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Mokshada Ekadashi 2024: आज मोक्षदा एकादशी

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Mokshada Ekadashi 2024: दुनिया के पालनहार श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित मोक्षदा एकादशी तिथि हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व रखता
Mokshada Ekadashi 2024: दुनिया के पालनहार श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित मोक्षदा एकादशी तिथि हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व रखता

Mokshada Ekadashi 2024: दुनिया के पालनहार श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित मोक्षदा एकादशी तिथि हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व रखता है. इस साल मोक्षदा एकादशी 11 दिसंबर, बुधवार को है. धार्मिक मान्यता है कि मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) के दिन व्रत कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं व्यक्ति को अपने सभी पापों से भी छुटकारा मिलता है. लेकिन एकादशी व्रत के कुछ नियम भी हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी है वरना आपकी पूजा असफल हो सकती है.

भगवान वराह ने किया मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) व्रत : वराह पुराण के अनुसार जब भगवान विष्णु ने अपने तीसरे अवतार में वराह रूप में हिरणाक्ष्य राक्षस का बध करके जब अपने शरीर का त्याग करने के लिए जिस भूमि का चयन किया वह शूकर क्षेत्र था और हजारों वर्षों के युद्ध के बाद जिस समय का चयन किया वह मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि थी.

अपने शरीर का त्याग करने से पहले प्रभु ने अपने खुर से एक बहुत बढ़ा गड्ढा खोद कर जल को स्तंभित किया वह आदि गंगा कहलाया. इस दिन वराह भगवान ने अपने शूकर रूप से मुक्ति हेतु उसी आदिगंगा के किनारे रहकर एकादशी का व्रत किया एवं उस जल का आचवन करके अपने व्रत का पारण किया, तत्पश्चात श्री हरि ने अपने वराह (शूकर) रूप में मोक्ष प्राप्त किया. इस तीर्थ में मोक्षदा एकादशी के दिन उस पांचकोषीय शूकर क्षेत्र की परिक्रमा करने से अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल प्राप्त होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती

मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) से जुड़ी कुछ और खास बातें

मोक्षदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है.

इस दिन व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है और पितरों को मोक्ष दिलाने में मदद मिलती है.

मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था. इसलिए, इस दिन को गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है.

मोक्षदा एकादशी के दिन व्रत रखने और पूजा करने से मनोवांछित फल मिलते हैं.

एकादशी का व्रत रखने के बाद दान करना चाहिए.

मोक्षदा एकादशी का व्रत हर साल मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है.

मोक्षदा एकादशी पर श्री हरि ने की शूकर क्षेत्र में पंचकोषीय परिक्रमा.

मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) पर सोरों शूकर क्षेत्र में पंचकोषीय परिक्रमा. करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है एवं अनंतफल की प्राप्ति होती है.

मोक्षदा एकादशी व्रत कथा :

मोक्षदा एकादशी की कथा के मुताबिक, प्राचीन काल में एक गोकुल नाम का राज्य था. ये राज्य वैखानस नाम के राजा का था. एक रात राजा सो रहा था. सोते समय उसे सपना आया कि उसके पिता को नर्क भेजा गया है और वहां उन्हें खूब प्रताड़नाएं दी जा रही हैं. राजा ऐसा सपना देखकर बहुत ही व्यथिथ हुआ और सोचने लगा कि वो अपने पिता को किस प्रकार नर्क से मुक्त करा सकता है. इसके बाद सुबह होते ही राजा ने राजपुरोहित को बुवावा भेजा. राजपुरोहित आए तो राजा ने उनसे अपने पिता की मुक्ति का रास्ता पूछा. इस पर राजपुरोहित ने कहा कि इस समस्या का निदान सिर्फ त्रिकालदर्शी पर्वत नाम के महात्मा के पास ही है.

ये सुनकर राजा पर्वत महात्मा के आश्रम में पहुंच गया. वहां राजा ने पर्वत महात्मा से प्रथर्ना की और अपने पिता की मुक्ति का रास्ता पूछा. पर्वत महात्मा ने राजा को बताया कि तुम्हारे पिता के हाथों पिछले जन्म में एक पाप हुआ था, जिस कारण उनको नर्क की यातनाएं सहनी पड़ रही हैं. ये सुनकर राजा वैखानस ने पर्वत महात्मा से अपने पिता की मुक्ति का रास्ता बताने को कहा.

तब पवर्त महात्मा ने राजा से कहा कि हे राजन आप मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली मोक्षदा एकादशी का विधि विधान से व्रत और पूजा करें. उन्होंने राजा से कहा कि इस व्रत के प्रभाव से आपके पिता को मुक्ति मिल जाएगी. इसके बाद राजा वैखानस अपने राज्य में वापस आ गया और पूरे विधि-विधान से मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने के साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने लगा. व्रत का प्रभाव दिखा और राजा के पिता पृतदोष से मुक्त हो गए.

 

अपहरण और आत्महत्या, इस लड़की की स्टोरी आपका दिल दहला देगा!  

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अपहरण
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली स्टारो सामने आई है, जहां तीन महीने पहले गायब हुई 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी युवक और उसके परिवार के अन्य छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर नाबालिग का शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।

बता दें कि मृतका के पिता ने 6 अगस्त 2024 की रात जशपुर के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय बेटी अपने जीजा के घर जशपुर जिले के एक गांव में आई थी, जिसे रात के समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर महुआटोली सुकबासू पारा निवासी संदेही हेमंत प्रधान (उम्र 21 वर्ष) को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। वहां वह अपनी दूसरी प्रेमिका के साथ रह रहा था।

पुलिस ने जब हेमंत से लापता नाबालिग के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह उसे अपने साथ लेकर आया था और अगले दिन बस में बैठाकर अंबिकापुर भेज दिया। लेकिन पुलिस को उसकी बात पर शक हुआ। जब उसे जशपुर बुलाकर सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने सच्चाई स्वीकार कर ली।

आरोपी ने किया ये चौंकाने वाला खुलासा

हेमंत ने खुलासा किया कि 6 अगस्त की रात वह नाबालिग को जीजा के घर से भगाकर अपने गांव महुआटोली ले आया था। वहां तीन दिन तक दोनों साथ रहे। इसी दौरान उसकी पुरानी प्रेमिका को नाबालिग लड़की के बारे में पता चल गया और वह हेमंत के घर पहुंच गई। दोनों में इस बात को लेकर झगड़ा हुआ। इसके बाद उसकी प्रेमिका घर चली गई।

अगले दिन सुबह हेमंत घर से निकला और रात में वापस आया तो उसने देखा कि नाबालिग ने आत्महत्या कर ली थी। घबराकर उसने अपनी मां, बड़े भाई निलेश प्रधान और रिश्ते के चाचा सत्यनंदन प्रधान को यह बात बताई। इसके बाद परिवार ने मिलकर शव को माझाडीपा महुआटोली स्थित एक खेत में दफना दिया। धान का सीजन होने के कारण शव के ऊपर धान की रोपाई कर दी गई। इसके बाद हेमंत 11 अगस्त की रात हैदराबाद चला गया और वहां अपनी पुरानी प्रेमिका के साथ रहने लगा।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

जशपुर पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 137(2), 238, 61(2), 64 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की निशानदेही पर नाबालिग के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

जशपुर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस के एसडीओपी चंद्रशेखर परमा, डीएसपी क्राइम भावेश समरथ, निरीक्षक केके साहू, उपनिरीक्षक सुनील सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।

Ank Jyotish बुधवार 11 दिसबंर: जानें आज का शुभ रंग और कलर

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ज्योतिष डेस्क, वेबमोर्चा डॉट कॉम: Ank Jyotish बुधवार 11 दिसबंर: अंकों के माध्यम से मनुष्य के विषय एवं उसके भविष्य को जानने का प्रयास किया जाता है। उदाहरण के लिए समझिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+3=5 आता है। अर्थात 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। अगर किसी की जन्मतिथि दो अंकों यानी 11 है तो उसका मूलांक 1+1= 2 होगा। मिलेगी मदद! जानें आज अपना भविष्यफल…

Aaj Ka Ank Jyotish आज अंक ज्योतिष Ank shaastr
Ank Jyotish अंक शास्त्र

अंक 1 Ank Jyotish

बुधवार का दिन जमा-पूंजी  निवेश के लिए समय शुभ रहेगा। किसी काम को लेकर यात्रा पर जा सकते हैं। अपने द्वारा अर्जित की गई भौतिक सफलता का आनंद लें। आज किसी पुराने काम के पूरे होने की संभावना है। आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी।

शुभ अंक- 34

शुभ रंग- पिंक

अंक – 2 Ank Jyotish

बुधवार आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। साथी संग मेलजोल बढ़ेगा। आपका किसी नए घर, मकान, दुकान आदि को खरीदने का सपना पूरा होगा। यदि किसी को धन उधार दिया था, तो उसकी प्राप्ति होगी।

शुभ अंक- 64

शुभ रंग- गोल्डन

अंक 3 Ank Jyotish

अपने अधिकारों के बारे में जानें और सोच-समझ कर शब्दों का प्रयोग करें।  परिवार में किसी सदस्य की सेहत में गिरावट आ सकती हैं, जिस पर आपको पूरा ध्यान देना होगा। काम को लेकर तनाव बना रहेगा।

शुभ अंक- 19

शुभ रंग-  हरा

अंक ज्योतिष अंक शास्त्र Ank shaastr
Ank Jyotish आज

अंक 4 Ank Jyotish

आज बुधवार आपको निर्णय लेने की क्षमता का लाभ मिलेगा। नई तकनीकों के प्रयोग में सफलता हासिल करेंगे। विदेश से व्यापार कर रहे लोगों को किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। सेहत सामान्य रहेगी।

शुभ अंक- 11

शुभ रंग- भूरा

अंक 5 Ank Jyotish

बुधवार आज कोर्ट-कचहरी से जुड़ा मामला हल होगा। निवेश के लिए किसी योजना में धन लगा सकते हैं। आज अपने क्रोध पर काबू पाना होगा, नहीं तो नुकसान की संभावना है। घर में किसी नए सदस्य का आगमन होगा।

शुभ अंक- 86

शुभ रंग- सफेद

अंक 6 Ank Jyotish

बुधवार आज किसी भी जोखिम भरे कार्य को न करें। काम के संबंध में बदलाव करेंगे। यात्रा पर जा सकते हैं, जिससे धन लाभ होगा। यह समय संगीत, नृत्य और संवाद से जुड़े लोगों के लिए खास रहने वाला है।

शुभ अंक- 18

शुभ रंग- पीला

अंक ज्योतिष Ank shaastr आज
आज का अंक ज्योतिष

अंक 7 Ank Jyotish

बुधवार आज किसी काम को लेकर आप ज्यादा उत्साहित न हो। किसी खास दोस्त से मुलाकात होगी। नौकरी की तालाश कर रहे जातकों को अभी और प्रयास करना होगा। छात्रों के लिए यह समय चुनौतिपूर्ण रहने वाला है।

शुभ अंक- 4

शुभ रंग- केसरिया

अंक 8 Ank Jyotish

आज बुधवार आपको परीक्षा में मनचाहे परिणाम मिलेंगे। आज कार्यक्षेत्र में धन लाभ के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। राजनीति क्षेत्र में कार्यरत लोगों को समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा।

शुभ अंक- 9

शुभ रंग- हरा

अंक ज्योतिष अंक शास्त्र Ank shaastr आज
अंक शास्त्र

अंक 9 Ank Jyotish

आज बुधवार स्वस्थ्य में गिरावट आ सकती है। प्रेमी का साथ मिलने से पुरानी समस्याओं का आज निवारण होगा। कार्यक्षेत्र में किसी नए प्रोजेक्ट का हिस्सा बनेंगे। करियर बनाने के लिए प्रयास कर रहे लोगों को अवश्य कामयाबी मिलेगी

शुभ अंक- 7

शुभ रंग- बैंगनी

Who Is George Soros: जानें कौन है जॉर्ज सोरोस, जिसके लिए देश में मचा है कोहराम!

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जॉर्ज सोरोस
जॉर्ज सोरोस

यदि आप भी संसद की कार्यवाही पर गौर करते हैं, देश की राजनीति में जारी मुद्दों को सुनते समझते हैं तो एक नाम बार-बार आपको सुनाई दे रहा होगा- ‘जॉर्ज सोरोस’, (George Soros) कौन है जॉर्ज सोरोस? BJP क्यों कई सालों से उनका नाम लेकर कांग्रेस पर निशाना साधती रही है? इन दिनों किस लिए भारतीय संसद में वह चर्चा में हैं? BJP का कहना है कि जॉर्ज सोरोस के सोनिया गांधी और राहुल गांधी से संबंध हैं लेकिन कांग्रेस ने इसका खंडन किया है।

ऐसे कई सवालों के जवाब आपको इस लेख में मिलेंगे। बता दें, जॉर्ज सोरोस एक प्रमुख  Hungarian-American बिजनेसमैन और इन्वेस्टर हैं।

जॉर्ज सोरोस (George Soros) की कुल संपत्ति 6.7 बिलियन डॉलर है और उन्होंने ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन को 32 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान दिया है। फोर्ब्स ने उन्हें उनकी कुल संपत्ति के प्रतिशत के आधार पर सबसे ‘उदार डोनेटर’ की मान्यता दी है।

जानें कांग्रेस पर क्यों साधा जा रहा है निशाना?

संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। कांग्रेस अडानी मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है और अड़ गई है। BJP का कहना है कि कांग्रेस संसद नहीं चलने देना चाहती है और ऐसा जॉर्ज सोरोस (George Soros) जैसी ‘अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलीभगत करके हो रहा है’। अब जानते हैं कि क्यों जॉर्ज सोरोस को ‘विवादित’ कहा जाता है?

जॉर्ज सोरोस (George Soros) को उनके लिबरल और प्रोग्रेसिव विचार के लिए जाना जाता है जबकि उनके विरोधी कहते हैं कि वह एक चालाक उद्योगपति हैं। 1979 और 2011 के बीच उन्होंने 11 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान ऐसे लोगों के लिए किया है जो गरीब और बीमार हैं। 2017 तक उनका कुल डोनेशन  जो गरीबी से लड़ाई, दुनियाभर में छात्रवृत्तियों से जुड़ी योजनाओं और विश्वविद्यालयों को गया वह 12 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

हालांकि जॉर्ज सोरोस पर मलेशिया और थाईलैंड की करेंसी से छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया जाता रहा है। उनके ऊपर कई देशों की सत्ता परिवर्तन की कोशिश के आरोप भी लगते रहे हैं। जॉर्ज सोरोस कश्मीर मुद्दे पर भी बयान दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धारा 370 हटाए जाने को लेकर जॉर्ज सोरोस ने कहा था कि भारत में कश्मीर के लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है।

बीजेपी ने कांग्रेस के साथ संबंध के भी लगाए आरोप

BJP आरोप लगाती रही है कि कांग्रेस पार्टी के जॉर्ज सोरोस (George Soros) से संबंध हैं। बीजेपी का दावा है कि सोरोस और कुछ अमेरिकी एजेंसियां, राहुल गांधी के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे एक “खतरनाक” त्रिकोण का हिस्सा हैं। BJP का दावा है कि सोरोस के संगठन ने कश्मीर को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के विचार का समर्थन किया है और सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के सोरोस से संबंध हैं। हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों का खंडन किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि BJP अडानी रिश्वतखोरी के आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। अमेरिकी दूतावास ने भी BJP के दावों को खारिज करते हुए उन्हें ‘निराशाजनक’ बताया है।

PM मोदी को लेकर क्या बयान दिया था?

जॉर्ज सोरोस PM नरेंद्र मोदी को लेकर भी बयान दे चुके हैं। फरवरी 2023 में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए जॉर्ज सोरोस (George Soros) ने हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद अडानी समूह की कंपनियों के शेयर बेचने के बारे में भी बात की थी। उन्होंने PM नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा था कि वे लोकतंत्रवादी नहीं हैं।

Aaj Ka Panchang 11 December 2024: मोक्षदा एकादशी, शुभ मुहूर्त, राहुकाल का वक्त

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Aaj Ka Panchang 11 December 2024: आज मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि, दिवस बुधवार है। Aaj Ka Panchang आज एकादशी का पावन व्रत रहें। आज भगवान विष्णु जी की उपासना तिथि होती है। एकादशी परम पावन व्रत है। यह व्रत संकट समाप्त करता है। भगवान विष्णु पालनकर्ता व कल्याणकारी हैं, उनकी उपासना करें। भगवान के नाम का मानसिक जप करें।

Aaj Ka Panchang आज का पंचांग 11 दिसंबर 2024

संवत—पिङ्गला

विक्रम संवत 2081

माह-मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष

पर्व -साप्ताहिक मंगलवार व्रत

तिथि-एकादशी

दिवस – बुधवार

सूर्योदय-07:03am

सूर्यास्त-05:24pm

नक्षत्र– रेवती 11:49 am तक फिर अश्वनी

चन्द्र राशि — मीन 11:49 am तक फिर मेष

सूर्य राशि- वृश्चिक

करण- वणिज 02:27pm तक फिर विष्टि

योग- व्यतिपात

शुभ मुहूर्त Aaj Ka Panchang

अभिजीत-नहीं है।

विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:26pm तक

गोधुली मुहूर्त–06:20pm से 07:22pm

ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:09am तक

अमृत काल-06:09am से 07:41am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:25तक रात

संध्या पूजन-06:20 pm से 07:09pm तक

दिशा शूल– उत्तर व उत्तर पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त Aaj Ka Panchang

राहुकाल–दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे सायंकाल तक

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छत्तीसगढ़ निलंबित IAS रानू साहू अब 17 दिसंबर तक रहेंगी न्यायिक रिमांड पर

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रानू साहू
रानू साहू

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित DMF घोटाला मामले में आज निलंबित IAS रानू साहू और माया वारियर को कोर्ट में पेश किया गया. दोनों आरोपियों को ED की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. एक बार फिर रानू साहू और माया वारियर की मुश्किलें बढ़ गई है. कोर्ट ने दोनों की न्ययिक रिमांड बढ़ा दी है. 17 दिसंबर तक दोनों की न्यायिक रिमांड बढ़ गई है.

वहीं निलंबित IAS रानू साहू के कथित सहयोगी मनोज द्विवेदी को भी आज कोर्ट में पेश किया गया. मनोज द्विवेदी पर रानू साहू के साथ मिलकर NGO के माध्यम से DMF के करोड़ों रुपए गबन का आरोप है. बता दें कि रानू साहू जून 2021 से जून 2022 तक कोरबा में कलेक्टर थीं.

इसके बाद फरवरी 2023 तक वह रायगढ़ की भी कलेक्टर रहीं. इस दौरान माया वारियर भी कोरबा में पदस्थ थीं. कलेक्टर रानू साहू से करीबी संबंध होने के कारण कोयला घोटाले को लेकर माया वारियर के दफ्तर और घर में ED ने छापा मारा था.

DMF की बड़ी राशि आदिवासी विकास विभाग को प्रदान की गई थी, जिसमें घोटाले का आरोप है. इसका प्रमाण मिलने के बाद ED ने माया वारियर को भी गिरफ्तार किया गया है.

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CG विधानसभा सत्र से पहले झीरम घटना का मामला आया बाहर, न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

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झीरम
झीरम

रायपुर। वर्ष 2013 में हुए झीरम घाटी नक्सली घटना का मामला फिर सामने आया है। बता दें, 25 मई 2013 को हुए झीरम घटना के पीड़ित ने हमले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है. मामले में डॉ. शिवनारायण द्विवेदी ने न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग रखी है। इस मामले में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को ज्ञापन सौंपा है. और न्यायिक जांच रिपोर्ट को छत्तीसगढ़ विधानसभा के पटल पर लाकर सार्वजनिक करने की मांग की है.

जानें क्या लिखा है ज्ञापन में:

झीरम घाटी 2013 नक्सली हमले के न्यायिक जांच रिपोर्ट को सर्वाधिक करने के लिए पीड़ित डॉ. शिवनारायण द्विवेदी ज्ञापन में लिखा कि 25 मई 2013 को बस्तर जिला दरभा झीरम घाटी में बड़े नक्सली हमले में लगभग 31 कांग्रेस के बड़े नेता कार्यकर्ता पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी मारे गए थे. जिसकी जांच तत्कालीन सरकार के आदेश पर न्यायिक जांच जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अगुवाई में की गई थी, जिसकी जांच पूरी कर जस्टिस मिश्रा ने 2021 में छत्तीसगढ़ शासन को सौंपती थी रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है.

झीरम घटना
झीरम घटना

जांच रिपोर्ट रखने की मांग:

क्योंकि मैं (डॉ. शिवनारायण द्विवेदी) उस नक्सली हमले में गोली लगने के कारण घायल हुआ था, मैं एवं छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कि घटना क्यों एवं कैसे की गई? अतः आपसे निवेदन है कि न्यायिक जांच रिपोर्ट को छत्तीसगढ़ विधानसभा के पटल पर लाकर सार्वजनिक करें.

सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराने में छूटेंगे विपक्ष के पसीने! जानिए राज्यसभा में किसकी कितनी ताकत

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जगदीप धनखड़
जगदीप धनखड़

राज्यसभा में विपक्ष की ओर से सभापति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. विपक्षी गठबंधन एकजुट होकर सदस्यों के साइन भी करवा लिए हैं और राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को प्रस्ताव सौंप दिया गया है. खास बात ये है कि धनखड़ के खिलाफ 60 सदस्यों ने साइन कर भी दिए हैं. इस प्रस्ताव में सोनिया गांधी या किसी भी दल के फ्लोर लीडर ने साइन नहीं किए हैं.

हालांकि, पहले भी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) के खिलाफ ऐसे प्रस्ताव लाए गए हैं, लेकिन उनका कुछ हो नहीं पाया. लेकिन, अब सवाल ये है कि 60 सदस्यों के हस्ताक्षर के बाद क्या धनखंड के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराना आसान है या मुश्किल.

जब हम बात करते हैं राज्यसभा में किसी भी पार्टी की स्थिति की तो भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने 12 और सदस्यों को अपने साथ जोड़कर सदन में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया है. उच्च सदन में भाजपा लंबे वक्त से बड़ी पार्टी रही है और अपने सहयोगियों के साथ और 12 सदस्यों को जोड़ने के बाद अब उसकी संख्या 96 हो गई है. वहीं छह मनोनीत और दो निर्दलीयों के साथ अब NDA के पास अब 119 सदस्यों का समर्थन हो गया है.

राज्यसभा में कुल सदस्य 237 हैं

राज्यसभा में कुल 237 सदस्य हैं. 8  खाली सीटों में से चार जम्मू-कश्मीर से हैं और चार मनोनीत सदस्य हैं. राज्यसभा में एनडीए की ये संख्याएं अप्रैल 2026 तक बनी रहेंगी.

क्या है कांग्रेस की स्थिति?

दूसरी ओर सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस की बात करें तो वह विपक्ष के नेता का दर्जा खोने के कगार पर आ गई थी. वर्तमान में उसके कुल 26 सदस्य हैं. फुल स्ट्रेंथ हाउस में विपक्ष के नेता का पद पाने के लिए किसी भी पार्टी के पास कम से कम 25 सांसद होने चाहिए.

बहरहाल नहीं होगा कोई बदलाव

वहीं अब राज्यसभा में किसी प्रकार के कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है. अब चुनावों का दौर अगले साल नवंबर में होगा, जब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 11 सदस्य रिटायर होंगे. उनमें से भी 10 भाजपा के तो वहीं 1 समाजवादी पार्टी का होगा. दोनों राज्यों की विधानसभाओं की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है.

कौन सा दल आया विपक्ष के करीब?

बात करें सदन में विधेयक पास होने की तो बीते 10 सालों में उच्च सदन में कोई भी बिल अटका नहीं. हमेशा सत्ताधारी और विपक्षी दलों से अलग खड़े रहे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और बीजू जनता दल अक्सर सरकारी बिलों के समर्थन में सामने आए हैं. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से दोनों दल विपक्षी दलों के करीब आ गए हैं. वहींं सदन में निर्विरोध चुने गए सदस्यों में राजस्थान से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और मध्य प्रदेश से जॉर्ज कुरियन शामिल हैं. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं.

उपराष्ट्रपति को हटाने की क्या है प्रक्रिया?

विपक्ष की ओर से भले ही उपराष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन उनको हटाना इतना आसान नहीं हैं. सभापति को हटाने की एक प्रक्रिया होती है. उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के सभापति पद से तभी हटाया जा सकता है, जब उनको देश के उपराष्ट्रपति के पद से हटाया जाए. संविधान के आर्टिकल 67(बी) में उपराष्ट्रपति के अपॉइंटमेंट से लेकर उनको पद से हटाने की प्रक्रिया और उसके नियम काफी लंबे चौड़े बताए गए हैं.

आर्टिकल 67(बी) क्या कहता है?

इन नियमों के तहत उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के सभी तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से पारित और लोकसभा की ओर से सहमत एक प्रस्ताव के माध्यम से उनके पद से हटाया जा सकता है. हालांकि, प्रस्ताव पेश करने के बारे में 14 दिन पहले नोटिस भी देना होता है. नोटिस में ये भी बताना होता है कि ऐसा प्रस्ताव लाने का इरादा है.

क्या कहते हैं नियम

1- उपराष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव सिर्फ राज्यसभा में ही पेश किया जाता है. इसे लोकसभा में नहीं पेश कर सकते हैं.

2- आर्टिकल 67(बी) कहता है कि 14 दिन पहले नोटिस देने के बाद ही प्रस्ताव पेश किया जा सकता है.

3- राज्यसभा में प्रस्ताव को प्रभावी बहुमत के जरिए पारित करना होगा और लोकसभा में इसके लिए साधारण बहुमत से सहमति जरूरी है.

4- नियम से भी कहते हैं कि जब प्रस्ताव विचाराधीन हो तो सभापति सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते हैं.

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Prayagraj Kumbh Mela 2025
Prayagraj Kumbh Mela 2025

Prayagraj Kumbh Mela 2025: इस वर्ष प्रयागराज महाकुंभ मेला 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ होने जा रही है. गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम स्थल पर आस्‍था के इस महा आयोजन में विश्वभर के श्रद्धालु हिस्‍सा लेने पहुंच रहे हैं. धार्मिक और आध्यात्मिक महत्‍व से भरे इस महाकुंभ मेले का आयोजन हर 12 साल में होता है. इस दौरान मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है.

यहां विशेष स्नान के लिए लाखों की तादात में लोग बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लेने आते हैं. आध्यात्मिकता और परंपरा का अनोखा संगम देखने के लिए अगर आप भी प्‍लान बना रहे हैं और यहां पहुंचने की सोच रहे हैं तो आप इस बार के महाकुंभ मेले के खास आकर्षण और आयोजनों के बारे में पहले यहां जान लें.

जानिए मेला 2025 में इस साल क्‍या होगा खास:

स्टेट पवेलियन (Kumbh Mela 2025)

यह पवेलियन भारतीय राज्यों की संस्कृति, कला और पर्यटन को प्रदर्शित करेगा. मकर संक्रांति से लेकर बैसाखी तक के पारंपरिक त्योहारों पर आधारित इस पवेलियन में 35 स्टॉल्स बनाया गया है. यहां कार्यशालाएं, पारंपरिक हस्तशिल्प बाजार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देंगी.

संस्कृति ग्राम (Kumbh Mela 2025)

अरैल क्षेत्र में “संस्कृति ग्राम” का निर्माण किया जा रहा है, जिसे छह जोनों में बांटा गया है. यहां प्राचीन धरोहर, महाकुंभ की कथाएं, ज्योतिष, कला, व्यंजन प्रदर्शनी और डिजिटल माध्यम से कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जो सैलानियों को एक समृद्ध सांस्कृतिक और शैक्षिक अनुभव प्रदान करेगा.

कला ग्राम (Kumbh Mela 2025)

महाकुंभ 2025 में “कला ग्राम” परियोजना तीन प्रमुख थीम्स पर आधारित हैं, जिसमें कला और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन किया जाएगा. यह पहलू मेले के दौरान आगंतुकों के अनुभव को समृद्ध करेगी.

वॉटर लेजर शो (Kumbh Mela 2025)

यमुना नदी के काली घाट पर बोट क्लब के पास एक अत्याधुनिक वॉटर लेजर शो आयोजित होगा. यह तकनीकी रूप से उन्नत शो स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक शानदार और आकर्षक अनुभव प्रदान करेगा.

ड्रोन शो (Kumbh Mela 2025)

महाकुंभ 2025 में 20 जनवरी और 5 फरवरी को दिव्य आकृतियों पर आधारित एक ड्रोन शो होगा. यह शो अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित होगा और पर्यटकों को आध्यात्मिक और दृश्य अनुभव का अद्भुत अहसास कराएगा.

कल्चरल शो (Kumbh Mela 2025)

महाकुंभ में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक का अनुभव करने के लिए शास्त्रीय संगीत और नृत्य, लोक कला प्रदर्शन और पारंपरिक नाटक का आयोजन भी किया जाएगा.

क्राफ्ट और फूड बाजार (Kumbh Mela 2025)

यहां कारीगर अपनी हस्तकला का प्रदर्शन करेंगे, जैसे जटिल आभूषण और हाथ से बुने वस्त्र. यहां विभिन्न क्षेत्रों के स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आप आनंद ले सकेंगे.

इसके अलावा, घाटों पर महा स्‍नान, संध्या आरती और मंदिर दर्शन जैसी कई गतिविधियों में आप यहां हिस्सा ले सकते हैं. इसके अलावा, शहर के प्राचीन मंदिरों और एतिहासिक धरोहरों को भी आप देखने जा सकते हैं.

महासमुंद नपा अध्यक्ष राशि-त्रिभुवन की जमानत खारिज

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राशि महिलांग, त्रिभुवन महिलांग
राशि महिलांग, त्रिभुवन महिलांग

महासमुंद। महासमुंद नगर पालिका में 27 नवंबर को अध्यक्ष राशि महिलांग और पूर्व पार्षद पंकज साहू के बीच विवाद हुआ था। इस मामले में पंकज की रिपोर्ट पर राशि महिलांग, त्रिभुवन महिलांग, Ankit Mahilaang और अरिश अनवर की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने लूट के मामले को गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

आरोपी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र इदिकर ने बताया कि, अब अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। इसी तरह पूर्व पार्षद पंकज साहू के अधिवक्ता शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि, सोमवार को पंकज की जमानत याचिका लगाई गई है। पुलिस से डायरी मंगाई गई है। मंगलवार को सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।

इस मामले में पूर्व पार्षद ने पुलिस को गिरफ्तारी दी है। अभी न्यायिक अभिरक्षा में पंकज जेल में है। परिजनों के मुताबिक, दूसरे पक्ष की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पंकज साहू जेल में अनशन पर बैठे हैं। परिजनों ने इसकी लिखित सूचना कलेक्टर, SP, जेलर को दी है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, पुलिस टीम महिलांग परिवार की तलाश में जुटी हुई है। बता दें कि, नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग के समर्थकों देर रात पूर्व पार्षद पंकज साहू के घर पर तोड़फोड़ करने वाले 7 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

27- 28 नवंबर की देर रात घर में घुसकर तोड़फोड़ और जान से मारने की कोशिश करने पर पूर्व पार्षद की पत्नी ममता साहू ने भी नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे विक्की महिलांग, Rupesh Mahilaang, शब्बीर और अन्य 10-15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने दीपक सिंह ठाकुर, सुशील, नितिन राजपुरोहित और मनोज सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पूर्व पार्षद पंकज साहू की रिपोर्ट पर नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग उनके पति त्रिभुवन महिलांग, अंकित महिलांग, पूर्व पार्षद कपील साहू, अरिश अनवर सहित अन्य करीब 15 लोगों के विरुद्ध लूट, मारपीट, गाली गलौज और जान से मारने धमकी दिए जाने की रिपोर्ट लिखाई है।