महासमुंद। कोमाखान थाना क्षेत्र के छुरा रोड स्थित कोसमर्रा गांव के जंगल में एक बार फिर अवैध शराब की दुकान शुरू हो गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस दुकान को ग्रामीणों के आपसी निर्णय और ठेका पद्धति के तहत चालू किया गया है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एक व्यक्ति को शराब बेचने का ठेका दिया है।
पहले भी दिया गया था ठेका, पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ समय रहा बंद
कुछ माह पहले भी ग्रामीणों द्वारा शराब बिक्री के लिए ठेका दिया गया था, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद यह अवैध कारोबार कुछ दिनों के लिए थम गया था। अब दोबारा उसी स्थान पर खुलेआम शराब बिक्री का धंधा शुरू कर दिया गया है। यहां देशी से लेकर अंग्रेज़ी शराब तक आसानी से उपलब्ध बताई जा रही है।
यह पूरा कारोबार कोसमर्रा गांव की कच्ची सड़क से होते हुए जंगल के भीतर संचालित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस बार शराब ठेका लेने वाला व्यक्ति बागबाहरा का निवासी है, जिसने ग्रामीणों से लाखों रुपए तय रकम में यह ठेका लिया है।
महासमुंद: अवैध शराब की बिक्री से हड़कंप, गांवों में बनी नई समस्या
कोसमर्रा के 70% घरों में बन रही महुआ शराब
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कोसमर्रा गांव के लगभग 70 फीसदी घरों में महुआ शराब का निर्माण किया जाता है। यहां रोजाना कई लीटर शराब तैयार होकर बाहर सप्लाई की जाती है।
सूत्रों द्वारा यह भी बताया गया कि गुरुवार को आबकारी विभाग की टीम द्वारा इस इलाके में कार्रवाई की गई है, लेकिन इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
जंगल के बीच खुलेआम शराब विक्रय होने और ग्रामीणों द्वारा खुद ठेका तय किए जाने की जानकारी के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस व्यवसाय को अपनी रोज़ी-रोटी का साधन मानते हैं, जबकि कानून इसकी अनुमति नहीं देता।
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