The National Manuscript Mission 2026 has accelerated in Mahasamund district, uncovering rare handwritten manuscripts over 300 years old. These valuable historical texts are being surveyed, documented, and digitized to preserve India’s rich cultural heritage
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1000 फीट ऊंचे शिशुपाल पर्वत से छलांग, पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी | सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
महासमुंद. सराईपाली। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड स्थित शिशुपाल पर्वत के प्रसिद्ध घोड़ाधार जलप्रपात से एक प्रेमी जोड़े द्वारा कूदकर आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे कौन थे और कहां से आए थे।
सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ की जा रही है तथा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
खतरनाक स्थल बनता जा रहा जलप्रपात
घोड़ाधार जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार अब तक यहां से गिरने के कारण 9 से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में लोगों को धक्का देकर हत्या किए जाने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
पर्वत के किनारों पर कहीं भी सुरक्षा ग्रिल नहीं लगी है
चेतावनी के लिए साइन बोर्ड तक मौजूद नहीं हैं
किसी भी प्रकार की सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं है
गौरतलब है कि वन विभाग द्वारा यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से 20 रुपये शुल्क लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां असामाजिक तत्व खुलेआम शराब सेवन करते हैं और मनमानी करते हैं। रोक-टोक के अभाव में यह स्थान असुरक्षित होता जा रहा है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान पर खतरा बना रहता है।
जांच जारी
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। वहीं, इस घटना के बाद एक बार फिर घोड़ाधार जलप्रपात पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ठोस सुरक्षा उपाय
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद यदि समय रहते ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता।
ज्ञान भरतम ऐप से हो रहा पंजीकरण, जनजातीय अंचलों में सुरक्षित मिलीं ऐतिहासिक धरोहरें
छत्तीसगढ़, महासमुंद। संस्कृति मंत्रालय के तहत संचालित राष्ट्रीय पांडुलिपि अभियान 2026 में महासमुंद जिले में दुर्लभ पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और संरक्षण का कार्य तेज हो गया है। 16 मार्च 2026 से शुरू इस अभियान के अंतर्गत अब तक 300 वर्ष से अधिक पुराने हस्तलिखित ग्रंथों की पहचान की जा चुकी है। इनका पंजीकरण ज्ञान भरतम ऐप के माध्यम से किया जा रहा है।
महासमुंद के जनजातीय अंचलों में दुर्लभ ताड़पत्र पांडुलिपियों का सर्वेक्षण करते अधिकारी, सैकड़ों वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सामने आई
जानें क्या है पांडुलिपि
पांडुलिपि वह हस्तलिखित दस्तावेज होती है, जो सामान्यतः 75 वर्ष से अधिक पुरानी होती है। ये ताड़पत्र, भोजपत्र, ताम्रपत्र, कपड़े या चमड़े जैसे पारंपरिक माध्यमों पर लिखी जाती हैं। इनमें धार्मिक ग्रंथ, इतिहास, लोकज्ञान, अनुष्ठान विधियां और औषधीय जानकारी संकलित रहती है।
महासमुंद: पांडुलिपियों का समृद्ध केंद्र
महासमुंद जिला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध माना जाता है। वर्ष 2007 के सर्वेक्षण में इसे छत्तीसगढ़ का सबसे अधिक पांडुलिपि वाला जिला घोषित किया गया था। वर्तमान सर्वेक्षण में भी 100 से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं, जो हजारों पृष्ठों में फैली हुई हैं।
महासमुंद के जनजातीय अंचलों में दुर्लभ ताड़पत्र पांडुलिपियों का सर्वेक्षण करते अधिकारी, सैकड़ों वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सामने आई
जनजातीय अंचलों में सुरक्षित धरोहर
कोमाखान क्षेत्र के जनजातीय समुदायों के पास ये पांडुलिपियां सुरक्षित पाई गई हैं। अधिकतर ग्रंथ ताड़पत्र पर उड़िया लिपि में लिखे गए हैं। इनमें भागवत पुराण, लक्ष्मी पुराण, दुर्गा ग्रंथ, भृगु संहिता, ज्योतिष, लोक चिकित्सा, पशु चिकित्सा और बाण विद्या जैसे विषय शामिल हैं।
शोध के लिए खुलेंगे नए आयाम
इन पांडुलिपियों से छत्तीसगढ़ और उड़ीसा की सीमावर्ती संस्कृति और इतिहास पर नए शोध की संभावनाएं बढ़ी हैं। वर्ष 2007 में डॉ. विजय शर्मा द्वारा खोजी गई 172 पांडुलिपियों का भी अब पुनः सत्यापन और डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
संरक्षण की पारंपरिक विधि
जनजातीय परिवार इन पांडुलिपियों को देवता स्वरूप मानकर सुरक्षित रखते हैं। इन्हें कपड़े में लपेटकर घर की पाटी में रखा जाता है। रसोई के धुएं से कीट दूर रहते हैं, जिससे ये लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं। हालांकि उड़िया लिपि जानने वालों की संख्या घटने से अध्ययन में कठिनाई आ रही है।
विशेषज्ञों की मांग
विशेषज्ञों ने पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए सरकार से मांग की है—
वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और सुरक्षित भंडारण
सभी पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण
संरक्षक परिवारों का सम्मान
जागरूकता कार्यशालाएं
जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा
सर्वेक्षण टीम का दौरा
जिला नोडल अधिकारी रेखराज शर्मा और बीआरसीसी भूपेश्वरी साहू ने हाथीबहरा क्षेत्र का दौरा कर सर्वेक्षण कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान डॉ. विजय शर्मा ने पांडुलिपियों के संरक्षकों—चमार राय नेताम, बलमत जगत और तुलाराम नेताम—से परिचय कराया और उनके संरक्षण के तरीकों की जानकारी दी।
अमूल्य धरोहर
राष्ट्रीय पांडुलिपि अभियान 2026 महासमुंद में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आया है। यह अभियान न केवल दुर्लभ ग्रंथों को सुरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को संजोने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
आज रविवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष चाल के कारण कई राशियों के लिए नए अवसर और बदलाव लेकर आया है। किसी के लिए आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं तो किसी को रिश्तों और सेहत को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। दांपत्य जीवन, स्वास्थ्य, करियर और धन के मामलों में आज का दिन किस राशि के लिए शुभ रहेगा और किन्हें सतर्क रहना होगा—जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल, साथ ही शुभ अंक, रंग, उपाय, मंत्र और रत्न की पूरी जानकारी।
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दांपत्य: रिश्तों में मधुरता रहेगी, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा
महासमुंद। जिले में एलपीजी गैस के बड़े गबन का मामला उजागर हुआ है। सुरक्षित रखरखाव के लिए सुपुर्द किए गए 6 कैप्सूल से करीब 90 मीट्रिक टन गैस गायब कर दी गई, जिसकी कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला
थाना सिंघोड़ा क्षेत्र में जब्त 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को सुरक्षा कारणों से ठाकुर पेट्रोकेमिकल, उरला (अभनपुर) को सुपुर्द किया गया था। लेकिन सुपुर्दनामे के बाद आरोपियों ने गैस की हेराफेरी कर दी। जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला आपराधिक न्यासभंग का है।
मालिक, डायरेक्टर और मैनेजर पर आरोप
जांच में पाया गया कि कंपनी के मालिक, डायरेक्टर और प्लांट मैनेजर ने मिलकर साजिश रची और 31 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच सभी कैप्सूल से गैस को अवैध रूप से खाली कराया।
GPS से खुला पूरा राज
कैप्सूल में लगे GPS सिस्टम से पूरी गतिविधि सामने आई।
31 मार्च को 2 कैप्सूल
1 अप्रैल को 1 कैप्सूल
3 अप्रैल को 1 कैप्सूल
5 अप्रैल को 2 कैप्सूल खाली किए गए
कर्मचारियों ने किया खुलासा
प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने यह काम मालिक और प्रबंधन के निर्देश पर किया। इससे साजिश की पुष्टि हुई।
खरीद कम, बिक्री ज्यादा
जब्त दस्तावेजों की जांच में बड़ा अंतर सामने आया—
अप्रैल में केवल 47 टन गैस खरीदी गई
जबकि 107 टन गैस की बिक्री दिखाई गई इससे स्पष्ट है कि करीब 60 टन गैस अवैध रूप से बेची गई।
महंगे दामों पर अवैध बिक्री
गैस की कमी के दौरान आरोपियों ने डेढ़ से दो गुना कीमत पर अवैध बिक्री की। कच्चे बिल और रजिस्टर के माध्यम से यह कारोबार संचालित किया जा रहा था।
एजेंसियों की भूमिका भी जांच में
रायपुर की कई एजेंसियों ने चोरी की गैस खरीदकर उसे बाजार में खपाने में मदद की। इन सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।
तौल में गड़बड़ी से हुआ खेल
सुपुर्दनामे के बाद कैप्सूल का समय पर वजन नहीं कराया गया। बाद में गैस खाली करने के बाद तौल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों से छेड़छाड़ की और बिना बिल वाले लेन-देन का रजिस्टर गायब कर दिया।
लीकेज की संभावना खारिज
विशेषज्ञों की जांच में सभी कैप्सूल पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। इतनी बड़ी मात्रा में गैस का लीकेज होना असंभव बताया गया है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले में बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
सिस्टम की लापरवाही
यह मामला न केवल बड़े पैमाने पर गैस गबन का है, बल्कि इसमें सिस्टम की लापरवाही और मिलीभगत भी उजागर हुई है, जिसकी जांच अभी जारी है।
Air India Crisis: वैश्विक स्तर पर बढ़ते जेट फ्यूल (ATF) के दामों ने एविएशन इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। ईरान से जुड़े तनाव और तेल सप्लाई संकट के चलते ईंधन महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस पर पड़ रहा है। इसी दबाव के चलते एयर इंडिया ने अपने ऑपरेशन में कटौती करते हुए रोजाना 100 से अधिक उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है।
तेल संकट से एविएशन सेक्टर पर असर
तेल की बढ़ती कीमतों ने एविएशन इंडस्ट्री को गंभीर संकट में डाल दिया है। जेट फ्यूल (ATF) महंगा होने से एयरलाइंस कंपनियों की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसका असर सीधे फ्लाइट ऑपरेशन पर पड़ रहा है।
एयर इंडिया ने 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द की
बढ़ते खर्च को देखते हुए Air India ने रोजाना 100 से अधिक उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है। कंपनी के मुताबिक यह कदम घाटे को कम करने के लिए उठाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू रूट प्रभावित
एयर इंडिया रोज करीब 1100 उड़ानें संचालित करती है, लेकिन अब कई रूट्स पर कटौती की जा रही है। यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय रूट्स के साथ-साथ कुछ घरेलू उड़ानें भी प्रभावित हो सकती हैं।
ATF की कीमतों में भारी उछाल
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
अमेरिका की स्पिरिट एयरलाइंस बंद
तेल संकट का असर अमेरिका में भी देखने को मिला है। लो-कॉस्ट एयरलाइन Spirit Airlines ने 34 साल बाद अपना संचालन बंद करने का ऐलान कर दिया है।
17 हजार कर्मचारियों की नौकरी गई
स्पिरिट एयरलाइंस के बंद होने से करीब 17,000 कर्मचारियों की नौकरी चली गई है। बढ़ती फ्यूल लागत और लगातार घाटे के कारण कंपनी यह कदम उठाने को मजबूर हुई।
होर्मुज संकट से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज क्षेत्र में अनिश्चितता के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है। इससे कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है।
आगे और बढ़ सकता है संकट
अगर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में और भी उड़ानें रद्द हो सकती हैं। साथ ही हवाई यात्रा महंगी होने की आशंका भी जताई जा रही है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में आईपीएल (IPL) का रोमांच एक बार फिर लौट रहा है। 10 और 13 मई को यहां दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे। इन मैचों के लिए टिकट बुकिंग 3 मई से शुरू होगी, जिसे केवल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप के जरिए ही खरीदा जा सकेगा। फैंस को सलाह दी गई है कि किसी अन्य प्लेटफॉर्म से टिकट खरीदने से बचें, क्योंकि नकली टिकट मिलने की आशंका रहती है।
(IPL) पहला मुकाबला 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच खेला जाएगा, जबकि 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से होगा। दोनों ही मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे।
मिली जानकारी के अनुसार, RCB की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और करीब 6 दिनों तक यहां ठहरेगी। इस दौरान टीम मैदान पर अभ्यास भी करेगी। वहीं, मुंबई इंडियंस की टीम के भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है।
टिकट की कीमत और खास तैयारी (IPL) मैच देखने के लिए दर्शकों को कम से कम ₹2000 खर्च करने होंगे। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक के अलग-अलग टिकट स्लैब उपलब्ध रहेंगे। खास बात यह है कि प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं, जिससे दर्शक अब खिलाड़ियों को बिना किसी बाधा के और करीब से देख सकेंगे।
कोमाखान (महासमुंद)। धान खरीदी के नाम पर किसानों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गिरीश कुमार पाड़े को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से कोमाखान थाना में पूछताछ जारी है। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही ठगी के शिकार सैकड़ों किसान थाने पहुंच गए और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करने लगे।
इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब कलेक्टर जनदर्शन में किसानों द्वारा दिए गए आवेदन की कॉपी सामने आई। इसमें मुख्य आरोपी के साथ योगेश कुमार पाड़े और रूपेश कुमार पाड़े के नाम भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित हैं।
जनदर्शन आवेदन में कई आरोपियों का जिक्र
12 अगस्त 2025 को दिए गए आवेदन में किसानों ने बताया कि गिरीश कुमार पाड़े (पिता – परशुराम पाड़े) सहित योगेश और रूपेश पाड़े ने मिलकर धान खरीदी की और भुगतान नहीं किया। सभी आरोपी ग्राम बिन्द्रावन, पोस्ट नर्रा, थाना कोमाखान के निवासी बताए गए हैं।
मई 2025 से शुरू हुआ मामला
किसानों के अनुसार, मई 2025 में व्यापारियों ने बाजार से अधिक कीमत देने का लालच दिया।
बाजार भाव: 1500–1550 रुपये प्रति क्विंटल
ऑफर: 1800–2100 रुपये प्रति क्विंटल
लालच में आकर किसानों ने अपनी उपज बेच दी, लेकिन उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला।
कोमाखान क्षेत्र के बोईरगांव, लोन्दामुड़ा, नर्रा, कसेकेरा, देवरी, खट्टी, पटपरपाली, चंदरपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों का लगभग 2 करोड़ रुपये बकाया बताया जा रहा है। यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
महीनों तक भटकते रहे किसान
धान बेचने के बाद किसान लगातार भुगतान के लिए व्यापारियों के चक्कर लगाते रहे। “आज-कल” का आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया गया। पुलिस में शिकायत के बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
जनदर्शन के बाद दर्ज हुई FIR
आखिरकार किसानों ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की। इसके बाद प्रशासन ने जांच कराई और धोखाधड़ी व गबन का मामला दर्ज किया गया।
FIR में फिलहाल एक ही नाम
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में अभी केवल मुख्य आरोपी गिरीश पाड़े का नाम शामिल है, जबकि अन्य आरोपियों के नाम जांच के दौरान जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों में आक्रोश, पूरी रकम की मांग
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद किसानों में उम्मीद जगी है, लेकिन वे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और बकाया राशि की जल्द वापसी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। आसमान में बादल छाने से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल गरजने के साथ हल्की बारिश भी हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 4 दिनों तक सभी संभागों में एक-दो स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान अधिकतम तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है।
शुक्रवार को दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भी चेतावनी जारी की है। आज कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, दो दिन बाद हल्की बारिश के आसार भी जताए गए हैं।
राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
बिलासपुर। शहर के मंगला स्थित ICICI Bank शाखा में करोड़ों की हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर पर आरोप है कि उसने अपने पति के साथ मिलकर साजिश रची और ग्राहकों के गोल्ड लोन में गिरवी रखे गए सोने को लेकर फरार हो गई।
1.38 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा
बैंक जांच में सामने आया कि अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच करीब 1.38 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।जब प्रबंधन ने लॉकर और दस्तावेजों की जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ— गोल्ड लोन के पाउच में असली सोने की जगह नकली आभूषण रखे मिले।
फर्जी हस्ताक्षर और अवैध ट्रांजेक्शन
जांच में यह भी सामने आया कि, ग्राहकों के फर्जी साइन कर 14 अवैध ट्रांजेक्शन किए गए, करीब 87.95 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, एक महिला ग्राहक के FD से 28.29 लाख रुपये बिना अनुमति निकाल लिए गए कई FD और निवेश से जुड़े वाउचर रिकॉर्ड से गायब पाए गए
बैंक मैनेजमेंट की शिकायत पर केस दर्ज
मामले का खुलासा होते ही शाखा प्रबंधन ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी डिप्टी ब्रांच मैनेजर, उसके पति और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस जांच जारी
थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
👉 यह मामला बैंकिंग सिस्टम में भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा करता है, जहां ग्राहकों की जमा पूंजी और गिरवी रखे गए सोने की सुरक्षा ही खतरे में पड़ गई।