पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से लूट के बाद पुलिस अलर्ट, मौके पर पहुंचे दो डीसीपी, CCTV खंगाल रही टीम

रायपुर। राजधानी रायपुर में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Dharamlal Kaushik से हुई मोबाइल लूट की घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल जोन डीसीपी और क्राइम डीसीपी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

जानकारी के अनुसार, धरमलाल कौशिक सोमवार सुबह करीब 8 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान शंकर नगर स्थित भारत माता चौक के पास बाइक सवार अज्ञात बदमाश उनका मोबाइल झपटकर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

रायपुर में पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, मॉर्निंग वॉक के दौरान वारदात
रायपुर में पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, मॉर्निंग वॉक के दौरान वारदात

BREAKING: रायपुर में पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, मॉर्निंग वॉक के दौरान वारदात

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारी घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

पुलिस धरमलाल कौशिक और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर वारदात से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी हुई है। राजधानी में हाई अलर्ट के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

छत्तीसगढ़: बीजेपी नेता मर्डर केस का आरोपी चुनावी मैदान में, हथकड़ियों में पहुंचा नामांकन भरने

कटघोरा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राजनीति से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भाजपा नेता की हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपी अब उसी सीट से चुनाव लड़ने मैदान में उतर गया है, जो नेता की हत्या के बाद खाली हुई थी।

मामला पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र की बिझरा सीट का है। हत्या के आरोपी मुस्ताक अहमद को सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बिलासपुर जेल से नामांकन दाखिल कराने लाया गया। पुलिस सुरक्षा और हथकड़ियों के बीच पहुंचे मुस्ताक ने जनपद सदस्य पद के लिए अपना नामांकन पत्र जमा किया।

23 दिसंबर को हुई थी भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या

जानकारी के मुताबिक, 23 दिसंबर को ग्राम केशलपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष अक्षय गर्ग की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। उन पर कुल्हाड़ी और चाकू से हमला किया गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस जांच में हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश की बात सामने आई थी। मामले में मुस्ताक अहमद को मुख्य आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।

महासमुंद में चोरी का माल खरीदना पड़ा भारी, बर्तन व्यवसायी के साथ चोर गिरफ्तार

हत्या के बाद खाली हुई सीट पर ठोकी दावेदारी

अक्षय गर्ग की हत्या के बाद बिझरा जनपद पंचायत सीट खाली हो गई थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव की घोषणा की।

नामांकन के अंतिम दिन जब जेल वैन पहुंची तो इलाके में हलचल मच गई। लोगों को तब और हैरानी हुई, जब हत्या के आरोपी मुस्ताक अहमद ने उसी सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल कर दिया, जो अक्षय गर्ग की मौत के बाद रिक्त हुई थी।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटनाक्रम के बाद बिझरा और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

महासमुंद में चोरी का माल खरीदना पड़ा भारी, बर्तन व्यवसायी के साथ चोर गिरफ्तार

महासमुंद। तेन्दूकोना थाना पुलिस ने सोलर प्लांट में चोरी करने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी का कॉपर वायर खरीदने वाले बर्तन व्यवसायी के खिलाफ भी कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, विपुल विद्युत प्राइवेट लिमिटेड, तेन्दूकोना स्थित सौर ऊर्जा (सोलर) प्लांट से करीब 16 किलो कॉपर वायर चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। चोरी किए गए तार की कीमत लगभग 16 हजार रुपये बताई गई है।

प्रार्थी महेश कुमार तारम (33) निवासी तेन्दूकोना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 2025 की रात से 14 नवंबर 2025 की शाम के बीच अज्ञात चोर ने ग्राम साल्हेभांठा स्थित सोलर प्लांट की बाउंड्री फेंसिंग काटकर अंदर प्रवेश किया और कॉपर केबल वायर चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर तेन्दूकोना पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

छत्तीसगढ़ के सुशासन तिहार कार्यक्रम में चाकूबाजी, सरपंच घायल, मौके पर मची अफरा-तफरी

जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर बगारपाली निवासी टिकेश्वर भास्कर (26) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि चोरी का कॉपर वायर ग्राम शिकारीपाली स्थित एक बर्तन दुकान में बेच दिया था।

इसके बाद पुलिस ने शिकारीपाली स्थित राज बर्तन फर्नीचर दुकान संचालक दिनेश कंसारी (42) के पास से चोरी का कॉपर वायर बरामद किया। पुलिस ने बर्तन व्यवसायी के खिलाफ धारा 317(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है।

बरामद संपत्ति

  • 16 किलो कॉपर वायर
  • अनुमानित कीमत : 16,000 रुपये

गिरफ्तार आरोपी

  • टिकेश्वर भास्कर, निवासी बगारपाली, थाना तेन्दूकोना, जिला महासमुंद।

पुलिस ने मामले में शत-प्रतिशत चोरी का माल बरामद करने का दावा किया है।

सुशासन तिहार शिविर से पहले जल जीवन मिशन पर उठे सवाल, कई पंचायतों में अधूरी योजनाओं से ग्रामीण परेशान

छत्तीसगढ़ के सुशासन तिहार कार्यक्रम में चाकूबाजी, सरपंच घायल, मौके पर मची अफरा-तफरी

डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पलांदूर में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब मंचीय कार्यक्रम के बीच अचानक चाकू से हमला कर दिया गया। इस घटना में गांव के सरपंच घायल हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में भाषण चल रहा था, तभी पलांदूर निवासी जितेंद्र यादव (36) ने अचानक चाकू निकालकर हमला कर दिया। हमले में सरपंच के हाथ में चोट आई है। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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मौके पर मौजूद ग्रामीणों और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब प्रदेशभर में सुशासन तिहार 2026 के तहत गांव-गांव समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण और प्रशासनिक संवाद का दावा कर रही है।

सुशासन तिहार शिविर से पहले जल जीवन मिशन पर उठे सवाल, कई पंचायतों में अधूरी योजनाओं से ग्रामीण परेशान

हालांकि डोंगरगढ़ क्षेत्र में सुशासन तिहार के दौरान विवाद की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले पट्टे की मांग को लेकर लोगों ने अधिकारियों का घेराव कर घंटों बंधक बना लिया था, जिसके बाद पुलिस हस्तक्षेप की नौबत आ गई थी।

अब पलांदूर में हुई चाकूबाजी की घटना ने सरकारी कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस हमले के पीछे की वजहों की जांच कर रही है।

सुशासन तिहार शिविर से पहले जल जीवन मिशन पर उठे सवाल, कई पंचायतों में अधूरी योजनाओं से ग्रामीण परेशान

दिलीप शर्मा, महासमुंद। महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक में 20 मई को मुनगासेर सेक्टर के पटपरपाली शिविर स्थल में सुशासन तिहार 2026 का आयोजन होना है। शिविर में 21 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचेंगे।

इधर, जल जीवन मिशन की कई योजनाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के कई गांवों में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। कहीं पानी टंकियां लीक हो रही हैं, तो कहीं अब तक घरों तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।

कई पंचायतों में अधूरे कार्य

सिवनी: पानी भरते ही लीक हो रही टंकी

सिवनी गांव में 91.52 लाख रुपये की लागत से बनी पानी टंकी में पानी भरते ही रिसाव होने की शिकायत है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई घरों में अब तक प्लेटफॉर्म नहीं बने हैं और टंकी में पानी टिकता ही नहीं।

टेमरी: तीन साल बाद भी योजना अधूरी

टेमरी गांव में 62.39 लाख रुपये की लागत से बनी पानी टंकी तीन साल बाद भी उपयोग में नहीं आ सकी है। ग्रामीण निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

करहीडीह: खर्च हुआ लाखों, लाभ नहीं

करहीडीह गांव में 62.91 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

पटपरपाली: 30 माह बाद भी अधूरी योजना

पटपरपाली गांव में 66.99 लाख रुपये की योजना 30 माह बाद भी अधूरी बताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक बोरिंग नहीं होने के कारण पानी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है।

“ये पानी की टंकी नहीं… ये महासमुंद में बना मौत का गड्ढा है!”
जल जीवन मिशन के नाम पर ₹66 लाख की योजना…”

साल्हेभाठा और खुर्सीपार में भी शिकायतें

साल्हेभाठा गांव में रिकॉर्ड के अनुसार 32.65 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ पानी टंकी खड़ी की गई है। पाइपलाइन और घर-घर कनेक्शन अब तक पूरे नहीं हुए हैं। मजदूरी भुगतान लंबित होने और ठेकेदार के काम छोड़ने के आरोप भी लगाए गए हैं।

वहीं खुर्सीपार में भी जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग की है।

1.11 करोड़ खर्च, फिर भी गांव प्यासा

कुसमी गांव में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल कनेक्शन देने का दावा किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में गांव को 100 प्रतिशत “हर घर जल” प्रमाणित बताया गया है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है।

ग्रामीणों के अनुसार पिछले दो महीनों से गांव में नलों से पानी सप्लाई बंद है। गांव में बनाई गई पानी टंकी कई जगहों से लीक हो रही है, जिससे पानी ठहर नहीं पाता और सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी बनने के बाद से ही लीकेज की समस्या बनी हुई है।

मुनगासेर और नरतोरी की स्थिति

मुनगासेर पंचायत में सभी घरों को नल कनेक्शन दिए जाने और “हर घर जल” प्रमाणित होने के बावजूद योजना विभागीय रिकॉर्ड में अब भी “Ongoing” दिखाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ निर्माण और औपचारिक प्रक्रियाएं अब भी अधूरी हैं।

वहीं नरतोरी पंचायत में पाइप जल योजना शुरू तो हुई, लेकिन सभी घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें योजना का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई, अधूरे कार्य जल्द पूरा कराने और गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है।

एसडीओ साहू ने क्या कहा?

बागबाहरा एसडीओ साहू ने कहा कि क्षेत्र की कई पंचायतों में जल जीवन मिशन का काम अभी पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है। कुछ जगहों पर निर्माण कार्य अधूरा है, जबकि कई गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि योजना की दूसरी किश्त अभी जारी होना बाकी है। शासन स्तर पर निर्देश है कि कार्य पूर्ण होने के बाद ही संबंधित एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। प्रशासन अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने की दिशा में काम कर रहा है।

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Share Market Today: ट्रंप की चेतावनी से डरा बाजार, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी 23,335 के करीब फिसला

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार 18 मई को भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते निवेशकों में घबराहट बढ़ गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटकर 74,227 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 285 अंक लुढ़ककर 23,335 के करीब कारोबार करता दिखा।

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का रहा। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, जिससे महंगाई और आयात लागत बढ़ने की चिंता तेज हो गई। वहीं भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर रिकॉर्ड निचले स्तर 96.17 पर खुला। इससे विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

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एशियाई बाजारों में भी दबाव

सिर्फ भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स करीब 0.76 फीसदी टूट गया, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स भी कमजोर रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोसडैक इंडेक्स में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई। हांगकांग के बाजार भी दबाव में नजर आए।

इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में भी 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई और यह 19.92 तक पहुंच गया। यह संकेत देता है कि निवेशकों में अनिश्चितता और डर बढ़ रहा है।

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

Share Market Today: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि समझौते के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर ईरान ने जल्द कदम नहीं उठाया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।

दूसरी ओर, ईरान ने प्रतिबंध हटाने, फ्रीज फंड जारी करने और क्षेत्रीय संघर्ष रोकने जैसी कई शर्तें रखी हैं। इन घटनाक्रमों से वैश्विक बाजारों में तनाव और बढ़ गया है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

Share Market Today: मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगे कच्चे तेल की वजह से बाजार में दबाव बना रह सकता है। इनरिच मनी के सीईओ Ponmudi R के मुताबिक, रुपये की कमजोरी और क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजार के लिए चिंता का बड़ा कारण हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,900 से 24,000 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 23,500 से 23,400 का दायरा तत्काल सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है।

BREAKING: रायपुर में पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, मॉर्निंग वॉक के दौरान वारदात

रायपुर। राजधानी रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के दौरे को लेकर हाई अलर्ट के बीच बड़ी लूट की घटना सामने आई है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Dharamlal Kaushik मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार, धरमलाल कौशिक सुबह करीब 8 बजे टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान शंकर नगर स्थित भारत माता चौक के पास बाइक सवार बदमाश उनका मोबाइल झपटकर मौके से फरार हो गए।

PM मोदी की चेतावनी: कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी ने दुनिया को आगाह किया। कहा- हालात नहीं सुधरे तो…

घटना के तुरंत बाद कौशिक ने पुलिस को सूचना दी। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

राजधानी में हाई अलर्ट के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बागबाहरा में भाजपा पार्षद का दर्द छलका, बोले- जनता से किए वादे निभाने में असमर्थ

महासमुंद जिले के बागबाहरा नगर पालिका परिषद में भाजपा पार्षद का एक कथित इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद थानूराम पाण्डेय के नाम से वायरल इस पत्र में वार्ड में विकास कार्य नहीं होने और प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलने की बात कही गई है।

वायरल पत्र में पार्षद ने लिखा है कि वे लंबे समय से अपने वार्ड की मूलभूत समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर नगर पालिका कार्यालय में लगातार पत्राचार और आग्रह करते रहे, लेकिन इसके बावजूद वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाने के कारण वे स्वयं को असमर्थ महसूस कर रहे हैं, इसलिए पार्षद पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर रहे हैं।

पत्र वायरल होने के बाद स्थानीय राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर भाजपा सरकार और नगर पालिका व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि भाजपा शासन में भाजपा के ही पार्षद विकास कार्य नहीं करा पा रहे हैं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

अंकित बागबाहरा ने अपने पोस्ट में वार्ड क्रमांक 10 की पानी टंकी का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टंकी में पहली बार पानी भरते ही वह गिरने की स्थिति में पहुंच गई, लेकिन अब तक न तो ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई और न ही मरम्मत का काम पूरा हुआ। इसके कारण वार्डवासी आज भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

फिलहाल यह पत्र और सोशल मीडिया पोस्ट नगर पालिका क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, पार्षद की ओर से आधिकारिक रूप से इस्तीफा सौंपे जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

PM मोदी की चेतावनी: कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी ने दुनिया को आगाह किया। कहा- हालात नहीं सुधरे तो करोड़ों लोग फिर गरीबी में जा सकते हैं।

PM मोदी की चेतावनी: कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी ने दुनिया को आगाह किया। कहा- हालात नहीं सुधरे तो करोड़ों लोग फिर गरीबी में जा सकते हैं। PM मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि दुनिया लगातार नए संकटों का सामना कर रही है और यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो पिछले कई दशकों में गरीबी उन्मूलन के लिए हासिल की गई उपलब्धियां खत्म हो सकती हैं।

नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दौर बनता जा रहा है। अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के दूसरे चरण में उन्होंने कहा कि पहले कोरोना महामारी आई, उसके बाद युद्ध शुरू हुए और अब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है।

PM मोदी ने कहा कि इन वैश्विक संकटों का असर आम लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन परिस्थितियों पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो दुनिया की बड़ी आबादी दोबारा गरीबी की ओर धकेली जा सकती है और वर्षों की मेहनत बेकार हो सकती है।

मितव्ययिता अपनाने की अपील

यूरोप दौरे से पहले हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने लोगों से स्वैच्छिक मितव्ययिता अपनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जहां संभव हो, लोग घर से काम करें, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचें और सोने की खरीदारी कम करें।

उन्होंने ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण को देशहित से जोड़ते हुए सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल, कार पूलिंग और उर्वरकों के सीमित उपयोग पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम एक सामान्य व्यवस्था बन गई थी और अब ऐसे व्यवहारिक बदलावों को मांग प्रबंधन के प्रभावी उपाय के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार ही संसाधनों के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और वैश्विक संकटों के असर को कम करने में मदद मिलेगी।

अधिकमास में क्यों बदल जाते हैं खान-पान के नियम? जानिए धार्मिक मान्यता और विज्ञान क्या कहता है

खान-पान के नियम: धार्मिक दृष्टि से अधिकमास को मन और शरीर की शुद्धि का समय माना जाता है। इसी कारण तला-भुना, ज्यादा मसालेदार और तामसिक भोजन छोड़कर हल्का, सादा और सात्त्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन आधुनिक विज्ञान भी इस सोच को पूरी तरह गलत नहीं मानता।

मौसम बदलने से कमजोर होती है पाचन शक्ति

आयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मई-जून के दौरान तेज गर्मी, उमस और बदलते मौसम की वजह से पाचन तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर हो जाता है। ऐसे समय भारी, ज्यादा तैलीय और अत्यधिक प्रोटीन वाला भोजन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि हल्का भोजन:

  • पाचन को आसान बनाता है
  • शरीर में पानी की कमी कम करता है
  • गैस, एसिडिटी और अपच से बचाता है
  • मानसिक थकान कम करने में मदद करता है

किन चीजों से परहेज करने की परंपरा है?

अधिकमास में कई लोग प्याज, लहसुन, बैंगन, उड़द दाल, मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन से दूरी बनाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ये चीजें मन में उत्तेजना और आलस्य बढ़ाती हैं, जिससे ध्यान और साधना में बाधा आती है।

विज्ञान क्या कहता है?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • ज्यादा मसालेदार भोजन गर्मी में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है
  • भारी दालें और तला भोजन गैस और पाचन समस्या बढ़ा सकते हैं
  • शराब और प्रोसेस्ड फूड शरीर की ऊर्जा और नींद पर असर डालते हैं
  • मांसाहार गर्म मौसम में जल्दी खराब होने का खतरा रखता है

हालांकि वैज्ञानिक रूप से सभी खाद्य पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। डॉक्टर संतुलित और स्वच्छ भोजन को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं।

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अधिकमास में क्या खाना बेहतर माना जाता है?

धार्मिक परंपराओं में इस दौरान गेहूं, चावल, मूंग दाल, जौ, गाय का घी, मौसमी फल और हल्की सब्जियों का सेवन शुभ माना गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इन चीजों को फायदेमंद मानते हैं:

  • मूंग दाल: आसानी से पचने वाली प्रोटीन
  • चावल और जौ: शरीर को ऊर्जा देने वाले हल्के अनाज
  • आंवला: विटामिन-C से भरपूर
  • केला और ककड़ी: शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार
  • सेंधा नमक: सामान्य नमक की तुलना में हल्का माना जाता है

क्या सभी नियमों का पालन जरूरी है?

धर्माचार्यों के अनुसार अधिकमास का मुख्य उद्देश्य संयम, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक सोच है। इसलिए लोग अपनी श्रद्धा, स्वास्थ्य और क्षमता के अनुसार नियमों का पालन करते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि:

  • मधुमेह, BP या अन्य बीमारी वाले लोग बिना सलाह लंबा उपवास न करें
  • शरीर की जरूरत के अनुसार संतुलित भोजन लें
  • साफ और ताजा भोजन सबसे ज्यादा जरूरी है

आस्था और स्वास्थ्य का संतुलन

विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिकमास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं बल्कि शरीर और मन को रीसेट करने का अवसर भी हो सकता है। सात्त्विक भोजन, सीमित खान-पान, कम तनाव और नियमित पूजा या ध्यान मानसिक शांति और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

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