गजब: गरियाबंद यहां नाली और कूड़ेदान की हो गई चोरी, सरपंच और सचिव की मिलीभगत

गरियाबंद। पंचायती राज (Panchayati Raj) व्यवस्था गांवों के विकास के लिए आधारस्तंभ मानी जाती है. सरकार पंचायतों के विकास के लिए हर साल लाखों-करोड़ों की राशि जारी करती है, ताकि गांव में रहने वालों को तमाम सुविधाएं मिल सके. लेकिन अक्सर ये खबरें आती रहती हैं कि पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधि या अधिकारियों ने ग्रामीणों के हक का पैसा हड़प लिया. छत्तीसगढ़ के Gariaband इलाके की एक पंचायत में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. जी हां, Gariaband के बुरजाबहाल गांव के लोग बीते दिनों पुलिस के पास एक शिकायत लेकर पहुंचे. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी पंचायत की महिला सरपंच और सचिव ने दो नाली और कूड़ेदान की चोरी कर ली है.

देवभोग थाने में ग्रामीणों की शिकायत सुनकर आला अफसर और अन्य पुलिसवाले हैरान रह गए. बुरजाबहाल गांव के लोगों ने उनसे कहा कि वे चोरी की गई नालियों और कूड़ादान ढूंढकर ला दें. पंचायत में हुई इस तरह की चोरी का अनोखा मामला सुनकर जब पुलिस ने ग्रामीणों से गंभीरता से पूछताछ की, तो आर्थिक अपराध का मामला निकलकर सामने आया.

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ये रहा पूरा मामला

बुरजाबहाल गांव के लोगों ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि गांव की महिला सरपंच और सचिव ने 14वें वित्त आयोग से नाली और कूड़ेदान के लिए जारी 4 लाख रुपए की राशि का गबन कर लिया है. इस राशि से पंचायत में दो नालियां बनाई जानी थीं और डस्टबिन खरीदे जाने थे. ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत मैनपुर जनपद में भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद लोग पुलिस के पास पहुंचे थे.

गांव वालों की शिकायत सुनने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीर बताया, लेकिन शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. देवभोग थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को सलाह दी कि चूंकि ये मामला पंचायत निर्माण कार्य से जुड़ा है, इसलिए इसकी शिकायत जनपद पंचायत में ही की जा सकती है. अब ग्रामीण एक बार फिर जनपद कार्यालय जाने की तैयारी में हैं, ताकि नाली और डस्टबिन ‘चोरी’ की उनकी शिकायत सुनी जा सके.