ब्रेकिंग न्यूज़: पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी
अंबेडकर जयंती के अवसर पर, मंगलवार को भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए दामों की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद भारत में तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली से पोर्ट ब्लेयर तक आज के रेट
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। अन्य शहरों में कीमतों की बात करें तो पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल का दाम 82.46 रुपये और डीजल का दाम 78.05 रुपये प्रति लीटर है। पिछले मार्च में सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2 रुपये की कटौती की थी, जिसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.65 डॉलर घटकर 96.71 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। इसी प्रकार, डब्ल्यूटीआई की कीमतों में भी 2.99 डॉलर की कमी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत में हर 1 डॉलर की वृद्धि से भारत के आयात बिल पर लगभग 2 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के शहरों में तेल के दाम
क्षेत्रीय स्तर पर, उत्तराखंड के हरिद्वार में पेट्रोल 92.78 रुपये, रुद्रपुर में 92.94 रुपये और देहरादून में 93.35 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। नैनीताल में पेट्रोल की कीमत 93.41 रुपये है। पश्चिम बंगाल में, कोलकाता में पेट्रोल 104.99 रुपये प्रति लीटर है, जबकि कूचबिहार में यह 106.14 रुपये, पुरुलिया में 106.05 रुपये और कृष्णानगर में 106.07 रुपये प्रति लीटर है।
भविष्य में दामों में वृद्धि की संभावना?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता उत्पन्न हो रही है। हालांकि, भारत में कीमतें वर्तमान में स्थिर हैं। जानकारों का अनुमान है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है, तो भविष्य में दामों पर दबाव बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, वर्तमान में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्थिति की जरा सी भी परिवर्तन से यह बदल सकती हैं। नागरिकों को इन दामों पर विस्तृत ध्यान देने की आवश्यकता है, खासकर जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
