15 march Ank Jyotish: शनिवार को जानें आपका लकी नंबर और शुभ रंग क्या होगा

15 march Ank Jyotish: शनिवार को अंकों के माध्यम से मनुष्य के विषय एवं उसके भविष्य को जानने का प्रयास किया जाता है। उदाहरण के लिए समझिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+3=5 आता है। यानि 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। यदि किसी की जन्मतिथि दो अंकों यानी 11 है तो उसका मूलांक 1+1= 2 होगा।

अंक 1 Ank Jyotish

कोई क़ानूनी मामला या शायद एक योजना, अनुबंध, खरीद या शादी समारोह आपके विचारों में हैं।  आपको किसी व्यपारिक डील की मीटिंग  के लिए यात्रा करनी पड़ सकती है।

शुभ अंक- 15

शुभ रंग- गुलाबी

अंक 2 Ank Jyotish

अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। ऐसे प्रियजन के साथ रहें जिन्हे आपसे कुछ उम्मीद है। अपने काम को बेहतरीन तरीके से करने और अपनी एक अलग पहचान बनाने का योग है।

शुभ अंक- 19

शुभ रंग- बैंगनी

अंक 3Ank Jyotish

अच्छे अवसर मिलने का समय है और किसी कार्य की शुरुआत भी आज की जा सकती है। तानाशाह बनने या अपनी इच्छा दूसरे पर थोपने से बचे। आपका जीवन केवल दिन काटने के लिए नहीं,परंतु कुछ महान कार्य करने के लिए है।

शुभ अंक- 21

शुभ रंग- लाल

Aaj Ka Panchang 2025: शनिवार जानें शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, राहुकाल, दिशाशूल

अंक 4 Ank Jyotish

यात्रा में जटिलता जैसे दुर्घटना या चोट से आप कानूनी चिंताओं का सामना करेंगे। उस रहस्य को शेयर करें जो आपको परेशान कर रहे हैं। मेहनत करें जिससे आपको अप्रत्याशित अवसर मिल सकते हैं।

शुभ अंक- 11

शुभ रंग- भूरा

अंक 5 Ank Jyotish

आप अभी दुश्मनों के साथ अकेला महसूस कर सकते हैं, ऐसे में परिवार का समर्थन याद रखें। आज आपको अनियोजित काम करने पड़ेंगे और निश्चित रूप से आपका समय इस तरफ अधिक व्यतीत होगा।

शुभ अंक-19

शुभ रंग-नारंगी

अंक 6 Ank Jyotish

अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले लोगों से मिलने का मौका मिल सकता है।  अपने सहकर्मियों या अन्य लोगों के साथ यात्रा या कैम्पिंग का मज़ा लें।

शुभ अंक- 10

शुभ रंग-ग्रे

अंक 7 Ank Jyotish

बीमारी के कारण आप घर पर कुछ अतिरिक्त समय बिताएंगे।  परिवार के साथ रहने के मौकों का फायदा उठायें। आप काम में मुकाबले और शत्रुता से छुटकारा पा सकते हैं।

शुभ अंक- 29

शुभ रंग-सफेद

अंक 8 Ank Jyotish

आज व्यक्तिगत और व्यावसायिक मामलें मुख्य आकर्षण रहेंगे। आपकी वर्तमान परिस्थितियों पर आधारित अनुभव इस समय मार्मिक हो सकते है। रिश्तों को लेकर भावुकता का अनुभव करेंगे।

शुभ अंक- 26

शुभ रंग-नीला

अंक 9 Ank Jyotish

यह समय आपके लिए शुभ है। आपको विदेश जाने का मौका मिल सकता है। शिक्षक या सलाहकार यात्रा में आपको कंपनी देंगे। यह अपने विश्वासों का मूल्यांकन करने और नई संभावनाओं को देखने का शानदार अवसर है।

शुभ अंक- 31

शुभ रंग-केसरिया

Aaj Ka Panchang 2025: शनिवार जानें शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, राहुकाल, दिशाशूल

Aaj Ka Panchang आज का पंचांग, 15 मार्च 2025: आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा उपरांत द्वितीया तिथि है और आज ही शनिवार का व्रत किया जाएगा. आज के पंचांग के अनुसार उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, अतिगण्ड योग, कौलव करण, पूर्व का दिशाशूल और कन्या राशि का चंद्रमा है. शनिवार को न्याय के देवता शनि देव की पूजा करते हैं. सुबह में स्नान के बाद शनिवार व्रत और शनि देव की पूजा का संकल्प करें. उसके बाद शनि देव के मंदिर में जाकर विधिपूर्वक पूजन करें.

Aaj Ka Panchang आज का पंचांग, 15 मार्च 2025

आज की तिथि- प्रतिपदा – 02:33 पी एम तक, फिर द्वितीया तिथि

आज का नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी – 08:54 ए एम तक, फिर हस्त

आज का करण- कौलव – 02:33 पी एम तक, तैतिल – 03:43 पी एम तक, उसके बाद गर

आज का योग- गण्ड – 02:00 पी एम तक, फिर वृद्धि

आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष

आज का दिन- शनिवार

Aaj Ka Panchang

चंद्र राशि- कन्या

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

सूर्योदय- 06:32 ए एम

सूर्यास्त- 06:30 पी एम

चन्द्रोदय- 07:32 पी एम

चन्द्रास्त- 06:57 ए एम, मार्च 16

Aaj Ka Panchang

आज के शुभ योग और मुहूर्त 15 मार्च 2025

ब्रह्म मुहूर्त: 04:55 ए एम से 05:43 ए एम

अभिजीत मुहूर्त: 12:07 पी एम से 12:55 पी एम

विजय मुहूर्त: 02:31 पी एम से 03:19 पी एम

गोधूलि मुहूर्त: 06:28 पी एम से 06:52 पी एम

अमृत काल: 05:02 ए एम से 06:50 ए एम तक, मार्च 16

आज के अशुभ मुहूर्त 15 मार्च 2025

दुष्टमुहूर्त: 06:31 ए एम से 07:19 ए एम

कुलिक: 07:19 से 08:07 ए एम तक

कंटक: 12:06 पी एम से 12:54 पी एम तक

राहु काल: 09:31 ए एम से 11:01 ए एम

कालवेला/अर्द्धयाम: 01:42 से 02:30 पी एम तक

यमघण्ट: 03:17 से 04:05 पी एम

यमगण्ड: 02:01 पी एम से 03:31 पी एम

गुलिक काल: 06:32 ए एम से 08:01 ए एम

दिशाशूल- पूर्व

पत्नी, बेटी और दो सालियों के साथ कार में फंसे आरआई की मौत, ड्राइवर भी नहीं बचा

वेबमोर्चा न्यूज। महासमुंद: ओंकारबंद के पास गुरुवार दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आई कार के परखच्चे उड़ गए, जिसमें कार चालक समेत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा नियमों और ओवरलोडिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले में पदस्थ राजस्व निरीक्षक ताहर सिंह ठाकुर (50) अपनी पत्नी बिंदेश्वरी ठाकुर (48), साली सरोज ठाकुर (झलप, शिक्षिका), पिंकी ठाकुर (बस्तर, शिक्षिका) और बेटी तरू ठाकुर (19) के साथ होली मनाने बागबाहरा आ रहे थे। कार चला रहे सूरज साहू (बागबाहरा निवासी) भी हादसे का शिकार हो गए। घटना इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। सूचना मिलने पर खल्लारी पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से शवों और घायलों को बाहर निकाला। एक ही परिवार के पांच सदस्यों और कार चालक की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। खासकर शिक्षा और राजस्व विभाग के कर्मचारियों में गहरा दुख है, क्योंकि मृतकों में दो शिक्षिकाएं और एक राजस्व अधिकारी शामिल थे।

ताहर सिंह ठाकुर
ताहर सिंह ठाकुर

गुरुवार दोपहर ओंकारबंद के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने सिर्फ छह जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक होली जो रंगों, हंसी और मिलन की होनी थी, वह चीख-पुकार, खून और बिछड़ने के दर्द में बदल गई। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए, और उसके साथ ही एक परिवार के सारे सपने भी बिखर गए। राजस्व निरीक्षक ताहर सिंह ठाकुर अपनी पत्नी, दो साली, बेटी और अन्य सदस्याओं के साथ होली मनाने बागबाहरा जा रहे थे। कार चला रहा सूरज साहू भी उनके साथ था। शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। दोपहर 3:48 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि पल भर में सब खत्म हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन बचाने के लिए कुछ भी शेष नहीं बचा था। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने जब कार के अंदर झांककर देखा, तो वहां मौत का मंजर था। किसी की सांसें थम चुकी थीं, किसी के शरीर के हिस्से अलग हो चुके थे। महासमुंद जिले में यह दूसरी बड़ी दुर्घटना थी, लेकिन सवाल वही है—क्या इन हादसों से कोई सबक लेगा? क्या यह सिर्फ एक और ‘हादसा’ बनकर रह जाएगा? सड़कें मौत के जाल में बदल रही हैं, लेकिन न प्रशासन चेता, न परिवहन विभाग। ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार, और नियमों की अनदेखी न जाने कितने घरों को उजाड़ चुकी है।

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अधूरी रह गई बेटी की ख्वाहिश

इस हादसे ने सिर्फ एक परिवार नहीं छीना, बल्कि एक बेटी की हंसती-खेलती दुनिया भी छीन ली। तरू ठाकुर, जो अभी 19 साल की थी, अपनी पढ़ाई पूरी कर आगे बढ़ने के सपने देख रही थी। क्या पता था कि उसकी जिंदगी का सफर इतनी जल्दी खत्म हो जाएगा। परिवार बागबाहरा में अपने रिश्तेदारों के साथ होली मनाने जा रहा था। गाड़ी में रंग, गुलाल और मिठाइयां रखी थीं। लेकिन रास्ते में सफर का यह दर्दनाक अंत हुआ कि अब उनके घर में न रंगों की खुशी बची, न हंसी की गूंज। जो अपने घर-आंगन को रंगने जा रहे थे, वे खुद लहू में रंगकर हमेशा के लिए चले गए।

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सड़क सुरक्षा पर सवाल

महासमुंद जिले में बीते सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी सड़क दुर्घटना है। तीन दिन पहले ही झलप में खड़े ट्रक से टकराने के कारण तीन लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रही दुर्घटनाएं प्रशासन और परिवहन विभाग की लापरवाही को उजागर कर रही हैं। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार ट्रकों की बेलगाम दौड़ ने न जाने कितने परिवार उजाड़ दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। क्या यह हादसा भी महज एक आंकड़ा बनकर रह जाएगा, या फिर सख्त कार्रवाई होगी।

सख्त कदम उठाना जरूरी

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। नियमों की अनदेखी और सड़क सुरक्षा उपायों के अभाव में मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। जरूरत है कि ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और परिवार को अपनों को खोने का दर्द न सहना पड़े।

महासमुंद
महासमुंद

कब रुकेगा यह सिलसिला

क्या यह सिर्फ एक आंकड़ा बनकर रह जाएगा या फिर प्रशासन जागेगा। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार ट्रकों के खिलाफ क्या कोई सख्त कार्रवाई होगी। यह सिर्फ उस परिवार का दुख नहीं है, बल्कि हर उस इंसान का डर है जो सड़कों पर सफर करता है। यह कोई पहली घटना नहीं, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि यह आखिरी बने। वरना कोई न कोई होली, किसी न किसी घर में हमेशा के लिए सूनी होती रहेगी।

बड़ी खबर, महासमुंद बागबाहरा में दर्दनाक हादसा में 6 लोगों की मौत

बड़ी खबर, महासमुंद बागबाहरा में दर्दनाक हादसा में 6 लोगों की मौत

महासमुंद। खल्लारी थाना अंतर्गत कसीबाहरा के समीप दर्दनाक सड़क हादसें में 6 लोगों की मौत होने की बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा ट्रक और कार में जबरदस्त टक्कर हुई है। कार में सवार सभी लोगों की मौत होना बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बागबाहरा निवासी ताहर सिंह का परिवार कार में सवार था। राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर आज गुरुवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें कार और ट्रक की जबरदस्त टक्कर में राजस्व विभाग में पदस्थ आरआई ताहर सिंह ठाकुर सहित उनके पूरे परिवार की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा दोपहर 3:48 बजे ओंकारबंद के पास हुआ, जब तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी।

हादसे में कार में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भयानक थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और शवों को निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई है। घटना की जांच में पुलिस जुटी हुई है।

भांग बनाने की विधि जान लीजिए, नहीं होगा हैंगओवर, बनाएं स्पेशल ठंठई

भांग बनाने की विधि जान लीजिए, नहीं होगा हैंगओवर, बनाएं स्पेशल ठंठई

ऐसे तो नशा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लेकिन, देशभर में होली पर्व पर भांग पीने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। ऐसे में आप भी भांग बनाने को सोच रहे हैं तो ऐसे भांग की ठंडई बनाएंगे तो कभी भी हैंगओवर नहीं होगा। चलिए बिना देर किए आपकों बताते हैं भांग कैसे बनाई जाती है। हम बनाने जा रहे हैं 5 लीटर भांग जिसमें करीब 25 से 30 लोगों को ठंठई पीने का आनंद मिलेगा…

किसी भी लाईसेंसी भांग दुकान से 20 ग्राम लेना है।

भांग के लिए समाग्री

गोटी मरीज 10 से 15 दाना, लाइची 8 से 10, सौप 20 ग्राम, लौंग 8-10 नग, खसखस 10 ग्राम, एक टुकड़ा दालचीनी, गुलाब की फूल 1 नग, 1 किलो शक्कर, 500 ग्राम गुड, 2 लीटर दुध पका हुआ।

भांग बनाने के पूर्व तैयारी

कुछ घंटे पहले ही एक अलग बर्तन में भांग के साथ सभी सूखी सामग्रियों को पानी के साथ भिगोकर रख लें. संभव हो तो भिगोने के लिए कांसे का बर्तन उपयोग करे।

– तय समय बाद सभी सूखी सामग्रियों को महीन पीसकर पेस्ट बना लें.

सबसे पहले दुध के साथ पानी में चीनी डालकर अच्छा से घोल लें।

-अब एक मलमल या फिर महीन छन्नी से पेस्ट को तब छाने जब तक यह पूरा छना नहीं जाता है. इसके लिए पेस्ट जितना महीन और बारीक पीसेंगे उतना ही अच्छा रिजल्ट पाएंगे. मलमल का कपड़ा न हो तो सूती कपड़े से भी छान सकते हैं. अगर पेस्ट ज्यादा गाढ़ा हो और इसे छानने में दिक्कत हो तो इसमें थोड़ा-सा दूध भी मिलाते जाएं.

– अब पेस्ट के रस में बचा दूध, चीनी वाला पानी और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह घोंटें.

– तैयार भांग ठंडाई को 1-2 घंटे के लिए फ्रिज में या ठंडी जगह पर रख दें.

– सर्व करते वक्त इसमें बादाम की कतरन डाल दें.

Holi 2025: भांग का नशा उतारना, Bhang ka nasha utarana, cannabis intoxication

Holi 2025: भांग का नशा उतारना, Bhang ka nasha utarana, cannabis intoxication

Bhang ka nasha utarana: होली रंग, उत्साह और आपसी मेल-जोल का त्योहार है। मिठाइयां, लजीज पकवान, ठंडाई और गुझिया आदि इसे और भी खास बना देते हैं। होली के दिन ठंडाई पीने की भी पुरानी परंपरा रही है, हालांकि देश के कुछ हिस्सों में लोग ठंडाई में भांग (Bhang) मिलाकर इसका सेवन करते हैं। इसके अलावा कई लोग होली में अल्कोहल का भी सेवन कर लेते हैं जिससे अल्कोहल पॉइजनिंग और कई अन्य प्रकार की समस्याओं के बढ़ने का खतरा रहता है।

आमतौर पर देश के कुछ हिस्सों में भांग का उपयोग भांग की लस्सी और ठंडाई में किया जाता है। कुछ प्रकार की दवाओं और घरेलू उपचार के तौर पर भांग के उपयोग किया जाता रहा है।

भांग और शराब का हैंगओवर हो सकता है खतरनाक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ, होली में भांग (Bhang) या शराब जैसे किसी भी मादक पदार्थ का सेवन न करने की सलाह देते हैं। पर अगर आपके क्षेत्र में भांग की परंपरा है तो इसका बहुत ही थोड़ी मात्रा में, सावधानी के साथ सेवन किया जा सकता है। ध्यान रहें भांग या शराब का हैंगओवर आपको भ्रमित कर सकता है। इसके साथ कुछ लोगों को चक्कर आने, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी तक की समस्या हो सकती है। वहीं अल्कोहल पॉइजनिंग की स्थिति में कोमा जैसी गंभीर समस्या का भी खतरा हो सकता है।

भांग के नशे के क्या नुकसान हैं?

भांग (Bhang) का अधिक मात्रा में सेवन शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को प्रभावित करने वाला हो सकता है। भांग का अधिक सेवन करने से व्यक्ति को घबराहट, असमंजस और पैनिक अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये ब्लड प्रेशर को बढ़ा या घटा भी सकता है, जिससे चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि भांग का नशा पाचन क्रिया को धीमा कर सकता है, जिसके कारण कई लोगों को उल्टी, डिहाइड्रेशन और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसका नशा, मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाला हो सकता है जिससे याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने में भी दिक्कत होने लगती है।

होलिका दहन की सुबह कर लें ये उपाय, सालभर रहेंगे स्वस्थ्य!

भांग का नशा हो जाए तो क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि किसी को भांग (Bhang) का हैंगओवर हो जाए तो इससे छुटकारा पाने और दुष्प्रभावों से बचने के लिए सबसे पहले शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए खूब सारा पानी पीना चाहिए। विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में भी इससे मदद मिल सकती है। नारियल पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों का सेवन पोषक तत्वों की भरपाई करने में मदद कर सकते हैं। हैंगओवर उतारने के लिए नहाने से भी लाभ मिल सकता है।

नींबू, संतरा या मौसंबी में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर से नशे को जल्दी निकालने में मदद करते हैं।

दही और छाछ पाचन को सुधारते हैं और शरीर को ठंडक देकर नशे का असर कम करते हैं।

काली मिर्च में मौजूद टेरपीन नामक कंपाउंड नशे को कम करने में मदद करता है।

अगर नशा ज्यादा है तो लेटकर आराम करें। सोने से मस्तिष्क को रिकवरी में मदद मिलती है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हैंगओवर की समस्या सामान्य है पर कुछ स्थितियों में इसके गंभीर जोखिम भी हो सकते हैं। इसके लक्षणों की समय रहते पहचान कर उसका उपचार प्राप्त करना जरूरी हो जाता है। हैंगओवर में सबसे बड़ी समस्या शरीर के डिहाइड्रेशन (dehydration) की होती है इसलिए जरूरी है कि खूब पानी पीते रहें। सामान्य उपायों से अगर लाभ नहीं मिलता है, हृदय गति या ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या बनी हुई है तो समय रहते डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

अगर किसी को भांग के नशा के कारण घबराहट, उल्टी, तेज धड़कन या बेहोशी महसूस हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: WebMorcha की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।

महासमुंद : आदित्य, ओम एवं भारती हॉस्पिटल में गड़बड़ी उजागर,  ‘इंसेंटिव के लालच में डॉक्टर कर रहे धांधली!

महासमुंद। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना में फर्जीवाड़ा कर रहे जिले के तीन अस्पतालों को इस योजना के इम्पैनल से बाहर कर दिया गया है। महासमुंद के आदित्य हॉस्पिटल, ओम हॉस्पिटल एवं भारती हॉस्पिटल में गड़बड़ी  सामने आया है।

इम्पैनल सूची से बाहर किये गए कई अस्पताल

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई निजी अस्पतालों के विरूद्ध अनावश्यक अधिक राशि वाले पैकेज ब्लॉक करने, ओपीडी के मरीजों को अनावश्यक आईपीडी मे ब्लॉक करने, बिना मरीज के पैकेज ब्लॉक करने, बिना विशेषज्ञ व सुविधा के ही इलाज करने सहित कई तरह की शिकायतों की पुष्टि हुई है। जिसके कारण 9 अस्पतालों को इम्पैनल से बाहर कर दिया गया है, वहीं 3 अस्पताल को 6 महीने के लिए निलंबित किया गया है।

देखें सूची :

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दरअसल आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों का उपचार करने वाले सरकारी अस्पतालों को भी पैकेज की राशि दी जाती है। बता दें कि राज्य शासन द्वारा कुछ बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में ही कराने का प्रावधान किया गया है। इनमें नेत्र ऑपरेशन, दंत रोग, गर्भाशय निकालने का ऑपरेशन, पाइल्स समेत दर्जनों रोग शामिल हैं। सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत जिन भी बीमारियों का इलाज किया जाता है, उनके एवज में मिलने वाले पैकेज की रकम संबंधित डॉक्टर्स के साथ ही अन्य सहयोगी स्टाफ को इंसेंटिव के रूप में बांटी जाती है।

समय-समय पर की जाने वाली जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि कुछ सरकारी अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ इंसेंटिव के लालच में फर्जी मरीज भर्ती कर रहे हैं। याने जिस तरह का फर्जीवाड़ा निजी अस्पतालों में उजागर हुआ है, वैसा ही कई सरकारी अस्पतालों में भी किया जाना पाया गया है।

इन सरकारी अस्पतालों को जारी हुआ नोटिस

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वालों में रायपुर समेत 6 जिलों के 10 अस्पताल शामिल हैं। इनमें प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। देखें सूची :

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महासमुंद, आत्महत्या करने वाले किसान के परिजनों से कांग्रेसियों ने की मुलाकात, बोलें, किसान को आत्महत्या के लिए विवश किया!

महासमुंद। जिले में बिजली की समस्या गंभीर हो गई है। लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। किसान हताश और परेशान हो चुके हैं। इसी बीच जिले के एक किसान ने आत्महत्या कर लिया है। विपक्ष समेत ग्रामीणों का मानना है कि बिजली की समस्या के कारण ही किसान ने आत्महत्या किया है।

बता दें, घटना के बाद विपक्ष पार्टी कांग्रेस के नेताओं ने मृतक कृषक पुरन निषाद के परिजनों से मुलाकात कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। ज्ञात हो कि झलप से 3 Km की दूरी पर स्थित ग्राम सिनघनपुर में कृषक पुरन निषाद ने मंगलवार दिनांक 11 मार्च को खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लीl परिजनों एवं ग्रामीणों से मुलाकात में जानकारी सामने आई कि लो वोल्टेज एवं फेस चेंज की कार्यवाही बार बार बिजली विभाग द्वारा की जा रही थी, जिससे मृतक की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, चूंकि उक्त फसल मृतक द्वारा कर्ज लेकर की गई थी अतः आर्थिक तंगी से जूझ रहा था लेकिन विभागीय मनमानी एवं साय सरकार की किसान विरोधी गतिविधि ने पूरन निषाद को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दियाl

जहां एक ओर पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश बघेल द्वारा किसान हित में जी तोड़ मेहनत करती थी वहीं भाजपा के साय सरकार में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैंl कांग्रेस पार्टी की जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा कि मृतक किसान पूरन निषाद को शासन से मुआवजा की मांग करते हुए बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की हैl

उक्त मुलाकात में डॉ रश्मि चंद्राकर सहित मोहित ध्रुव पूर्व जिलाध्यक्ष, खिलावन साहू ब्लॉक अध्यक्ष, आलोक नायक जिला मीडिया प्रभारी, दारा साहू सेक्टर प्रभारी, सृष्टि ध्रुव जनपद सदस्य ममता चंद्राकर ग्रामीण जन मृतक के पुत्र कुलेश्वर, टिकेश्वर निषाद, भागीराम निषाद, लालजी भारती, भागी साहू, बेनी निषाद, हीरालाल साहू, पुराणिक निषाद उपस्थित थे l

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होलिका दहन की सुबह कर लें ये उपाय, सालभर रहेंगे स्वस्थ्य!

आज रात होलिका दहन होगी। इसके बाद कल यानी 14 मार्च को रंगों का त्योहार होली मनाई जाएगी। हम बात करने जा रहे हैं होलिका दहन की सुबह और होली के दिन की शुरुआत के पहले होलिका दहन के पास जाना कितना शुभ है और शरीर के लिए कितना फायदेंमंद है, ये तो विज्ञान भी इसका समर्थन करता है। आइए जानते हैं होलिका दहन की सुबह परिक्रमा कैसे करना चाहिए है और हमे अपने नाम के अनुसार किन रंगों का उपयोग करना चाहिए।

होलिका दहन परिक्रमा का वैज्ञानिक कारण

अब बात करते हैं होलिका दहन के बाद परिक्रमा का वैज्ञानिक कारण क्या है। दरअसल, शरीर में गर्मी पैदा करने और बैक्टीरिया को मारने के लिए आग बहुत अच्छा ऑप्शन होती है। ऐसे में सर्दियों के समय की बीमारियों को दूर भगाने के लिए होलिका की आग का सहारा लिया जाता है। परिक्रमा करने से शरीर को आग की सेक लगती है और इससे शरीर को फायदा ही होता है।

होलिका दहन का वैज्ञानिक कारण

सनातन धर्म की मानें तो ये होलिका और प्रहलाद की कहानी से जुड़ा है और होली का त्योहार भी उसी कारण से मनाया जाता है। पर यदि वैज्ञानिक कारण की बात करें तो ये माना जा सकता है कि होली के त्योहार के वक्त  मौसम का बदलाव होता है और वसंत में नया जीवन भी उत्पन्न होता है। यहां बात हो रही है नए पेड़-पौधों की जो खेतों में उगते हैं। अब ऐसे में कचरे और सूखी पत्तियों आदि को जलाने की जरूरत होती है ताकि नए सिरे से काम शुरू किया जा सके। इसे होली से जोड़कर देखा गया है।

होली पर रंग लगाने का वैज्ञानिक कारण

होली की बात करें तो ये त्योहार उस समय मनाया जाता है जब सर्दियां खत्म होकर गर्मियां शुरू होने वाली होती हैं। ये मौसम के बदलाव को बताता है और पुराने जमाने में लोग सर्दियों के समय रोजाना नहीं नहाते थे। हालांकि, ये तो अभी भी होता है कि लोग सर्दियों के मौसम में रोजाना नहीं नहाते है, लेकिन अभी प्राचीन भारत की बात ही कर लेते हैं। रोजाना ना नहाना और गंदे पानी का इस्तेमाल करना कई तरह के चर्म रोग का कारण बनता था और ऐसे में गर्मियों की शुरुआत से पहले शरीर की अच्छे से सफाई की जरूरत होती थी।

अब प्राचीन भारत में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता था जैसे हल्दी, चुकंदर के पाउडर आदि से होली खेली जाती थी और इससे ना सिर्फ स्किन की बीमारियों को दूर किया जा सकता था बल्कि ये लोगों को नहाने के लिए मजबूर भी करता था।

होली के गीत गाने का वैज्ञानिक कारण

जब भी मौसम में बदलाव होता है तो आस-पास के वातावरण में भी बदलाव होता है और ऐसे समय में आलस बहुत बढ़ जाता है। ऐसे में होली के गीत, ढोल, मंजीरा आदि ट्रेडिशनल इंस्ट्रूमेंट बजाने से आलस भगाने में मदद मिलती है। कई जगहों पर फाल्गुन के गीत हफ्तों तक गाए जाते हैं और ऐसे में फिजिकल मूवमेंट भी होता है। त्यौहार मनाने का ये तरीका असल में शरीर को ज्यादा एक्टिव करने में मदद करता है।

होली के दिन ये जातक करें इन रंगों का उपयोग

मेष राशि – होली दहन के बाद लाल रंग का वस्त्र पहनकर ‘ओम मंगलाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए होली के चारों ओर नौ बार परिक्रमा करें. साथ ही होली में सात काली मिर्च अर्पित करें.

वृषभ राशि – होली के चारों ओर गुलाबी रंग का वस्त्र पहनकर ग्यारह बार परिक्रमा करें. ‘ओम शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप करके 11 लौंग होली में अर्पित करें.

मिथुन राशि – मिथुन राशि के जातक हरे रंग का वस्त्र पहनकर होली के चारों ओर सात बार परिक्रमा करें. साथ ही 21 गेहूं और सात चने की दाल लेकर ‘ओम बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें.

कर्क राशि – होली के चारों ओर सफेद या गुलाबी रंग का वस्त्र पहनकर ‘ओम चंद्राय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए तीन बार परिक्रमा करें. साथ ही 28 अखंड चावल और तीन मिर्च होली में अर्पित करें.

सिंह राशि – होली के चारों ओर लाल या केसरिया रंग का वस्त्र पहनकर ‘ओम सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए पांच बार परिक्रमा करें. लोबान, उद और ग्यारह गेहूं होली में अर्पित करें.

कन्या राशि – हरे रंग का वस्त्र पहनकर होली के चारों ओर सात बार परिक्रमा करें. ‘ओम बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए तीन खाऊ के पत्ते और सात वेलदोडे होली में अर्पित करें.

तुला राशि – गुलाबी रंग का वस्त्र पहनकर होली के चारों ओर सात बार परिक्रमा करें. साथ ही 21 कपूर की वडियां और ग्यारह लौंग होली में अर्पित करें. साथ में ‘ओम शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप करें.

वृश्चिक राशि – लाल रंग का वस्त्र पहनकर होली के चारों ओर ग्यारह बार परिक्रमा करें. साथ ही ‘ओम भौमाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए 11 लौंग और एक हल्दी होली में अर्पित करें.

धनु राशि – धनु राशि के जातक होली में थोड़ा तिल का तेल और ग्यारह मिर्च अर्पित करें. साथ ही ‘ओम बृहस्पति नमः’ मंत्र का जाप करते हुए नौ बार परिक्रमा करें.

मकर राशि – केसरिया रंग का वस्त्र पहनकर होली के चारों ओर पांच बार परिक्रमा करें. साथ ही काले तिल और ग्यारह कोयले के टुकड़े अर्पित करें. साथ में ‘ओम शनैश्वराय नमः’ मंत्र का जाप करें.

कुंभ राशि – कुंभ राशि के जातक गुलाबी या नीला रंग पहनें. साथ ही ‘ओम शनैश्वराय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए 11 काले तिल और तीन कोयले अर्पित करें.

मीन राशि – मीन राशि के जातक पीला रंग का वस्त्र पहनकर ‘ओम बृहस्पतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए बारह बार परिक्रमा करें. साथ ही पीली या सफेद सरसों और करंजी का तेल अर्पित करें.

Aaj Ka Panchang 13 March 2025: आज होलिका दहन जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, यहां पढ़ें पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 13 March 2025: दैनिक पंचांग के अनुसार गुरुवार आज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चर्तुदशी तिथि है और आज ही होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन विशेष पूजा-पाठ के साथ होलिका दहन किया जाता है और घर में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. आइए जानते हैं, दिनभर के शुभ और अशुभ मुहूर्त के बारे में. यहां पढ़ें पूरा पंचांग.

आज का पंचांग- 13 March 2025 (Aaj Ka Panchang)

तिथि

चतुर्दशी – 10:35 ए एम तक

आज सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

सूर्योदय का समय : 06:33 ए एम

सूर्यास्त का समय : 06:28 पी एम

चंद्रोदय का समय: 05:45 पी एम

चंद्रास्त का समय : 06:30 ए एम, मार्च 14

नक्षत्र :

पूर्वाफाल्गुनी – 06:19 ए एम, मार्च 14 तक

आज का करण :

वणिज – 10:35 ए एम तक

विष्टि – 11:26 पी एम तक

आज का योग

धृति – 01:03 पी एम तक

आज का वार : गुरुवार

आज का पक्ष : शुक्ल पक्ष

हिन्दू लूनर दिनांक

शक सम्वत:

1946 क्रोधी

विक्रम सम्वत:

2081 पिङ्गल

गुजराती सम्वत:

2081

चन्द्रमास:

फाल्गुन – पूर्णिमान्त

फाल्गुन – अमान्त

आज का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Muhurat)

आज अभिजित मुहूर्त 12:07 पी एम से 12:55 पी एम तक रहेगा. विजय मुहूर्त 02:30 पी एम से 03:18 पी एम तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त 04:56 ए एम से 05:45 ए एम तक रहेगा. आज निशिता मुहूर्त 12:06 ए एम, मार्च 14 से 12:54 ए एम, मार्च 14 तक रहेगा.

आज का अशुभ मुहूर्त (Aaj Ka Ashubh Muhurat)

दुर्मुहूर्त 10:31 ए एम से 11:19 ए एम, 03:18 पी एम से 04:05 पी एम तक रहेगा. राहुकाल 02:00 पी एम से 03:29 पी एम तक रहेगा. यमगण्ड 06:33 ए एम से 08:02 ए एम तक रहेगा.

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