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महासमुंद, बरगद के नीचे सजी चौपाल, मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा— योजनाओं का लाभ मिल रहा या नहीं?

महासमुंद। सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार को महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम कमरौद पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में उतरा, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उनके साथ प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और विशेष सचिव रजत बंसल भी मौजूद रहे।

हेलीपेड पर सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक येतराम साहू, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष मोगरा पटेल, उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, अलका चंद्राकर, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

गांव पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने बरगद के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर ग्रामीणों के साथ आत्मीय चौपाल लगाई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से राशन, बिजली, प्रधानमंत्री आवास और महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और लगातार गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने पात्र हितग्राहियों से विभाग में पंजीयन कराने की अपील की।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपने अनुभव भी साझा किए। लता सहिस ने बताया कि उन्हें पक्का मकान, गैस सिलेंडर और महतारी वंदन योजना का लाभ मिला है। वहीं परी साहू ने बिहान योजना से जुड़कर “लखपति दीदी” बनने और फैंसी व किराना दुकान संचालित करने की जानकारी दी।

ग्रामीण मधु साहू ने मछली पालन के लिए पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने सोलर बोर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं मोहन कुलदीप ने बताया कि दिसंबर 2025 में सोलर पैनल लगने के बाद उनका 3500 रुपये तक आने वाला बिजली बिल शून्य हो गया और उन्हें 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही ऑनलाइन शिकायत समाधान प्रणाली और टोल फ्री नंबर शुरू करेगी, ताकि लोग घर बैठे अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकें। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और प्रदेश में लगभग 6000 केंद्र खोले जा चुके हैं।

किसानों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद संकट को देखते हुए नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।

महिलाओं के लिए भवन, मुक्ति धाम और सड़क निर्माण की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कमरौद-चरोदा मार्ग निर्माण, मुक्ति धाम, सीसी रोड, तालाब सौंदर्यीकरण और महिला समूहों के लिए भवन निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन, कमरौद से चरोदा तक 4 किलोमीटर सड़क निर्माण और मुक्ति धाम निर्माण की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सिरपुर बैराज और सीकासेर-कोडार परियोजना जिले में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पांचवीं कक्षा के छात्र पूर्वांश साहू के साथ सेल्फी ली और तीन दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की।

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