एजुकेशन/हेल्थ/रोमांसमहासमुन्द

निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करने वाले जिले के 6 अशासकीय शाला की मान्यता समाप्त करने संचालनालय को भेजा गया है प्रस्ताव

शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा

महासमुंद। आगामी 18 जून से प्रारंभ हो रहे स्कूली शिक्षा सत्र को ध्यान में रखते हुए उसकी पूरी तैयारी एव विशेष रूप से शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने शुक्रवार को यहां कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिले शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की और अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए।

व्यवस्था सुनिश्चित करें

  • उन्होंने कहा कि शिक्षा सत्र के प्रारंभ में अधिकारीगण विशेष रूप से छात्रों शाला प्रवेश, पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता, शालेय गणवेश, भवनों की मरम्मत आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।
  • विद्यालयों में छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
  • उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि शिक्षकों एवं बच्चों की नियमित उपस्थिति के मानिटरिंग के लिए विकासखंडवार प्लाईंग स्वॉड का गठन किया जाए, जो समय-समय पर विद्यालयों में जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लें।

मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था देखें अधिकारी

  • बैठक में जिला कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा सत्र प्रारंभ से ही अधिकारीगण विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को देख लेवें।
  • विकासखंड शिक्षा अधिकारी इसके लिए विशेष रूप से जिम्मेदार होंगे।
  • इसके अलावा शाला भवनों की स्थिति प्राचार्य एवं शाला विकास समिति अच्छे तरह से देख लें।
  • उन्होंने यह भी कहा कि जिले में जहां पर भी विद्यालय भवन जर्जर है और उनके मरम्मत या निर्माण की आवश्यकता है, उसकी सूची प्राथमिकता के आधार पर चयन कर उपलब्ध कराए।
  • बैठक में बताया गया कि जिले में शिक्षकों के पहचान पत्र तैयार कर उसका वितरण कर दिया गया।
  • बैठक में शिक्षा के अधिकार के तहत अब तक प्राप्त आवेदनों की जानकारी दी गई।
    बताया गया कि इन आवेदनों की स्कूटनी कर इन्हें प्रवेश दिया जाएगा।
  • कलेक्टर ने कहा कि पांचवीं से छठवीं एवं आठवीं से नवमीं तक बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।
  • उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में दसवीं एवं बारहवीं के परीक्षा परिणाम अप्रेक्षा अनुरूप नहीं आए है, उन पर विशेष ध्यान केंद्रित करना है, वहां के समस्याओं से अवगत होकर उसे दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए।

शौचालयविहीन स्कूलों की ली जानकारी

  • शिक्षा विभाग की बैठक में जिला कलेक्टर ने स्पायर एवार्ड एंट्री आनलाइन करने, शाला कोष पोर्टल की स्थिति, ई-क्लास एवं स्मार्ट क्लासेस के भौतिक सत्यापन, शौचालय विहीन शालाओं की जानकारी ली।
  • उन्होंने कहा कि विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन के मेनू दीवाल पर अंकित किया जाए और उसमें बीईओ, प्राचार्य, संकुल समन्वयक के नंबर भी अंकित किए जाए।

समिति गठन की भी समीक्षा

  • बैठक में शालाओं के लघु मरम्मत के कार्य, परीक्षा परिणामों की समीक्षा, विकासखंडवार प्राचार्यों की निर्धारित तिथियों में बैठक, शाला प्रबंधन समिति की गठन की समीक्षा की गई।
  • जिला कलेक्टर ने शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि इसके तहत निर्धारित सभी सोपानों के अनुरूप कार्रवाई करें।
  • बैठक में बताया गया कि जिले के शासकीय विद्यालयों में नवमीं एवं दसवीं के छात्रों के लिए पाठ्य पुस्तकें पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पहुंचाई जा रही है, वहीं पहली से आठवीं तक की पाठ्य पुस्तकें संकुल तक पहुंचाई जा रही है।

सभी हॉस्टल की निर्धारित सीटें पूरी भरी जाए

  • बैठक में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विभिन्न स्तर पर योग कराने की कार्रवाई करने के लिए शिक्षा अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है।
  • इन कार्यक्रमों के फोटो एवं रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
  • जिला कलेक्टर ने कहा कि दसवीं एवं बारहवीं की तीन क्वाटर्ली परीक्षाएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
  • बैठक में उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी से कहा कि जिले के सभी हास्टल की निर्धारित पूरी सीटें भरी जानी चाहिए।
  • इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आपस में समन्वय बनाकर कार्रवाई करें।
  • बैठक में आदिवासी विभाग द्वारा छात्रों के लिए संचालित कोंचिंग व्यवस्था, आश्रम एवं छात्रावासों में पौध रोपण, शिष्यवृत्ति- छात्रवृत्ति की समीक्षा की।

इन स्कूलों में मापदंड पूरा नहीं

  • बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. कुर्रे ने बताया कि जिले की छह अशासकीय शालाओं की मान्यता अनुमति समाप्त करने के लिए संचालक लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
  • उन्होंने बताया कि निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करने वाले अशासकीय शालाओं की मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है।
  • इसमें छत्तीसगढ़ जागृति संस्कार शाला महासमुंद, तक्षशिला पब्लिक इंग्लिश स्कूल महासमुंद, ज्ञानांजली पब्लिक स्कूल खरोरा रोड़ महासमुंद, आदर्श ज्ञान ज्योति पूर्व माध्यमिक शाला हरदा बसना, गुरूकूलम ज्ञानपीठ उच्च माध्यमिक विद्यालय बडे़साजापाली बसना एवं ब्राइटवे इंग्लिश स्कूल खल्लारी बागबाहरा शामिल है।

प्रवेश प्रक्रिया पर रोक

  • उन्होंने बताया कि इन शालाओं में अध्ययनरत छात्राओं को निकट के विद्यालय में प्रवेश के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
  • उन्होंने यह भी बताया कि इन छह अशासकीय विद्यालयों में इस वर्ष के शिक्षा सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया नहीं की जाएगी।
  • बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. कुर्रे, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त बलभद्र राम, सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारीगण एवं बीआरसी उपस्थित थे।

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