत्तर भारत (North-East) के घने जंगलों में पाया जाता है। ऐसे में इसका मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मिलना वन्यजीव वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के लिए एक बेहद सुखद और बड़ी वैज्ञानिक घटना मानी जा रही है। यह खोज साबित करती है कि उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व का पारिस्थितिक तंत्र (Ecological System) बेहद समृद्ध और सुरक्षित हो चुका है।
क्यों खास है तीन धारियों वाला यह दुर्लभ कछुआ?
अपनी विशिष्ट शारीरिक संरचना और पीठ पर तीन साफ धारियों के लिए पहचाना जाने वाला यह पर्वतीय कछुआ पर्यावरण के प्रति बेहद संवेदनशील होता है। यह सिर्फ उन्हीं जंगलों और जलीय क्षेत्रों में जीवित रह सकता है जहाँ का वातावरण पूरी तरह प्रदूषण मुक्त, प्राकृतिक और मानवीय हस्तक्षेप से दूर हो। सीतानदी में इसका मिलना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यहाँ का जंगल और पर्यावरण बेहद स्वस्थ और अनुकूल है।
उदंती सीतानदी में लगातार मिल रहे हैं दुर्लभ वन्यजीव
पिछले कुछ वर्षों में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव-विविधता (Biodiversity) के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। इस दुर्लभ कछुए के अलावा हाल के दिनों में यहाँ कई अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई है, जिनमें शामिल हैं:
मालाबार पाइड हॉर्नबिल (Malabar Pied Hornbill)
इंडियन जाइंट फ्लाइंग स्क्विरल (उड़ने वाली विशाल गिलहरी)
इंडियन जाइंट स्क्विरल (विशाल गिलहरी)
स्मूथ-कोटेड ऑटर (ऊदबिलाव)
ये सभी जीव इस बात का संकेत हैं कि रिजर्व के घने जंगल और यहाँ का स्वस्थ नदी तंत्र वन्यजीवों के लिए एक बेहतरीन आशियाना बन चुके हैं।
वन विभाग के संरक्षण प्रयासों का दिखा असर
सीतानदी में मिली इस असाधारण कामयाबी के पीछे वन विभाग का कड़ा वैज्ञानिक प्रबंधन और फील्ड स्टाफ की दिन-रात की मेहनत है। रिजर्व क्षेत्र में लगातार बेहतर मॉनिटरिंग, इंसानी दखलंदाजी में कमी, हाई-टेक कैमरा ट्रैपिंग और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से वन्यजीव आवासों में बड़ा सुधार हुआ है। इसी का परिणाम है कि आज हिमालय और पूर्वोत्तर भारत में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजातियाँ भी छत्तीसगढ़ के जंगलों में सहज रूप से फल-फूल रही हैं।
लुधियाना: देश में साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। डिजिटल फ्रॉड के लिए ठग रोजाना नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला पंजाब के लुधियाना से सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। यहाँ साइबर अपराधियों ने लोगों को चूना लगाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक फर्जी डिजिटल संगठन तैयार किया है।
इस फर्जी संगठन के नाम पर लोगों को सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर संदिग्ध लिंक भेजे जा रहे हैं। पुलिस की ओर से जारी चेतावनी के मुताबिक, जैसे ही कोई यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन हैक हो जाता है और चंद सेकंड में बैंक खाता पूरी तरह साफ हो जा रहा है।
कैसे काम कर रहा है यह खतरनाक लिंक?
जांच एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह लिंक एक तरह का मैलवेयर (वायरस) है। इस पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों को यूजर के मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल जाता है। इसके बाद वे फोन में मौजूद संवेदनशील डेटा, बैंकिंग ऐप्स, पासवर्ड और ओटीपी (OTP) को आसानी से चोरी कर लेते हैं और खाते से पूरी रकम उड़ा देते हैं।
पंजाब पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए पंजाब पुलिस और लुधियाना पुलिस ने राज्य भर में अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर सक्रिय ऐसे फर्जी संगठनों, आकर्षक ऑफर्स या अनजान मैसेज के जाल में न फंसें।
लुधियाना पुलिस ने जनता को जागरूक करने के लिए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक विशेष वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो के जरिए बताया गया है कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही किसी को भी बड़े आर्थिक नुकसान में डाल सकती है।
साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित
अनजान लिंक पर न करें क्लिक: किसी भी अज्ञात सोर्स, व्हाट्सएप या फेसबुक पर आए संदिग्ध लिंक को बिना जांचे न खोलें।
फर्जी लुभावने ऑफर्स से बचें: सरकारी योजना, नौकरी या किसी राजनीतिक संगठन के नाम पर आने वाले अनवेरीफाइड संदेशों पर भरोसा न करें।
तुरंत करें शिकायत: यदि आपके साथ कोई संदिग्ध गतिविधि होती है या आप ठगी के शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
महासमुंद पिथौरा। घोघरा और आसपास के इलाकों में सियारों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। एक दिन पहले पांच ग्रामीणों को काटने की घटना के बाद अब नया मामला सामने आया है, जिसमें खेत में काम कर रहे एक किसान पर 4 से 5 सियारों ने हमला करने की कोशिश की। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम घोघरा निवासी मनीष साहू गुरुवार रात करीब 7 से 8 बजे के बीच अपने खेत में ट्रैक्टर से नागर चला रहे थे। इसी दौरान अचानक 4 से 5 सियार उनके ट्रैक्टर के आसपास पहुंच गए और आक्रामक तरीके से हमला करने की कोशिश करने लगे। स्थिति को भांपते हुए मनीष साहू अपनी जान बचाने के लिए ट्रैक्टर की छतरी पर चढ़ गए और वहीं से परिजनों को फोन कर मदद मांगी।
बताया जा रहा है कि काफी देर बाद परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मनीष सुरक्षित घर लौट पाए। हालांकि डर के कारण ट्रैक्टर अब भी खेत में ही खड़ा है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल और बढ़ गया है।
पिथौरा घोघरा में पागल सियार का आतंक, 5 लोगों को काटा
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अंतर्गत आने वाले पिथौरा वन परिक्षेत्र के घोघरा इलाके में पानी की कमी के चलते सियार आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं और अब उनका व्यवहार भी बेहद आक्रामक हो गया है। ग्रामीण इन्हें “आदमखोर” जैसे व्यवहार वाला बता रहे हैं।
इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण सियारों के हमले की आंखोंदेखी घटना बताते नजर आ रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों के बाद लोगों ने वन विभाग से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर सियारों को पकड़ने और गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
दिलीप शर्मा छत्तीसगढ़। वर्ष 2026 में नौतपा 2026 की शुरुआत को लेकर अलग-अलग पंचांगों में मतभेद देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रचलित “देव पंचांग” के अनुसार नौतपा 19 मई 2026 से प्रारंभ माना गया है, जबकि देश के कई प्रसिद्ध पंचांग और ज्योतिषीय गणनाएं 25 मई 2026 से नौतपा शुरू होना बता रही हैं। इसे लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नौतपा 2026 का सीधा संबंध सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से होता है। मान्यता है कि सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब से अगले 9 दिनों तक गर्मी अपने चरम पर रहती है। यही अवधि नौतपा कहलाती है।
अलग-अलग पंचांगों में अलग तिथि
देव पंचांग (छत्तीसगढ़) : 19 मई 2026 से नौतपा प्रभाव
काल निर्णय पंचांग : 25 मई 2026 से नौतपा
दृक पंचांग (Drik Panchang) : सूर्य के रोहिणी नक्षत्र प्रवेश के आधार पर 25 मई से शुरुआत
विक्रम पंचांग और कई उत्तर भारतीय पंचांग : 25 मई 2026 से नौतपा मान रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ क्षेत्रीय पंचांग स्थानीय परंपरा, सूर्य की स्थिति और मौसमीय प्रभाव को आधार बनाकर गणना करते हैं, जबकि अधिकांश राष्ट्रीय पंचांग खगोलीय और नक्षत्र आधारित गणना को प्राथमिकता देते हैं। इसी वजह से तारीखों में अंतर दिखाई देता है।
ज्योतिष जानकारों के अनुसार यदि शास्त्रीय और नक्षत्र गणना को आधार माना जाए, तो 25 मई 2026 से शुरू होने वाला नौतपा 2026 अधिक मान्य माना जाएगा। हालांकि क्षेत्रीय पंचांगों की अपनी पारंपरिक मान्यताएं भी हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर लोग मानते रहे हैं।
माना जाता है कि नौतपा के दौरान तापमान में तेज वृद्धि होती है और लू चलने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और दोपहर की तेज धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।