मुनगासेर प्रकरण में पुलिस पर पक्षपात का आरोप, अब सड़कों पर उतरेगा जन आक्रोश

बागबाहरा (महासमुंद)। महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले मुनगासेर गांव में कथित रूप से गौहत्या और दावत में गौमांस परोसे जाने की बात को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
इस मामले में बुधवार को बागबाहरा रेस्ट हाउस में ग्रामीणों सहित विभिन्न हिन्दू संगठनों ने प्रेस वार्ता कर पुलिस प्रशासन पर लापरवाही और पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने बताया कि 22 अक्टूबर 2025 को गोवर्धन पूजा के दिन, सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान कुछ बच्चों ने सड़क किनारे कथित रूप से गौवंश के अवशेष देखने की बात कही। इसकी सूचना ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी और बाद में थाना बागबाहरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

ग्रामीणों का आरोप है कि जांच टीम द्वारा मौके पर फॉरेंसिक और वेटरनरी परीक्षण तो किया गया, लेकिन किसी भी प्रकार का सैंपल नहीं लिया गया और घटना को हल्के में लिया गया। उनका कहना है कि मुख्य संदिग्धों से पूछताछ नहीं की गई और सीसीटीवी फुटेज के संबंध में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।

यहां देखे वीडियो

प्रेस वार्ता में उपस्थित लोगों ने कहा कि वे 31 अक्टूबर 2025 को बागबाहरा स्थित दुर्गा मंदिर के पास धरना प्रदर्शन करेंगे।
उनकी प्रमुख मांग है कि —

  • गौवंश हत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो,

  • दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए,

  • और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।

इस प्रेस वार्ता में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, आरएसएस, गायत्री परिवार और क्षेत्र के कई गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ न्यायसंगत कार्रवाई की अपील की है।

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धनतेरस पर बकरा भात के नाम पर गौमांस परोसने का आरोप, मुनगासेर में आक्रोश-ग्रामीणों ने की ठोस कार्रवाई की मांग

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महासमुंद। दीपावली के शुभ पर्व धनतेरस के दिन एक गंभीर मामला सामने आया है। महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम मुनगासेर में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्हें ‘बकरा भात’ के नाम पर गौमांस परोसा गया। इस घटना से ग्रामीणों और हिन्दू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार, धनतेरस के दिन गांव में भोज का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों को बताया गया कि यह बकरे का मांस है, लेकिन खाने के बाद कुछ लोगों को मांस पर शंका हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने जांच शुरू की, जिसमें खेत के पास गाय की हड्डी और सिर के अवशेष मिलने की बात सामने आई।

घटना के बाद से ही गांव में माहौल तनावपूर्ण है। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रविवार को बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध प्रदर्शन किया।

पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू ने कहा —

“यह हिन्दू धर्म की भावनाओं के साथ गंभीर खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रशासन को तुरंत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और पुलिस को अब तक हुई कार्रवाई सार्वजनिक करनी चाहिए।”

वहीं, स्थानीय हिन्दू संगठनों ने भी इस घटना को धार्मिक आस्था के साथ कुठाराघात बताया है और प्रशासन से त्वरित न्याय की मांग की है।

फिलहाल पुलिस द्वारा इस मामले में क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।


📍 स्थान: ग्राम मुनगासेर, ब्लॉक बागबाहरा, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)
📅 घटना की तारीख: धनतेरस (दीपावली पर्व के दिन)

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नुवापाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस-भाजपा की सीधी टक्कर, छत्तीसगढ़ भाजपा ने संभाली 139 बूथों की जिम्मेदारी

नुवापाड़ा (ओडिशा)। ओडिशा के नुवापाड़ा विधानसभा उपचुनाव में इन दिनों प्रचार अभियान पूरे जोर पर है। यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर देखी जा रही है। यह सीट पूर्व विधायक राजु ढोलकिया के निधन के बाद खाली हुई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

भाजपा ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ भाजपा ने नुवापाड़ा के 139 बूथों की जिम्मेदारी ली है। इस अभियान का नेतृत्व पूर्व विधायक एवं सांसद चुन्नीलाल साहू कर रहे हैं।

चुनाव प्रचार में उनके साथ पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, राजिम विधायक रोहित साहू और महासमुंद विधायक योगेश्वर राजु सिन्हा सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
भाजपा की ओर से जय ढोलकिया को उम्मीदवार बनाया गया है।

पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू ने वीडियो संदेश जारी कर कहा —

“नुवापाड़ा में भाजपा कार्यकर्ता बूथ-बूथ जाकर जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं। यहां विकास और स्थिरता के लिए भाजपा को जनता का साथ मिल रहा है।”

स्थानीय स्तर पर मतदाता भी दोनों दलों के बीच कड़ी टक्कर की चर्चा कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के साथ-साथ जनसंपर्क अभियान लगातार तेज होता जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में ‘मोन्था’ चक्रवात का असर तेज़-कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

रायपुर। चक्रवात ‘मोन्था’ (Cyclone Montha) का असर अब छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। मंगलवार को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य के कई इलाकों में हल्की ठंड का अहसास बढ़ गया है।

🌪️ तीन दिनों तक अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले तीन दिनों तक राज्य में तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘मोन्था’ का असर धीरे-धीरे दक्षिण छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा है।

⚠️ इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है।
इन इलाकों में आज और कल के बीच 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जबकि अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

🌧️ बस्तर, रायपुर और दुर्ग में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है।
बस्तर में आसमान पर घने बादल छाए रहने और शाम तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

Cyclone Montha ने मचाई तबाही: आंध्र प्रदेश से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार तक असर; अब कमजोर होकर बना Cyclonic Storm

🧊 तापमान में गिरावट, बढ़ी ठंड

लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे प्रदेश में हल्की सर्दी का असर बढ़ने लगा है।

🚨 मौसम विभाग की अपील

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से यात्रा से बचने और खुले क्षेत्रों में पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी है।
मछुआरों को समुद्र और जलाशयों में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।


👉 सलाह:
आगामी 48 से 72 घंटे छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तेज हवाओं और भारी वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

📍 स्रोत: भारतीय मौसम विभाग (IMD)
📅 तारीख: 29 अक्टूबर 2025
🖋️ रिपोर्ट: वेब मोर्चा डेस्क

Cyclone Montha ने मचाई तबाही: आंध्र प्रदेश से लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार तक असर; अब कमजोर होकर बना Cyclonic Storm

Web Morcha Weather Desk | 29 अक्टूबर 2025, बुधवार : जिसका डर था, आखिर वही हुआ… चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) ने मंगलवार रात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में जमकर तबाही मचाई। गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) के रूप में तट से टकराने के बाद यह सिस्टम अब कमजोर होकर Cyclonic Storm में तब्दील हो गया है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, “मोंथा” मंगलवार देर शाम काकीनाडा के पास आंध्र प्रदेश के मछिलीपट्टनम और कालींगपट्टनम के बीच तट से टकराया। उस समय हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा, और झोंकों की गति 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई।

तूफान के दौरान समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठीं, सड़कों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए तथा कई तटीय इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।


⚠️ आंध्र प्रदेश में जन-धन की क्षति

आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जब तेज़ हवाओं से गिरा पेड़ उसके घर पर गिर गया। इसी जिले में नारियल के पेड़ गिरने से एक लड़का और एक ऑटो चालक घायल हो गए।
तूफान का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहा — ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक इसका प्रभाव देखा जा रहा है।


🌧️ IMD का नवीनतम अपडेट: Cyclonic Storm के रूप में कमजोर पड़ा ‘मोंथा’

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार सुबह 2:30 बजे जारी बुलेटिन में बताया कि
Severe Cyclonic Storm “Montha” कमजोर होकर Cyclonic Storm में बदल गया है।
यह सिस्टम आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में 16.5°N अक्षांश और 81.5°E देशांतर पर स्थित था —

  • नारसापुर से लगभग 20 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम,

  • मछिलीपट्टनम से 50 किमी उत्तर-पूर्व,

  • काकीनाडा से 90 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम,

  • विशाखापट्टनम से 230 किमी दक्षिण-पश्चिम, और

  • गोपालपुर (ओडिशा) से 470 किमी दक्षिण-पश्चिम दूर।

यह प्रणाली अब उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है और अगले कुछ घंटों में गहरे दबाव (Deep Depression) में बदलने की संभावना है।
IMD ने बताया कि इसका पिछला हिस्सा (rear sector) अब भूमि क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है।

निगरानी Doppler Weather Radar (DWR) — मछिलीपट्टनम और विशाखापट्टनम रडार से लगातार की जा रही है।


🌊 ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर भारत तक असर

ओडिशा के करीब 15 जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने और बिजली बाधित होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, सौराष्ट्र-कच्छ और विदर्भ में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।

इसके अलावा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तेज़ हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है।

  • ⚡ हवाओं की रफ्तार:

    • आंध्र तट पर 65–75 kmph तक

    • छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ और केरल में 40–60 kmph तक

    • तटीय कर्नाटक, ओडिशा और बंगाल के कुछ हिस्सों में 30–40 kmph


🚫 मछुआरों के लिए अलर्ट

IMD ने सभी तटीय राज्यों — आंध्र, ओडिशा, बंगाल, गोवा, गुजरात और कर्नाटक के मछुआरों को अगले 48 घंटों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
समुद्र में ऊंची लहरें और उफान की स्थिति बनी रहेगी।
पूर्व-मध्य अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 35–65 kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।


🌧️ (B) अरब सागर में भी सक्रिय प्रणाली – Depression over Eastcentral Arabian Sea

IMD ने बताया कि Eastcentral Arabian Sea पर बना एक Depression भी सक्रिय है, जो पिछले छह घंटों में उत्तर-पूर्व दिशा में 8 kmph की गति से बढ़ा है।
यह सिस्टम फिलहाल निम्न स्थानों के पास केंद्रित है:

  • वेरावल (गुजरात) से 440 किमी दक्षिण-पश्चिम,

  • मुंबई (महाराष्ट्र) से 420 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम,

  • पणजी (गोवा) से 570 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम,

  • और मंगलुरु (कर्नाटक) से 820 किमी उत्तर-पश्चिम।

IMD का अनुमान है कि यह प्रणाली अगले 36 घंटों तक उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगी।


🕊️ ‘मोंथा’ नाम की कहानी

“मोंथा” नाम थाई भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है — “खुशबूदार फूल”।
लेकिन यह तूफान अपने नाम के विपरीत विनाश की गंध छोड़ गया, जिसने एक बार फिर याद दिलाया कि समुद्री चक्रवातों का प्रभाव तटों से बहुत आगे तक महसूस किया जाता है।


📍 सावधानी और सतर्कता सबसे जरूरी

IMD और NDMA ने सभी प्रभावित राज्यों को अलर्ट पर रहने,
राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
लोगों से अपील है कि अफवाहों से बचें, आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें और सुरक्षित रहें।


Aaj Ka Rashifal 29 October 2025 : आज का राशिफल (बुधवार)

दिन की शुरुआत कैसी होगी? क्या आज आपको अपने कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी या पारिवारिक जीवन में तनाव का सामना करना पड़ सकता है? ग्रहों और नक्षत्रों की चाल आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेगी — जानिए आज का संपूर्ण राशिफल।


♈ मेष राशि (Aries)

कार्यों की गति सामान्य रहेगी। अधिक तनाव लेने से बचें। पुराने कर्ज चुकाने में सक्षम रहेंगे।
नए कार्य शुरू करने से पहले पूरी योजना का अवलोकन करना लाभकारी रहेगा। विवादित मामलों में आपकी राय अहम रहेगी।
लकी कलर: हरा (Green)
लकी अंक: 3


♉ वृषभ राशि (Taurus)

 आज नियमित कार्यों से हटकर दिनचर्या रह सकती है। पारिवारिक जीवन में आपसी व्यवहार के कारण हल्का तनाव संभव है।
आर्थिक मामलों में अनजान लोगों पर भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है।
लकी कलर: ग्रे (Grey)
लकी अंक: 8


♊ मिथुन राशि (Gemini)

सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। भावनात्मक संबंधों में विश्वास मजबूत होगा।
व्यावसायिक यात्राएं लाभकारी रहेंगी। राजनीति से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिलेगा।
पुराने मित्रों से संवाद सकारात्मक रहेगा।
लकी कलर: पीच (Peach)
लकी अंक: 5


♋ कर्क राशि (Cancer)

 आज व्यावसायिक समझौते आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे। प्रेम संबंधों में थोड़ी ठंडक महसूस हो सकती है।
पारिवारिक मेलजोल के अवसर बढ़ेंगे। किसी विशेष कार्य पर एकाग्रता बढ़ानी पड़ सकती है।
लकी कलर: पीला (Yellow)
लकी अंक: 3


♌ सिंह राशि (Leo)

दिन की शुरुआत थोड़ी सुस्त रह सकती है। कार्यकुशलता बढ़ाने की जरूरत होगी।
मेल-मुलाकातों में अधिक समय व्यतीत हो सकता है।
परिवार में एक साथ कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ सकती हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
लकी कलर: कॉपर (Copper)
लकी अंक: 1


♍ कन्या राशि (Virgo)

 आज पुराने निवेश लाभ दे सकते हैं। राजनीतिक स्तर पर मजबूत स्थिति बनेगी।
संपर्कों का लाभ मिलेगा। सरकारी कामों में प्रगति होगी।
परिवार के बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी रखें।
लकी कलर: नीला (Blue)
लकी अंक: 2


♎ तुला राशि (Libra)

विशिष्ट लोगों की मेहमाननवाजी के अवसर मिलेंगे।
मांगलिक कार्यों की योजना बन सकती है।
परिवार में सहयोग की आवश्यकता रहेगी। मित्रों की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है।
दैनिक कार्यों में लापरवाही से बचें।
लकी कलर: ऑफ व्हाइट (Off White)
लकी अंक: 4


♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)

 आज उच्च संपर्कों से लाभ की संभावना है। अल्पकालिक निवेश लाभदायक रहेंगे।
नए लोगों से संबंधों में प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ेगा।
आध्यात्मिक कार्यों में भागीदारी से मन को शांति मिलेगी।
लकी कलर: डार्क ब्राउन (Dark Brown)
लकी अंक: 6


♐ धनु राशि (Sagittarius)

रुकावटें दूर होंगी। पिछड़ने के बावजूद कार्यों में जोरदार वापसी संभव है।
उच्च अधिकारियों के संपर्कों का लाभ मिलेगा।
भावनात्मक संबंधों में गलतफहमी या अविश्वास से बचें।
लकी कलर: क्रीम (Cream)
लकी अंक: 4


♑ मकर राशि (Capricorn)

 आज मशीनरी या तकनीकी क्षेत्र में सफलता मिल सकती है।
पारिवारिक जीवन में सद्भाव लाने के प्रयास सफल होंगे।
आलोचनाओं को सहज रूप से लें। भूमि या संपत्ति से लाभ के योग हैं।
लकी कलर: ग्रे (Grey)
लकी अंक: 9


♒ कुंभ राशि (Aquarius)

आश्वासन आधारित निवेशों से सतर्क रहें।
जीवनसाथी की राय को महत्व दें। संतान से उत्साहवर्धक समाचार मिल सकता है।
शिक्षार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बन रहे हैं।
नौकरी में बदलाव या पदोन्नति के संकेत हैं।
लकी कलर: लाल (Red)
लकी अंक: 8


♓ मीन राशि (Pisces)

 आज भावनात्मक संबंधों में किस्मत का साथ मिलेगा।
उच्च अधिकारियों से हल्का तनाव संभव है।
आर्थिक मामलों में साझेदारों की राय को महत्व दें।
मित्रों और परिवार की मदद से विशेष योजना में सफलता के योग हैं।
लकी कलर: केसरिया (Saffron)
लकी अंक: 4


🪔 आज का दिन सुझाव:
शांत मन से निर्णय लें, भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
सकारात्मक सोच से सभी राशियाँ दिन का अधिकतम लाभ उठा सकती हैं।

मुनगासेर में गौवंश अवशेष मिलने से आक्रोश, हनुमान चालीसा पाठ कर कार्रवाई की मांग

📿 जय गौ माता 🙏 मुनगासेर में मुस्लिम समाज के व्यक्ति द्वारा नाबालिग हिन्दू बच्चों को बकरे के मांस में गौमांस मिलाकर खिलाने के विरोध में, गांव व आसपास के लोगों ने हनुमान जी के मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ कर इस जघन्य अपराध पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

बागबाहरा (महासमुंद)। विकासखंड बागबाहरा के अंतर्गत ग्राम मुनगासेर में 20 अक्टूबर 2025 की रात कथित रूप से गौवंश अवशेष मिलने की घटना सामने आई है। इस घटना ने ग्रामीणों में आक्रोश फैला दिया है। ग्रामीणों ने मामले में संबंधित थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि गोवर्धन पूजा के दिन सुबह खेत के पास संदिग्ध स्थिति में गौवंश का सिर और अस्थियाँ मिलने से गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और जांच शुरू की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाने और कठोर धाराओं में कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

इस घटना के विरोध में गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने हनुमान मंदिर में एकत्र होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान महासमुंद के पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद चुन्नी लाल साहू ने भी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से इस घटना की निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

घटना की जानकारी मिलने पर बजरंग दल और छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के प्रतिनिधि भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।

बैठक में उपस्थित रहे:
गौ सेवा आयोग के जिला सदस्य गीतेश पांडा, गौ सेवा आयोग पिथौरा ब्लॉक अध्यक्ष एवं गौ क्रांति मंच के जिलाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, गौ सेवा आयोग महासमुंद ब्लॉक सदस्य राजा अग्रवाल, विश्व हिंदू परिषद विधि प्रकोष्ठ प्रमुख अधिवक्ता अमन अग्रवाल, बजरंग दल संयोजक ऋषि ध्रुवंशी, नितिन सहित ग्राम मुनगासेर के अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।

पुलिस का कहना है:

“मामले की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

महासमुंद में मॉब लिंचिंग की वारदात: चोरी के शक में ग्रामीणों ने की पिटाई, दलित व्यक्ति की मौत

महासमुंद। जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पतेरापाली में शनिवार को चोरी के संदेह में एक व्यक्ति की पिटाई के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम मोहबा निवासी 50 वर्षीय कौशल सहिस के रूप में की गई है। उसका शव रविवार सुबह गांव के मुक्तिधाम के पास मिला।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10 बजे कुछ ग्रामीणों ने कौशल को रेलवे पटरी के पास केबल जलाकर तांबे का तार निकालते देखा। इस पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे पकड़ लिया। बताया गया कि लोगों ने उसके हाथ बांधकर गांव लाया और सरपंच को सूचना दी।

ग्रामीणों की भीड़ ने गांव के महावीर चौक के पास उसकी पिटाई की। घटना के अगले दिन यानी रविवार की सुबह कौशल का शव गांव से करीब 500 मीटर दूर मुक्तिधाम के पास पाया गया।

गांव में बीते कुछ दिनों से पोल्ट्री फार्म और अन्य स्थानों पर तार चोरी की घटनाएं हो रही थीं, जिनमें ग्रामीणों को कौशल पर शक था। शव मिलने की सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में शरीर पर चोट के निशान और अंदरूनी चोट से मौत की संभावना जताई गई है।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

बागबाहरा तेन्दूलोथा में धर्मांतरण विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस जांच जारी

फॉरेंसिक टीम ने जताई मारपीट से मौत की आशंका

महासमुंद कोतवाली प्रभारी शरद दुबे अपने दल-बल के साथ घटना स्थल पहुंचे थे। फॉरेंसिक टीम को शर्ट में घसीटने और फूलपेंट पर मिट्टी और हाथ में संघर्ष के निशान मिले हैं। मृतक के सिर के नीचे मिट्टी गिली और उसके मुंह में पानी भरा मिला है। टीम का मानना है कि उसे बचाने की कोशिश में पानी पिलाया गया होगा। फॉरेंसिक टीम को मृतक के कपड़े पर जिस तरह मिट्टी के निशान मिले हैं उससे उसके साथ मारपीट करने और अंदरुनी चोट से मौत होने का अंदेशा जताया गया है।

अब तक पुलिस के हाथ खाली, नहीं जुटा पाए सबूत

यह घटना 4 दिन पहले की है और पुलिस को अब तक सबूत के तौर पर कुछ भी हाथ नहीं लग पाया है। गौर करने वाली बात यह है कि जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पतेरापाली में माॅब लिंचिंग में दलित की मौत अब जिले की कानून व्यवस्था की कलाई खोल कर रख दी है। पुलिस इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद जांच के नाम पर खाक छानते दिखाई दे रही है।

सरपंच, कोटवार ने पुलिस को नहीं दी घटना की जानकारी

इस पूरी वारदात को सरपंच, कोटवार समेत ग्रामीणों ने पुलिस से छिपाए रखा। मौके पर पहुंचकर सिटी कोतवाली प्रभारी शरद दुबे ने सरपंच हेमंत चंद्राकर से जब घटना के संबंध पूछा तो हेमंत ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। ग्रामीण भी खामोशी साध ली, जबकि गांव में शनिवार की सुबह चोर पकड़े जाने की जानकारी सरपंच, कोटवार सहित ग्रामीणों ने पुलिस को भी नहीं बताया।

कार्रवाई करेंगे : एडिशनल एसपी

इस मामले में एडिशनल एसपी प्रतिभा पाण्डेय ने मीडिया से कहा लाश मिली है। शिनाख्त नहीं हो पाई थी, लेकिन अब शिनाख्त हो गई है। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल एवं शव का निरीक्षण किया है। दो डाक्टरों की टीम ने पीएम किया है। परिजनों से पूछताछ में जो निकलकर आएगा इसके बाद ही आगे की विधि संगत कार्रवाई करेंगे। अन्य साक्ष्य भी कलेक्ट कर रहे हैं।

बागबाहरा तेन्दूलोथा में धर्मांतरण विवाद, ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस जांच जारी

बागबाहरा (महासमुंद)। बागबाहरा विकासखंड के तेन्दूलोथा गाँव में धर्मांतरण को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ ईसाई समुदाय की महिलाओं द्वारा इलाज के नाम पर झाड़-फूंक और अन्य धार्मिक प्रक्रिया की जा रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले की गंभीरता के बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में सामने आया है, जिसे स्थानीय नागरिकों ने साझा किया है।

मामले की सूचना ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई, जिसके बाद 112 की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई। फिलहाल पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

इस बीच, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। बताया जा रहा है कि धर्मांतरण और झाड़-फूंक जैसी गतिविधियों को लेकर लोगों में नाराज़गी बनी हुई है।

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नीरज गजेन्द्र से समझिए कि कैसे पूरी होगी आदर्श समाज की खोज

मानव सभ्यता का सबसे पुराना और सबसे मधुर स्वप्न है एक ऐसा समाज जहां किसी के नेत्रों में भय न हो, किसी के हृदय में शोक न हो, किसी के शरीर में रोग न हो। तुलसीदास ने इस स्वप्न को राम राज्य का नाम दिया। यह किसी महाकाव्य की कल्पना नहीं, मनुष्य के भीतर छिपी उस अनन्त आकांक्षा का चित्रण है, जो हर युग, हर संस्कृति और हर धर्म में किसी न किसी रूप में उजागर होती रही है। उन्होंने इसे उस युग के रूप में चित्रित किया जहां हर व्यक्ति अपने धर्म का पालन करता है। वेदों की नीति पर चलता है। हरेक जीवन सत्य, करुणा, दान व पवित्रता की रीति बन जाते हैं। यह आदर्श व्यवस्था अकेले गोस्वामी जी की कल्पना भर नहीं  है, समस्त धर्मग्रंथों और दार्शनिक परंपराओं में प्रतिध्वनित होती है।

गीता हमें सिखाती है कि धर्म वही है जो सब प्राणियों के कल्याण में रत हो। बौद्ध दर्शन करुणा और मैत्री को जीवन का मूल आधार मानता है। जबकि जैन धर्म का सूत्र परस्परोपग्रहो जीवाना यह बताता है कि जीवों का परस्पर सहयोग ही जीवन का सार है। कुरान न्याय और समानता को ईश्वर की इच्छा का केंद्र बताता है और बाइबिल क्षमा, प्रेम और सत्य के मार्ग को परम आस्था मानती है। इन सबका संदेश यही है कि जब तक समाज करुणा, न्याय और सहिष्णुता पर खड़ा नहीं होगा, तब तक कोई शासन आदर्श नहीं कहलाएगा।

आधुनिक दार्शनिकों और विचारकों ने भी इसी आदर्श को अपनी भाषा में व्यक्त किया है। महात्मा गांधी ने राम राज्य को जनता के कल्याण और सत्य-अहिंसा पर आधारित शासन की संज्ञा दी। विवेकानंद ने धर्म का सार मनुष्य सेवा में देखा। टॉलस्टॉय और मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने प्रेम और अहिंसा को सामाजिक परिवर्तन का साधन बताया। अरस्तु ने राजनीति का उद्देश्य मानव जीवन की भलाई को माना। यह सब हमें यह समझाते हैं कि चाहे युग कोई भी हो, शासन का सर्वोच्च लक्ष्य मानवता का कल्याण ही है।

आज के दौर में जब हम लोकतंत्र, विज्ञान और तकनीक के युग में जी रहे हैं, तो यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या राम राज्य जैसी स्थिति संभव है। विज्ञान और तकनीक ने मनुष्य को अनगिनत साधन दिए हैं, पर दिशा अभी भी वही पुरानी तलाशती है। यदि आधुनिकता धर्म और अध्यात्म से कट जाए तो वह केवल उपभोग और प्रतिस्पर्धा का अंधा चक्र बन जाती है। पर जब वही आधुनिकता नैतिकता और अध्यात्म का सहारा ले लेती है तो साधन और साध्य का संगम होकर वह कल्याणकारी समाज का रूप ले लेती है। राम राज्य का अर्थ यही तो है जहां राजा और प्रजा के बीच विश्वास हो, जहां शासन जनसेवा का पर्याय बने, और जहां हर व्यक्ति अपने भीतर की नैतिक चेतना से संचालित होकर अवचेतन रूप से भी पाप करने से बच जाए।

राम राज्य केवल एक युग का स्वप्न नहीं, यह शाश्वत आकांक्षा है। यह आकांक्षा गंगा की धारा की तरह हर युग में बहती है। हर सभ्यता को सींचती है। यह हमें बताती है कि भले ही साधन बदल जाए, युग बदल जाए, पर मानव के भीतर की करुणा, सत्य और न्याय की भूख कभी नहीं बदलती। यही भूख ही उसे बार-बार राम राज्य की ओर ले जाती है। राम राज्य का सार यही है कि शासन कल्याणकारी हो, समाज न्यायपूर्ण हो और व्यक्ति नैतिक हो।

राजा और प्रजा के बीच का प्रेम और त्याग आज जनप्रतिनिधि और मतदाता के रिश्ते में तब्दील होता है। यदि नेता सच्चे अर्थों में जनसेवक बने और जनता अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहे, तो लोकतंत्र भी राम राज्य का स्वरूप धारण कर सकता है।धर्मग्रंथों की शिक्षाएं और आधुनिक दर्शन की दृष्टि मिलकर हमें यही बताते हैं कि आदर्श समाज शासन की नीतियों से नहीं, मानव के अंतर्मन की शुद्धता और उसकी करुणामयी प्रवृत्ति से बनता है। जब धर्म हमें दिशा देता है और आधुनिकता हमें साधन, तो दोनों के संगम से एक ऐसा समाज संभव होता है जिसमें भय, अभाव और अन्याय का स्थान प्रेम, न्याय और समृद्धि ले ले।